मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह के निर्देश पर जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम बांदा द्वारा आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, पुलिस लाइन तिराहा में मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या रोकथाम और टेली मानस (14416) से संबंधित एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकना था। कार्यशाला में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी ने बताया कि हर व्यक्ति के भीतर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के विचार आते हैं, लेकिन सकारात्मक विचारों के साथ चलने वाला व्यक्ति कभी मानसिक रूप से बीमार नहीं होता। उन्होंने बताया कि अवसाद से पीड़ित लोग अक्सर आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लेते हैं, जिसे रोकने के लिए आशा और एएनएम को ट्रेनिंग देकर काउंसलिंग कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त, मानसिक रोगियों को जिला चिकित्सालय के ओपीडी कक्ष संख्या 4 (मनकक्ष) में काउंसलिंग के लिए भेजा जा रहा है। डॉ. हाशमी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को उलझन, घबराहट, बेचैनी, नींद न आना, भूत-प्रेत या देवी-देवता का साया महसूस होना, मिर्गी या हिस्टीरिया के दौरे आने जैसी समस्याएं हैं, तो वे जिला चिकित्सालय के ओपीडी कक्ष संख्या 4, 5 और 6 में आकर अपना इलाज करा सकते हैं। अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि परीक्षा के दौरान बच्चों को सबसे अधिक एंजायटी होती है, जिससे राहत पाने के लिए वे टेली मानस नंबर 14416 पर कॉल करके काउंसलिंग ले सकते हैं। बार-बार आत्महत्या के विचार आने या अत्यधिक परेशान रहने पर भी इस हेल्पलाइन नंबर की मदद ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि हर ब्लॉक के गांवों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आत्महत्या रोकथाम के लिए ट्रेनिंग और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य श्रीमती वनमाला सिंह चौहान ने आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया, वहीं उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ के महासचिव प्रवीण चौहान ने टीम को बधाई दी और कॉलेज में पुनः आने का आग्रह किया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजेंद्र सिंह के निर्देश पर जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम टीम बांदा द्वारा आदर्श शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, पुलिस लाइन तिराहा में मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या रोकथाम और टेली मानस (14416) से संबंधित एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकना था। कार्यशाला में क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. रिजवाना हाशमी ने बताया कि हर व्यक्ति के भीतर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों तरह के विचार आते हैं, लेकिन सकारात्मक विचारों के साथ चलने वाला व्यक्ति कभी मानसिक रूप से बीमार नहीं होता। उन्होंने बताया कि अवसाद से पीड़ित लोग अक्सर आत्महत्या जैसा घातक कदम उठा लेते हैं, जिसे रोकने के लिए आशा और एएनएम को ट्रेनिंग देकर काउंसलिंग कराई जा रही है। इसके अतिरिक्त, मानसिक रोगियों को जिला चिकित्सालय के ओपीडी कक्ष संख्या 4 (मनकक्ष) में काउंसलिंग के लिए भेजा जा रहा है। डॉ. हाशमी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को उलझन, घबराहट, बेचैनी, नींद
न आना, भूत-प्रेत या देवी-देवता का साया महसूस होना, मिर्गी या हिस्टीरिया के दौरे आने जैसी समस्याएं हैं, तो वे जिला चिकित्सालय के ओपीडी कक्ष संख्या 4, 5 और 6 में आकर अपना इलाज करा सकते हैं। अनुश्रवण एवं मूल्यांकन अधिकारी नरेंद्र कुमार मिश्रा ने जानकारी दी कि परीक्षा के दौरान बच्चों को सबसे अधिक एंजायटी होती है, जिससे राहत पाने के लिए वे टेली मानस नंबर 14416 पर कॉल करके काउंसलिंग ले सकते हैं। बार-बार आत्महत्या के विचार आने या अत्यधिक परेशान रहने पर भी इस हेल्पलाइन नंबर की मदद ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि हर ब्लॉक के गांवों, सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आत्महत्या रोकथाम के लिए ट्रेनिंग और स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य श्रीमती वनमाला सिंह चौहान ने आयोजन समिति का आभार व्यक्त किया, वहीं उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ के महासचिव प्रवीण चौहान ने टीम को बधाई दी और कॉलेज में पुनः आने का आग्रह किया।
- बांदा नगर कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी समिति में चोरी का खुलासा न होने के विरोध में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। बीते 4 जुलाई को गल्ला मंडी में एक व्यापारी के यहां चोरी की घटना हुई थी, जिस पर पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की थी, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पाई। इसी के विरोध में व्यापार मंडल के अध्यक्ष संतोष अनशनकारी के नेतृत्व में व्यापारी अपने साथियों के साथ हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का कहना है कि जब तक पुलिस चोरी का खुलासा नहीं करेगी, तब तक उनकी यह हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने आसपास की अन्य गल्ला मंडियों में भी हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इस मामले में मंडी समिति सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन अधिकारियों और व्यापारियों के बीच कोई बात नहीं बन सकी। व्यापारियों का साफ कहना है कि पहले चोरी का खुलासा किया जाए, तभी वे कोई बात मानेंगे।1
- हमीरपुर के मुस्करा थाना क्षेत्र के बसवारी गांव में प्रशासन द्वारा कथित अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के बाद पीड़ित ने शासन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के ही उसके निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसकी तरफ से की गई शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उसी के खिलाफ यह कदम उठा लिया गया। इस घटना को लेकर पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है। हालांकि, इस कार्रवाई पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- देश भर में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए सोलर पंपों के उपयोग में लगातार वृद्धि हो रही है। इस बदलाव से किसानों को सिंचाई के लिए डीजल पर अपनी निर्भरता कम करने में बड़ी मदद मिलेगी, साथ ही बिजली की अनुपलब्धता के बावजूद खेतों में पानी पहुंचाना अब संभव हो गया है। केंद्र सरकार की PM-KUSUM योजना के माध्यम से सौर कृषि पंपों को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है। इस पहल से खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है, जो देश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखी जा रही है।1
- बांदा जिले के बबेरू अस्पताल में फैली बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर सपा महिला सभा ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सभा की ओर से अस्पताल की लचर स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल में डॉक्टरों की नियुक्ति की तत्काल मांग की गई है। इस मांग के जरिए प्रशासन पर स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने का दबाव बनाया जा रहा है ताकि स्थानीय लोगों को बेहतर उपचार मिल सके।1
- बांदा में मेडिकल कॉलेज के पास स्थित जमुनी पुरवा इलाके में खुलेआम जुए की फड़ संचालित होने का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कब का है और वास्तव में इसी स्थान का है या कहीं और का है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब वीडियो की सत्यता, घटना के सही स्थान और समय की गहन पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का वास्तविक खुलासा हो सकेगा और यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए गए, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2