सनावद के यादव मोहल्ले में वाटर वर्क्स रोड पर लंबे समय से लोगों को आतंकित कर रहे जितेन पिता शंकर लाल यादव (कालू) नामक व्यक्ति ने छत से ईंट-पत्थर बरसाकर दहशत फैला दी। इस घटना में लगभग 6-7 लोग घायल हो गए, जिनमें एक व्यक्ति का हाथ फैक्चर हो गया, दूसरे की पसलियों में फ्रैक्चर आया, और 5 वर्षीय हर्षित पिता राजकुमार यादव के पैर में भी चोट लगी। आरोपी द्वारा छोटे बच्चों को भी निशाना बनाया गया। मोहल्ले के निवासियों के अनुसार, जितेन कई सालों से उपद्रव मचा रहा था और उसने पहले भी महिला बाल विकास की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर हमला किया था, जिससे बच्चों और अभिभावकों में भय का माहौल बना हुआ था। इस संबंध में सनावद थाने में एक शिकायत आवेदन भी दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। सीएम हेल्पलाइन पर भी कई शिकायतें दर्ज थीं। आरोपी ने अपने काका के लड़के योगेश यादव पर भी पत्थर से हमला किया था, जिसका मामला सनावद न्यायालय में विचाराधीन है, और एक पत्रकार के घर पर भी पथराव कर हमला किया था। जितेन के खिलाफ सनावद थाने में लगभग चार से पांच आवेदन और प्रकरण दर्ज हैं, और वह आए दिन ऐसी घटनाओं को अंजाम देता रहता है। ईंट-पत्थर बरसाने की खबर मिलते ही सनावद थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव तत्काल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन जितेन ने उन पर भी ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। इस दौरान धर्मेंद्र यादव ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कुशल रणनीति अपनाई। जैसे ही आरोपी का ध्यान भटका, वे 'ईगल' पर लटककर छत पर चढ़ गए और उसे धर दबोचा। आरोपी जितेन ने थाना प्रभारी से भी काफी जद्दोजहद की, लेकिन अंततः पुलिस टीम ने उसे अभिरक्षा में ले लिया और कोर्ट में पेश कर मनोचिकित्सा केंद्र भेज दिया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव और उनकी टीम के इस साहसिक कार्य की लोगों ने ताली बजाकर प्रशंसा की। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्यों ने बड़ी संख्या में थाने पहुंचकर पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका सम्मान किया। इस घटना के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि यदि पूर्व में समय रहते ठोस कार्रवाई की जाती तो ऐसी घटना शायद नहीं होती। मोहल्ले के लोग अब भी दहशत में हैं और यह देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस प्रकार के दहशतगर्दों के खिलाफ बड़ी घटना होने के बाद ही कार्रवाई करेगा या नहीं।
सनावद के यादव मोहल्ले में वाटर वर्क्स रोड पर लंबे समय से लोगों को आतंकित कर रहे जितेन पिता शंकर लाल यादव (कालू) नामक व्यक्ति ने छत से ईंट-पत्थर बरसाकर दहशत फैला दी। इस घटना में लगभग 6-7 लोग घायल हो गए, जिनमें एक व्यक्ति का हाथ फैक्चर हो गया, दूसरे की पसलियों में फ्रैक्चर आया, और 5 वर्षीय हर्षित पिता राजकुमार यादव के पैर में भी चोट लगी। आरोपी द्वारा छोटे बच्चों को भी निशाना बनाया गया। मोहल्ले के निवासियों के अनुसार, जितेन कई सालों से उपद्रव मचा रहा था और उसने पहले भी महिला बाल विकास
की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर हमला किया था, जिससे बच्चों और अभिभावकों में भय का माहौल बना हुआ था। इस संबंध में सनावद थाने में एक शिकायत आवेदन भी दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। सीएम हेल्पलाइन पर भी कई शिकायतें दर्ज थीं। आरोपी ने अपने काका के लड़के योगेश यादव पर भी पत्थर से हमला किया था, जिसका मामला सनावद न्यायालय में विचाराधीन है, और एक पत्रकार के घर पर भी पथराव कर हमला किया था। जितेन के खिलाफ सनावद थाने में लगभग चार से पांच आवेदन और प्रकरण दर्ज हैं, और वह आए
दिन ऐसी घटनाओं को अंजाम देता रहता है। ईंट-पत्थर बरसाने की खबर मिलते ही सनावद थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव तत्काल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन जितेन ने उन पर भी ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। इस दौरान धर्मेंद्र यादव ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कुशल रणनीति अपनाई। जैसे ही आरोपी का ध्यान भटका, वे 'ईगल' पर लटककर छत पर चढ़ गए और उसे धर दबोचा। आरोपी जितेन ने थाना प्रभारी से भी काफी जद्दोजहद की, लेकिन अंततः पुलिस टीम ने उसे अभिरक्षा में ले लिया और कोर्ट में पेश कर मनोचिकित्सा केंद्र
