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विधायक की फटकार भी बेअसर जसरा नवीन सब्जी मंडी में नहीं सुधरे हालात, 5 साल से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय पर आज तक नहीं खुला ताला यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी, जसरा इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के आंसू रो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार करने वाली इस मंडी में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा मंडी का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंडी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। बीते शुक्रवार को व्यापारियों और किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने जसरा नवीन सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। बजबजाती नालियां और महीनों से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया था। उन्होंने मौके पर ही मंडी सचिव और जेइ को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी और सख्त निर्देश दिए थे कि अगले दिन तक पूरी मंडी की सफाई हो जानी चाहिए तथा दो घंटे के भीतर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त हो। लेकिन विधायक के जाते ही अधिकारी फिर से अपनी कुंभकर्णी नींद में सो गए। आज कई दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की सूरत नहीं बदली है, जिससे साबित होता है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के आदेशों का भी कोई खौफ नहीं है। मंडी परिसर की सबसे बड़ी और शर्मनाक समस्या यहां बना सार्वजनिक शौचालय है। मंडी में आने वाले हजारों किसानों, व्यापारियों और विशेष रूप से महिला किसानों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए करीब 5 वर्ष पहले एक भव्य सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि निर्माण के दिन से लेकर आज तक इस शौचालय का ताला नहीं खोला गया। लाखों रुपये सरकारी धन की लागत से बनी यह इमारत आज सिर्फ एक सोपीस साबित हो रही है। शौचालय के बंद होने के कारण मंडी आने वाली महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी मंडी परिसर किसी तालाब या झील जैसी नजर आने लगी है। पक्की सड़कों और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से चारों तरफ दलदल बन चुका है। पल्लेदारों को एक-एक क्विंटल का वजन अपनी पीठ पर लादकर इस फिसलन भरे कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं, मंडी का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिसके कारण रात और भोर के समय पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। बीते दिनों अंधेरे में काम करने के दौरान एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिसकी जान बमुश्किल बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से व्यापारियों और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है। मंडी अध्यक्ष अजय साहू, आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और किसान राकेश कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा उनसे नियमित रूप से मंडी शुल्क और टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है—पूरी मंडी में मात्र दो हैंडपंप हैं। व्यापारियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक की फटकार के बाद भी बंद पड़े शौचालय को तुरंत चालू नहीं किया गया और जलभराव व सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे मंडी के कामकाज को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे। विधायक की फटकार भी बेअसर जसरा नवीन सब्जी मंडी में नहीं सुधरे हालात, 5 साल से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय पर आज तक नहीं खुला ताला यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी, जसरा इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के आंसू रो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार करने वाली इस मंडी में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा मंडी का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंडी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। बीते शुक्रवार को व्यापारियों और किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने जसरा नवीन सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। बजबजाती नालियां और महीनों से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया था। उन्होंने मौके पर ही मंडी सचिव और जेइ को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी और सख्त निर्देश दिए थे कि अगले दिन तक पूरी मंडी की सफाई हो जानी चाहिए तथा दो घंटे के भीतर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त हो। लेकिन विधायक के जाते ही अधिकारी फिर से अपनी कुंभकर्णी नींद में सो गए। आज कई दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की सूरत नहीं बदली है, जिससे साबित होता है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के आदेशों का भी कोई खौफ नहीं है। मंडी परिसर की सबसे बड़ी और शर्मनाक समस्या यहां बना सार्वजनिक शौचालय है। मंडी में आने वाले हजारों किसानों, व्यापारियों और विशेष रूप से महिला किसानों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए करीब 5 वर्ष पहले एक भव्य सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि निर्माण के दिन से लेकर आज तक इस शौचालय का ताला नहीं खोला गया। लाखों रुपये सरकारी धन की लागत से बनी यह इमारत आज सिर्फ एक सोपीस साबित हो रही है। शौचालय के बंद होने के कारण मंडी आने वाली महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी मंडी परिसर किसी तालाब या झील जैसी नजर आने लगी है। पक्की सड़कों और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से चारों तरफ दलदल बन चुका है। पल्लेदारों को एक-एक क्विंटल का वजन अपनी पीठ पर लादकर इस फिसलन भरे कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं, मंडी का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिसके कारण रात और भोर के समय पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। बीते दिनों अंधेरे में काम करने के दौरान एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिसकी जान बमुश्किल बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से व्यापारियों और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है। मंडी अध्यक्ष अजय साहू, आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और किसान राकेश कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा उनसे नियमित रूप से मंडी शुल्क और टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है—पूरी मंडी में मात्र दो हैंडपंप हैं। व्यापारियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक की फटकार के बाद भी बंद पड़े शौचालय को तुरंत चालू नहीं किया गया और जलभराव व सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे मंडी के कामकाज को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे।

