देहरादून के विकास नगर क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों से उत्पन्न गंभीर खतरों के खिलाफ ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को एक प्रार्थना-पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनके गांव में लंबे समय से अवैध खनन चरम पर है, जहां खनन सामग्री से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली दिन-रात आबादी के बीच से तेज रफ्तार और लापरवाही से गुजरते हैं। इन वाहनों के चालक अक्सर नशे की धुत में रहते हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। प्रार्थना-पत्र में बताया गया है कि 28 जून 2026 को स्थानीय युवक तरुण सिंह के साथ भी एक गंभीर दुर्घटना होते-होते बची थी। जब उन्होंने वाहन चालकों की लापरवाही का विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया और उनके साथ गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि ये वाहन प्रभावशाली खनन माफियाओं और क्रेशर संचालकों से जुड़े हैं, जिस कारण इनके चालक किसी भी ग्रामीण या कानून का भय नहीं रखते। ओवरलोड वाहनों के निरंतर आवागमन से गांव की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं और उनमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, साथ ही पुल भी जर्जर हो चुका है। इससे आवागमन बाधित होता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी होती है। सबसे गंभीर मुद्दा यह है कि क्रेशर के पास स्थित एक इंटर कॉलेज 1 जुलाई से फिर से खुलने वाला है, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं इसी खतरनाक मार्ग से आते-जाते हैं। भारी वाहनों और गड्ढों में भरे पानी से बच्चों की सुरक्षा और जीवन पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें अवैध खनन पर रोक, ओवरलोड वाहनों और नशे में गाड़ी चलाने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, क्षतिग्रस्त सड़क व जर्जर पुल की मरम्मत, छात्रों की सुरक्षा हेतु प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना और खनन माफियाओं को गांव की आबादी से हटकर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने के स्पष्ट निर्देश देना शामिल है। उन्होंने इंटर कॉलेज और विद्यालय मार्ग से खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में होने वाली किसी भी जनहानि की पूरी जिम्मेदारी खनन माफियाओं, वाहन संचालकों और संबंधित विभागों की होगी।
देहरादून के विकास नगर क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों से उत्पन्न गंभीर खतरों के खिलाफ ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को एक प्रार्थना-पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनके गांव में लंबे समय से अवैध खनन चरम पर है, जहां खनन सामग्री से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली दिन-रात आबादी के बीच से तेज रफ्तार और लापरवाही से गुजरते हैं। इन वाहनों के चालक अक्सर नशे की धुत में रहते हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। प्रार्थना-पत्र में बताया गया है कि 28 जून 2026 को स्थानीय युवक तरुण सिंह के साथ भी एक गंभीर दुर्घटना होते-होते बची थी। जब उन्होंने वाहन चालकों की लापरवाही का विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया और उनके साथ गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार किया गया।
ग्रामीणों ने कहा कि ये वाहन प्रभावशाली खनन माफियाओं और क्रेशर संचालकों से जुड़े हैं, जिस कारण इनके चालक किसी भी ग्रामीण या कानून का भय नहीं रखते। ओवरलोड वाहनों के निरंतर आवागमन से गांव की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं और उनमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, साथ ही पुल भी जर्जर हो चुका है। इससे आवागमन बाधित होता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी होती है। सबसे गंभीर मुद्दा यह है कि क्रेशर के पास स्थित एक इंटर कॉलेज 1 जुलाई से फिर से खुलने वाला है, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं इसी खतरनाक मार्ग से आते-जाते हैं। भारी वाहनों और गड्ढों में भरे पानी से बच्चों की सुरक्षा और जीवन पर लगातार खतरा मंडरा
