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मन्दसौर की जनपद पंचायत सीतामऊ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लावरी में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इस बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर घोर लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया है।
भविष्य न्यूज़ 24
मन्दसौर की जनपद पंचायत सीतामऊ के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत लावरी में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। इस बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने पंचायत प्रशासन पर घोर लापरवाही बरतने का सीधा आरोप लगाया है।
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- मनासा में आयोजित जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में स्कूल बसों के चालकों और परिचालकों के चरित्र सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर उपखंड क्षेत्र में पीपलवास ग्राम पंचायत मुख्यालय स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं ने तालाबंदी कर दी है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई स्थानांतरण सूची के बाद शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर यह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों और छात्रों ने स्कूल के शिक्षकों को भी परिसर के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया। इस स्कूल में कक्षा 1 से 12 तक कुल 350 से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं। इस वर्ष यहां कार्यरत तीन लेक्चरर और तीन सेकंड ग्रेड अध्यापकों का तबादला हो गया है, जबकि एक सेकंड ग्रेड अध्यापक का पद पहले से ही रिक्त था। इस तरह विद्यालय में कुल सात शिक्षकों के पद खाली हो गए हैं, जिससे शैक्षणिक कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके अतिरिक्त भदेसर उपखंड मुख्यालय के मॉडल स्कूल और घनेत विद्यालय सहित क्षेत्र के कई अन्य स्कूलों में भी शिक्षकों के पद खाली पड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक रिक्त पदों पर शिक्षकों की तुरंत नियुक्ति नहीं होती, उनका आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस समस्या को छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए जल्द नियुक्ति की मांग की है। ग्रामीणों ने ब्लॉक शिक्षा अधिकारी, संस्था प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में तुरंत कार्रवाई करने की अपील की है।1
- ढोढर हाईवे रोड पानी 8888888888888888888888888888866566 ढोढर हाईवे रोड पर पानी 555555555555555888888888888888888888821
- मंदसौर के सीतामऊ में स्थित सीएम राइज संदीपनी विद्यालय के बच्चों ने प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी है। स्कूल के प्राचार्य के ट्रांसफर को लेकर छात्रों के बीच भारी बवाल मचा हुआ है, जिसके विरोध में सभी बच्चे सड़क पर उतर आए हैं।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक छात्रा ने अपने वोट के अधिकार का प्रदर्शन किया है। अपने इस अधिकार को दिखाने के साथ ही छात्रा ने BJP पर जमकर ताना कसा।1
- संसद के मानसून सत्र का पहला दिन भारी हंगामे की भेंट चढ़ गया। इस दौरान कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा बुलाए गए 'संसद मार्च' ने भारी बवाल खड़ा कर दिया। प्रदर्शनकारियों को संसद भवन की ओर बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। इस दौरान शास्त्री भवन और कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के पास प्रदर्शनकारियों द्वारा बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की गई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। हालात इस कदर बिगड़ गए कि सुरक्षा के मद्देनजर संसद भवन के मुख्य गेट सहित कई द्वारों को थोड़ी देर के लिए बंद करना पड़ा और दिल्ली पुलिस कमिश्नर खुद संसद मार्ग थाने पहुंचे। इस झड़प में दिल्ली पुलिस के कई जवान भी घायल हो गए हैं। इस भारी हंगामे के बीच पुलिस ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए जंतर-मंतर पर लगाए गए सीजेपी के धरना स्थल और मंच को जबरन खाली करा दिया, जिसे प्रदर्शनकारियों ने अपनी लोकतांत्रिक आवाज दबाने की कोशिश बताया। पुलिस ने आरबीआई के पास से सीजेपी के कम से कम सात प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जबकि सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डिप्टी कमिश्नर के दफ्तर ले जाया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था और तनाव को देखते हुए जनपथ, पटेल चौक, राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए, जिससे कई यात्री अंदर ही फंसे रहे और ब्लूलाइन पर मेट्रो ट्रेनें लेट चलने लगीं। इस बीच, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव, इकरा हसन और प्रिया सरोज सहित कई सपा सांसदों ने संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च निकाला। डिंपल यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए इसे देश के इतिहास की सबसे अहंकारी, बेरहम और संवेदनहीन सरकार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना वर्दी के आए कुछ पुलिसकर्मियों ने गुंडों जैसा व्यवहार करते हुए छात्रों को बेरहमी से पीटा, बिजली के झटके दिए और बेटियों के कपड़े तक फाड़ दिए। उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग करते हुए सरकार पर देश को संविधान के बजाय आरएसएस की विचारधारा से चलाने का आरोप लगाया। दूसरी ओर, सांसद चंद्रशेखर आजाद और शबाना आजमी केरल भवन के पास धरने पर बैठ गए, जिन्हें रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) ने दोनों तरफ से घेर लिया। धरने के दौरान शबाना आजमी की तबीयत बिगड़ गई और चंद्रशेखर को वहां से उठाने की तैयारी की जाने लगी। इस हंगामे के बीच राजनीतिक हलचल भी तेज रही, जहां शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की, वहीं सीजेपी का एक प्रतिनिधिमंडल जेपी नड्डा से मिलने पहुंचा। सीजेपी ने दावा किया है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। इसके अलावा, भूख हड़ताल पर बैठे अभिजीत दिपके ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी, जबकि सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन से उन्हें संसद मार्च में शामिल होने देने की मांग की।1