बांदा नगर कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी समिति में चोरी का खुलासा न होने के विरोध में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। बीते 4 जुलाई को गल्ला मंडी में एक व्यापारी के यहां चोरी की घटना हुई थी, जिस पर पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की थी, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पाई। इसी के विरोध में व्यापार मंडल के अध्यक्ष संतोष अनशनकारी के नेतृत्व में व्यापारी अपने साथियों के साथ हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का कहना है कि जब तक पुलिस चोरी का खुलासा नहीं करेगी, तब तक उनकी यह हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने आसपास की अन्य गल्ला मंडियों में भी हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इस मामले में मंडी समिति सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन अधिकारियों और व्यापारियों के बीच कोई बात नहीं बन सकी। व्यापारियों का साफ कहना है कि पहले चोरी का खुलासा किया जाए, तभी वे कोई बात मानेंगे।
बांदा नगर कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी समिति में चोरी का खुलासा न होने के विरोध में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। बीते 4 जुलाई को गल्ला मंडी में एक व्यापारी के यहां चोरी की घटना हुई थी, जिस पर पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की थी, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पाई। इसी के विरोध में व्यापार मंडल के अध्यक्ष संतोष अनशनकारी के नेतृत्व में व्यापारी अपने साथियों के साथ हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का कहना है कि जब तक पुलिस चोरी का खुलासा नहीं करेगी, तब तक उनकी यह हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने आसपास की अन्य गल्ला मंडियों में भी हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इस मामले में मंडी समिति सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन अधिकारियों और व्यापारियों के बीच कोई बात नहीं बन सकी। व्यापारियों का साफ कहना है कि पहले चोरी का खुलासा किया जाए, तभी वे कोई बात मानेंगे।
- बांदा नगर कोतवाली क्षेत्र के गल्ला मंडी समिति में चोरी का खुलासा न होने के विरोध में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने हड़ताल शुरू कर दी है। बीते 4 जुलाई को गल्ला मंडी में एक व्यापारी के यहां चोरी की घटना हुई थी, जिस पर पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज की थी, लेकिन कई दिन बीतने के बाद भी पुलिस इसका खुलासा नहीं कर पाई। इसी के विरोध में व्यापार मंडल के अध्यक्ष संतोष अनशनकारी के नेतृत्व में व्यापारी अपने साथियों के साथ हड़ताल पर बैठ गए हैं। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का कहना है कि जब तक पुलिस चोरी का खुलासा नहीं करेगी, तब तक उनकी यह हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने आसपास की अन्य गल्ला मंडियों में भी हड़ताल करने की चेतावनी दी है। इस मामले में मंडी समिति सचिव और सिटी मजिस्ट्रेट ने मौके पर पहुंचकर व्यापारियों को कार्रवाई का आश्वासन दिया, लेकिन अधिकारियों और व्यापारियों के बीच कोई बात नहीं बन सकी। व्यापारियों का साफ कहना है कि पहले चोरी का खुलासा किया जाए, तभी वे कोई बात मानेंगे।1
- हमीरपुर के मुस्करा थाना क्षेत्र के बसवारी गांव में प्रशासन द्वारा कथित अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाए जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के बाद पीड़ित ने शासन और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि बिना किसी पूर्व नोटिस के ही उसके निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। पीड़ित का यह भी आरोप है कि उसकी तरफ से की गई शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय उल्टा उसी के खिलाफ यह कदम उठा लिया गया। इस घटना को लेकर पूरे गांव में चर्चा का माहौल बना हुआ है। हालांकि, इस कार्रवाई पर अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- देश भर में सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई को बढ़ावा देने के लिए सोलर पंपों के उपयोग में लगातार वृद्धि हो रही है। इस बदलाव से किसानों को सिंचाई के लिए डीजल पर अपनी निर्भरता कम करने में बड़ी मदद मिलेगी, साथ ही बिजली की अनुपलब्धता के बावजूद खेतों में पानी पहुंचाना अब संभव हो गया है। केंद्र सरकार की PM-KUSUM योजना के माध्यम से सौर कृषि पंपों को बड़े स्तर पर प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ रहा है। इस पहल से खेती की लागत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है, जो देश के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखी जा रही है।1
- बांदा में मेडिकल कॉलेज के पास स्थित जमुनी पुरवा इलाके में खुलेआम जुए की फड़ संचालित होने का एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है। यह भी पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कब का है और वास्तव में इसी स्थान का है या कहीं और का है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने इस संबंध में जांच के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब वीडियो की सत्यता, घटना के सही स्थान और समय की गहन पड़ताल कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले का वास्तविक खुलासा हो सकेगा और यदि वीडियो में लगाए गए आरोप सही पाए गए, तो दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।2