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शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 'प्यार' के चक्कर में एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी। मिली जानकारी के अनुसार, अपराधी बच्ची को टॉफी देने के बहाने घर से लेकर आया और फिर उसे पटक-पटक कर निर्ममता से मार डाला। इस अमानवीय वारदात के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 'शॉर्ट एनकाउंटर' को अंजाम दिया है।
Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 'प्यार' के चक्कर में एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी। मिली जानकारी के अनुसार, अपराधी बच्ची को टॉफी देने के बहाने घर से लेकर आया और फिर उसे पटक-पटक कर निर्ममता से मार डाला। इस अमानवीय वारदात के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 'शॉर्ट एनकाउंटर' को अंजाम दिया है।
- Patrkar Lalmanmoti Singh tomarअंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेशओहो11 hrs ago
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- अम्बाह से मिली एक बड़ी खबर के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई है। यह घटना थरा एसबीआई बैंक के सामने मनोज शर्मा और ऋषि शर्मा के भूसों से भरे दो कूपों में हुई, जिसमें साल भर के लिए पशुओं के लिए रखा गया चारा जलकर राख हो गया। पीड़ित मनोज शर्मा ने बताया कि उनके मकानों के बीचोंबीच से थरा पंप की 11केवी की बिजली लाइन गुजरती है, जिससे हर समय जान का जोखिम बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के शॉर्ट सर्किट की वजह से उनके सामने पूरे साल भर के लिए चारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। शर्मा ने बिजली कंपनी से इस मामले को गंभीरता से ध्यान में रखते हुए, लाइन को घरों के बीच से हटाकर यथावत किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की माँग की है, चेतावनी दी कि अन्यथा आगामी समय में किसी की जान भी जा सकती है।2
- अंबाह में थरा एसबीआई बैंक के सामने मनोज शर्मा के भूसे से भरे दो कूपों में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई। इस घटना में साल भर के लिए पशुओं के लिए रखा गया पूरा चारा जलकर राख हो गया, जिससे किसान को भारी नुकसान हुआ। पीड़ित मनोज शर्मा ने बताया कि उनके मकान के ठीक बीच से थरा पंप की 11केवी की लाइन गुजरती है, जिसके कारण हर समय जान का खतरा बना रहता है। उन्होंने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि शॉर्ट सर्किट की इस घटना से अब उनके पशुओं के लिए पूरे साल भर के चारे का संकट खड़ा हो गया है। शर्मा ने बिजली कंपनी से इस मामले को गंभीरता से लेने और आवासीय क्षेत्रों के बीच से गुजर रही इस लाइन को तत्काल हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगामी समय में किसी की जान भी जा सकती है।1
- मध्य प्रदेश के पोरसा में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले शासकीय अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। इस हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। मंगलवार से शुरू हुई इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में करीब 55 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल हैं, जिनका आरोप है कि उनकी मांगों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान, पीवीआई का समायोजन, नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश सुविधा, अन्य राज्यों की तर्ज पर 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, तथा वर्ष 2023 की नीति के अनुसार एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस हड़ताल में एएनएम उषा सिलावट, सुनीता भदौरिया, सीमा सोनी, प्रियंका दौहरे, जूली शाक्य, सोनाली जादौन, निक्की कौरव, सीएचओ गौरव पाल, अनिल उपाध्याय, दीपक श्रीवास, डॉ. पवन श्रीवास्तव, अकाउंटेंट सुनील माहौर, फार्मासिस्ट बृजमोहन तोमर, नर्सिंग ऑफिसर जगबीर सिकरवार, मोहन राठौर, अभय सिंह भदौरिया, आकाश बुंदेला और सोनू सिंघल सहित अनेक कर्मचारी भाग ले रहे हैं। हड़ताल का असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ रहा है, जिससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में भारी कठिनाई हो रही है। इस स्थिति पर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं और उन्होंने वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने हेतु जिला कार्यालय को एक पत्र भेजा है। आंदोलन के दूसरे दिन भी मांगों के समाधान के कोई संकेत न मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है, और यदि जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका और भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।1
- शिकोहाबाद की यादव कॉलोनी में एक दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 'प्यार' के चक्कर में एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची को अपनी जान गंवानी पड़ी। मिली जानकारी के अनुसार, अपराधी बच्ची को टॉफी देने के बहाने घर से लेकर आया और फिर उसे पटक-पटक कर निर्ममता से मार डाला। इस अमानवीय वारदात के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक 'शॉर्ट एनकाउंटर' को अंजाम दिया है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के हालिया बयान के विरोध में अंबाह नगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक अनोखा और शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया, जिसमें सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री के बयान को जनभावनाओं के अनुरूप न बताते हुए कहा कि इससे समाज के विभिन्न वर्गों में असंतोष व्याप्त है। कार्यकर्ताओं ने धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का सहारा लेकर अपनी आवाज बुलंद की, साथ ही हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार जनता से जुड़े गंभीर मुद्दों जैसे बेरोजगारी, महंगाई, किसानों की समस्याएं और कानून व्यवस्था से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। वक्ताओं ने यह भी दोहराया कि कांग्रेस हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी। सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के बाद हुई सभा में कांग्रेस नेताओं ने भगवान हनुमान को शक्ति, साहस और सत्य का प्रतीक बताया। उनके आदर्शों को स्मरण करते हुए, कार्यकर्ताओं ने जनहित के मुद्दों पर प्रदेश में संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। नेताओं ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का उद्देश्य किसी धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराना था। कार्यक्रम के समापन पर, कार्यकर्ताओं ने सरकार से मुख्यमंत्री के बयान पर स्पष्टीकरण देने और जनता की भावनाओं का सम्मान करने की मांग की। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि यदि जनहित के मुद्दों की लगातार अनदेखी की गई, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगी। यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और प्रशासन ने भी स्थिति पर नजर रखी। स्थानीय लोगों के बीच यह प्रदर्शन चर्चा का विषय बना रहा, जिसे कांग्रेस के एक अनोखे विरोध प्रदर्शन के रूप में देखा गया।1