6 hrs ago
user_Parvez alam
Parvez alam
Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
6 hrs ago

विधायक की फटकार भी बेअसर जसरा नवीन सब्जी मंडी में नहीं सुधरे हालात, 5 साल से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय पर आज तक नहीं खुला ताला यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी, जसरा इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के आंसू रो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार करने वाली इस मंडी में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा मंडी का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंडी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। बीते शुक्रवार को व्यापारियों और किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने जसरा नवीन सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। बजबजाती नालियां और महीनों से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया था। उन्होंने मौके पर ही मंडी सचिव और जेइ को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी और सख्त निर्देश दिए थे कि अगले दिन तक पूरी मंडी की सफाई हो जानी चाहिए तथा दो घंटे के भीतर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त हो। लेकिन विधायक के जाते ही अधिकारी फिर से अपनी कुंभकर्णी नींद में सो गए। आज कई दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की सूरत नहीं बदली है, जिससे साबित होता है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के आदेशों का भी कोई खौफ नहीं है। मंडी परिसर की सबसे बड़ी और शर्मनाक समस्या यहां बना सार्वजनिक शौचालय है। मंडी में आने वाले हजारों किसानों, व्यापारियों और विशेष रूप से महिला किसानों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए करीब 5 वर्ष पहले एक भव्य सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि निर्माण के दिन से लेकर आज तक इस शौचालय का ताला नहीं खोला गया। लाखों रुपये सरकारी धन की लागत से बनी यह इमारत आज सिर्फ एक सोपीस साबित हो रही है। शौचालय के बंद होने के कारण मंडी आने वाली महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी मंडी परिसर किसी तालाब या झील जैसी नजर आने लगी है। पक्की सड़कों और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से चारों तरफ

दलदल बन चुका है। पल्लेदारों को एक-एक क्विंटल का वजन अपनी पीठ पर लादकर इस फिसलन भरे कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं, मंडी का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिसके कारण रात और भोर के समय पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। बीते दिनों अंधेरे में काम करने के दौरान एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिसकी जान बमुश्किल बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से व्यापारियों और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है। मंडी अध्यक्ष अजय साहू, आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और किसान राकेश कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा उनसे नियमित रूप से मंडी शुल्क और टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है—पूरी मंडी में मात्र दो हैंडपंप हैं। व्यापारियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक की फटकार के बाद भी बंद पड़े शौचालय को तुरंत चालू नहीं किया गया और जलभराव व सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे मंडी के कामकाज को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे। विधायक की फटकार भी बेअसर जसरा नवीन सब्जी मंडी में नहीं सुधरे हालात, 5 साल से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय पर आज तक नहीं खुला ताला यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी, जसरा इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के आंसू रो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार करने वाली इस मंडी में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा मंडी का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंडी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। बीते शुक्रवार को व्यापारियों और किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने जसरा नवीन सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। बजबजाती नालियां और महीनों से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया था। उन्होंने मौके पर ही मंडी सचिव और जेइ को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी और सख्त निर्देश दिए थे कि अगले दिन तक पूरी मंडी

की सफाई हो जानी चाहिए तथा दो घंटे के भीतर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त हो। लेकिन विधायक के जाते ही अधिकारी फिर से अपनी कुंभकर्णी नींद में सो गए। आज कई दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की सूरत नहीं बदली है, जिससे साबित होता है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के आदेशों का भी कोई खौफ नहीं है। मंडी परिसर की सबसे बड़ी और शर्मनाक समस्या यहां बना सार्वजनिक शौचालय है। मंडी में आने वाले हजारों किसानों, व्यापारियों और विशेष रूप से महिला किसानों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए करीब 5 वर्ष पहले एक भव्य सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि निर्माण के दिन से लेकर आज तक इस शौचालय का ताला नहीं खोला गया। लाखों रुपये सरकारी धन की लागत से बनी यह इमारत आज सिर्फ एक सोपीस साबित हो रही है। शौचालय के बंद होने के कारण मंडी आने वाली महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी मंडी परिसर किसी तालाब या झील जैसी नजर आने लगी है। पक्की सड़कों और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से चारों तरफ दलदल बन चुका है। पल्लेदारों को एक-एक क्विंटल का वजन अपनी पीठ पर लादकर इस फिसलन भरे कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं, मंडी का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिसके कारण रात और भोर के समय पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। बीते दिनों अंधेरे में काम करने के दौरान एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिसकी जान बमुश्किल बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से व्यापारियों और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है। मंडी अध्यक्ष अजय साहू, आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और किसान राकेश कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा उनसे नियमित रूप से मंडी शुल्क और टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है—पूरी मंडी में मात्र दो हैंडपंप हैं। व्यापारियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक की फटकार के बाद भी बंद पड़े शौचालय को तुरंत चालू नहीं किया गया और जलभराव व सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे मंडी के कामकाज को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे।

