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अम्बाह से मिली एक बड़ी खबर के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई है। यह घटना थरा एसबीआई बैंक के सामने मनोज शर्मा और ऋषि शर्मा के भूसों से भरे दो कूपों में हुई, जिसमें साल भर के लिए पशुओं के लिए रखा गया चारा जलकर राख हो गया। पीड़ित मनोज शर्मा ने बताया कि उनके मकानों के बीचोंबीच से थरा पंप की 11केवी की बिजली लाइन गुजरती है, जिससे हर समय जान का जोखिम बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के शॉर्ट सर्किट की वजह से उनके सामने पूरे साल भर के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शर्मा ने बिजली कंपनी से इस मामले को गंभीरता से ध्यान में रखते हुए, लाइन को घरों के बीच से हटाकर यथावत किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की माँग की है, चेतावनी दी कि अन्यथा आगामी समय में किसी की जान भी जा सकती है।
Avdhesh Tomar patrakar THARA
अम्बाह से मिली एक बड़ी खबर के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई है। यह घटना थरा एसबीआई बैंक के सामने मनोज शर्मा और ऋषि शर्मा के भूसों से भरे दो कूपों में हुई, जिसमें साल भर के लिए पशुओं के लिए रखा गया चारा जलकर राख हो गया। पीड़ित मनोज शर्मा ने बताया कि उनके मकानों के बीचोंबीच से थरा पंप की 11केवी की बिजली लाइन गुजरती है, जिससे हर समय जान का जोखिम बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के शॉर्ट सर्किट की वजह से उनके सामने पूरे साल भर के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शर्मा ने बिजली कंपनी से इस मामले को गंभीरता से ध्यान में रखते हुए, लाइन को घरों के बीच से हटाकर यथावत किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की माँग की है, चेतावनी दी कि अन्यथा आगामी समय में किसी की जान भी जा सकती है।
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- पत्रकारों के हितों और उनके मूल्यों को संवैधानिक मजबूती दिलाने के लिए संघर्षरत संगठन प्रेस मीडिया पत्रकार कल्याण संघ ने पंडित रामबरन शास्त्री जी, वरबाई वाले (हाल द्वारिकापुरी ग्वालियर) को अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष (एनजीओ प्रकोष्ठ) बनाया है। इस नियुक्ति से संगठन में हर्षोल्लास का माहौल है, साथ ही यह संगठन को नवीन ऊर्जा और शक्ति प्रदान करने वाली बताई गई है, जिससे इसे मजबूती मिलेगी। अपनी नियुक्ति पर पंडित रामबरन शास्त्री ने सभी पत्रकारों के हितों की लड़ाई के लिए अथक परिश्रम जारी रखने का प्रण लिया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे संगठन द्वारा उन पर जताए गए भरोसे पर पूरी शक्ति और मनोबल के साथ कार्य करेंगे, और पत्रकार बंधुओं की संघर्ष की लड़ाई, संवैधानिक अधिकारों तथा अन्य विषयों में हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे। इस अवसर पर, अमर शहीद सम्मान सेवा संघ ने उनके निज आश्रय धाम पहुंचकर पट्टिका पहनाकर और माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया व शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह तोमर (जो भारतीय सेना के सेवानिवृत्त हवलदार हैं), बीएम शर्मा, पत्रकार भीमसेन सिंह थरा और उनकी पूरी टीम भी उपस्थित रही।1
- अम्बाह नगर की पुरानी बस्ती में स्थित एक तालाब में पिछले दो माह से एक मगरमच्छ घूम रहा है। यह तालाब अम्बाह नगर के वार्ड क्रमांक-17 के तहत पुरानी बस्ती के पास मौजूद है, जो रिहायशी बस्ती के ठीक बीच में है। स्थानीय पार्षद ने इस मगरमच्छ के संबंध में वन विभाग को सूचित भी किया है, लेकिन सूचना दिए जाने के बावजूद, वन विभाग की टीम मगरमच्छ को पकड़ने के लिए अब तक मौके पर नहीं पहुँची है।1
- पोरसा के श्री पांडरी बाबा महाराज के भक्तों द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य रामभूषण दास महाराज ने सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया, जिसमें उन्होंने बताया कि सच्चे मन से भगवान की भक्ति करने वाले को प्रभु कभी निराश नहीं करते। आचार्य द्वारा “देख सुदामा की दीन दशा, करुणाकर करुणानिधि रोए…” भजन गाने पर पूरा कथा पंडाल भाव-विभोर हो उठा और श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं, जिससे वातावरण “राधे-श्याम” तथा “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को भक्ति, प्रेम और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण बताया। उन्होंने सुदामा की घोर गरीबी का उल्लेख किया, जिनकी पत्नी सुशीला के आग्रह पर वे अपने बालसखा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका गए। सुदामा संकोचवश कुछ मांगना नहीं चाहते थे, इसलिए उनकी पत्नी ने पड़ोस से चावल मांगकर थोड़े से पोहे बांध दिए। श्रीकृष्ण ने अपने प्रिय मित्र सुदामा को देखते ही सिंहासन से दौड़कर गले लगा लिया और पानी की परात को हाथ लगाए बिना अपने नेत्रों के अश्रुओं से उनके चरण धो दिए, जो भगवान की अपने भक्त के प्रति करुणा और प्रेम को दर्शाता है। आचार्य महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने कहा कि सुदामा ने कुछ नहीं