चित्रकूट की राजनीति: चुनावी शोर, जनता फिर बेबस चित्रकूट की राजनीति अब साफ तौर पर 2027 के चुनावी मोड में प्रवेश कर चुकी है। आरोप–प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, बयानबाज़ी तेज़ है, लेकिन इस सियासी हलचल में जनता का कोई फायदा होता नहीं दिख रहा। सत्ता और विपक्ष—दोनों अपनी-अपनी चाल चलने में व्यस्त हैं। सबसे दिलचस्प भूमिका उस विपक्ष की है, जो लंबे समय तक मौन साधे बैठा रहा। अब अचानक उसे जनता की याद आ गई है। वजह साफ है—2027 में फिर चुनाव हैं। अब जनता को यह दिखाना ज़रूरी हो गया है कि विपक्ष भी ज़िंदा है, सवाल भी पूछता है। हकीकत यह है कि विपक्ष के कई पार्षद आज भी सत्ता की चटनी चखने में व्यस्त हैं। विरोध मंचों तक सीमित है, ज़मीन पर नहीं। सत्ता के हालात किसी से छिपे नहीं हैं—विकास के दावे, व्यवस्थाओं की हकीकत और जनता की परेशानियां सबके सामने हैं। लेकिन इस पूरे सत्ता–विपक्ष के खेल में सबसे बड़ा सवाल यही है— पिस कौन रहा है? जवाब साफ है—आम जनता। अब जो राजनीति चल रही है, उसमें न समाधान है, न नीयत। सिर्फ आरोप होंगे, जवाब नहीं। सिर्फ भाषण होंगे, काम नहीं। और नतीजा वही होगा—जनता फिर ठगी जाएगी। चित्रकूट में अब राजनीति जनता के लिए नहीं, चुनाव के लिए हो रही है। सत्ता बचाने के लिए, और विपक्ष को जिंदा साबित करने के लिए। अगर यही चलता रहा, तो 2027 का चुनाव भी वादों, आरोपों और नारों की भीड़ में जनता की उम्मीदों को रौंदकर निकल जाएगा। अब सवाल यह नहीं कि कौन सही है, कौन गलत
चित्रकूट की राजनीति: चुनावी शोर, जनता फिर बेबस चित्रकूट की राजनीति अब साफ तौर पर 2027 के चुनावी मोड में प्रवेश कर चुकी है। आरोप–प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, बयानबाज़ी तेज़ है, लेकिन इस सियासी हलचल में जनता का कोई फायदा होता नहीं दिख रहा। सत्ता और विपक्ष—दोनों अपनी-अपनी चाल चलने में व्यस्त हैं। सबसे दिलचस्प भूमिका उस विपक्ष की है, जो लंबे समय तक मौन साधे बैठा रहा। अब अचानक उसे जनता की याद आ गई है। वजह साफ है—2027 में फिर चुनाव हैं। अब जनता को यह दिखाना ज़रूरी हो गया है कि विपक्ष भी ज़िंदा है, सवाल भी पूछता है। हकीकत यह है कि विपक्ष के कई पार्षद आज भी सत्ता की चटनी चखने में व्यस्त हैं। विरोध मंचों तक सीमित है, ज़मीन पर नहीं। सत्ता के हालात किसी से छिपे नहीं हैं—विकास के दावे, व्यवस्थाओं की हकीकत और जनता की परेशानियां सबके सामने हैं। लेकिन इस पूरे सत्ता–विपक्ष के खेल में सबसे बड़ा सवाल यही है— पिस कौन रहा है? जवाब साफ है—आम जनता। अब जो राजनीति चल रही है, उसमें न समाधान है, न नीयत। सिर्फ आरोप होंगे, जवाब नहीं। सिर्फ भाषण होंगे, काम नहीं। और नतीजा वही होगा—जनता फिर ठगी जाएगी। चित्रकूट में अब राजनीति जनता के लिए नहीं, चुनाव के लिए हो रही है। सत्ता बचाने के लिए, और विपक्ष को जिंदा साबित करने के लिए। अगर यही चलता रहा, तो 2027 का चुनाव भी वादों, आरोपों और नारों की भीड़ में जनता की उम्मीदों को रौंदकर निकल जाएगा। अब सवाल यह नहीं कि कौन सही है, कौन गलत
- चित्रकूट की राजनीति: चुनावी शोर, जनता फिर बेबस चित्रकूट की राजनीति अब साफ तौर पर 2027 के चुनावी मोड में प्रवेश कर चुकी है। आरोप–प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है, बयानबाज़ी तेज़ है, लेकिन इस सियासी हलचल में जनता का कोई फायदा होता नहीं दिख रहा। सत्ता और विपक्ष—दोनों अपनी-अपनी चाल चलने में व्यस्त हैं। सबसे दिलचस्प भूमिका उस विपक्ष की है, जो लंबे समय तक मौन साधे बैठा रहा। अब अचानक उसे जनता की याद आ गई है। वजह साफ है—2027 में फिर चुनाव हैं। अब जनता को यह दिखाना ज़रूरी हो गया है कि विपक्ष भी ज़िंदा है, सवाल भी पूछता है। हकीकत यह है कि विपक्ष के कई पार्षद आज भी सत्ता की चटनी चखने में व्यस्त हैं। विरोध मंचों तक सीमित है, ज़मीन पर नहीं। सत्ता के हालात किसी से छिपे नहीं हैं—विकास के दावे, व्यवस्थाओं