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  • मंदिर के रास्ते को लेकर विवाद, एसडीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण पुराना रास्ता यथावत रखने का आश्वासन, कोरांव बाजार में भी पुलिस के साथ पहुंचकर लिया जायजा कोरांव, प्रयागराज। तहसील कोरांव क्षेत्र के महुआव गांव में मंदिर तक जाने वाले चक मार्ग को लेकर चल रहे विवाद के समाधान के लिए उपजिलाधिकारी ठाकुर प्रसाद सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर मार्ग की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित पक्षों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने स्पष्ट किया कि मंदिर जाने वाला पुराना रास्ता यथास्थान रहेगा। उन्होंने संबंधित लोगों को आश्वस्त किया कि चक मार्ग को लेकर चल रहे विवाद का नियमानुसार जल्द समाधान कराया जाएगा, जिससे ग्रामीणों के आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। बताया जा रहा है कि रास्ते के समीप भविष्य में पेट्रोल पंप के निर्माण की संभावना भी है। ऐसे में प्रशासन द्वारा मार्ग और आवागमन की स्थिति को लेकर आवश्यक पहल की जा रही है। वहीं, इसी क्रम में कोरांव बाजार स्थित अजय जायसवाल से जुड़े पुराने विवाद को लेकर भी एसडीएम कोरांव ठाकुर प्रसाद सिंह ने कोरांव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित लोगों से जानकारी ली तथा मामले के नियमानुसार निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान तथ्यों और नियमों के आधार पर कराया जाएगा। प्रशासन की पहल से दोनों मामलों में जल्द समाधान की उम्मीद जगी है।
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    मंदिर के रास्ते को लेकर विवाद, एसडीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण

पुराना रास्ता यथावत रखने का आश्वासन, कोरांव बाजार में भी पुलिस के साथ पहुंचकर लिया जायजा
कोरांव, प्रयागराज। तहसील कोरांव क्षेत्र के महुआव गांव में मंदिर तक जाने वाले चक मार्ग को लेकर चल रहे विवाद के समाधान के लिए उपजिलाधिकारी ठाकुर प्रसाद सिंह ने स्थलीय निरीक्षण किया। एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर मार्ग की स्थिति का जायजा लिया और संबंधित पक्षों से बातचीत कर पूरे मामले की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने स्पष्ट किया कि मंदिर जाने वाला पुराना रास्ता यथास्थान रहेगा। उन्होंने संबंधित लोगों को आश्वस्त किया कि चक मार्ग को लेकर चल रहे विवाद का नियमानुसार जल्द समाधान कराया जाएगा, जिससे ग्रामीणों के आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
बताया जा रहा है कि रास्ते के समीप भविष्य में पेट्रोल पंप के निर्माण की संभावना भी है। ऐसे में प्रशासन द्वारा मार्ग और आवागमन की स्थिति को लेकर आवश्यक पहल की जा रही है।
वहीं, इसी क्रम में कोरांव बाजार स्थित अजय जायसवाल से जुड़े पुराने विवाद को लेकर भी एसडीएम कोरांव ठाकुर प्रसाद सिंह ने कोरांव पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके की स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित लोगों से जानकारी ली तथा मामले के नियमानुसार निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
एसडीएम ने कहा कि किसी भी विवाद का समाधान तथ्यों और नियमों के आधार पर कराया जाएगा। प्रशासन की पहल से दोनों मामलों में जल्द समाधान की उम्मीद जगी है।
    user_AII News 7UP
    AII News 7UP
    Prayagraj, Uttar Pradesh•
    2 hrs ago
  • महिला पत्रकार शाहीन प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता के समर्थन में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने उठाई आवाज प्रयागराज। दिल्ली में 4PM की महिला पत्रकार शाहीन के साथ कथित मारपीट, पुलिस द्वारा थाने ले जाने तथा ड्यूटी के दौरान कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर मोहम्मद हन्जला फारूकी के नेतृत्व में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। समिति ने प्रधानमंत्री, भारत सरकार को अपर जिलाधिकारी (नगर), प्रयागराज के माध्यम से ज्ञापन भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है। हन्जला फारूकी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछना, घटनाओं की जानकारी जुटाना और जनता के सामने तथ्य रखना पत्रकारों का लोकतांत्रिक दायित्व है। किसी पत्रकार के साथ कथित मारपीट, धमकी, दबाव या दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन यदि जांच में कानून के विपरीत बल प्रयोग, उत्पीड़न, धमकी या दुर्व्यवहार के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून की मांग इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने केंद्र सरकार से देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा एवं प्रेस स्वतंत्रता कानून (Journalist Protection Act) बनाने की मांग की है। समिति ने मांग की है कि पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी, उत्पीड़न अथवा उनके कार्य में अनुचित हस्तक्षेप की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए स्वतंत्र पत्रकार सुरक्षा शिकायत एवं निगरानी तंत्र बनाया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी मामले में पत्रकार के साथ नाम, धर्म, पहचान या अन्य किसी आधार पर भेदभाव किए जाने का आरोप सामने आता है, तो उस पहलू की भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए। शाहीन के साथ पत्रकार समाज खड़ा है हन्जला फारूकी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पत्रकार की नहीं, बल्कि देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता की लड़ाई है। पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में अपना कार्य करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन उसी के साथ पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना भी आवश्यक है। संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 21 में निहित अधिकारों की प्रभावी रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो शांतिपूर्ण आंदोलन हन्जला फारूकी ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद जन कल्याण समिति पत्रकारों के समर्थन में संविधान और कानून के दायरे में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं होती है, तो समिति पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण अभियान चलाने के लिए बाध्य होगी। इलाहाबाद जन कल्याण समिति की मांग स्पष्ट है—पत्रकारों को डर नहीं, सुरक्षा चाहिए; दबाव नहीं, स्वतंत्रता चाहिए; और हर शिकायत पर निष्पक्ष जांच व कानून के अनुसार न्याय चाहिए।
    1
    महिला पत्रकार शाहीन प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग

पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता के समर्थन में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने उठाई आवाज

प्रयागराज। दिल्ली में 4PM की महिला पत्रकार शाहीन के साथ कथित मारपीट, पुलिस द्वारा थाने ले जाने तथा ड्यूटी के दौरान कथित दुर्व्यवहार के मामले को लेकर मोहम्मद हन्जला फारूकी के नेतृत्व में इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने गंभीर चिंता व्यक्त की है।

समिति ने प्रधानमंत्री, भारत सरकार को अपर जिलाधिकारी (नगर), प्रयागराज के माध्यम से ज्ञापन भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, स्वतंत्र, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कराने की मांग की है।

हन्जला फारूकी ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछना, घटनाओं की जानकारी जुटाना और जनता के सामने तथ्य रखना पत्रकारों का लोकतांत्रिक दायित्व है। किसी पत्रकार के साथ कथित मारपीट, धमकी, दबाव या दुर्व्यवहार की शिकायत को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी नहीं माना जाना चाहिए, लेकिन यदि जांच में कानून के विपरीत बल प्रयोग, उत्पीड़न, धमकी या दुर्व्यवहार के आरोप प्रमाणित होते हैं, तो संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।

पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय कानून की मांग

इलाहाबाद जन कल्याण समिति ने केंद्र सरकार से देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय पत्रकार सुरक्षा एवं प्रेस स्वतंत्रता कानून (Journalist Protection Act) बनाने की मांग की है।

समिति ने मांग की है कि पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी, उत्पीड़न अथवा उनके कार्य में अनुचित हस्तक्षेप की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए स्वतंत्र पत्रकार सुरक्षा शिकायत एवं निगरानी तंत्र बनाया जाए।

ज्ञापन में यह भी मांग की गई है कि यदि किसी मामले में पत्रकार के साथ नाम, धर्म, पहचान या अन्य किसी आधार पर भेदभाव किए जाने का आरोप सामने आता है, तो उस पहलू की भी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की जाए।

शाहीन के साथ पत्रकार समाज खड़ा है

हन्जला फारूकी ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पत्रकार की नहीं, बल्कि देशभर के पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और स्वतंत्र पत्रकारिता की लड़ाई है। पत्रकारों को भयमुक्त वातावरण में अपना कार्य करने का अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेदार हैं, लेकिन उसी के साथ पत्रकारों के संवैधानिक अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना भी आवश्यक है। संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a) और 21 में निहित अधिकारों की प्रभावी रक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो शांतिपूर्ण आंदोलन

हन्जला फारूकी ने स्पष्ट किया कि इलाहाबाद जन कल्याण समिति पत्रकारों के समर्थन में संविधान और कानून के दायरे में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण संघर्ष जारी रखेगी।

