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Apke Nagar Ki App…

पोरसा के श्री पांडरी बाबा महाराज के भक्तों द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य रामभूषण दास महाराज ने सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया, जिसमें उन्होंने बताया कि सच्चे मन से भगवान की भक्ति करने वाले को प्रभु कभी निराश नहीं करते। आचार्य द्वारा “देख सुदामा की दीन दशा, करुणाकर करुणानिधि रोए…” भजन गाने पर पूरा कथा पंडाल भाव-विभोर हो उठा और श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं, जिससे वातावरण “राधे-श्याम” तथा “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को भक्ति, प्रेम और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण बताया। उन्होंने सुदामा की घोर गरीबी का उल्लेख किया, जिनकी पत्नी सुशीला के आग्रह पर वे अपने बालसखा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका गए। सुदामा संकोचवश कुछ मांगना नहीं चाहते थे, इसलिए उनकी पत्नी ने पड़ोस से चावल मांगकर थोड़े से पोहे बांध दिए। श्रीकृष्ण ने अपने प्रिय मित्र सुदामा को देखते ही सिंहासन से दौड़कर गले लगा लिया और पानी की परात को हाथ लगाए बिना अपने नेत्रों के अश्रुओं से उनके चरण धो दिए, जो भगवान की अपने भक्त के प्रति करुणा और प्रेम को दर्शाता है। आचार्य महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने कहा कि सुदामा ने कुछ नहीं मांगा, फिर भी भगवान ने उनके मन की हर इच्छा पूरी की और जब सुदामा वापस अपने गांव पहुंचे, तो उनकी टूटी-फूटी झोपड़ी महल में बदल चुकी थी और पूरी “सुदामा पुरी” बस गई। उन्होंने कलयुग में मनुष्य के स्वार्थ और मोह में फंसकर भगवान को भूलने की बात कही और सत्कर्मों पर जोर दिया। कथा व्यास ने भोमासुर के वध और 16,100 कन्याओं के उद्धार का प्रसंग भी सुनाया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने कन्याओं की प्रार्थना पर भोमासुर का वध कर उन्हें मुक्ति दिलाई और समाज द्वारा अस्वीकार किए जाने के डर से भगवान ने उन सभी कन्याओं से विवाह कर उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान किया। आचार्य रामभूषण दास महाराज ने नशामुक्ति का संदेश भी दिया, इसे व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए विनाशकारी बताते हुए युवाओं से धार्मिक और संस्कारयुक्त जीवन अपनाने की अपील की। श्रीमद्भागवत कथा के भव्य समापन के उपलक्ष्य में धोर्रा में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। नगर सहित महुआ, रजौधा, रायपुर, अंबाह, सिलावली, कुरैठा, मुरैना, फूप, अटेर, भिंड, गोरमी, मेहगांव, नगरा, चापक, भदावली जैसे दूर-दराज़ के क्षेत्रों से भारी संख्या में भक्त धोर्रा पहुंचे। भंडारे की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं और प्रसादी निर्माण का कार्य 2 जून की रात 9 बजे से बुधवार रात 8 बजे तक लगातार जारी रहा। विशाल रसोई में 20 तवों पर 150 क्विंटल आटे के मालपुए तैयार किए गए, जबकि सब्जी और खीर का निर्माण भी निरंतर चलता रहा, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों ने दिन-रात सहयोग किया। इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता धोर्रा के ग्रामवासियों का अभूतपूर्व सहयोग रहा, जिन्होंने भंडारे को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई और पूरे गांव में सेवा, समर्पण तथा धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने श्री पांडरी बाबा महाराज के मंदिर में दर्शन कर मन्नत की अर्जी लगाई और प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों और आयोजकों के अनुसार, धोर्रा के इतिहास में यह पहला अवसर था जब इतने विशाल स्तर पर भंडारे का आयोजन हुआ। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और पांडरी बाबा महाराज की कृपा से यह ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। भंडारा दोपहर 12 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा।

8 hrs ago
user_पत्रकार
पत्रकार
Advertising Photographer पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
8 hrs ago

