उत्तरकाशी के ऐतिहासिक बगोरी गांव, जो पूरे टकनोर क्षेत्र में स्वच्छता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, को एक बार फिर चमकाने के लिए युवा वर्ग और ग्रामीणों ने कमर कस ली है। बगोरी ग्रामवासियों और नवनियुक्त ग्राम पर्यटन समिति के युवाओं व बुजुर्गों ने मिलकर गांव के चारों ओर एक व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान न केवल गांव की गलियों की सफाई की गई, बल्कि भारी मात्रा में कूड़ा एकत्र कर उसका उचित निस्तारण भी किया गया। दरअसल, बगोरी गांव को देखकर कभी पूरे टकनोर क्षेत्र ने स्वच्छता का पाठ सीखा था। लेकिन पिछले कुछ समय से गांव में पर्यटकों की अत्यधिक आमद बढ़ने के कारण यहाँ की स्वच्छता कहीं खोने लगी थी और यह केवल कागजों या उदाहरणों तक ही सीमित रह गई थी। प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान न दिए जाने के कारण, गांव के युवा वर्ग ने खुद आगे बढ़कर स्वच्छता की कमान संभालने का फैसला किया। इस अभियान के बाद बगोरी गांव एक बार फिर स्वच्छता की राह पर तेजी से आगे बढ़ चला है। इस पहल के तहत, ग्राम सभा बगोरी में ग्राम प्रधान रंजीता डोगरा की अध्यक्षता में 'ग्राम पर्यटन समिति बगोरी' का औपचारिक गठन किया गया। इस समिति का मुख्य उद्देश्य गांव में स्वच्छता बनाए रखना, सामाजिक विकास के कार्य करना और स्थानीय पर्यटन को सही दिशा में बढ़ावा देना है। इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए समस्त ग्रामवासियों ने समिति को अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया है। बैठक और सफाई अभियान के दौरान नवगठित समिति के पदाधिकारी और क्षेत्र के लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनमें अध्यक्ष योगेश राणा, उपाध्यक्ष धीरज रावत, सचिव मनीष राणा, कोषाध्यक्ष महेंद्र राणा, पूर्व प्रधान भवान सिंह राणा, गोविंद राम भंडारी, भाल सिंह भंडारी, उर्मिला नेगी, जगत सिंह रावत और ग्राम प्रधान रंजीता डोगरा शामिल थे। अभियान के अंत में, उपस्थित सभी ग्रामवासियों ने एक सुर में बगोरी गांव को हमेशा स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का सामूहिक प्रण लिया।
उत्तरकाशी के ऐतिहासिक बगोरी गांव, जो पूरे टकनोर क्षेत्र में स्वच्छता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, को एक बार फिर चमकाने के लिए युवा वर्ग और ग्रामीणों ने कमर कस ली है। बगोरी ग्रामवासियों और नवनियुक्त ग्राम पर्यटन समिति के युवाओं व बुजुर्गों ने मिलकर गांव के चारों ओर एक व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान न केवल गांव की गलियों की सफाई की गई, बल्कि भारी मात्रा में कूड़ा एकत्र कर उसका उचित निस्तारण भी किया
गया। दरअसल, बगोरी गांव को देखकर कभी पूरे टकनोर क्षेत्र ने स्वच्छता का पाठ सीखा था। लेकिन पिछले कुछ समय से गांव में पर्यटकों की अत्यधिक आमद बढ़ने के कारण यहाँ की स्वच्छता कहीं खोने लगी थी और यह केवल कागजों या उदाहरणों तक ही सीमित रह गई थी। प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान न दिए जाने के कारण, गांव के युवा वर्ग ने खुद आगे बढ़कर स्वच्छता की कमान संभालने का फैसला किया। इस अभियान के बाद बगोरी गांव एक
बार फिर स्वच्छता की राह पर तेजी से आगे बढ़ चला है। इस पहल के तहत, ग्राम सभा बगोरी में ग्राम प्रधान रंजीता डोगरा की अध्यक्षता में 'ग्राम पर्यटन समिति बगोरी' का औपचारिक गठन किया गया। इस समिति का मुख्य उद्देश्य गांव में स्वच्छता बनाए रखना, सामाजिक विकास के कार्य करना और स्थानीय पर्यटन को सही दिशा में बढ़ावा देना है। इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए समस्त ग्रामवासियों ने समिति को अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया
है। बैठक और सफाई अभियान के दौरान नवगठित समिति के पदाधिकारी और क्षेत्र के लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनमें अध्यक्ष योगेश राणा, उपाध्यक्ष धीरज रावत, सचिव मनीष राणा, कोषाध्यक्ष महेंद्र राणा, पूर्व प्रधान भवान सिंह राणा, गोविंद राम भंडारी, भाल सिंह भंडारी, उर्मिला नेगी, जगत सिंह रावत और ग्राम प्रधान रंजीता डोगरा शामिल थे। अभियान के अंत में, उपस्थित सभी ग्रामवासियों ने एक सुर में बगोरी गांव को हमेशा स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का सामूहिक प्रण लिया।
