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यमुना पुत्र बाबा हरिदास जी के नित्य प्रतिदिन होता हैं यज्ञ हवन... जय माँ यमुना
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यमुना पुत्र बाबा हरिदास जी के नित्य प्रतिदिन होता हैं यज्ञ हवन... जय माँ यमुना
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- यमुना पुत्र बाबा हरिदास जी के नित्य प्रतिदिन होता हैं यज्ञ हवन... जय माँ यमुना1
- गाय की जान ली जा रही है नही लगाया जा रहा है टीका प्रतिदिन हो रहा मौत गाय की जान ली जा रही है नही लगाया जा रहा है टीका प्रतिदिन हो रहा मौत प्रयागराज का मामला पूरी लहाबर NAI NEWS TV पर तुरंत देखे1
- नवाबगंज के कुरेशर गांव में हनुमान मूर्ति को अराजकतत्वों ने किया खंडित कौड़िहार के कुरेशर गांव में अराजकतत्वों ने किया हनुमान मूर्ति खंडित, मचा हड़कंप हनुमान मूर्ति खंडित करने को लेकर ग्रामीणों में जनाक्रोश, पुलिस जांच में जुटी नवाबगंज (प्रयागराज)। बीती रात को अराजकतत्वों द्वारा हनुमान मंदिर में स्थापित मूर्ति को खंडित किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। यह मामला कुरेशर गांव के समीप पंडित का बाग का होना बताया जा रहा है। हनुमान जी की मूर्ति खंडित किए जाने की खबर जैसे ही गांव में पहुंची ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पाकर मौके पर डांडी चौकी की पुलिस मौके पर पहुंचकर जानकारी अफसरों को दी। उधर जैसे ही हनुमान मूर्ति खंडित किए जाने की खाकर अफसरों को मिली तो आनन-फानन एसीपी सोरांव श्यामजीत सिंह, नवाबगंज इंस्पेक्टर पंकज अवस्थी, डांडी चौकी प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह मयफोर्स के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। फिलहाल हनुमान जी की मूर्ति खंडित किए जाने के बाद ग्रामीणों में जनाक्रोश बना हुआ है। नवाबगंज थाना क्षेत्र कुरेशर गंगा कछार में स्थित पंडित के बाग में पुराना हनुमान जी की मंदिर स्थित है। बताया जाता है कि बीती रात को अज्ञात अराजकतत्वों द्वारा मंदिर में रखी हनुमान मूर्ति को खंडित करते हुए मंदिर से बाहर निकालकर फेंक दिया गया था। जब सोमवार की सुबह बाग की तरफ महेश्वर नाथ दूबे मंदिर के पास पहुंचे तो हनुमान जी की मूर्ति खंडित मंदिर के बाहर देखा तो दंग रह गए। वहीं घटना की खबर जैसे ही गांव में पहुंची तो ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। उधर जानकारी पाकर नवाबगंज डांडी चौकी प्रभारी सूर्य प्रकाश सिंह मयफोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जिसके बाद हनुमान जी की खंडित मूर्ति देखकर जानकारी नवाबगंज पुलिस एवं उच्चाधिकारियों को दी। उधर हनुमान मूर्ति खंडित किए जाने की खबर पुलिस को मिली तो आनन-फानन मौके पर एसीपी सोरांव श्यामजीत, नवाबगंज थाना प्रभारी पंकज अवस्थी भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। फिलहाल घटना को लेकर लोगों में जनाक्रोश बना हुआ है। वहीं पुलिस अफसरों की मानें तो मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। जो भी अराजकता की है उनके खिलाफ कठोरत्मक कार्रवाई की जाने की बात कहीं है।1
- Ganga Aarti हमारे द्वारा शादी विवाह व किसी भी शुभ अवसर पर कार्यक्रम किया जाता है हमारे द्वारा शादी विवाह व किसी भी शुभ अवसर पर कार्यक्रम किया जाता है किसी भी कार्यक्रम के लिए संपर्क करें संपर्क करें नं -87078108331
- राहत के नाम पर वसूली के आरोप, जांच की मांग कटोरी से बांटी राहत सामग्री, अपात्रों को देने का भी आरोप प्रयागराज के विकासखंड शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत सतपुरा में टमस नदी की बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम प्रधान प्रशासक प्रदीप कुमार मिश्र ने एसडीएम बारा और जिलाधिकारी प्रयागराज को शिकायत देकर हल्का लेखपाल कैलाश नाथ आदि पर राहत वितरण में अनियमितता और कथित धन वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिनों बाद पहुंची राहत सामग्री के वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कुछ महिलाओं ने फोटो खिंचवाने के बाद पैकेट खोलकर कटोरी से आंचल में सामग्री बांटने का आरोप लगाया है। साथ ही नाबालिगों व अपात्र लोगों को राहत सामग्री देने तथा पात्र बाढ़ प्रभावितों को वंचित रखने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, राहत वितरण की जांच और आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।1
- प्रयागराज में अवैध मिट्टी खनन का खेल, रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों से हो रहा खनन - वीडियो वायरल रामपुर चौकी प्रभारी के संरक्षण में खनन का आरोप, औद्योगिक थाना क्षेत्र का मामला प्रयागराज औद्योगिक थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। रात के अंधेरे में खुलेआम ट्रैक्टरों से मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा अवैध कारोबार रामपुर चौकी प्रभारी के सहयोग से चल रहा है। आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर रात में जेसीबी और ट्रैक्टरों से मिट्टी खोदकर बेच रहे हैं।वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि रात में कई ट्रैक्टर-ट्राली मिट्टी से लदे हुए आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और खनन विभाग से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- bahagvan bhole nath ki kripaa sab par bnai rahen. jay ho1
- प्रयागराज की हालता देखिये क्या काम हुवा है सब बेकर Tex जनता देती है प्रयागराज की हालता देखिये क्या काम हुवा है सब बेकर । पूरी खबर NAI NEWS TV के यूट्यूब पर देखो1