भेज दिया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव और उनकी टीम के इस साहसिक कार्य की लोगों ने ताली बजाकर प्रशंसा की। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्यों ने बड़ी संख्या में थाने पहुंचकर पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका सम्मान किया। इस घटना के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि यदि पूर्व में समय रहते ठोस कार्रवाई की जाती तो ऐसी घटना शायद नहीं होती। मोहल्ले के लोग अब भी दहशत में हैं और यह देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस प्रकार के दहशतगर्दों के खिलाफ बड़ी घटना होने के बाद ही कार्रवाई करेगा या नहीं।
- सनावद के यादव मोहल्ले में वाटर वर्क्स रोड पर लंबे समय से लोगों को आतंकित कर रहे जितेन पिता शंकर लाल यादव (कालू) नामक व्यक्ति ने छत से ईंट-पत्थर बरसाकर दहशत फैला दी। इस घटना में लगभग 6-7 लोग घायल हो गए, जिनमें एक व्यक्ति का हाथ फैक्चर हो गया, दूसरे की पसलियों में फ्रैक्चर आया, और 5 वर्षीय हर्षित पिता राजकुमार यादव के पैर में भी चोट लगी। आरोपी द्वारा छोटे बच्चों को भी निशाना बनाया गया। मोहल्ले के निवासियों के अनुसार, जितेन कई सालों से उपद्रव मचा रहा था और उसने पहले भी महिला बाल विकास की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पर हमला किया था, जिससे बच्चों और अभिभावकों में भय का माहौल बना हुआ था। इस संबंध में सनावद थाने में एक शिकायत आवेदन भी दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। सीएम हेल्पलाइन पर भी कई शिकायतें दर्ज थीं। आरोपी ने अपने काका के लड़के योगेश यादव पर भी पत्थर से हमला किया था, जिसका मामला सनावद न्यायालय में विचाराधीन है, और एक पत्रकार के घर पर भी पथराव कर हमला किया था। जितेन के खिलाफ सनावद थाने में लगभग चार से पांच आवेदन और प्रकरण दर्ज हैं, और वह आए दिन ऐसी घटनाओं को अंजाम देता रहता है। ईंट-पत्थर बरसाने की खबर मिलते ही सनावद थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव तत्काल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन जितेन ने उन पर भी ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। इस दौरान धर्मेंद्र यादव ने अपनी जान की परवाह न करते हुए कुशल रणनीति अपनाई। जैसे ही आरोपी का ध्यान भटका, वे 'ईगल' पर लटककर छत पर चढ़ गए और उसे धर दबोचा। आरोपी जितेन ने थाना प्रभारी से भी काफी जद्दोजहद की, लेकिन अंततः पुलिस टीम ने उसे अभिरक्षा में ले लिया और कोर्ट में पेश कर मनोचिकित्सा केंद्र भेज दिया। थाना प्रभारी धर्मेंद्र यादव और उनकी टीम के इस साहसिक कार्य की लोगों ने ताली बजाकर प्रशंसा की। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्यों ने बड़ी संख्या में थाने पहुंचकर पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर उनका सम्मान किया। इस घटना के बाद यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि यदि पूर्व में समय रहते ठोस कार्रवाई की जाती तो ऐसी घटना शायद नहीं होती। मोहल्ले के लोग अब भी दहशत में हैं और यह देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस प्रकार के दहशतगर्दों के खिलाफ बड़ी घटना होने के बाद ही कार्रवाई करेगा या नहीं।4
- मध्य प्रदेश के खरगोन और जबलपुर में बैंकों से जुड़ी बड़ी गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं। खरगोन के ठिवगांव सहकारी बैंक में 41.58 लाख रुपये के गबन का सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसके बाद बैंक की महिला कैशियर फरार हो गई है। बैंक के रिकॉर्ड और तिजोरी में रखे कैश के बीच भारी अंतर पाए जाने के बाद अकाउंटेंट को निलंबित कर दिया गया है। लाखों की इस गड़बड़ी से इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, जबलपुर के PNB बैंक में सोना लोन से जुड़े एक मामले में भी FIR दर्ज की गई है।1