पोरसा के श्री पांडरी बाबा महाराज के भक्तों द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य रामभूषण दास महाराज ने सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया, जिसमें उन्होंने बताया कि सच्चे मन से भगवान की भक्ति करने वाले को प्रभु कभी निराश नहीं करते। आचार्य द्वारा “देख सुदामा की दीन दशा, करुणाकर करुणानिधि रोए…” भजन गाने पर पूरा कथा पंडाल भाव-विभोर हो उठा और श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं, जिससे वातावरण “राधे-श्याम” तथा “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को भक्ति, प्रेम और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण बताया। उन्होंने सुदामा की घोर गरीबी का उल्लेख किया, जिनकी पत्नी सुशीला के आग्रह पर वे अपने बालसखा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका गए। सुदामा संकोचवश कुछ मांगना नहीं चाहते थे, इसलिए उनकी पत्नी ने पड़ोस से चावल मांगकर थोड़े से पोहे बांध दिए। श्रीकृष्ण ने अपने प्रिय मित्र सुदामा को देखते ही सिंहासन से दौड़कर गले लगा लिया और पानी की परात को हाथ लगाए बिना अपने नेत्रों के अश्रुओं से उनके चरण धो दिए, जो भगवान की अपने भक्त के प्रति करुणा और प्रेम को दर्शाता है। आचार्य महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने कहा कि सुदामा ने कुछ नहीं मांगा, फिर भी भगवान ने उनके मन की हर इच्छा पूरी की और जब सुदामा वापस अपने गांव पहुंचे, तो उनकी टूटी-फूटी झोपड़ी महल में बदल चुकी थी और पूरी “सुदामा पुरी” बस गई। उन्होंने कलयुग में मनुष्य के स्वार्थ और मोह में फंसकर भगवान को भूलने की बात कही और सत्कर्मों पर जोर दिया। कथा व्यास ने भोमासुर के वध और 16,100 कन्याओं के उद्धार का प्रसंग भी सुनाया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने कन्याओं की प्रार्थना पर भोमासुर का वध कर उन्हें मुक्ति दिलाई और समाज द्वारा अस्वीकार किए जाने के डर से भगवान ने उन सभी कन्याओं से विवाह कर उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान किया। आचार्य रामभूषण दास महाराज ने नशामुक्ति का संदेश भी दिया, इसे व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए विनाशकारी बताते हुए युवाओं से धार्मिक और संस्कारयुक्त जीवन अपनाने की अपील की। श्रीमद्भागवत कथा के भव्य समापन के उपलक्ष्य में धोर्रा में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। नगर सहित महुआ, रजौधा, रायपुर, अंबाह, सिलावली, कुरैठा, मुरैना, फूप, अटेर, भिंड, गोरमी, मेहगांव, नगरा, चापक, भदावली जैसे दूर-दराज़ के क्षेत्रों से भारी संख्या में भक्त धोर्रा पहुंचे। भंडारे की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं और प्रसादी निर्माण का कार्य 2 जून की रात 9 बजे से बुधवार रात 8 बजे तक लगातार जारी रहा। विशाल रसोई में 20 तवों पर 150 क्विंटल आटे के मालपुए तैयार किए गए, जबकि सब्जी और खीर का निर्माण भी निरंतर चलता रहा, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों ने दिन-रात सहयोग किया। इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता धोर्रा के ग्रामवासियों का अभूतपूर्व सहयोग रहा, जिन्होंने भंडारे को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई और पूरे गांव में सेवा, समर्पण तथा धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने श्री पांडरी बाबा महाराज के मंदिर में दर्शन कर मन्नत की अर्जी लगाई और प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों और आयोजकों के अनुसार, धोर्रा के इतिहास में यह पहला अवसर था जब इतने विशाल स्तर पर भंडारे का आयोजन हुआ। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और पांडरी बाबा महाराज की कृपा से यह ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। भंडारा दोपहर 12 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा।

