अयोध्या के हैरिंग्टनगंज ब्लॉक सभागार में मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के लिए एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) राजेश कुमार गुप्ता ने की, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यकत्रियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में एनआईआईटी फाउंडेशन, नई दिल्ली के साइबर सिक्योरिटी ट्रेनर आयुष सिंह ने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि साइबर सुरक्षा का अर्थ ऑनलाइन उपकरणों, बैंक खातों और डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखना है। ट्रेनर ने फिशिंग, फर्जी कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचने और हमेशा मजबूत व अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करने की सलाह दी। सिंह ने साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत उठाए जाने वाले कदमों की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले प्रभावित डिवाइस को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करें, धोखाधड़ी से संबंधित संदेशों और स्क्रीनशॉट को सुरक्षित रखें, तथा बैंक कार्ड और यूपीआई सेवाओं को तत्काल ब्लॉक कराएं। इसके बाद बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के साथ ही हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें और आवश्यक साक्ष्यों के साथ स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम के अंत में, प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा संबंधी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विनीता देवी, आरती रावत, किरण कुमारी, खुशबू, संजू वर्मा, माया सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।
अयोध्या के हैरिंग्टनगंज ब्लॉक सभागार में मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के लिए एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) राजेश कुमार गुप्ता ने की, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यकत्रियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में एनआईआईटी फाउंडेशन, नई दिल्ली के साइबर सिक्योरिटी ट्रेनर आयुष सिंह ने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि साइबर सुरक्षा का अर्थ ऑनलाइन उपकरणों, बैंक खातों और डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखना है। ट्रेनर ने फिशिंग, फर्जी कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचने और हमेशा मजबूत व अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करने की सलाह दी। सिंह ने साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत उठाए जाने वाले कदमों की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले प्रभावित डिवाइस को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करें, धोखाधड़ी से संबंधित संदेशों और स्क्रीनशॉट को सुरक्षित रखें, तथा बैंक कार्ड और यूपीआई सेवाओं को तत्काल ब्लॉक कराएं। इसके बाद बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के साथ ही हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें और आवश्यक साक्ष्यों के साथ स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम के अंत में, प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा संबंधी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विनीता देवी, आरती रावत, किरण कुमारी, खुशबू, संजू वर्मा, माया सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।
- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज ब्लॉक सभागार में मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं सहायिकाओं के लिए एक साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) राजेश कुमार गुप्ता ने की, जिसका मुख्य उद्देश्य कार्यकत्रियों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम में एनआईआईटी फाउंडेशन, नई दिल्ली के साइबर सिक्योरिटी ट्रेनर आयुष सिंह ने प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि साइबर सुरक्षा का अर्थ ऑनलाइन उपकरणों, बैंक खातों और डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखना है। ट्रेनर ने फिशिंग, फर्जी कॉल और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जांचने और हमेशा मजबूत व अलग-अलग पासवर्ड का प्रयोग करने की सलाह दी। सिंह ने साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत उठाए जाने वाले कदमों की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले प्रभावित डिवाइस को इंटरनेट से डिस्कनेक्ट करें, धोखाधड़ी से संबंधित संदेशों और स्क्रीनशॉट को सुरक्षित रखें, तथा बैंक कार्ड और यूपीआई सेवाओं को तत्काल ब्लॉक कराएं। इसके बाद बैंक और साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करने के साथ ही हेल्पलाइन 1930 पर सूचना दें और आवश्यक साक्ष्यों के साथ स्थानीय पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। कार्यक्रम के अंत में, प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा संबंधी अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विनीता देवी, आरती रावत, किरण कुमारी, खुशबू, संजू वर्मा, माया सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां एवं सहायिकाएं उपस्थित रहीं।1
- जनपद अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने आम जनता की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए खिरौनी नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने चकरोड पर अवैध कब्जे और लंबे समय से कार्रवाई न होने के मामले में ईओ को निर्देश दिया कि 24 घंटे के भीतर चकरोड की पटाई कराकर उसे अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए। यह मामला नगर पंचायत खिरौनी के वार्ड संख्या-1 स्थित चकमार्ग संख्या 1134 से जुड़ा है, जहाँ ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि प्रभावशाली लोगों ने चकरोड पर अवैध कब्जा कर लिया है। इस कारण दो दर्जन से अधिक खातेदारों को अपने खेतों तक आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने और अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। साहबदीन पाण्डेय नामक ग्रामीण द्वारा जिलाधिकारी को दिए गए प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया कि नगर पंचायत स्तर पर राजनीतिक दबाव के चलते इस मामले में कार्रवाई लगातार टाली जा रही थी, और पहले दिए गए निर्देशों पर भी काम नहीं हुआ, केवल आश्वासन दिए जाते रहे। शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि जनहित के मामलों में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिशासी अधिकारी को फटकार लगाते हुए 24 घंटे के भीतर चकरोड की पटाई कराकर आवागमन सुचारु करने और अवैध कब्जा हटाने के निर्देश दोहराए हैं। डीएम की इस सख्त कार्रवाई से ग्रामीणों में यह उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित उनकी समस्या का अब स्थायी समाधान हो पाएगा। लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन इसी सक्रियता से कार्य करता रहा, तो अवैध कब्जाधारियों और लापरवाह अधिकारियों पर प्रभावी अंकुश लगेगा, जिससे प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और भी मजबूत होगा।1
