हरदोई के सबायजपुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में उस समय अव्यवस्था फैल गई, जब जिलाधिकारी के जाने के कुछ ही देर बाद, लगभग दोपहर 1:20 बजे, अधिकांश अधिकारी जनसुनवाई कक्ष छोड़कर चले गए। अधिकारियों के उठकर चले जाने के बाद कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, जबकि बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों के समाधान की उम्मीद में इंतजार करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिलाधिकारी के पास अधिक शिकायतें न पहुंचें, यह सुनिश्चित करने के लिए सैकड़ों फरियादियों को गेट पर ही रोक दिया गया था। एसडीएम सबायजपुर द्वारा की गई अव्यवस्था और फरियादियों की अत्यधिक संख्या को देखकर ही जिलाधिकारी समय से पहले ही उठकर चले गए थे। इसके परिणामस्वरूप, दर्जनों फरियादी बिना सुनवाई के ही वापस लौटने को मजबूर हुए, जिससे तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि तहसील स्तर पर शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निस्तारण होता, तो सम्पूर्ण समाधान दिवस में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ नहीं उमड़ती। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान न होने के कारण उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह घटना इस बात पर प्रश्नचिह्न लगाती है कि क्या सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया है? जब इस दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का समाधान करना है, तो जिलाधिकारी के जाते ही अधिकारियों का जनसुनवाई छोड़कर चले जाना इस व्यवस्था की गंभीरता पर संदेह पैदा करता है। बिना सुनवाई के लौटे फरियादियों की जिम्मेदारी कौन लेगा और जब तहसील स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, तो जवाबदेही किसकी तय होगी, यह सवाल अब उठ रहे हैं।
हरदोई के सबायजपुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में उस समय अव्यवस्था फैल गई, जब जिलाधिकारी के जाने के कुछ ही देर बाद, लगभग दोपहर 1:20 बजे, अधिकांश अधिकारी जनसुनवाई कक्ष छोड़कर चले गए। अधिकारियों के उठकर चले जाने के बाद कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, जबकि बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों के समाधान की उम्मीद में इंतजार करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिलाधिकारी के पास अधिक शिकायतें न पहुंचें, यह सुनिश्चित करने के लिए सैकड़ों फरियादियों को गेट पर ही रोक दिया गया था। एसडीएम सबायजपुर द्वारा की गई अव्यवस्था और फरियादियों की अत्यधिक संख्या को देखकर ही जिलाधिकारी समय से पहले ही उठकर चले गए थे। इसके परिणामस्वरूप, दर्जनों फरियादी बिना सुनवाई के ही वापस लौटने को मजबूर हुए, जिससे तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि तहसील स्तर पर शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निस्तारण होता, तो सम्पूर्ण समाधान दिवस में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ नहीं उमड़ती। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान न होने के कारण उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह घटना इस बात पर प्रश्नचिह्न लगाती है कि क्या सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया है? जब इस दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का समाधान करना है, तो जिलाधिकारी के जाते ही अधिकारियों का जनसुनवाई छोड़कर चले जाना इस व्यवस्था की गंभीरता पर संदेह पैदा करता है। बिना सुनवाई के लौटे फरियादियों की जिम्मेदारी कौन लेगा और जब तहसील स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, तो जवाबदेही किसकी तय होगी, यह सवाल अब उठ रहे हैं।
- शनिवार देर शाम हरदोई के शाहाबाद कस्बे में भरत भूषण तिवारी के निधन पर एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। समाजसेवी अरुण गुप्ता के नेतृत्व में निकाले गए इस कैंडल मार्च में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, समाजसेवी और गौ रक्षा से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर मौन जुलूस निकाला और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। गौ रक्षा प्रमुख अरुण गुप्ता ने इस दौरान भरत भूषण तिवारी को समाज का एक सजग और सम्मानित व्यक्ति बताया, जिनकी कमी हमेशा महसूस की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से इस मामले में निष्पक्ष जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग भी की। जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए निर्धारित स्थल तक पहुँचा, जहाँ दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों ने “हम न्याय चाहते हैं” जैसे नारों के साथ अपनी भावनाओं को व्यक्त किया और एकजुटता का प्रदर्शन किया। मौजूद लोगों ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान माहौल बेहद गमगीन रहा और हर किसी की आँखें नम थीं।1