- मुरैना/अम्बाह में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता हनुमंत सिंह तोमर (थोगापुरा) ने बैजनाथ धाम की पावन यात्रा पर जाने वाले सभी श्रद्धालु भक्तों, बुजुर्गों, माताओं और पिताओं का बड़े ही भव्य और गरिमामयी तरीके से स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने सभी तीर्थयात्रियों को पुष्पमालाएं पहनाईं और पवित्र पट्टिकाएं (दुपट्टा) ओढ़ाकर भावभीना अभिनंदन किया। तोमर ने स्वयं बुजुर्गों और माता-पिता के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया, साथ ही बाबा बैजनाथ से सभी की सुख-समृद्धि और मंगलमय यात्रा की कामना की। इस भक्तिमय और विदाई कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से भाजपा मुरैना के जिला महामंत्री महेंद्र यादव ने तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं। उनके साथ ब्रजेश अग्रवाल, हर्ष सिंह तोमर, निखिल सिंह तोमर और अपनेश सिंह तोमर ने भी भक्तों का उत्साहवर्धन किया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में 'गुरुकृपा टीम' के सदस्यों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने पूरी श्रद्धा और सेवा भाव से सभी व्यवस्थाएं संभालीं। पुष्पवर्षा और जयकारों के बीच बैजनाथ धाम के लिए रवाना होते समय श्रद्धालुओं की आंखें खुशी से छलक उठीं। उन्होंने हनुमंत सिंह तोमर और उनकी टीम के इस आत्मीय स्वागत और सम्मान की भरपूर प्रशंसा करते हुए पूरी टीम को उज्जवल भविष्य का आशीर्वाद दिया।1
- पोरसा नगर पालिका परिषद ने आगामी मानसून को देखते हुए शहर के सभी प्रमुख नालों की सफाई का अभियान तेज गति से शुरू कर दिया है। नगर पालिका प्रशासन का दावा है कि अगले 15 दिनों के भीतर यह सफाई कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा, जिससे बारिश के दौरान शहर में जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्रीमती कुसमा देवी रामवीर सिंह तोमर, मुख्य नगर पालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर, सब इंजीनियर संजय वर्मा और स्वच्छता निरीक्षक संतोष सिंह तोमर के मार्गदर्शन में किर्रायच रोड, जोटई रोड, अटेर रोड, धनेटा रोड, अंबाह रोड सहित विभिन्न प्रमुख मार्गों पर स्थित नालों से गाद एवं कचरा निकालकर जल निकासी व्यवस्था को सुचारु बनाया जा रहा है। आज सब्जी मंडी क्षेत्र में स्थित एक बड़े नाले की सफाई के निरीक्षण के दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी अवधेश सिंह सेंगर ने बताया कि मानसून आने से पहले सभी नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार नालों को पहले ही चौड़ा कराया जा चुका है, जिससे वर्षा का पानी तेजी से निकलेगा और शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना नहीं रहेगी। नगर पालिका प्रशासन का मानना है कि समय रहते नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने से नागरिकों को बारिश के मौसम में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी नगर पालिका के इस अभियान की सराहना की है और सफाई कार्य को नियमित रूप से जारी रखने की मांग की है। नगर पालिका का लक्ष्य है कि मानसून की पहली बारिश से पहले शहर की संपूर्ण जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाकर पोरसा को जलभराव मुक्त बनाया जाए।1
- पोरसा में संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, मध्यप्रदेश शाखा पोरसा के बैनर तले शासकीय अस्पताल और ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत संविदा कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दूसरे दिन भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर डटे रहे। इस हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। जानकारी के अनुसार, करीब 55 संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है, जिसके चलते उन्हें यह आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। उनकी प्रमुख मांगों में नियमितीकरण, नियमित कर्मचारियों के समान वेतनमान, पीवीआई का समायोजन, नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश सुविधा, अन्य राज्यों की तर्ज पर 10 प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि, वर्ष 2023 की नीति के अनुसार एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ, सहित अन्य सुविधाएं शामिल हैं। इस हड़ताल में एएनएम उषा सिलावट, सुनीता भदौरिया, सीमा सोनी, प्रियंका दौहरे, जूली शाक्य, सोनाली जादौन, निक्की कौरव, सीएचओ गौरव पाल, अनिल उपाध्याय, दीपक श्रीवास, डॉ. पवन श्रीवास्तव, अकाउंटेंट सुनील माहौर, फार्मासिस्ट बृजमोहन तोमर, नर्सिंग ऑफिसर जगबीर सिकरवार, मोहन राठौर, अभय सिंह भदौरिया, आकाश बुंदेला, सोनू सिंघल सहित अनेक कर्मचारी शामिल हैं। हड़ताल के चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोरसा के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य सेवाओं पर भी गहरा असर पड़ रहा है, जिससे मरीजों को आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ. शैलेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि संविदा कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं और वैकल्पिक व्यवस्था के लिए अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने हेतु जिला कार्यालय को पत्र भेजा गया है ताकि मरीजों को राहत मिल सके। संविदा कर्मचारियों के इस आंदोलन के दूसरे दिन भी समाधान के कोई संकेत नहीं मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। यदि जल्द ही मांगों पर कोई निर्णय नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका और भी व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।1