- अयोध्या जिले के अचलपुर स्थित ग्राम सभा पाली में पिछले तीन से चार घंटों से लगातार भारी बारिश हुई है, जिसके कारण मौसम पूरी तरह से ठंडा हो गया है। वीडियो में दिखाए अनुसार, इस क्षेत्र में इतनी अधिक बारिश हुई है कि पानी के थमने का कोई सवाल नहीं है, यानी बारिश का क्रम अभी भी जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के जगदीशपुर में चल रही चकबंदी प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोप है कि चकबंदी से जुड़े अधिकारी गलत आदेश पारित कर रहे हैं, और 'Co महोदय' अपने कार्यालय के कमरे में ही अदालत चला रहे हैं। इस स्थिति के चलते, जगदीशपुर के लोगों को न्याय नहीं मिल पा रहा है।1
- लखनऊ में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में कोचिंग संस्थानों की जांच और उनके सुरक्षा मानकों का सत्यापन लगातार जारी है। इसी क्रम में, जनपद अयोध्या के नाका चुंगी स्थित उज्जवल कोचिंग ने सभी आवश्यक सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद एक बार फिर से अपना संचालन शुरू कर दिया है। पढ़ाई लंबे समय से बाधित होने के कारण परेशान चल रहे छात्र-छात्राओं में कोचिंग दोबारा खुलने से उत्साह और खुशी का माहौल है। उज्जवल कोचिंग के डायरेक्टर अनिल शुक्ला ने बताया कि छात्र-छात्राओं की आगामी प्रतियोगी और शैक्षणिक परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए संस्थान को दोबारा संचालित किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। संस्थान में सुरक्षित निकासी के लिए लगभग दो से तीन मुख्य द्वार उपलब्ध हैं, साथ ही अग्निशमन के लिए पर्याप्त उपकरण भी लगाए गए हैं। कोचिंग के पास वैध फायर एनओसी भी मौजूद है, जो उसकी सुरक्षा प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अनिल शुक्ला ने अभिभावकों से भी निश्चिंत होकर अपने बच्चों को संस्थान भेजने की अपील की है, क्योंकि यहां सुरक्षा और शिक्षा दोनों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। कोचिंग के दोबारा शुरू होने पर विद्यार्थियों ने भी अपनी खुशी व्यक्त की है। उनका कहना है कि अब उनकी पढ़ाई फिर से नियमित हो सकेगी और आगामी परीक्षाओं की तैयारी सुचारु रूप से जारी रहेगी। उज्जवल कोचिंग के मानकों का पालन कर दोबारा संचालन शुरू करने से छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। अब यह देखना होगा कि अन्य शिक्षण संस्थान भी सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए विद्यार्थियों को एक सुरक्षित और बेहतर शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराते हैं या नहीं।1
- अयोध्या के वकीलों द्वारा लिए गए एक फैसले का समाजवादी पार्टी के नेता पवन पांडेय ने स्वागत किया है और उन्हें इस पर बधाई भी दी है। पांडेय ने वकीलों के इस निर्णय को 'स्वागत योग्य' बताया है। पवन पांडेय का यह बयान ऐसे महत्वपूर्ण समय पर आया है, जब अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े मुद्दे को लेकर लगातार विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।1
- अयोध्या के हैरिंग्टनगंज ब्लॉक सभागार में मंगलवार दोपहर 2:30 बजे तकनीकी सहायक राजेंद्र दुबे के सेवानिवृत्त होने पर एक भव्य विदाई एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उन्हें भावभीनी विदाई दी गई और समारोह में उनके प्रति सभी का स्नेह उमड़ पड़ा। कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी आर.एन. भारती ने की, जबकि इसका संचालन आईएसबी गौतम वर्मा ने किया। समारोह का शुभारंभ खंड विकास अधिकारी आर.एन. भारती ने राजेंद्र दुबे को पुष्पगुच्छ भेंट कर उनके उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की कामना के साथ किया। इसके बाद एडीओ पंचायत अरविंद कुमार ने बुके भेंट कर उनका स्वागत किया, वहीं बीएमएम धीरेंद्र कुमार ने राम दरबार की प्रतिमा भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान ब्लॉक के अधिकारियों, कर्मचारियों, ग्राम सचिवों, ग्राम प्रधानों और रोजगार सेवकों ने भी राजेंद्र दुबे को अंगवस्त्र, माल्यार्पण एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके प्रति अपना सम्मान प्रकट किया। अपने संबोधन में वक्ताओं ने राजेंद्र दुबे के लंबे, ईमानदार और समर्पित सेवाकाल की सराहना की। उन्होंने कहा कि राजेंद्र दुबे ने अपने पूरे सेवाकाल में पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया है। उनका सरल स्वभाव, कार्य के प्रति गहरा समर्पण और सहयोगात्मक व्यवहार सभी के लिए सदैव प्रेरणादायी रहेगा। समारोह के अंत में सभी अतिथियों और कर्मचारियों के लिए बाटी-चोखा, दाल एवं चावल का सामूहिक भोजन भी आयोजित किया गया था। इस अवसर पर ग्राम सचिवों में भूपेंद्र तिवारी, जय सिंह यादव, विमल कुमार, अतुल कुमार वर्मा, विष्णु, राजेंद्र पांडे, अरविंद कुमार, शाश्वत अचारी, मुकेश कुमार, विनोद कुमार, विजय कुमार, संतोष कुमार यादव, श्रीमती मिथिलेश, तथा ग्राम प्रधानों में लक्ष्मीकांत तिवारी, सरवन कनौजिया, जोखू राम, शोभनाथ यादव, काशीनाथ यादव, सत्रोहन मिश्र सहित रोजगार सेवक एवं समस्त ब्लॉक स्टाफ उपस्थित रहा। समारोह का समापन राजेंद्र दुबे को नम आंखों से भावभीनी विदाई देने के साथ हुआ।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। इस घटना में कार्यकर्ताओं के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसमें लात-घूंसे और जूते-चप्पल भी चले। आपसी मारपीट और आरोप-प्रत्यारोप से जुड़ा यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी देखा गया है।1