उन्होंने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं होती है, तो समिति पत्रकार संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों के साथ मिलकर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन एवं जनजागरण अभियान चलाने के लिए बाध्य होगी।

इलाहाबाद जन कल्याण समिति की मांग स्पष्ट है—पत्रकारों को डर नहीं, सुरक्षा चाहिए; दबाव नहीं, स्वतंत्रता चाहिए; और हर शिकायत पर निष्पक्ष जांच व कानून के अनुसार न्याय चाहिए।
    user_AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    AAINA-E-MULK NEWS Channel DBEER ABBAS
    पत्रकार Prayagraj, Uttar Pradesh•
    3 hrs ago
  • Ganga Aarti हमारे द्वारा शादी विवाह व किसी भी शुभ अवसर पर कार्यक्रम किया जाता है हमारे द्वारा शादी विवाह व किसी भी शुभ अवसर पर कार्यक्रम किया जाता है किसी भी कार्यक्रम के लिए संपर्क करें संपर्क करें नं -8707810833
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    Ganga Aarti हमारे द्वारा शादी विवाह  व किसी भी  शुभ अवसर पर कार्यक्रम किया जाता है
हमारे द्वारा शादी विवाह  व किसी भी  शुभ अवसर पर कार्यक्रम किया जाता है किसी भी  कार्यक्रम के लिए संपर्क करें 
संपर्क करें नं -8707810833
    user_Piyush Dubey
    Piyush Dubey
    इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • राहत के नाम पर वसूली के आरोप, जांच की मांग कटोरी से बांटी राहत सामग्री, अपात्रों को देने का भी आरोप प्रयागराज के विकासखंड शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत सतपुरा में टमस नदी की बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम प्रधान प्रशासक प्रदीप कुमार मिश्र ने एसडीएम बारा और जिलाधिकारी प्रयागराज को शिकायत देकर हल्का लेखपाल कैलाश नाथ आदि पर राहत वितरण में अनियमितता और कथित धन वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्राम प्रधान व ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिनों बाद पहुंची राहत सामग्री के वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कुछ महिलाओं ने फोटो खिंचवाने के बाद पैकेट खोलकर कटोरी से आंचल में सामग्री बांटने का आरोप लगाया है। साथ ही नाबालिगों व अपात्र लोगों को राहत सामग्री देने तथा पात्र बाढ़ प्रभावितों को वंचित रखने का भी आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, राहत वितरण की जांच और आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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    राहत के नाम पर वसूली के आरोप, जांच की मांग कटोरी से बांटी राहत सामग्री, अपात्रों को देने का भी आरोप
प्रयागराज के विकासखंड शंकरगढ़ की ग्राम पंचायत सतपुरा में टमस नदी की बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों को राहत सामग्री वितरण को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम प्रधान प्रशासक प्रदीप कुमार मिश्र ने एसडीएम बारा और जिलाधिकारी प्रयागराज को शिकायत देकर हल्का लेखपाल कैलाश नाथ आदि पर राहत वितरण में अनियमितता और कथित धन वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ग्राम प्रधान व ग्रामीणों का आरोप है कि कई दिनों बाद पहुंची राहत सामग्री के वितरण में पारदर्शिता नहीं बरती गई। कुछ महिलाओं ने फोटो खिंचवाने के बाद पैकेट खोलकर कटोरी से आंचल में सामग्री बांटने का आरोप लगाया है। साथ ही नाबालिगों व अपात्र लोगों को राहत सामग्री देने तथा पात्र बाढ़ प्रभावितों को वंचित रखने का भी आरोप लगाया गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, राहत वितरण की जांच और आरोप सही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
    user_पवन कुमार पाल पत्रकार
    पवन कुमार पाल पत्रकार
    Allahabad, Prayagraj•
    5 hrs ago
  • प्रयागराज में अवैध मिट्टी खनन का खेल, रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों से हो रहा खनन - वीडियो वायरल रामपुर चौकी प्रभारी के संरक्षण में खनन का आरोप, औद्योगिक थाना क्षेत्र का मामला प्रयागराज औद्योगिक थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। रात के अंधेरे में खुलेआम ट्रैक्टरों से मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा अवैध कारोबार रामपुर चौकी प्रभारी के सहयोग से चल रहा है। आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर रात में जेसीबी और ट्रैक्टरों से मिट्टी खोदकर बेच रहे हैं।वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि रात में कई ट्रैक्टर-ट्राली मिट्टी से लदे हुए आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और खनन विभाग से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    प्रयागराज में अवैध मिट्टी खनन का खेल, रात के अंधेरे में ट्रैक्टरों से हो रहा खनन - वीडियो वायरल