- विधायक की फटकार भी बेअसर जसरा नवीन सब्जी मंडी में नहीं सुधरे हालात, 5 साल से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय पर आज तक नहीं खुला ताला यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी, जसरा इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के आंसू रो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार करने वाली इस मंडी में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा मंडी का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंडी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। बीते शुक्रवार को व्यापारियों और किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने जसरा नवीन सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। बजबजाती नालियां और महीनों से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया था। उन्होंने मौके पर ही मंडी सचिव और जेइ को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी और सख्त निर्देश दिए थे कि अगले दिन तक पूरी मंडी की सफाई हो जानी चाहिए तथा दो घंटे के भीतर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त हो। लेकिन विधायक के जाते ही अधिकारी फिर से अपनी कुंभकर्णी नींद में सो गए। आज कई दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की सूरत नहीं बदली है, जिससे साबित होता है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के आदेशों का भी कोई खौफ नहीं है। मंडी परिसर की सबसे बड़ी और शर्मनाक समस्या यहां बना सार्वजनिक शौचालय है। मंडी में आने वाले हजारों किसानों, व्यापारियों और विशेष रूप से महिला किसानों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए करीब 5 वर्ष पहले एक भव्य सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि निर्माण के दिन से लेकर आज तक इस शौचालय का ताला नहीं खोला गया। लाखों रुपये सरकारी धन की लागत से बनी यह इमारत आज सिर्फ एक सोपीस साबित हो रही है। शौचालय के बंद होने के कारण मंडी आने वाली महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी मंडी परिसर किसी तालाब या झील जैसी नजर आने लगी है। पक्की सड़कों और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से चारों तरफ दलदल बन चुका है। पल्लेदारों को एक-एक क्विंटल का वजन अपनी पीठ पर लादकर इस फिसलन भरे कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं, मंडी का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिसके कारण रात और भोर के समय पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। बीते दिनों अंधेरे में काम करने के दौरान एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिसकी जान बमुश्किल बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से व्यापारियों और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है। मंडी अध्यक्ष अजय साहू, आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और किसान राकेश कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा उनसे नियमित रूप से मंडी शुल्क और टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है—पूरी मंडी में मात्र दो हैंडपंप हैं। व्यापारियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक की फटकार के बाद भी बंद पड़े शौचालय को तुरंत चालू नहीं किया गया और जलभराव व सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे मंडी के कामकाज को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे। विधायक की फटकार भी बेअसर जसरा नवीन सब्जी मंडी में नहीं सुधरे हालात, 5 साल से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय पर आज तक नहीं खुला ताला यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी, जसरा इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के आंसू रो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार करने वाली इस मंडी में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा मंडी का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंडी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। बीते शुक्रवार को व्यापारियों और किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने जसरा नवीन सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। बजबजाती नालियां और महीनों से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया था। उन्होंने मौके पर ही मंडी सचिव और जेइ को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी और सख्त निर्देश दिए थे कि अगले दिन तक पूरी मंडी की सफाई हो जानी चाहिए तथा दो घंटे के भीतर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त हो। लेकिन विधायक के जाते ही अधिकारी फिर से अपनी कुंभकर्णी नींद में सो गए। आज कई दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की सूरत नहीं बदली है, जिससे साबित होता है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के आदेशों का भी कोई खौफ नहीं है। मंडी परिसर की सबसे बड़ी और शर्मनाक समस्या यहां बना सार्वजनिक शौचालय है। मंडी में आने वाले हजारों किसानों, व्यापारियों और विशेष रूप से महिला किसानों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए करीब 5 वर्ष पहले एक भव्य सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि निर्माण के दिन से लेकर आज तक इस शौचालय का ताला नहीं खोला गया। लाखों रुपये सरकारी धन की लागत से बनी यह इमारत आज सिर्फ एक सोपीस साबित हो रही है। शौचालय के बंद होने के कारण मंडी आने वाली महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी मंडी परिसर किसी तालाब या झील जैसी नजर आने लगी है। पक्की सड़कों और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से चारों तरफ दलदल बन चुका है। पल्लेदारों को एक-एक क्विंटल का वजन अपनी पीठ पर लादकर इस फिसलन भरे कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं, मंडी का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिसके कारण रात और भोर के समय पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। बीते दिनों अंधेरे में काम करने के दौरान एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिसकी जान बमुश्किल बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से व्यापारियों और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है। मंडी अध्यक्ष अजय साहू, आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और किसान राकेश कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा उनसे नियमित रूप से मंडी शुल्क और टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है—पूरी मंडी में मात्र दो हैंडपंप हैं। व्यापारियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक की फटकार के बाद भी बंद पड़े शौचालय को तुरंत चालू नहीं किया गया और जलभराव व सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे मंडी के कामकाज को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे।3