मांगा, फिर भी भगवान ने उनके मन की हर इच्छा पूरी की और जब सुदामा वापस अपने गांव पहुंचे, तो उनकी टूटी-फूटी झोपड़ी महल में बदल चुकी थी और पूरी “सुदामा पुरी” बस गई। उन्होंने कलयुग में मनुष्य के स्वार्थ और मोह में फंसकर भगवान को भूलने की बात कही और सत्कर्मों पर जोर दिया। कथा व्यास ने भोमासुर के वध और 16,100 कन्याओं के उद्धार का प्रसंग भी सुनाया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने कन्याओं की प्रार्थना पर भोमासुर का वध कर उन्हें मुक्ति दिलाई और समाज द्वारा अस्वीकार किए जाने के डर से भगवान ने उन सभी कन्याओं से विवाह कर उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान किया। आचार्य रामभूषण दास महाराज ने नशामुक्ति का संदेश भी दिया, इसे व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए विनाशकारी बताते हुए युवाओं से धार्मिक और संस्कारयुक्त जीवन अपनाने की अपील की। श्रीमद्भागवत कथा के भव्य समापन के उपलक्ष्य में धोर्रा में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। नगर सहित महुआ, रजौधा, रायपुर, अंबाह, सिलावली, कुरैठा, मुरैना, फूप, अटेर, भिंड, गोरमी, मेहगांव, नगरा, चापक, भदावली जैसे दूर-दराज़ के क्षेत्रों से भारी संख्या में भक्त धोर्रा पहुंचे। भंडारे की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं और प्रसादी निर्माण का कार्य 2 जून की रात 9 बजे से बुधवार रात 8 बजे तक लगातार जारी रहा। विशाल रसोई में 20 तवों पर 150 क्विंटल आटे के मालपुए तैयार किए गए, जबकि सब्जी और खीर का निर्माण भी निरंतर चलता रहा, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों ने दिन-रात सहयोग किया। इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता धोर्रा के ग्रामवासियों का अभूतपूर्व सहयोग रहा, जिन्होंने भंडारे को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई और पूरे गांव में सेवा, समर्पण तथा धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने श्री पांडरी बाबा महाराज के मंदिर में दर्शन कर मन्नत की अर्जी लगाई और प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों और आयोजकों के अनुसार, धोर्रा के इतिहास में यह पहला अवसर था जब इतने विशाल स्तर पर भंडारे का आयोजन हुआ। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और पांडरी बाबा महाराज की कृपा से यह ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। भंडारा दोपहर 12 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा।1
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- धौलपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत रतनपुर, पंचायत समिति बसेड़ी के कनिष्ठ सहायक रमेश कुमार को ₹25 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। ACB के अनुसार, आरोपी रमेश कुमार मनरेगा योजना के तहत मस्टरोल जारी करने के एवज में परिवादी से ₹26 हजार की रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत मिलने के बाद, ब्यूरो ने गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें ₹25 हजार की रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके उपरांत, ACB भरतपुर रेंज के उपमहानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के पर्यवेक्षण और धौलपुर चौकी प्रभारी डीएसपी ज्ञानचंद के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की गई। टीम ने आरोपी को ₹25 हजार की रिश्वत राशि लेते हुए मौके पर ही दबोच लिया और यह रकम उसकी पैंट की जेब से बरामद की गई। ACB ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। वर्तमान में, आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले की आगे की जांच की जा रही है।1
- मेहगांव थाने में पक्षपातपूर्ण व्यवहार के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जहाँ थाना प्रभारी श्री महेश शर्मा के कार्यभार संभालने के बाद से ही क्षेत्र के कई नागरिक शिकायत कर रहे हैं कि सभी के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा रहा है। विशेष रूप से बहुजन समाज के लोगों की शिकायतों पर उचित कार्रवाई न होने और पीड़ितों को बार-बार थाने बुलाने के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की भिण्ड जिला इकाई ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि ये आरोप सत्य हैं, तो यह कानून के समक्ष समानता और निष्पक्ष न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। पार्टी ने मांग की है कि मेहगांव थाने में दर्ज शिकायतों की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी भी प्रकार का भेदभाव या पक्षपात पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि क्षेत्र के सभी नागरिकों का कानून और प्रशासन पर विश्वास बना रहे।1