रामपुर चौकी प्रभारी के संरक्षण में खनन का आरोप, औद्योगिक थाना क्षेत्र का मामला
प्रयागराज औद्योगिक थाना क्षेत्र में अवैध मिट्टी खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं। रात के अंधेरे में खुलेआम ट्रैक्टरों से मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा अवैध कारोबार रामपुर चौकी प्रभारी के सहयोग से चल रहा है। आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर रात में जेसीबी और ट्रैक्टरों से मिट्टी खोदकर बेच रहे हैं।वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि रात में कई ट्रैक्टर-ट्राली मिट्टी से लदे हुए आते-जाते दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने कई बार इसकी शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और खनन विभाग से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_पुष्पराज सिंह
    पुष्पराज सिंह
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • विधायक की फटकार भी बेअसर जसरा नवीन सब्जी मंडी में नहीं सुधरे हालात, 5 साल से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय पर आज तक नहीं खुला ताला यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी, जसरा इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के आंसू रो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार करने वाली इस मंडी में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा मंडी का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंडी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। बीते शुक्रवार को व्यापारियों और किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने जसरा नवीन सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। बजबजाती नालियां और महीनों से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया था। उन्होंने मौके पर ही मंडी सचिव और जेइ को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी और सख्त निर्देश दिए थे कि अगले दिन तक पूरी मंडी की सफाई हो जानी चाहिए तथा दो घंटे के भीतर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त हो। लेकिन विधायक के जाते ही अधिकारी फिर से अपनी कुंभकर्णी नींद में सो गए। आज कई दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की सूरत नहीं बदली है, जिससे साबित होता है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के आदेशों का भी कोई खौफ नहीं है। मंडी परिसर की सबसे बड़ी और शर्मनाक समस्या यहां बना सार्वजनिक शौचालय है। मंडी में आने वाले हजारों किसानों, व्यापारियों और विशेष रूप से महिला किसानों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए करीब 5 वर्ष पहले एक भव्य सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि निर्माण के दिन से लेकर आज तक इस शौचालय का ताला नहीं खोला गया। लाखों रुपये सरकारी धन की लागत से बनी यह इमारत आज सिर्फ एक सोपीस साबित हो रही है। शौचालय के बंद होने के कारण मंडी आने वाली महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी मंडी परिसर किसी तालाब या झील जैसी नजर आने लगी है। पक्की सड़कों और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से चारों तरफ दलदल बन चुका है। पल्लेदारों को एक-एक क्विंटल का वजन अपनी पीठ पर लादकर इस फिसलन भरे कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं, मंडी का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिसके कारण रात और भोर के समय पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। बीते दिनों अंधेरे में काम करने के दौरान एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिसकी जान बमुश्किल बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से व्यापारियों और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है। मंडी अध्यक्ष अजय साहू, आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और किसान राकेश कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा उनसे नियमित रूप से मंडी शुल्क और टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है—पूरी मंडी में मात्र दो हैंडपंप हैं। व्यापारियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक की फटकार के बाद भी बंद पड़े शौचालय को तुरंत चालू नहीं किया गया और जलभराव व सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे मंडी के कामकाज को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे। विधायक की फटकार भी बेअसर जसरा नवीन सब्जी मंडी में नहीं सुधरे हालात, 5 साल से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय पर आज तक नहीं खुला ताला यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी, जसरा इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के आंसू रो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार करने वाली इस मंडी में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा मंडी का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंडी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। बीते शुक्रवार को व्यापारियों और किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने जसरा नवीन सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। बजबजाती नालियां और महीनों से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया था। उन्होंने मौके पर ही मंडी सचिव और जेइ को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी और सख्त निर्देश दिए थे कि अगले दिन तक पूरी मंडी की सफाई हो जानी चाहिए तथा दो घंटे के भीतर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त हो। लेकिन विधायक के जाते ही अधिकारी फिर से अपनी कुंभकर्णी नींद में सो गए। आज कई दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की सूरत नहीं बदली है, जिससे साबित होता है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के आदेशों का भी कोई खौफ नहीं है। मंडी परिसर की सबसे बड़ी और शर्मनाक समस्या यहां बना सार्वजनिक शौचालय है। मंडी में आने वाले हजारों किसानों, व्यापारियों और विशेष रूप से महिला किसानों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए करीब 5 वर्ष पहले एक भव्य सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि निर्माण के दिन से लेकर आज तक इस शौचालय का ताला नहीं खोला गया। लाखों रुपये सरकारी धन की लागत से बनी यह इमारत आज सिर्फ एक सोपीस साबित हो रही है। शौचालय के बंद होने के कारण मंडी आने वाली महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी मंडी परिसर किसी तालाब या झील जैसी नजर आने लगी है। पक्की सड़कों और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से चारों तरफ दलदल बन चुका है। पल्लेदारों को एक-एक क्विंटल का वजन अपनी पीठ पर लादकर इस फिसलन भरे कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं, मंडी का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिसके कारण रात और भोर के समय पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। बीते दिनों अंधेरे में काम करने के दौरान एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिसकी जान बमुश्किल बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से व्यापारियों और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है। मंडी अध्यक्ष अजय साहू, आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और किसान राकेश कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा उनसे नियमित रूप से मंडी शुल्क और टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है—पूरी मंडी में मात्र दो हैंडपंप हैं। व्यापारियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक की फटकार के बाद भी बंद पड़े शौचालय को तुरंत चालू नहीं किया गया और जलभराव व सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे मंडी के कामकाज को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे।
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    विधायक की फटकार भी बेअसर

