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संध्या को इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे हैं। रोड पर हो रहे प्रदर्शन गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय युवती संध्या की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। परिजनों ने संध्या के शव को रोड पर रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन के कारण रोड पर लंबा जाम लग गया है। परिवार के लोग संध्या को इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे हैं। रोड पर हो रहे प्रदर्शन के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई है और परिजनों को समझने में जुटी हुई है। लोगों ने जमकर लगाए इंदिरापुरम पुलिस प्रशासन के नारे, अब देखना यह है कि पुलिस हरकत में आती है या नहीं। बहुत ही संवेदनशील मुद्दा बनते जा रहा है। या यूं कहें कि पुलिस कि लापरवाही सामने आ रही है।संवाददाता पवन सूर्यवंशी एनसीआर UP 👆
Pawan k Suryavansi
संध्या को इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे हैं। रोड पर हो रहे प्रदर्शन गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय युवती संध्या की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। परिजनों ने संध्या के शव को रोड पर रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन के कारण रोड पर लंबा जाम लग गया है। परिवार के लोग संध्या को इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे हैं। रोड पर हो रहे प्रदर्शन के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई है और परिजनों को समझने में जुटी हुई है। लोगों ने जमकर लगाए इंदिरापुरम पुलिस प्रशासन के नारे, अब देखना यह है कि पुलिस हरकत में आती है या नहीं। बहुत ही संवेदनशील मुद्दा बनते जा रहा है। या यूं कहें कि पुलिस कि लापरवाही सामने आ रही है।संवाददाता पवन सूर्यवंशी एनसीआर UP 👆
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- वृंदावन भाव के बिना अधूरी है भगवान की अनुभूति — आचार्य मनीष कौशिक रुक्मिणी वल्लभ भगवान का विवाह उत्सव धूमधाम से संपन्न कथा से पूर्व मां विन्नेर देवी मंदिर में आचार्य ने टेका माथा जहांगीराबाद :- “यदि भगवान को समझना है तो भागवत को जानना होगा, भागवत को जानना है तो गोपियों को समझना होगा, और गोपियों को समझना है तो वृंदावन में आस्था धारण करनी होगी। यह एक ऐसा आध्यात्मिक वर्तुल है, जहाँ किसी भी स्थान पर चूक होने पर साधक की यात्रा अधूरी रह जाती है।” उक्त विचार आचार्य मनीष कौशिक ने श्री राम रसायन सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिवस पर व्यक्त किए। यह पावन कथा वृंदावन से पधारे संतों के सान्निध्य में सिद्धेश्वर शिव मंदिर में संपन्न हो रही है। कथा प्रारंभ होने से पूर्व आचार्य मनीष कौशिक ने मां विन्नेर मंदिर पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया और माता के चरणों में माथा टेककर कथा के सफल आयोजन की कामना की। उन्होंने कहा कि जीव अनंत जन्मों से अपनी यात्रा करता आ रहा है और इस यात्रा की पूर्णता केवल परम सत्ता परमात्मा के मिलन में ही संभव है। यह कोई सामान्य भौतिक घटना नहीं, बल्कि आध्यात्म का चरम अनुभव है, जिसे वही सौभाग्यशाली आत्माएँ अनुभव कर पाती हैं। महाराज श्री ने कहा कि भागवत कथा मनुष्य के लिए परमात्मा के प्रबल प्रेम का साक्षात स्वरूप है, जिसमें अन्य सभी सांसारिक संबंध गौण हो जाते हैं और भक्त ईश्वर प्रेम में पूर्णतः तल्लीन हो जाता है। कंस वध प्रसंग का वर्णन करते हुए उन्होंने बताया कि पापी व्यक्ति चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसकी अंतिम यात्रा सदैव दयनीय होती है। कभी-कभी ऐसा प्रतीत होता है कि पाप करने के बाद भी व्यक्ति सुख भोग रहा है, परंतु यह उसके पूर्व जन्मों के शुभ कर्मों का प्रभाव होता है। जैसे ही उसके महापाप प्रकट होते हैं, उसकी पतन यात्रा प्रारंभ हो जाती है और अंततः समाज उसे धिक्कारता है। उन्होंने संदेश दिया कि सदैव धर्म के मार्ग पर चलते हुए जीवन में आनंद प्राप्त करना ही भारतीय संस्कृति का मूल है। आज विश्व में भारतीय दर्शन की प्रासंगिकता स्पष्ट हो रही है और सनातन वैदिक धर्म ही विश्व को शांति का मार्ग दिखाने में सक्षम है। इस अवसर पर रुक्मिणी वल्लभ भगवान के विवाह उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। सुंदर झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और भजनों पर झूमते नजर आए। कार्यक्रम में सूर्य भूषण मित्तल पत्रकार, कल्पना मित्तल,गौरव बंसल, भारत गोयल, पूनम बंसल, शकुंतला गोयल, अजय कौशिक (पत्रकार), सूर्य प्रकाश बंसल, उमेश वार्ष्णेय, योगेश कंसल, भोलू, कृष्णकांत वार्ष्णेय सहित अनेक गणमान्य श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
- Post by Good Morning1
- गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में 18 वर्षीय युवती संध्या की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। परिजनों ने संध्या के शव को रोड पर रखकर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया है। प्रदर्शन के कारण रोड पर लंबा जाम लग गया है। परिवार के लोग संध्या को इंसाफ दिलाने की मांग कर रहे हैं। रोड पर हो रहे प्रदर्शन के बाद मौके पर पुलिस पहुंच गई है और परिजनों को समझने में जुटी हुई है। लोगों ने जमकर लगाए इंदिरापुरम पुलिस प्रशासन के नारे, अब देखना यह है कि पुलिस हरकत में आती है या नहीं। बहुत ही संवेदनशील मुद्दा बनते जा रहा है। या यूं कहें कि पुलिस कि लापरवाही सामने आ रही है।संवाददाता पवन सूर्यवंशी एनसीआर UP 👆2
- संवाददाता रेनू पुरी की रिपोर्ट3
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1
- क्या यही है उत्तम प्रदेश?” मथुरा की घटना ने फिर साबित कर दिया कि खबरें सिर्फ हेडलाइन नहीं होतीं… वो हमारी सोच, हमारा समाज और हमारी संवेदनहीनता का आईना होती हैं। जूस पिलाने के बहाने 17 वर्षीय लड़की से दरिंदगी—और जब वो दर्द से, गुस्से से मदद के लिए चीख़ रही थी… लोग बस खड़े देखते रहे। पुलिस भी मौके पर पहुंचकर सिर्फ औपचारिकता निभाती दिखी, जैसे सब कुछ ‘रूटीन’ हो। यह सिर्फ एक अपराध नहीं… ये उस सोच का पर्दाफाश है जहाँ इंसानियत भीड़ में खो जाती है। सवाल सिर्फ सिस्टम से नहीं—सवाल हम सब से है: हम सच में इंसान हैं, या फिर सिर्फ एक तमाशबीन भीड़?1
- Post by न्यूज़ आइकॉन 241
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1