- खंडवा जिले की ग्राम पंचायत जमुनिया में एक हेडपंप की खराब हालत से ग्रामीण परेशान हैं। बताया गया है कि हेडपंप का थाला टूटा हुआ है और इसका पाइप नीचे से लीक कर रहा है, जिसके कारण इसे चलाने के लगभग 10 से 15 मिनट बाद ही पानी आता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या कम से कम 2 से 3 महीनों से बनी हुई है। इस संबंध में ग्राम पंचायत के सरपंच को भी जानकारी दी गई है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।1
- इंदौर की छोटी ग्वालटोली में एक इलेक्ट्रिक स्कूटर को ठीक करने में एक विशेषज्ञ ने अपनी असाधारण समझ का परिचय दिया है। स्कूटर की व्हील पत्ती खराब होने से मोटर में खराबी आ गई थी, जिसे ठीक करने के लिए सेंसर प्लेट की जरूरत थी। हालांकि, बाजार में मध्यम आकार की और पतली सेंसर प्लेटें उपलब्ध नहीं थीं; खोजने पर केवल छोटी या बड़ी प्लेटें ही मिल रही थीं, जिससे पूरे इंदौर में स्पेयर पार्ट की दुकानों ने हार मान ली और कबाड़ में स्कूटर बेचने की सलाह दी। ऐसे में, ECM ठीक करने वाले मोईत ने इस चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने न केवल सेंसर डाले, बल्कि स्कूटर के 'मेमोरी लॉस' को ठीक करने के लिए बहुत दिमाग लगाया और अंततः उसे पूरी तरह से ठीक कर दिया। मोईत की यह क्षमता इसलिए भी विशेष है क्योंकि वे आमतौर पर चार पहिया वाहनों, ट्रकों और बसों के ECM और ECU को ठीक करने और उनकी RND करने का काम करते हैं। यह कार्य दर्शाता है कि अगर यह स्कूटर किसी और के पास होता, तो मालिक थककर इसे कबाड़ में बेच देता और पैदल होने को मजबूर हो जाता, या फिर इसे ठीक कराने पर उसे 8 से 10 हज़ार रुपये का भारी-भरकम खर्च उठाना पड़ता।1
- इंदौर के शराफा थाना क्षेत्र में रहने वाले 26 वर्षीय अमन पिता दिलीप मकवाना नामक युवक ने जहरीले पदार्थ का सेवन कर लिया, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस को जब इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्हें पता चला कि मृतक अमन ने एक सुसाइड नोट भी लिखा था।1
- केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक रिश्तेदार, 29 वर्षीय प्रभात सिंह, का मध्य प्रदेश के इंदौर में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया। यह दुखद घटना गुरुवार रात करीब 11 बजे शिप्रा थाना क्षेत्र में घटी। प्रभात सिंह के पिता प्रदीप सिंह को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का भाई बताया जा रहा है, जिससे वे मंत्री के भतीजे लगते हैं। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रेवती स्थित गाईघाट क्षेत्र के निवासी प्रभात सिंह के शव को अंतिम संस्कार के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए दिल्ली भेजा गया है, जिसका अंतिम संस्कार वाराणसी में संपन्न होगा। पुलिस के अनुसार, प्रभात सिंह अपने तीन परिचितों के साथ किसी काम के सिलसिले में देवास आए थे और गुरुवार रात कार से इंदौर वापस लौट रहे थे। शिप्रा क्षेत्र के पास उन्होंने किसी कार्यवश अपनी कार रोकी। जैसे ही वे वापस कार में बैठने लगे, तभी एक तेज रफ्तार बस ने उन्हें टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में प्रभात सिंह के सिर में गंभीर चोटें आईं। उनके साथियों ने उन्हें तुरंत अरविंदो अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर लिया है और जांच पड़ताल शुरू कर दी है।1
- नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के धुलकोट स्थित आदिवासी गांवों में ग्रामीण सड़क, पानी और पेट्रोल के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं, जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर स्थिति को लेकर कांग्रेस सेवादल ने सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर विकास कार्यों को ठप करने का आरोप लगाया है। यह रिपोर्ट धुलकोट के आदिवासी अंचल से अन सिंग मोरे द्वारा दी गई है।1
- बटानागझारी के एक व्यक्ति ने पलंग चोरी करने की कोशिश की, जिसके बाद जनता ने उसे पीट-पीटकर बेहोश कर दिया। यह घटना शाम करीब 7 बजे की है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक ने वास्तव में चोरी की थी या केवल प्रयास किया था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची है, लेकिन यह साफ नहीं है कि वे आगे क्या कार्रवाई करेंगे।1