 जसरा नवीन सब्जी मंडी में नहीं सुधरे हालात, 5 साल से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय पर आज तक नहीं खुला ताला 
यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी, जसरा इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के आंसू रो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार करने वाली इस मंडी में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा मंडी का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंडी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। बीते शुक्रवार को व्यापारियों और किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने जसरा नवीन सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। बजबजाती नालियां और महीनों से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया था। उन्होंने मौके पर ही मंडी सचिव और जेइ को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी और सख्त निर्देश दिए थे कि अगले दिन तक पूरी मंडी की सफाई हो जानी चाहिए तथा दो घंटे के भीतर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त हो। लेकिन विधायक के जाते ही अधिकारी फिर से अपनी कुंभकर्णी नींद में सो गए। आज कई दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की सूरत नहीं बदली है, जिससे साबित होता है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के आदेशों का भी कोई खौफ नहीं है। मंडी परिसर की सबसे बड़ी और शर्मनाक समस्या यहां बना सार्वजनिक शौचालय है। मंडी में आने वाले हजारों किसानों, व्यापारियों और विशेष रूप से महिला किसानों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए करीब 5 वर्ष पहले एक भव्य सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि निर्माण के दिन से लेकर आज तक इस शौचालय का ताला नहीं खोला गया। लाखों रुपये सरकारी धन की लागत से बनी यह इमारत आज सिर्फ एक सोपीस साबित हो रही है। शौचालय के बंद होने के कारण मंडी आने वाली महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी मंडी परिसर किसी तालाब या झील जैसी नजर आने लगी है। पक्की सड़कों और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से चारों तरफ दलदल बन चुका है। पल्लेदारों को एक-एक क्विंटल का वजन अपनी पीठ पर लादकर इस फिसलन भरे कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं, मंडी का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिसके कारण रात और भोर के समय पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। बीते दिनों अंधेरे में काम करने के दौरान एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिसकी जान बमुश्किल बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से व्यापारियों और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है। मंडी अध्यक्ष अजय साहू, आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और किसान राकेश कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा उनसे नियमित रूप से मंडी शुल्क और टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है—पूरी मंडी में मात्र दो हैंडपंप हैं। व्यापारियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक की फटकार के बाद भी बंद पड़े शौचालय को तुरंत चालू नहीं किया गया और जलभराव व सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे मंडी के कामकाज को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे।
विधायक की फटकार भी बेअसर
जसरा नवीन सब्जी मंडी में नहीं सुधरे हालात, 5 साल से बंद पड़े सार्वजनिक शौचालय पर आज तक नहीं खुला ताला 
यमुनापार की सबसे बड़ी नवीन सब्जी मंडी, जसरा इन दिनों अपनी बदहाली और प्रशासनिक उदासीनता के आंसू रो रही है। प्रतिदिन करोड़ों रुपये का व्यापार करने वाली इस मंडी में बुनियादी सुविधाओं का इस कदर अकाल है कि किसानों, व्यापारियों और पल्लेदारों का जीना दूभर हो गया है। हाल ही में बारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. वाचस्पति द्वारा मंडी का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाए जाने के बावजूद जमीन पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। मंडी प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है और करोड़ों का कारोबार करने वाले लोग कीचड़, जलभराव और गंदगी के बीच काम करने को मजबूर हैं। बीते शुक्रवार को व्यापारियों