रहा है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें अवैध खनन पर रोक, ओवरलोड वाहनों और नशे में गाड़ी चलाने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, क्षतिग्रस्त सड़क व जर्जर पुल की मरम्मत, छात्रों की सुरक्षा हेतु प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना और खनन माफियाओं को गांव की आबादी से हटकर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने के स्पष्ट निर्देश देना शामिल है। उन्होंने इंटर कॉलेज और विद्यालय मार्ग से खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में होने वाली किसी भी जनहानि की पूरी जिम्मेदारी खनन माफियाओं, वाहन संचालकों और संबंधित विभागों की होगी।
- परिवहन विभाग ने अवैध रूप से संचालित हो रही ट्रैवल एजेंसियों और बुकिंग कार्यालयों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से एक विशेष अभियान चलाया है।1
- जनता दरबार में कुल 68 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों के समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।1
- हरिद्वार में एक पिता ने अपनी बेटी का वैवाहिक जीवन टूटने के आक्रोश में अपने ही दामाद की चाकू मारकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात का खुलासा हरिद्वार पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर करते हुए आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी बेटी ने अपने सगे भांजे मुफीद से प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद ही पति-पत्नी के बीच विवाद इस कदर बढ़ गए थे कि मामला तलाक तक पहुंच गया। आरोपी अपनी बेटी की शादी टूटने और उसके भविष्य को लेकर बेहद गुस्से में था, क्योंकि वह बेटी की जिंदगी बर्बाद होने का जिम्मेदार मुफीद को मानता था। इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपी ने पहले से पूरी योजना बनाई और एक चाकू खरीदा। मौका मिलते ही उसने मुफीद पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे गंभीर चोटें आने के कारण मुफीद की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, सतर्क निगरानी और मजबूत पुलिसिंग की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू और वारदात के समय पहने गए खून से सने कपड़े भी बरामद कर लिए गए हैं। हरिद्वार पुलिस ने हत्या के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अपराध में प्रयुक्त हथियार सहित अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। पुलिस ने आम जनता से यह भी अपील की है कि किसी भी पारिवारिक या सामाजिक विवाद की स्थिति में कानून अपने हाथ में न लें, बल्कि न्याय के लिए न्यायालय और कानूनी प्रक्रिया का ही सहारा लें।1
- उत्तरकाशी के ऐतिहासिक बगोरी गांव, जो पूरे टकनोर क्षेत्र में स्वच्छता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, को एक बार फिर चमकाने के लिए युवा वर्ग और ग्रामीणों ने कमर कस ली है। बगोरी ग्रामवासियों और नवनियुक्त ग्राम पर्यटन समिति के युवाओं व बुजुर्गों ने मिलकर गांव के चारों ओर एक व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान न केवल गांव की गलियों की सफाई की गई, बल्कि भारी मात्रा में कूड़ा एकत्र कर उसका उचित निस्तारण भी किया गया। दरअसल, बगोरी गांव को देखकर कभी पूरे टकनोर क्षेत्र ने स्वच्छता का पाठ सीखा था। लेकिन पिछले कुछ समय से गांव में पर्यटकों की अत्यधिक आमद बढ़ने के कारण यहाँ की स्वच्छता कहीं खोने लगी थी और यह केवल कागजों या उदाहरणों तक ही सीमित रह गई थी। प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान न दिए जाने के कारण, गांव के युवा वर्ग ने खुद आगे बढ़कर स्वच्छता की कमान संभालने का फैसला किया। इस अभियान के बाद बगोरी गांव एक बार फिर स्वच्छता की राह पर तेजी से आगे बढ़ चला है। इस पहल के तहत, ग्राम सभा बगोरी में ग्राम प्रधान रंजीता डोगरा की अध्यक्षता में 'ग्राम पर्यटन समिति बगोरी' का औपचारिक गठन किया गया। इस समिति का मुख्य उद्देश्य गांव में स्वच्छता बनाए रखना, सामाजिक विकास के