की हकीकत और जनता की परेशानियां सबके सामने हैं। लेकिन इस पूरे सत्ता–विपक्ष के खेल में सबसे बड़ा सवाल यही है— पिस कौन रहा है? जवाब साफ है—आम जनता। अब जो राजनीति चल रही है, उसमें न समाधान है, न नीयत। सिर्फ आरोप होंगे, जवाब नहीं। सिर्फ भाषण होंगे, काम नहीं। और नतीजा वही होगा—जनता फिर ठगी जाएगी। चित्रकूट में अब राजनीति जनता के लिए नहीं, चुनाव के लिए हो रही है। सत्ता बचाने के लिए, और विपक्ष को जिंदा साबित करने के लिए। अगर यही चलता रहा, तो 2027 का चुनाव भी वादों, आरोपों और नारों की भीड़ में जनता की उम्मीदों को रौंदकर निकल जाएगा। अब सवाल यह नहीं कि कौन सही है, कौन गलत1
- नंदी महाराज पर हुआ अमानवीय हमला शर्मनाक है। समय रहते रेस्क्यू और इलाज कर उनकी जान बचाई गई। 👉 दोषियों पर सख़्त कार्रवाई हो। #NandiMaharaj #Birsinghpur #AnimalCruelty #GauRaksha #Sanatan1
- सतना-विंध्य युग समाचार पत्र परिवार की ओर से गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं1
- ग्राम पंचायत बड़वारा सरपंच सचिव की तरफ से शुभकामनाएं संदेश। 🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮🇨🇮1
- मैहर जिले के भारत पर्व में कलेक्टर श्री मती रानी बाटड और विधायक श्री कांत चतुर्वेदी ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यऋम का शुभारंभ किया।1
- चित्रकूट में पाठा क्षेत्र के बजरंग इंटर कॉलेज सपहा में 77 वें वर्ष 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर क्षेत्र सपहा कॉलेज में देश भक्तिका उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश सिंह द्वारा विधवत ध्वजारोहण किया गया कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ हुई इसके पश्चात उपस्थित नागरिकों एवं बच्चों ने तिरंगे को सलामी दी ध्वजारोहण के बाद श्री कमलेश सिंह ने देश किया जाति में योगदान देने वाले शहीदों को नमन करते हुए बाल नृत्य कला संगीत सांस्कृतिक कार्यक्रम को संपन्न किया2
- Post by मनोज कुमार अग्रहरि1
- नगर के विकास कार्य देख लें और मेरे 3 साल के कार्य पर्व कार्यकाल से कई गुना अधिक कार्य नगर में किये गये हैं कांग्रेस के पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी पहले अपने 7 वर्षों के विधायक कार्यकाल पर हुए भ्रष्टाचार और विधायक निधि का हिसाब दे। फिर चित्रकूट नगर परिषद के विषय में बोले. चित्रकूट पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी लगातार 7 वर्षों तक विधायक थे। जनता को उनसे भी हिसाब चाहिए कि अपने विधायक निधि का उपयोग कहा कहा किया आपके द्वारा सैकड़ों घोषणा विधानसभा में की गई। जो पूरी नहीं हुई।।। कांग्रेस के पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी जी की जन्मभूमि है। उसके लिए उन्होंने क्या किया। आप और आपके परिवार ने 10 वर्षों तक चित्रकूट नगर परिषद का संचालन किया। और 7 वर्षों तक विधायक के रूप में कोई एक विकास कार्य बताइए जो चित्रकूट को विकास की मुख्य धारा से जोड़ता हो। और चल दिए नटवरलाल की तरह मनगढ़ंत बातें करना।।। लगातार कई वर्षों तक अपने चित्रकूट का प्रतिनिधित्व किया। फिर नगर परिषद चित्रकूट के विकाश में रोड़ा बनकर भ्रष्टाचार का बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। भ्रष्टाचार का आरोप लगाने से कुछ नहीं होगा,चित्रकूट का वर्तमान भाजपा सरकार का विकास नगरवासियों को दिख रहा है ,आज चित्रकूट में वनवासी लोक बनने जा रहा हैं। ये बात कॉन्ग्रेस के पूर्व विधायक नीलांशु के गले नहीं उतर पा रहा। चित्रकूट विधानसभा में चहुमुखी विकास हो रहा है। आने वाले समय में चित्रकूट का विकाश देखा जा सकता है। भाजपा की सरकार सबका साथ सबका विकास के मूल्य सिद्धांत पर कार्य करती है। माननीय सांसद जी माननीय विधायक जी और नगर परिषद चित्रकूट माननीय अध्यक्ष सभी जनता की संवेदना को समझ रहे है। और अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे है।।।1