Shuru
Apke Nagar Ki App…
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले का सुराग 4 जून को उस समय लगा, जब मंदिर के चंदा गिनती (काउंटिंग) रूम के बाथरूम के अंदर से नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। इस घटना के अगले ही दिन, 5 जून को, जांच टीम मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पहुंची। 5 जून को पुलिस और ट्रस्ट की एक संयुक्त टीम ने अविनाश शुक्ला के घर पर अनौपचारिक छापेमारी की थी। इस दौरान, घर से निकलते समय एक पुलिसकर्मी के हाथ में एक काला बैग देखा गया, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। शुरुआती छापेमारी में पुलिस और ट्रस्ट की टीम को अविनाश शुक्ला के घर से लगभग ₹20 लाख नकद बरामद हुए थे। पूरे मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने अब तक आरोपियों के पास से लगभग ₹79.85 लाख से ₹80 लाख तक नकद राशि बरामद कर ली है।
Rajkumar mehra press reporter
अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले का सुराग 4 जून को उस समय लगा, जब मंदिर के चंदा गिनती (काउंटिंग) रूम के बाथरूम के अंदर से नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। इस घटना के अगले ही दिन, 5 जून को, जांच टीम मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पहुंची। 5 जून को पुलिस और ट्रस्ट की एक संयुक्त टीम ने अविनाश शुक्ला के घर पर अनौपचारिक छापेमारी की थी। इस दौरान, घर से निकलते समय एक पुलिसकर्मी के हाथ में एक काला बैग देखा गया, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। शुरुआती छापेमारी में पुलिस और ट्रस्ट की टीम को अविनाश शुक्ला के घर से लगभग ₹20 लाख नकद बरामद हुए थे। पूरे मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने अब तक आरोपियों के पास से लगभग ₹79.85 लाख से ₹80 लाख तक नकद राशि बरामद कर ली है।
More news from Uttarakhand and nearby areas
- अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले का सुराग 4 जून को उस समय लगा, जब मंदिर के चंदा गिनती (काउंटिंग) रूम के बाथरूम के अंदर से नोटों की गड्डियां बरामद हुईं। इस घटना के अगले ही दिन, 5 जून को, जांच टीम मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के घर पहुंची। 5 जून को पुलिस और ट्रस्ट की एक संयुक्त टीम ने अविनाश शुक्ला के घर पर अनौपचारिक छापेमारी की थी। इस दौरान, घर से निकलते समय एक पुलिसकर्मी के हाथ में एक काला बैग देखा गया, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। शुरुआती छापेमारी में पुलिस और ट्रस्ट की टीम को अविनाश शुक्ला के घर से लगभग ₹20 लाख नकद बरामद हुए थे। पूरे मामले की जांच के दौरान, पुलिस ने अब तक आरोपियों के पास से लगभग ₹79.85 लाख से ₹80 लाख तक नकद राशि बरामद कर ली है।1
- देहरादून से मिली ब्यूरो रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने स्पष्ट किया है कि एक विशेष योजना में पानी की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।1
- अल्मोड़ा पुलिस ने दन्या क्षेत्र में हुए बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा करते हुए मृतक की बेटी और दामाद को जम्मू-कश्मीर के कटरा से गिरफ्तार कर लिया है। ग्राम सैली निवासी चंद्रशेखर पर 20 जून की रात दरांती से हमला किया गया था, जिनकी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर तीन विशेष टीमों का गठन किया। जांच के दौरान, पुलिस ने 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपियों का पीछा किया। घटना में प्रयुक्त कार हरियाणा के हिसार से बरामद की गई। लगातार ठिकाने बदल रहे दोनों आरोपियों को आखिरकार 26 जून को कटरा से गिरफ्तार किया गया और ट्रांजिट रिमांड पर अल्मोड़ा लाया गया। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मृतक द्वारा शादी से पहले बेटी के साथ कथित गलत व्यवहार किए जाने के कारण वे उससे रंजिश रखते थे। पुलिस के मुताबिक, हत्या की योजना लगभग एक माह पहले ही बना ली गई थी और वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने अपने आभूषण तक बेच दिए थे। एसएसपी चंद्रशेखर घोड़के ने बताया कि तकनीकी जांच, सर्विलांस और लगातार की गई सुरागरसी से ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा संभव हो सका।1
- उत्तराखंड के हरिद्वार जिले में स्थित हरीपुर कला के गीता कुटीर मार्ग पर, श्री कृष्ण महादेश्वरा आश्रम के पास एक सब्जी विक्रेता की मनमानी से स्थानीय लोग और राहगीर खासे परेशान हैं। बताया गया है कि यह सब्जी विक्रेता सड़क पर दिन में दो बार पानी भर देता है, जिससे आवागमन में भारी असुविधा होती है। इस समस्या के कारण गीता कुटीर में भोजन करने वाले साधु-संतों को विशेष रूप से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं सड़क से आने-जाने वाले यात्री भी इससे त्रस्त हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। प्रभावित लोगों ने निगम से इस समस्या पर त्वरित संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करने की पुरजोर मांग की है ताकि इस दैनिक परेशानी से मुक्ति मिल सके।1
- ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में स्थित एक पुराने शराब ठेके के बाहर एक मामूली कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे चले।1