कार्य करना और स्थानीय पर्यटन को सही दिशा में बढ़ावा देना है। इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए समस्त ग्रामवासियों ने समिति को अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया है। बैठक और सफाई अभियान के दौरान नवगठित समिति के पदाधिकारी और क्षेत्र के लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनमें अध्यक्ष योगेश राणा, उपाध्यक्ष धीरज रावत, सचिव मनीष राणा, कोषाध्यक्ष महेंद्र राणा, पूर्व प्रधान भवान सिंह राणा, गोविंद राम भंडारी, भाल सिंह भंडारी, उर्मिला नेगी, जगत सिंह रावत और ग्राम प्रधान रंजीता डोगरा शामिल थे। अभियान के अंत में, उपस्थित सभी ग्रामवासियों ने एक सुर में बगोरी गांव को हमेशा स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का सामूहिक प्रण लिया।4
- हरिद्वार के एसएसपी के निर्देश पर माँ मनसा देवी और चंडी देवी मंदिर क्षेत्रों में बम निरोधक दस्ते (BDS) द्वारा एक सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई कांवड़ मेले और आगामी धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए की गई है। इस अभियान के दौरान, मंदिर परिसर, रोपवे स्टेशन, पैदल मार्गों और भीड़भाड़ वाले सभी संभावित स्थानों की बारीकी से जांच की गई।1
- डेंसो चौक स्थित दर्शन लाल फर्म हाउस के पास रोड किनारे की एक नाली लंबे समय से ओवरफ्लो हो रही है। बताया गया है कि यह नाली काफी समय से भरी हुई है और इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- दून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत डोईवाला क्षेत्र में हुई एक अंग्रेजी शराब की दुकान में चोरी की घटना का सफल खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह चोरी 24 जून की रात भानियावाला स्थित शराब की दुकान से हुई थी, जहां विभिन्न ब्रांड की अंग्रेजी शराब की बोतलें चुरा ली गई थीं। घटना के संबंध में तत्काल एक मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिर तंत्र और लगातार जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी अजय कुमार (30 वर्ष), निवासी केशवपुरी बस्ती, डोईवाला को भानियावाला फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से चोरी की गई छह अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। इनमें 'द ग्लेनलिवेट सिंगल माल्ट स्कॉच व्हिस्की' की पांच बोतलें और 'ओकन ग्लो' की एक बोतल शामिल है। पूछताछ में अजय कुमार ने बताया कि वह नशे का आदी है और अपनी नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उसने यह भी स्वीकार किया कि चोरी की कुछ बोतलें उसने पी ली थीं, जबकि कुछ टूट गई थीं। दून पुलिस ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ उनका यह अभियान लगातार जारी रहेगा।1
- रुड़की और गोवंश संरक्षण स्क्वाड टीम ने दिनांक 28.06.2026 को एक संयुक्त अभियान चलाकर दिलशाद पुत्र हबीब नामक एक आरोपी को उसकी दुकान से गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर ईमली रोड पर स्थित आरोपी की दुकान पर की गई, जहाँ से 45 किलोग्राम प्रतिबंधित गोमांस बरामद किया गया। पुलिस टीम ने मौके से गोमांस कटान के उपकरण भी जब्त किए, जिनमें एक छुरी, एक कुल्हाड़ी और तराजू-वाट शामिल हैं। आरोपी दिलशाद, जो लुहारों वाली मस्जिद के पास सती मोहल्ला वार्ड नंबर 33, कोतवाली रुड़की, जनपद हरिद्वार का निवासी है, के खिलाफ उ0गो0सं0 अधि0 के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। प्रशासन अब आरोपी के लाईसेंस के निरस्तीकरण की कार्यवाही कर रहा है। इस टीम में कोतवाली रुड़की से उ0नि0 सुभाष चन्द्र और होगा0 राहुल ठाकुर, तथा गोवंश संरक्षण स्क्वाड टीम से कांस्टेबल प्रवीण कुमार, हे0कानि0 सुनील सैनी और महिला कांस्टेबल लखमीरी शामिल थे।1
- उत्तराखंड में सामने आई एक घटना में, एक महिला प्रधान को उनके मायके में पीड़ित पक्ष की आवाज उठाने के कारण कथित तौर पर एक ग्राम प्रधान द्वारा कमरे में बंद कर दिया गया। इस गंभीर मामले की सूचना मिलने पर, जिलाधिकारी ने तत्काल इसका संज्ञान लिया और घटना की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।1