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  • पोरसा नगर पालिका परिषद ने आगामी मानसून को देखते हुए शहर के सभी प्रमुख नालों की सफाई का अभियान तेज गति से शुरू कर दिया है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि अगले 15 दिनों के भीतर यह सफाई कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती कुसमा देवी रामवीर सिंह तोमर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर, सब इंजीनियर संजय वर्मा और स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर के मार्गदर्शन में किर्रायच रोड, जोटई रोड, अटेर रोड, धनेटा रोड, अंबाह रोड सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों पर स्थित नालों से गाद एवं कचरा निकालकर जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाया जा रहा है। आज सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थित एक बड़े नाले की सफाई के निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर ने बताया कि मानसून आने से पहले सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार नालों को पहले ही चौड़ा कराया जा चुका है, जिससे वर्षा का पानी तेजी से निकलेगा और शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना नहीं रहेगी। नगर पालिका प्रशासन का मानना है कि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने से नागरिकों को बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी नगर पालिका के इस अभियान की सराहना की है और सफाई कार्य को नियमित रूप से जारी रखने की मांग की है। नगर पालिका का लक्ष्य है कि मानसून की पहली बारिश से पहले शहर की संपूर्ण जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाकर पोरसा को जलभराव मुक्त बनाया जाए।
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    पोरसा नगर पालिका परिषद ने आगामी मानसून को देखते हुए शहर के सभी प्रमुख नालों की सफाई का अभियान तेज गति से शुरू कर दिया है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि अगले 15 दिनों के भीतर यह सफाई कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती कुसमा देवी रामवीर सिंह तोमर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर, सब इंजीनियर संजय वर्मा और स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर के मार्गदर्शन में किर्रायच रोड, जोटई रोड, अटेर रोड, धनेटा रोड, अंबाह रोड सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों पर स्थित नालों से गाद एवं कचरा निकालकर जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाया जा रहा है।

आज सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थित एक बड़े नाले की सफाई के निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर ने बताया कि मानसून आने से पहले सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार नालों को पहले ही चौड़ा कराया जा चुका है, जिससे वर्षा का पानी तेजी से निकलेगा और शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना नहीं रहेगी।

नगर पालिका प्रशासन का मानना है कि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने से नागरिकों को बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी नगर पालिका के इस अभियान की सराहना की है और सफाई कार्य को नियमित रूप से जारी रखने की मांग की है। नगर पालिका का लक्ष्य है कि मानसून की पहली बारिश से पहले शहर की संपूर्ण जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाकर पोरसा को जलभराव मुक्त बनाया जाए।
    user_Mahaveer Jain
    Mahaveer Jain
    Mechanic पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पोरसा के श्री पांडरी बाबा महाराज के भक्तों द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य रामभूषण दास महाराज ने सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया, जिसमें उन्होंने बताया कि सच्चे मन से भगवान की भक्ति करने वाले को प्रभु कभी निराश नहीं करते। आचार्य द्वारा “देख सुदामा की दीन दशा, करुणाकर करुणानिधि रोए…” भजन गाने पर पूरा कथा पंडाल भाव-विभोर हो उठा और श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं, जिससे वातावरण “राधे-श्याम” तथा “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा। आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को भक्ति, प्रेम और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण बताया। उन्होंने सुदामा की घोर गरीबी का उल्लेख किया, जिनकी पत्नी सुशीला के आग्रह पर वे अपने बालसखा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका गए। सुदामा संकोचवश कुछ मांगना नहीं चाहते थे, इसलिए उनकी पत्नी ने पड़ोस से चावल मांगकर थोड़े से पोहे बांध दिए। श्रीकृष्ण ने अपने प्रिय मित्र सुदामा को देखते ही सिंहासन से दौड़कर गले लगा लिया और पानी की परात को हाथ लगाए बिना अपने नेत्रों के अश्रुओं से उनके चरण धो दिए, जो भगवान की अपने भक्त के प्रति करुणा और प्रेम को दर्शाता है। आचार्य महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने कहा कि सुदामा ने कुछ नहीं मांगा, फिर भी भगवान ने उनके मन की हर इच्छा पूरी की और जब सुदामा वापस अपने गांव पहुंचे, तो उनकी टूटी-फूटी झोपड़ी महल में बदल चुकी थी और पूरी “सुदामा पुरी” बस गई। उन्होंने कलयुग में मनुष्य के स्वार्थ और मोह में फंसकर भगवान को भूलने की बात कही और सत्कर्मों पर जोर दिया। कथा व्यास ने भोमासुर के वध और 16,100 कन्याओं के उद्धार का प्रसंग भी सुनाया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने कन्याओं की प्रार्थना पर भोमासुर का वध कर उन्हें मुक्ति दिलाई और समाज द्वारा अस्वीकार किए जाने के डर से भगवान ने उन सभी कन्याओं से विवाह कर उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान किया। आचार्य रामभूषण दास महाराज ने नशामुक्ति का संदेश भी दिया, इसे व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए विनाशकारी बताते हुए युवाओं से धार्मिक और संस्कारयुक्त जीवन अपनाने की अपील की। श्रीमद्भागवत कथा के भव्य समापन के उपलक्ष्य में धोर्रा में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। नगर सहित महुआ, रजौधा, रायपुर, अंबाह, सिलावली, कुरैठा, मुरैना, फूप, अटेर, भिंड, गोरमी, मेहगांव, नगरा, चापक, भदावली जैसे दूर-दराज़ के क्षेत्रों से भारी संख्या में भक्त धोर्रा पहुंचे। भंडारे की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं और प्रसादी निर्माण का कार्य 2 जून की रात 9 बजे से बुधवार रात 8 बजे तक लगातार जारी रहा। विशाल रसोई में 20 तवों पर 150 क्विंटल आटे के मालपुए तैयार किए गए, जबकि सब्जी और खीर का निर्माण भी निरंतर चलता रहा, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों ने दिन-रात सहयोग किया। इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता धोर्रा के ग्रामवासियों का अभूतपूर्व सहयोग रहा, जिन्होंने भंडारे को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई और पूरे गांव में सेवा, समर्पण तथा धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने श्री पांडरी बाबा महाराज के मंदिर में दर्शन कर मन्नत की अर्जी लगाई और प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों और आयोजकों के अनुसार, धोर्रा के इतिहास में यह पहला अवसर था जब इतने विशाल स्तर पर भंडारे का आयोजन हुआ। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और पांडरी बाबा महाराज की कृपा से यह ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। भंडारा दोपहर 12 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा।
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    पोरसा के श्री पांडरी बाबा महाराज के भक्तों द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में बुधवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास आचार्य रामभूषण दास महाराज ने सुदामा चरित्र का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया, जिसमें उन्होंने बताया कि सच्चे मन से भगवान की भक्ति करने वाले को प्रभु कभी निराश नहीं करते। आचार्य द्वारा “देख सुदामा की दीन दशा, करुणाकर करुणानिधि रोए…” भजन गाने पर पूरा कथा पंडाल भाव-विभोर हो उठा और श्रद्धालुओं की आँखें नम हो गईं, जिससे वातावरण “राधे-श्याम” तथा “जय श्रीकृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा।

