पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित उमानाथ घाट पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ सब्जी तोड़ने जा रहे किसानों से भरी एक नाव गंगा नदी में अचानक डूब गई। हादसे के समय नाव पर करीब 15 लोग सवार थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये सभी किसान रोज की तरह गंगा पार खेतों में सब्जी तोड़ने जा रहे थे, जब बीच धारा में नाव असंतुलित होकर नदी में समा गई। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और नाविक बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलने पर प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुँची और एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस अभियान के तहत अब तक दो लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि पाँच लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नाव पर सवार अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और लापता लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से गंगा नदी में लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल स्थित उमानाथ घाट पर गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया, जहाँ सब्जी तोड़ने जा रहे किसानों से भरी एक नाव गंगा नदी में अचानक डूब गई। हादसे के समय नाव पर करीब 15 लोग सवार थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, ये सभी किसान रोज की तरह गंगा पार खेतों में सब्जी तोड़ने जा रहे थे, जब बीच धारा में नाव असंतुलित होकर नदी में समा गई। घटना के बाद घाट पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और नाविक बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलने पर प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ की टीम भी मौके पर पहुँची और एक बड़ा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस अभियान के तहत अब तक दो लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि पाँच लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। नाव पर सवार अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है और लापता लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन की ओर से गंगा नदी में लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है।
- बाढ़ के गुलाबबाग स्थित संत संध्या दास महिला महाविद्यालय में प्रशासनिक भवन के भूमि-पूजन और शिलान्यास समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम को क्षेत्र में शैक्षणिक विकास और महिला शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। समारोह में बड़ी संख्या में शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग उपस्थित थे, जिसका शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ राज्यसभा सांसद शंभू शरण पटेल, भाजपा बाढ़ जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र प्रसाद, बाढ़ विधायक डॉक्टर सियाराम सिंह, बाढ़ नगर परिषद अध्यक्ष संजय कुमार उर्फ गाय माता, महाविद्यालय के प्राचार्य कौशल किशोर सिंह और वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अंजेश कुमार सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। मुख्य अतिथि ने कहा कि यह संस्थान आने वाले समय में क्षेत्र की बेटियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और नए अवसर उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के दौरान महिला शिक्षा, बेटियों के सशक्तिकरण और उच्च शिक्षा के विस्तार पर सकारात्मक संदेश दिया गया, जिसकी सभी उपस्थित लोगों ने सराहना करते हुए महाविद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दीं। डॉ. प्रधान दुर्गा शंकर प्रसाद ने बताया कि यदि प्रशासनिक भवन के निर्माण में पैसे की कमी आती है, तो वे बाढ़ क्षेत्र के गणमान्य लोगों से चंदा मांगकर इस भवन को पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देंगे और यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगे कि उनके रहते ही इसका निर्माण हो जाए। उन्होंने प्रोफेसर कौशल किशोर सिंह के योगदान को भी रेखांकित किया, जिन्होंने महाविद्यालय को पुन: स्थापित करने में अपना सारा सर्विस न्योछावर कर दिया, जिसके कारण कॉलेज आज इस मुकाम तक पहुंचा है।1
- बिहार में मौसम, शिक्षा, रोजगार और आगामी पंचायत चुनाव से संबंधित कई महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं। राज्य में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है, वहीं शिक्षा विभाग ने स्कूलों की समय-सारिणी में बदलाव सहित कुछ नए फैसले भी लिए हैं। शिक्षा क्षेत्र में छात्रों के लिए प्रोत्साहन राशि की घोषणा की गई है, साथ ही शिक्षकों की संभावित भर्ती को लेकर भी खबरें सामने आई हैं, जो राज्य के रोजगार परिदृश्य से जुड़ी हैं। इसके अतिरिक्त, 'डिजिटल बिहार' पहल के तहत गांवों तक डिजिटल सुविधाओं को पहुंचाने की योजना पर भी जानकारी साझा की गई है। राजनीतिक मोर्चे पर, वर्ष 2026 में होने वाले पंचायत चुनावों की तैयारियों को लेकर भी प्रमुख अपडेट्स जारी किए गए हैं।1
- बकरीद के अवसर पर गांधी मैदान में कोई भी नेता नहीं पहुंचा। यह पिछले 20 साल में पहली बार हुआ है कि इस मौके पर कोई भी नेता गांधी मैदान नहीं गया। जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे, तब वे इस कार्यक्रम में शामिल होते थे, लेकिन इस बार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी वहां नहीं पहुंचे।1
- बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीन नगर थाना क्षेत्र में एक दुखद घटना सामने आई है, जहाँ गंगा नदी में एक डेंगी नाव पलटने से 14 यात्रियों के डूबने से मौत हो गई है। राहत एवं बचाव कार्य जारी है, और अब तक दो शवों को बरामद कर लिया गया है, जबकि अन्य लापता शवों की तलाश लगातार जारी है। यह हादसा अहले सुबह उस समय हुआ जब दियारा क्षेत्र में परवल की खेती से जुड़े कारोबारी पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के उमानाथ घाट से नाव के जरिए दियारा क्षेत्र की ओर आ रहे थे। इसी दौरान गंगा नदी में नाव असंतुलित हो गई, जिसके चलते यह घटना घटित हुई। घटना के बाद मृतक एवं लापता हुए लोगों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। सूचना मिलने पर बाढ़ थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर बृजेश कुमार, अंचल अधिकारी नरेंद्र कुमार समेत दर्जनों पुलिस बल मौके पर मौजूद हैं। प्रशासन द्वारा गोताखोरों की मदद से राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है, और अधिकारियों ने बताया कि नदी में लापता लोगों की तलाश तेज कर दी गई है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।1
- देश के प्रथम प्रधानमंत्री और भारत रत्न पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि नालंदा जिले में अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। यह आयोजन बिहारशरीफ स्थित नालंदा जिला कांग्रेस कार्यालय में संपन्न हुआ, जहाँ उन्हें याद किया गया।1
- 27 मई 2026 को सीतामढ़ी में एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान प्रशांत किशोर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और सरकार पर कई मुद्दों पर तीखा हमला किया। उन्होंने NEET पेपर लीक मामले पर प्रधान को घेरते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं हुआ है, बल्कि दो साल पहले भी उन्हीं के कार्यकाल में NEET का पेपर लीक हुआ था, तब उन्होंने दोबारा ऐसा न होने का दावा किया था। किशोर ने आरोप लगाया कि सरकार अब जवाब देने से बच रही है और तंज कसा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान धर्मेंद्र प्रधान जन सुराज के प्रत्याशियों को डराने, धमकाने और खरीदने में लगे थे, और अब शायद प्रत्याशियों की खरीद-फरोख्त के साथ-साथ पेपरों का भी खरीद-फरोख्त शुरू हो गया है। प्रशांत किशोर ने पटना में एक छात्रा के साथ हुई अभद्रता की घटना पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने इसे 'जंगलराज के नाम पर वोट लेने वालों के मुंह पर तमाचा' बताते हुए कहा कि बिहार में फिर से उसी 'जंगलराज' की आहट सुनाई देने लगी है, जहां दिनदहाड़े और खुलेआम ऐसी घटनाएं होती थीं। उन्होंने पटना के बीचों-बीच एक होटल में लड़की को उसके पिता के सामने खींचकर ले जाने जैसी घटना को 'बेहद शर्मनाक' करार दिया। इसके अतिरिक्त, प्रशांत किशोर ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि तेल इसलिए महंगा हो रहा है क्योंकि अगले छह महीने में कोई चुनाव नहीं है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि जैसे ही चुनाव नजदीक आएंगे, पेट्रोल-डीजल के दाम फिर से कम कर दिए जाएंगे।1
- बाढ़ स्थित प्राचीन धार्मिक स्थल बाबा उमानाथ मंदिर के कला, संस्कृति और पर्यटन विकास के लिए पहल तेज हो गई है। इसी क्रम में, बाढ़ के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. अंजेश कुमार सिंह और भाजपा नेता संजीव कुमार मुन्ना ने बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार से मुलाकात की। इस मुलाकात में उन्होंने बाबा उमानाथ महोत्सव आयोजित कराने और उमानाथ क्षेत्र के समग्र विकास की मांग रखी। विशेष रूप से, उन्होंने मंदिर के संरक्षण, क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया। यह मुलाकात तब हुई जब कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार एक कार्यक्रम में शामिल होने बाढ़ आए हुए थे। कार्यक्रम के बाद वे संजीव कुमार मुन्ना के आवास पर पहुंचे, जहां डॉ. अंजेश कुमार सिंह और संजीव कुमार मुन्ना ने उनसे भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को बताया कि बाबा उमानाथ मंदिर ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, और यहां कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार ने इस पर आश्वासन दिया कि कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से बाढ़ के उमानाथ क्षेत्र के विकास और उसकी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। स्थानीय लोगों ने इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि उमानाथ महोत्सव के आयोजन से इस क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को एक नई पहचान मिलेगी।1
- बिहार राज्य में एक बड़ा और दुखद हादसा सामने आया है, जहाँ बाढ़ के पानी में एक नाव पलट गई। इस गंभीर दुर्घटना के परिणामस्वरूप, कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।1
- बिहारशरीफ में नालंदा जिला अधिवक्ता संघ द्वारा जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा को एक भावपूर्ण विदाई दी गई। इस दौरान अधिवक्ता काफी भावुक नजर आए, जिससे उनकी आंखें नम हो गईं। अपने करीब 10 महीने के कार्यकाल में, जिला जज मल्होत्रा ने न्यायालय परिसर में कई सराहनीय कार्य किए थे। विदाई समारोह के दौरान, जिला जज ने यह भी कहा कि नालंदा से उन्हें जो प्यार और सम्मान मिला है, उसे वे अपने जीवनभर नहीं भूल पाएंगे।1