- उत्तरकाशी के ऐतिहासिक बगोरी गांव, जो पूरे टकनोर क्षेत्र में स्वच्छता के प्रतीक के रूप में जाना जाता है, को एक बार फिर चमकाने के लिए युवा वर्ग और ग्रामीणों ने कमर कस ली है। बगोरी ग्रामवासियों और नवनियुक्त ग्राम पर्यटन समिति के युवाओं व बुजुर्गों ने मिलकर गांव के चारों ओर एक व्यापक सफाई अभियान चलाया। इस दौरान न केवल गांव की गलियों की सफाई की गई, बल्कि भारी मात्रा में कूड़ा एकत्र कर उसका उचित निस्तारण भी किया गया। दरअसल, बगोरी गांव को देखकर कभी पूरे टकनोर क्षेत्र ने स्वच्छता का पाठ सीखा था। लेकिन पिछले कुछ समय से गांव में पर्यटकों की अत्यधिक आमद बढ़ने के कारण यहाँ की स्वच्छता कहीं खोने लगी थी और यह केवल कागजों या उदाहरणों तक ही सीमित रह गई थी। प्रशासन द्वारा इस ओर ध्यान न दिए जाने के कारण, गांव के युवा वर्ग ने खुद आगे बढ़कर स्वच्छता की कमान संभालने का फैसला किया। इस अभियान के बाद बगोरी गांव एक बार फिर स्वच्छता की राह पर तेजी से आगे बढ़ चला है। इस पहल के तहत, ग्राम सभा बगोरी में ग्राम प्रधान रंजीता डोगरा की अध्यक्षता में 'ग्राम पर्यटन समिति बगोरी' का औपचारिक गठन किया गया। इस समिति का मुख्य उद्देश्य गांव में स्वच्छता बनाए रखना, सामाजिक विकास के कार्य करना और स्थानीय पर्यटन को सही दिशा में बढ़ावा देना है। इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए समस्त ग्रामवासियों ने समिति को अपना पूर्ण सहयोग देने का भरोसा दिया है। बैठक और सफाई अभियान के दौरान नवगठित समिति के पदाधिकारी और क्षेत्र के लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। इनमें अध्यक्ष योगेश राणा, उपाध्यक्ष धीरज रावत, सचिव मनीष राणा, कोषाध्यक्ष महेंद्र राणा, पूर्व प्रधान भवान सिंह राणा, गोविंद राम भंडारी, भाल सिंह भंडारी, उर्मिला नेगी, जगत सिंह रावत और ग्राम प्रधान रंजीता डोगरा शामिल थे। अभियान के अंत में, उपस्थित सभी ग्रामवासियों ने एक सुर में बगोरी गांव को हमेशा स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने का सामूहिक प्रण लिया।4
- जनता दरबार में कुल 68 शिकायतें प्राप्त हुईं। इन शिकायतों के समाधान के लिए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।1
- अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले का सुराग 4 जून को उस समय लगा, जब मंदिर के चंदा गिनती (काउंटिंग) रूम के बाथरूम के अंदर से नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। इस घटना के अगले ही दिन, 5 जून को, जांच टीम मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पहुंची। 5 जून को पुलिस और ट्रस्ट की एक संयुक्त टीम ने अविनाश शुक्ला के घर पर अनौपचारिक छापेमारी की थी। इस दौरान, घर से निकलते समय एक पुलिसकर्मी के हाथ में एक काला बैग देखा गया, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। शुरुआती छापेमारी में पुलिस और ट्रस्ट की टीम को अविनाश शुक्ला के घर से लगभग ₹20 लाख नकद बरामद हुए थे। पूरे मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने अब तक आरोपियों के पास से लगभग ₹79.85 लाख से ₹80 लाख तक नकद राशि बरामद कर ली है।1
- उत्तराखंड पुलिस ने राज्य के सभी पुलिस थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी देहरादून में हुई, जब आरोपी कानूनी सलाह लेने आ रहा था। आरोपी ने जून के चौथे सप्ताह में सोशल मीडिया पर यह धमकी भरा पोस्ट किया था। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी की पहचान हरियाणा के अंबाला निवासी 26 वर्षीय जसप्रीत सिंह के रूप में की। पुलिस जब जसप्रीत के घर पहुंची, तो वह वहां नहीं मिला। हालांकि, उसे अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की सूचना मिल गई थी। इसके बाद जसप्रीत देहरादून आ रहा था, तभी पुलिस ने उसे रास्ते में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस फिलहाल मामले में आगे की पूछताछ कर रही है और धमकी के पीछे की मंशा की भी गहनता से जांच की जा रही है।1