आचार्य ने भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता को भक्ति, प्रेम और समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण बताया। उन्होंने सुदामा की घोर गरीबी का उल्लेख किया, जिनकी पत्नी सुशीला के आग्रह पर वे अपने बालसखा श्रीकृष्ण से मिलने द्वारका गए। सुदामा संकोचवश कुछ मांगना नहीं चाहते थे, इसलिए उनकी पत्नी ने पड़ोस से चावल मांगकर थोड़े से पोहे बांध दिए। श्रीकृष्ण ने अपने प्रिय मित्र सुदामा को देखते ही सिंहासन से दौड़कर गले लगा लिया और पानी की परात को हाथ लगाए बिना अपने नेत्रों के अश्रुओं से उनके चरण धो दिए, जो भगवान की अपने भक्त के प्रति करुणा और प्रेम को दर्शाता है। आचार्य महामंडलेश्वर रामभूषण दास महाराज ने कहा कि सुदामा ने कुछ नहीं मांगा, फिर भी भगवान ने उनके मन की हर इच्छा पूरी की और जब सुदामा वापस अपने गांव पहुंचे, तो उनकी टूटी-फूटी झोपड़ी महल में बदल चुकी थी और पूरी “सुदामा पुरी” बस गई। उन्होंने कलयुग में मनुष्य के स्वार्थ और मोह में फंसकर भगवान को भूलने की बात कही और सत्कर्मों पर जोर दिया।

कथा व्यास ने भोमासुर के वध और 16,100 कन्याओं के उद्धार का प्रसंग भी सुनाया, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने कन्याओं की प्रार्थना पर भोमासुर का वध कर उन्हें मुक्ति दिलाई और समाज द्वारा अस्वीकार किए जाने के डर से भगवान ने उन सभी कन्याओं से विवाह कर उन्हें सम्मानपूर्ण जीवन प्रदान किया। आचार्य रामभूषण दास महाराज ने नशामुक्ति का संदेश भी दिया, इसे व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए विनाशकारी बताते हुए युवाओं से धार्मिक और संस्कारयुक्त जीवन अपनाने की अपील की।