और किसानों की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बारा विधायक डॉ. वाचस्पति ने जसरा नवीन सब्जी मंडी का औचक निरीक्षण किया था। बजबजाती नालियां और महीनों से ठप पड़ी बिजली व्यवस्था को देखकर विधायक का पारा चढ़ गया था। उन्होंने मौके पर ही मंडी सचिव और जेइ को तलब कर कड़ी फटकार लगाई थी और सख्त निर्देश दिए थे कि अगले दिन तक पूरी मंडी की सफाई हो जानी चाहिए तथा दो घंटे के भीतर प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त हो। लेकिन विधायक के जाते ही अधिकारी फिर से अपनी कुंभकर्णी नींद में सो गए। आज कई दिन बीत जाने के बाद भी मंडी की सूरत नहीं बदली है, जिससे साबित होता है कि अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के आदेशों का भी कोई खौफ नहीं है। मंडी परिसर की सबसे बड़ी और शर्मनाक समस्या यहां बना सार्वजनिक शौचालय है। मंडी में आने वाले हजारों किसानों, व्यापारियों और विशेष रूप से महिला किसानों व कर्मचारियों की सुविधा के लिए करीब 5 वर्ष पहले एक भव्य सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि निर्माण के दिन से लेकर आज तक इस शौचालय का ताला नहीं खोला गया। लाखों रुपये सरकारी धन की लागत से बनी यह इमारत आज सिर्फ एक सोपीस साबित हो रही है। शौचालय के बंद होने के कारण मंडी आने वाली महिलाओं को खुले में शौच जाने के लिए विवश होना पड़ता है, जो स्वच्छ भारत मिशन के दावों की धज्जियां उड़ा रहा है लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी मंडी परिसर किसी तालाब या झील जैसी नजर आने लगी है। पक्की सड़कों और जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने से चारों तरफ दलदल बन चुका है। पल्लेदारों को एक-एक क्विंटल का वजन अपनी पीठ पर लादकर इस फिसलन भरे कीचड़ से गुजरना पड़ता है, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है। इतना ही नहीं, मंडी का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से खराब पड़ा है, जिसके कारण रात और भोर के समय पूरा परिसर अंधेरे के आगोश में डूबा रहता है। बीते दिनों अंधेरे में काम करने के दौरान एक पल्लेदार को सांप ने डंस लिया था, जिसकी जान बमुश्किल बचाई जा सकी। इस घटना के बाद से व्यापारियों और मजदूरों में भारी दहशत का माहौल है। मंडी अध्यक्ष अजय साहू, आढ़ती रामचंद्र सोनकर, पंचराज कुशवाहा और किसान राकेश कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मंडी प्रशासन द्वारा उनसे नियमित रूप से मंडी शुल्क और टैक्स वसूला जाता है। इसके बावजूद उन्हें पीने का साफ पानी तक नसीब नहीं है—पूरी मंडी में मात्र दो हैंडपंप हैं। व्यापारियों और किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि विधायक की फटकार के बाद भी बंद पड़े शौचालय को तुरंत चालू नहीं किया गया और जलभराव व सड़क की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे मंडी के कामकाज को पूरी तरह ठप कर उग्र आंदोलन और चक्का जाम करने के लिए बाध्य होंगे।
    user_Parvez alam
    Parvez alam
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • गाय की जान ली जा रही है नही लगाया जा रहा है टीका प्रतिदिन हो रहा मौत गाय की जान ली जा रही है नही लगाया जा रहा है टीका प्रतिदिन हो रहा मौत प्रयागराज का मामला पूरी लहाबर NAI NEWS TV पर तुरंत देखे
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    गाय की जान ली जा रही है नही लगाया जा रहा है टीका प्रतिदिन हो रहा मौत 
गाय की जान ली जा रही है नही लगाया जा रहा है टीका प्रतिदिन हो रहा मौत  प्रयागराज का मामला पूरी लहाबर NAI NEWS TV  पर तुरंत देखे
    user_NAI NEWS TV
    NAI NEWS TV
    रिपोर्टर Allahabad, Prayagraj•
    1 hr ago
  • महिला के प्रावेट पार्ट में डाला डंडा । महिला कार्यचारी को तुरंत निलंबित करे । महिला के प्रावेट पार्ट में डाला डंडा । महिला कार्यचारी को तुरंत निलंबित करे । NAI NEWS TV के यूट्यूब पर पूरी खबर देखे
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    महिला के प्रावेट पार्ट में डाला डंडा । महिला कार्यचारी को तुरंत निलंबित करे ।
महिला के प्रावेट पार्ट में डाला डंडा । महिला कार्यचारी को तुरंत निलंबित करे । NAI NEWS TV  के यूट्यूब पर पूरी खबर देखे
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    रिपोर्टर Allahabad, Prayagraj•
    1 hr ago
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