- हरदोई के सुरसा थाना क्षेत्र में जमीन बंटवारे को लेकर हुए विवाद में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घायल युवक विनोद कुमार ने लखनऊ में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया, जिसके बाद रविवार शाम को उसका शव गांव लाया गया और सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस ने इस मामले में आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। शुक्रवार दोपहर को थाना क्षेत्र के तुंदवल मजरा काहटरा गांव की नहर पटरी पर जमीनी बंटवारे को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई थी, जिसमें लोहे के रॉड और लाठी-डंडे चले। इसी बीच, सुरसा क्षेत्र के तुंदवल मजरा बदरूद्दीन पुर निवासी विनोद कुमार अपने साथी मित्रसेन के साथ हरदोई से स्कूटी पर गांव वापस जा रहे थे। आरोप है कि गांव की नहर पटरी पर विपक्षी, जिनमें थाना सांडी के बघराई निवासी हरिश्चंद्र, उसके पुत्र राहुल और ओंमसिह, तथा उसका साथी कासिम अली शामिल थे, घात लगाकर बैठे थे। उन्होंने विनोद की स्कूटी के आगे मोटरसाइकिल लगाकर उसे रोका और लोहे की रॉड तथा लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा, जिससे विनोद और मित्रसेन घायल हो गए। विनोद की हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया, जहाँ शनिवार रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह विवाद बुधवार को हुई एक और मारपीट से जुड़ा है। हरिश्चंद्र पुत्र रामलाल ने बुधवार को थाने में तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि विनोद कुमार, ओंमकार, पुनीत और अजीत ने उसके घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की थी। उसे बचाने आई उसकी पत्नी कमला देवी को भी काफी चोटें आई थीं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही थी और इस जमीनी विवाद में पहले भी दोनों पक्षों पर कार्रवाई की थी।1
- हरदोई के सबायजपुर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में उस समय अव्यवस्था फैल गई, जब जिलाधिकारी के जाने के कुछ ही देर बाद, लगभग दोपहर 1:20 बजे, अधिकांश अधिकारी जनसुनवाई कक्ष छोड़कर चले गए। अधिकारियों के उठकर चले जाने के बाद कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, जबकि बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतों के समाधान की उम्मीद में इंतजार करते रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिलाधिकारी के पास अधिक शिकायतें न पहुंचें, यह सुनिश्चित करने के लिए सैकड़ों फरियादियों को गेट पर ही रोक दिया गया था। एसडीएम सबायजपुर द्वारा की गई अव्यवस्था और फरियादियों की अत्यधिक संख्या को देखकर ही जिलाधिकारी समय से पहले ही उठकर चले गए थे। इसके परिणामस्वरूप, दर्जनों फरियादी बिना सुनवाई के ही वापस लौटने को मजबूर हुए, जिससे तहसील प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि तहसील स्तर पर शिकायतों का समयबद्ध और प्रभावी ढंग से निस्तारण होता, तो सम्पूर्ण समाधान दिवस में इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ नहीं उमड़ती। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान न होने के कारण उन्हें बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यह घटना इस बात पर प्रश्नचिह्न लगाती है कि क्या सम्पूर्ण समाधान दिवस केवल एक औपचारिकता बनकर रह गया है? जब इस दिवस का मुख्य उद्देश्य आम जनता की शिकायतों का समाधान करना है, तो जिलाधिकारी के जाते ही अधिकारियों का जनसुनवाई छोड़कर चले जाना इस व्यवस्था की गंभीरता पर संदेह पैदा करता है। बिना सुनवाई के लौटे फरियादियों की जिम्मेदारी कौन लेगा और जब तहसील स्तर पर समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, तो जवाबदेही किसकी तय होगी, यह सवाल अब उठ रहे हैं।1
- हरदोई जिले के सुरसा थाना क्षेत्र में तुंदवल पुल के पास शुक्रवार को दो पक्षों के बीच हुई मारपीट में गंभीर रूप से घायल विनोद पुत्र गयासिंह, निवासी बहरुद्दीनपुर की लखनऊ ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शनिवार को सेमरा चौराहे पर शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। क्षेत्राधिकारी नगर अजीत चौहान ने बताया कि मृतक की पत्नी रोहिणी सिंह की तहरीर पर पहले ही चार अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने परिजनों को अब तक की गई त्वरित कार्रवाई से अवगत कराया और उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया, जिसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिया गया। वर्तमान में मौके पर शांति व्यवस्था पूरी तरह से कायम है।1
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- हरदोई जनपद के सुन्नी ग्राम में स्थित मां महिषासुर मर्दिनी धाम में आज भगवान भोलेनाथ के दिव्य श्रृंगार दर्शन का आयोजन किया गया। इन अलौकिक दर्शनों ने वहाँ उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। शिव मंदिर परिसर में लगातार गूंजते 'हर-हर महादेव' के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।2
- हरदोई के माधौगंज मोहल्ला (गोखले नगर), पुरानी गुड़ मंडी निवासी श्री अरविंद सोनी (गुड्डू) जी और अनुराग सोनी (मन्नू) जी के निवास पर सुंदरकांड पाठ, हवन पूजन और प्रसाद वितरण (भण्डारा) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस भक्तिमय अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालु और भक्तगण मौजूद रहे, जिन्होंने प्रसाद ग्रहण कर ईश्वर का गुणगान किया और पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस आयोजन को सफल बनाने में आशीष कुमार, सुजीत कुमार, उत्तम पाल, दुर्विजय पाल, राहुल राठौर, रोहित राठौर, अमर सिंह, शिवाकांत, आयुष, कृष्णा, अमन सोनी, वेदप्रकाश तिवारी, रामकृष्ण राठौर और आकाश सोनी सहित सैकड़ों लोगों का विशेष योगदान रहा।4
- हरदोई जिले के थाना बेहटा गोकुल पुलिस ने हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों को कथित आला कत्ल (हत्या में प्रयुक्त हथियार) के साथ पकड़ा है। यह कार्रवाई मृतक के परिजनों द्वारा थाना बेहटा गोकुल में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें धारा 109(1), 103(1), 115(2), 352 और 351(3) बीएनएस के तहत मामले दर्ज किए गए थे।1