- देहरादून के विकास नगर क्षेत्र में अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों से उत्पन्न गंभीर खतरों के खिलाफ ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी को एक प्रार्थना-पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि उनके गांव में लंबे समय से अवैध खनन चरम पर है, जहां खनन सामग्री से लदे ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली दिन-रात आबादी के बीच से तेज रफ्तार और लापरवाही से गुजरते हैं। इन वाहनों के चालक अक्सर नशे की धुत में रहते हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। प्रार्थना-पत्र में बताया गया है कि 28 जून 2026 को स्थानीय युवक तरुण सिंह के साथ भी एक गंभीर दुर्घटना होते-होते बची थी। जब उन्होंने वाहन चालकों की लापरवाही का विरोध किया, तो उन्हें धमकाया गया और उनके साथ गाली-गलौज व अभद्र व्यवहार किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि ये वाहन प्रभावशाली खनन माफियाओं और क्रेशर संचालकों से जुड़े हैं, जिस कारण इनके चालक किसी भी ग्रामीण या कानून का भय नहीं रखते। ओवरलोड वाहनों के निरंतर आवागमन से गांव की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं और उनमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, साथ ही पुल भी जर्जर हो चुका है। इससे आवागमन बाधित होता है और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है, खासकर दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी होती है। सबसे गंभीर मुद्दा यह है कि क्रेशर के पास स्थित एक इंटर कॉलेज 1 जुलाई से फिर से खुलने वाला है, जहां सैकड़ों छात्र-छात्राएं इसी खतरनाक मार्ग से आते-जाते हैं। भारी वाहनों और गड्ढों में भरे पानी से बच्चों की सुरक्षा और जीवन पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों ने उप जिलाधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, जिसमें अवैध खनन पर रोक, ओवरलोड वाहनों और नशे में गाड़ी चलाने वाले चालकों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, क्षतिग्रस्त सड़क व जर्जर पुल की मरम्मत, छात्रों की सुरक्षा हेतु प्रशासनिक व्यवस्था सुनिश्चित करना और खनन माफियाओं को गांव की आबादी से हटकर वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करने के स्पष्ट निर्देश देना शामिल है। उन्होंने इंटर कॉलेज और विद्यालय मार्ग से खनन सामग्री ले जाने वाले वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की भी मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में होने वाली किसी भी जनहानि की पूरी जिम्मेदारी खनन माफियाओं, वाहन संचालकों और संबंधित विभागों की होगी।3
- देहरादून के लगा रोड इंडस्ट्री एरिया में सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण यातायात बाधित हो रहा है। ट्रकों के मुड़ने के दौरान, सड़क पर अक्सर जाम लग जाता है, जिससे रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। एक अकेले ट्रक की वजह से सड़क पर मौजूद सभी वाहन रुक जाते हैं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है।1
- सड़क सुरक्षा के नियमों की अनदेखी किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है, विशेषकर जब बच्चों को मालवाहक वाहनों में असुरक्षित तरीके से ले जाया जाता है, जो उनके जीवन को जोखिम में डालना है। इसी को ध्यान में रखते हुए, हरिद्वार यातायात पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान, यातायात नियमों की अनदेखी कर रहे वाहन चालकों के विरुद्ध कड़ी धाराओं में चालान की कार्रवाई की गई। पुलिस ने वाहन चालकों को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने और इस तरह की लापरवाही की पुनरावृत्ति न करने की सख्त हिदायत दी। यातायात पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दोबारा यातायात नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विशेष रूप से, छोटे बच्चों को मालवाहक वाहन में इस तरह ढोना सीधे तौर पर किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा बताया गया है।1
- उत्तराखंड में सामने आई एक घटना में, एक महिला प्रधान को उनके मायके में पीड़ित पक्ष की आवाज उठाने के कारण कथित तौर पर एक ग्राम प्रधान द्वारा कमरे में बंद कर दिया गया। इस गंभीर मामले की सूचना मिलने पर, जिलाधिकारी ने तत्काल इसका संज्ञान लिया और घटना की विस्तृत जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।1