श्रीमद्भागवत कथा के भव्य समापन के उपलक्ष्य में धोर्रा में एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। नगर सहित महुआ, रजौधा, रायपुर, अंबाह, सिलावली, कुरैठा, मुरैना, फूप, अटेर, भिंड, गोरमी, मेहगांव, नगरा, चापक, भदावली जैसे दूर-दराज़ के क्षेत्रों से भारी संख्या में भक्त धोर्रा पहुंचे। भंडारे की तैयारियां कई दिनों से चल रही थीं और प्रसादी निर्माण का कार्य 2 जून की रात 9 बजे से बुधवार रात 8 बजे तक लगातार जारी रहा। विशाल रसोई में 20 तवों पर 150 क्विंटल आटे के मालपुए तैयार किए गए, जबकि सब्जी और खीर का निर्माण भी निरंतर चलता रहा, जिसमें हजारों स्वयंसेवकों ने दिन-रात सहयोग किया।

इस ऐतिहासिक आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता धोर्रा के ग्रामवासियों का अभूतपूर्व सहयोग रहा, जिन्होंने भंडारे को सफल बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाई और पूरे गांव में सेवा, समर्पण तथा धार्मिक उत्साह का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने श्री पांडरी बाबा महाराज के मंदिर में दर्शन कर मन्नत की अर्जी लगाई और प्रसादी ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। ग्राम के वरिष्ठ नागरिकों और आयोजकों के अनुसार, धोर्रा के इतिहास में यह पहला अवसर था जब इतने विशाल स्तर पर भंडारे का आयोजन हुआ। आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, ग्रामवासियों, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग और पांडरी बाबा महाराज की कृपा से यह ऐतिहासिक आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो सका। भंडारा दोपहर 12 बजे से शुरू होकर देर रात तक चलता रहा।
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    पत्रकार
    Advertising Photographer पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मेहगांव थाने में पक्षपातपूर्ण व्यवहार के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जहाँ थाना प्रभारी श्री महेश शर्मा के कार्यभार संभालने के बाद से ही क्षेत्र के कई नागरिक शिकायत कर रहे हैं कि सभी के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा रहा है। विशेष रूप से बहुजन समाज के लोगों की शिकायतों पर उचित कार्रवाई न होने और पीड़ितों को बार-बार थाने बुलाने के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की भिण्ड जिला इकाई ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि ये आरोप सत्य हैं, तो यह कानून के समक्ष समानता और निष्पक्ष न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। पार्टी ने मांग की है कि मेहगांव थाने में दर्ज शिकायतों की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी भी प्रकार का भेदभाव या पक्षपात पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि क्षेत्र के सभी नागरिकों का कानून और प्रशासन पर विश्वास बना रहे।
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    मेहगांव थाने में पक्षपातपूर्ण व्यवहार के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जहाँ थाना प्रभारी श्री महेश शर्मा के कार्यभार संभालने के बाद से ही क्षेत्र के कई नागरिक शिकायत कर रहे हैं कि सभी के साथ समान व्यवहार नहीं किया जा रहा है। विशेष रूप से बहुजन समाज के लोगों की शिकायतों पर उचित कार्रवाई न होने और पीड़ितों को बार-बार थाने बुलाने के बावजूद समय पर एफआईआर दर्ज न करने का आरोप है।

आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) की भिण्ड जिला इकाई ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि यदि ये आरोप सत्य हैं, तो यह कानून के समक्ष समानता और निष्पक्ष न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। पार्टी ने मांग की है कि मेहगांव थाने में दर्ज शिकायतों की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, यदि जांच में किसी भी प्रकार का भेदभाव या पक्षपात पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए ताकि क्षेत्र के सभी नागरिकों का कानून और प्रशासन पर विश्वास बना रहे।
    user_मुकेश सिंह भदौरिया
    मुकेश सिंह भदौरिया
    Local News Reporter गोरमी, भिंड, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • अम्बाह से मिली एक बड़ी खबर के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई है। यह घटना थरा एसबीआई बैंक के सामने मनोज शर्मा और ऋषि शर्मा के भूसों से भरे दो कूपों में हुई, जिसमें साल भर के लिए पशुओं के लिए रखा गया चारा जलकर राख हो गया। पीड़ित मनोज शर्मा ने बताया कि उनके मकानों के बीचोंबीच से थरा पंप की 11केवी की बिजली लाइन गुजरती है, जिससे हर समय जान का जोखिम बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के शॉर्ट सर्किट की वजह से उनके सामने पूरे साल भर के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शर्मा ने बिजली कंपनी से इस मामले को गंभीरता से ध्यान में रखते हुए, लाइन को घरों के बीच से हटाकर यथावत किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की माँग की है, चेतावनी दी कि अन्यथा आगामी समय में किसी की जान भी जा सकती है।
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    अम्बाह से मिली एक बड़ी खबर के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई है। यह घटना थरा एसबीआई बैंक के सामने मनोज शर्मा और ऋषि शर्मा के भूसों से भरे दो कूपों में हुई, जिसमें साल भर के लिए पशुओं के लिए रखा गया चारा जलकर राख हो गया।

