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उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में प्रेमनगर थाना क्षेत्र के गड़िया गांव में एक महिला अर्चना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जबकि उनकी 5 साल की बेटी दिव्यांशी की हालत गंभीर बनी हुई है। दिव्यांशी का जन्म शादी के 5 साल बाद हुआ था और घटना से पहले पिता ने बेटी का लॉकेट बेचा था। इस मामले में मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि अर्चना के पति और ससुराल वालों ने ही मां-बेटी को सल्फास (जहर) खिलाया है।
आशीष मिश्रा
उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में प्रेमनगर थाना क्षेत्र के गड़िया गांव में एक महिला अर्चना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जबकि उनकी 5 साल की बेटी दिव्यांशी की हालत गंभीर बनी हुई है। दिव्यांशी का जन्म शादी के 5 साल बाद हुआ था और घटना से पहले पिता ने बेटी का लॉकेट बेचा था। इस मामले में मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि अर्चना के पति और ससुराल वालों ने ही मां-बेटी को सल्फास (जहर) खिलाया है।
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- उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में प्रेमनगर थाना क्षेत्र के गड़िया गांव में एक महिला अर्चना की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है, जबकि उनकी 5 साल की बेटी दिव्यांशी की हालत गंभीर बनी हुई है। दिव्यांशी का जन्म शादी के 5 साल बाद हुआ था और घटना से पहले पिता ने बेटी का लॉकेट बेचा था। इस मामले में मृतका के भाई ने आरोप लगाया है कि अर्चना के पति और ससुराल वालों ने ही मां-बेटी को सल्फास (जहर) खिलाया है।1
- शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसे आंदोलन और छात्रों की एकजुटता की जीत करार दिया है। उन्होंने कहा, "झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए।" दीपके का कहना है कि लगातार 36 दिनों तक चले शांतिपूर्ण धरने ने यह साबित कर दिया कि लोकतंत्र में जनआवाज़ को अनदेखा नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल किसी एक मंत्री के इस्तीफे का मामला नहीं, बल्कि NEET-UG पेपर लीक प्रकरण के बाद निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग कर रहे लाखों छात्रों के विश्वास की लड़ाई थी। अभिजीत दीपके ने आंदोलन में शामिल छात्रों, अभिभावकों और देशभर से मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया और कहा कि उनकी पार्टी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और परीक्षा सुधार की मांग आगे भी उठाती रहेगी। हालांकि, सरकार की ओर से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को इस आंदोलन से जोड़ते हुए कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। इसके बावजूद, अभिजीत दीपके का संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और आंदोलन के समर्थक इसे अपनी जीत का प्रतीक बता रहे हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में शनिवार को गुना जिले के कुंभराज में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में व्यापक विरोध प्रदर्शन किया गया। यह रैली शिव टेकरी मंदिर से प्रारंभ होकर राजीव गांधी चौक तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर छात्र हितों की रक्षा करने और उनकी मांगों पर जल्द निर्णय लेने की मांग उठाई। रास्ते भर छात्र हितों के समर्थन में नारेबाजी होती रही। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है और उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के माध्यम से किया जाना चाहिए। सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए इस प्रदर्शन का समापन राजीव गांधी चौक पर धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंककर किया गया।4
- मध्य प्रदेश के विदिशा की स्वर्णकार कॉलोनी में एक-दो दिन पहले एक छात्र के साथ जमकर मारपीट की गई थी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस महकमे की छवि प्रभावित होते देख जिले के पुलिस अधीक्षक रोहित केसवानी ने कड़ा संज्ञान लिया। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधिकारियों और थाना कप्तान को तुरंत कार्रवाई करने के सख्त निर्देश जारी किए। निर्देशों पर अमल करते हुए विदिशा पुलिस ने बिना देर किए वीडियो के आधार पर मौके से जानकारी जुटाई और तुरंत दबिश देकर अपराधियों को पकड़ लिया। आम जनता के बीच आपराधिक प्रवृत्तियों को कम करने के उद्देश्य से विदिशा पुलिस ने अपराधियों का बीच बाजार से जुलूस निकाला। पुलिस अधिकारियों के संरक्षण में जब अपराधियों को पैदल थाने ले जाया जा रहा था, तब वे बीच बाजार में "अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है" का नारा लगाते दिखे। छात्र के साथ मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद तुरंत हरकत में आई विदिशा पुलिस की इस कार्रवाई की चारों तरफ चर्चा हो रही है।4
- मध्य प्रदेश के गुना जिले अंतर्गत राघोगढ़ में पीड़ित ग्रामीणों ने एसडीएम को आवेदन देकर मनोज धाकड़ और अनिल धाकड़ की दबंगई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों का आरोप है कि आरोपियों ने उनके घर और खेत जाने वाले मुख्य रास्ते पर 10 फीट गहरा गड्ढा खोद दिया है और बीचों-बीच अपनी टूटी ट्रॉली खड़ी करके रास्ता पूरी तरह सील कर दिया है। इससे न तो ट्रैक्टर निकल पा रहा है और न ही लोग पैदल चल पा रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, जब उन्होंने प्यार से गड्ढा भरने को कहा, तो दोनों आरोपी लाठी-डंडे लेकर आ गए और गंदी गालियां देते हुए धमकी दी कि रास्ते पर पैर रखा तो हाथ-पैर तोड़कर उसी गड्ढे में गाड़ देंगे। मामले में तहसीलदार साहब खुद भी मौके पर पहुंचे थे, तब आरोपियों ने शरीफ बनने का नाटक करते हुए रास्ता खाली करने का वादा किया था। हालांकि, साहब की गाड़ी गांव से बाहर निकलते ही उन्होंने फिर से रास्ता छेक लिया। सीमांकन के कागजात दिखाने के बावजूद आरोपी कानून को ठेंगा दिखा रहे हैं। दबंगों ने पीड़ितों के घर का पानी का पाइप भी तोड़ दिया है और बच्चों पर पत्थर फेंके हैं। पीड़ित और परेशान ग्रामीणों ने एसडीएम से मांग की है कि दोनों दबंगों पर तुरंत एफआईआर दर्ज करके उन्हें जेल भेजा जाए, गड्ढा पुरवाया जाए और रास्ता तुरंत चालू कराया जाए। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आज ही कार्रवाई नहीं हुई तो यहां कोई बड़ा खून-खराबा हो जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी एसडीएम और प्रशासन की होगी।1
- सरकार और आंदोलनकारी संगठन कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बीच तीसरे दौर की सफल बातचीत के बाद प्रदर्शनकारियों की सभी तीनों मुख्य मांगें मान ली गई हैं, जिसके बाद इस आंदोलन को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया गया है। मांगों पर सहमति बनने के बाद जंतर-मंतर खाली होना शुरू हो गया है और प्रदर्शनकारी वापस लौट रहे हैं। इस दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसे मंजूर कर लिया गया है। स्वीकार की गई मांगों के तहत सरकार आंदोलन के दौरान देश भर में प्रदर्शनकारी छात्रों और युवाओं पर दर्ज किए गए सभी आपराधिक मामले और FIR वापस लेगी। इसके अलावा, नीट पेपर लीक विवाद के कारण मानसिक तनाव में आकर जान गंवाने वाले यानी आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाएगा।1
- देशभर में चल रहे NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। यह कदम जंतर-मंतर पर चल रहे उग्र प्रदर्शन और छात्रों के भारी दबाव के बाद उठाया गया है। बताया गया है कि इस्तीफा देने का यह फैसला शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।1