- पोरसा में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले शासकीय अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। मंगलवार से करीब 55 संविदा कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं, जिसके कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा सहित ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएँ गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है, जिसके विरोध में उन्हें यह आंदोलन शुरू करना पड़ा। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, अवकाश सुविधाएँ, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इस हड़ताल में एएनएम, सीएचओ, नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट, अकाउंटेंट और अन्य स्वास्थ्य कर्मी बड़ी संख्या में शामिल हैं, जिससे अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कामकाज बाधित हो रहा है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने इस बात की पुष्टि की है कि हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जिला कार्यालय को अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने हेतु एक पत्र भेजा गया है, ताकि मरीजों को कुछ राहत मिल सके। फिलहाल संविदा कर्मचारियों और प्रशासन के बीच कोई समाधान नहीं निकल पाया है। यदि इन मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।3
- धौलपुर के राजाखेड़ा बायपास रोड स्थित लोधा छात्रावास में 'लक्ष्य' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक लक्ष्य के जिलाध्यक्ष रतन सिंह लोधा की अध्यक्षता में हुई, जिसमें पूर्व प्रधानाचार्य कमल सिंह और रामसिंह सिहोलिया मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि लक्ष्य का 29वाँ वार्षिक अधिवेशन 26 जून 2026 को राजाखेड़ा बायपास रोड के ओमश्री गार्डन, धौलपुर में आयोजित किया जाएगा। अधिवेशन की तैयारियों और अतिथियों की व्यवस्थाओं को लेकर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। इस सम्मेलन में स्वजातीय कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों, निर्वाचित सरपंचों, पंचायत समिति सदस्यों, जिला परिषद सदस्यों, पदाधिकारियों और जिला लोधी सभा कार्यकारिणी के सदस्यों को आमंत्रित किया जाएगा। यह अधिवेशन समाज के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं और नव नियुक्त कर्मचारियों को सम्मानित करने का भी मंच बनेगा। सम्मेलन में उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने वर्ष 2025 में 10वीं, 12वीं, विश्वविद्यालय की स्नातक व स्नातकोत्तर, और प्रशिक्षण की परीक्षाओं में 80% या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। इसके अतिरिक्त, लक्ष्य द्वारा आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में शीर्ष 10 वरीयता प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राएं, राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेने वाले छात्र-छात्राएं और समाज के नव नियुक्त कर्मचारी भी सम्मानित किए जाएंगे। बैठक में पूर्व अध्यक्ष संतोष कुमार, नेमीचंद चंद, सभाध्यक्ष भगवान सिंह, कोषाध्यक्ष जगमोहन सिंह सहित कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।2
- परिवहन आयुक्त श्री उमेश जोगा ने भिंड कलेक्ट्रेट सभागार में 3 जून, 2026 को एक समीक्षा बैठक आयोजित की, जिसमें जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन में संलिप्त वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से खनिज परिवहन से जुड़े सभी वाहनों की सघन जांच करने और आवश्यकतानुसार उनमें जीपीएस प्रणाली स्थापित कराने पर जोर दिया। बैठक में कलेक्टर भिंड, पुलिस अधीक्षक भिंड सहित वन, पुलिस, खनिज एवं परिवहन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। श्री जोगा ने निर्देशित किया कि चंबल रेत के अवैध परिवहन में संलग्न वाहनों को तत्काल जब्त किया जाए तथा बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों को पुलिस अभिरक्षा में रखकर उनके चालकों एवं मालिकों के विरुद्ध परिवहन नियमों के तहत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी अवैध रेत भंडारण पाए जाने पर उसे तत्काल समाप्त कर विनष्टीकरण की कार्रवाई की जाए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध गतिविधियों में संलिप्त किसी भी वाहन को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा, और संबंधित विभाग समन्वय स्थापित कर लगातार कार्रवाई जारी रखें। यात्री बस सेवाओं के संबंध में उन्होंने कहा कि बिना परमिट के कोई भी बस नहीं चलनी चाहिए, और समय-समय पर सघन चेकिंग कर उनकी परमिट तथा फिटनेस की जांच की जाए। कलेक्टर भिंड ने बैठक में बताया कि अवैध खनिज परिवहन के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की नियमित समीक्षा होती है और आकस्मिक निरीक्षण के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। जिले में निगरानी और जांच के लिए चेकिंग पॉइंट भी स्थापित किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक भिंड ने पुलिस विभाग की ओर से आवश्यक बल और सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। परिवहन आयुक्त ने दोहराया कि जिले में अवैध खनिज परिवहन और चंबल रेत के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसके लिए आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और स्टाफ भी उपलब्ध कराया जाएगा।1