पीड़ित मनोज शर्मा ने बताया कि उनके मकानों के बीचोंबीच से थरा पंप की 11केवी की बिजली लाइन गुजरती है, जिससे हर समय जान का जोखिम बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के शॉर्ट सर्किट की वजह से उनके सामने पूरे साल भर के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शर्मा ने बिजली कंपनी से इस मामले को गंभीरता से ध्यान में रखते हुए, लाइन को घरों के बीच से हटाकर यथावत किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की माँग की है, चेतावनी दी कि अन्यथा आगामी समय में किसी की जान भी जा सकती है।
    user_Avdhesh  Tomar patrakar THARA
    Avdhesh Tomar patrakar THARA
    Teacher अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अंबाह में थरा एसबीआई बैंक के सामने मनोज शर्मा के भूसे से भरे दो कूपों में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस घटना में साल भर के लिए पशुओं के लिए रखा गया पूरा चारा जलकर राख हो गया, जिससे किसान को भारी नुकसान हुआ। पीड़ित मनोज शर्मा ने बताया कि उनके मकान के ठीक बीच से थरा पंप की 11केवी की लाइन गुजरती है, जिसके कारण हर समय जान का खतरा बना रहता है। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि शॉर्ट सर्किट की इस घटना से अब उनके पशुओं के लिए पूरे साल भर के चारे का संकट खड़ा हो गया है। शर्मा ने बिजली कंपनी से इस मामले को गंभीरता से लेने और आवासीय क्षेत्रों के बीच से गुजर रही इस लाइन को तत्काल हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगामी समय में किसी की जान भी जा सकती है।
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    अंबाह में थरा एसबीआई बैंक के सामने मनोज शर्मा के भूसे से भरे दो कूपों में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस घटना में साल भर के लिए पशुओं के लिए रखा गया पूरा चारा जलकर राख हो गया, जिससे किसान को भारी नुकसान हुआ।

पीड़ित मनोज शर्मा ने बताया कि उनके मकान के ठीक बीच से थरा पंप की 11केवी की लाइन गुजरती है, जिसके कारण हर समय जान का खतरा बना रहता है। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि शॉर्ट सर्किट की इस घटना से अब उनके पशुओं के लिए पूरे साल भर के चारे का संकट खड़ा हो गया है।

शर्मा ने बिजली कंपनी से इस मामले को गंभीरता से लेने और आवासीय क्षेत्रों के बीच से गुजर रही इस लाइन को तत्काल हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगामी समय में किसी की जान भी जा सकती है।
    user_भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    भीमसेन सिंह तोमर पत्रकार थरा
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के पोरसा में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले शासकीय अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। इस हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। मंगलवार से शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में करीब 55 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं, जिनका आरोप है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान, पीवीआई का समायोजन, नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश सुविधा, अन्य राज्यों की तर्ज पर 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, तथा वर्ष 2023 की नीति के अनुसार एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस हड़ताल में एएनएम उषा सिलावट, सुनीता भदौरिया, सीमा सोनी, प्रियंका दौहरे, जूली शाक्य, सोनाली जादौन, निक्की कौरव, सीएचओ गौरव पाल, अनिल उपाध्याय, दीपक श्रीवास, डॉ. पवन श्रीवास्तव, अकाउंटेंट सुनील माहौर, फार्मासिस्ट बृजमोहन तोमर, नर्सिंग ऑफिसर जगबीर सिकरवार, मोहन राठौर, अभय सिंह भदौरिया, आकाश बुंदेला और सोनू सिंघल सहित अनेक कर्मचारी भाग ले रहे हैं। हड़ताल का असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है, जिससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में भारी कठिनाई हो रही है। इस स्थिति पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं और उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने हेतु जिला कार्यालय को एक पत्र भेजा है। आंदोलन के दूसरे दिन भी मांगों के समाधान के कोई संकेत न मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है, और यदि जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका और भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
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    मध्य प्रदेश के पोरसा में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले शासकीय अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। इस हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। मंगलवार से शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में करीब 55 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं, जिनका आरोप है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।

संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान, पीवीआई का समायोजन, नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश सुविधा, अन्य राज्यों की तर्ज पर 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, तथा वर्ष 2023 की नीति के अनुसार एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस हड़ताल में एएनएम उषा सिलावट, सुनीता भदौरिया, सीमा सोनी, प्रियंका दौहरे, जूली शाक्य, सोनाली जादौन, निक्की कौरव, सीएचओ गौरव पाल, अनिल उपाध्याय, दीपक श्रीवास, डॉ. पवन श्रीवास्तव, अकाउंटेंट सुनील माहौर, फार्मासिस्ट बृजमोहन तोमर, नर्सिंग ऑफिसर जगबीर सिकरवार, मोहन राठौर, अभय सिंह भदौरिया, आकाश बुंदेला और सोनू सिंघल सहित अनेक कर्मचारी भाग ले रहे हैं।

हड़ताल का असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है, जिससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में भारी कठिनाई हो रही है। इस स्थिति पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं और उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने हेतु जिला कार्यालय को एक पत्र भेजा है। आंदोलन के दूसरे दिन भी मांगों के समाधान के कोई संकेत न मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है, और यदि जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका और भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
    user_Malkhan parmar
    Malkhan parmar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 'प्यार' के चक्कर में एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी। मिली जानकारी के अनुसार, अपराधी बच्ची को टॉफी देने के बहाने घर से लेकर आया और फिर उसे पटक-पटक कर निर्ममता से मार डाला। इस अमानवीय वारदात के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 'शॉर्ट एनकाउंटर' को अंजाम दिया है।
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    शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 'प्यार' के चक्कर में एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी। मिली जानकारी के अनुसार, अपराधी बच्ची को टॉफी देने के बहाने घर से लेकर आया और फिर उसे पटक-पटक कर निर्ममता से मार डाला। इस अमानवीय वारदात के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 'शॉर्ट एनकाउंटर' को अंजाम दिया है।
    user_Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
    Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    11 hrs ago
  • पोरसा में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले शासकीय अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। मंगलवार से करीब 55 संविदा कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं, जिसके कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा सहित ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएँ गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है, जिसके विरोध में उन्हें यह आंदोलन शुरू करना पड़ा। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, अवकाश सुविधाएँ, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इस हड़ताल में एएनएम, सीएचओ, नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट, अकाउंटेंट और अन्य स्वास्थ्य कर्मी बड़ी संख्या में शामिल हैं, जिससे अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कामकाज बाधित हो रहा है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने इस बात की पुष्टि की है कि हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जिला कार्यालय को अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने हेतु एक पत्र भेजा गया है, ताकि मरीजों को कुछ राहत मिल सके। फिलहाल संविदा कर्मचारियों और प्रशासन के बीच कोई समाधान नहीं निकल पाया है। यदि इन मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
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    पोरसा में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले शासकीय अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। मंगलवार से करीब 55 संविदा कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं, जिसके कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा सहित ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएँ गंभीर रूप से प्रभावित हो रही हैं।

कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है, जिसके विरोध में उन्हें यह आंदोलन शुरू करना पड़ा। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, अवकाश सुविधाएँ, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इस हड़ताल में एएनएम, सीएचओ, नर्सिंग ऑफिसर, फार्मासिस्ट, अकाउंटेंट और अन्य स्वास्थ्य कर्मी बड़ी संख्या में शामिल हैं, जिससे अस्पतालों और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कामकाज बाधित हो रहा है और मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने इस बात की पुष्टि की है कि हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि वैकल्पिक व्यवस्था के लिए जिला कार्यालय को अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने हेतु एक पत्र भेजा गया है, ताकि मरीजों को कुछ राहत मिल सके।

फिलहाल संविदा कर्मचारियों और प्रशासन के बीच कोई समाधान नहीं निकल पाया है। यदि इन मांगों पर जल्द कोई निर्णय नहीं लिया जाता है, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका व्यापक असर देखने को मिल सकता है।
    user_पत्रकार
    पत्रकार
    Advertising Photographer पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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