समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय (पवन पांडेय) ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर आस्था और विश्वास का केंद्र है, जहाँ देश-विदेश से भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार धन, आभूषण और अन्य भेंट अर्पित करते हैं। ऐसे में मंदिर में आने वाला चढ़ावा सिर्फ आर्थिक महत्व नहीं रखता, बल्कि इससे करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। तेज नारायण पांडेय ने उल्लेख किया कि संघ परिवार से जुड़े महिपाल सिंह द्वारा लंबे समय से मंदिर के चढ़ावे से संबंधित धन और आभूषणों में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब इस प्रकार के आरोप सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं और समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग की जाती है, तो मामले की पारदर्शी जांच कराना आवश्यक हो जाता है। पूर्व मंत्री ने मांग की कि यदि आरोपों में कोई सच्चाई है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, और यदि आरोप निराधार हैं, तो जांच के माध्यम से इसे भी स्पष्ट रूप से सामने लाया जाना चाहिए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या सत्य, मर्यादा और धर्म की भूमि है, और प्रभु श्रीराम की नगरी में आस्था से जुड़े किसी भी विषय पर उठे सवालों का जवाब पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ दिया जाना चाहिए। तेज नारायण पांडेय ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए, जिससे सत्य देश के सामने आ सके। उनका मानना है कि करोड़ों रामभक्त सिर्फ यह चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, किसी भी प्रकार का दबाव या प्रभाव न हो, और जो भी तथ्य हों, वे सार्वजनिक किए जाएं, ताकि जनता के मन में किसी प्रकार का भ्रम या अविश्वास न रहे। उन्होंने दोहराया कि प्रभु श्रीराम की नगरी में सत्य की स्थापना और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय (पवन पांडेय) ने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे को लेकर सामने आए विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर आस्था और विश्वास का केंद्र है, जहाँ देश-विदेश से भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार धन, आभूषण और अन्य भेंट अर्पित करते हैं। ऐसे में मंदिर में आने वाला चढ़ावा सिर्फ आर्थिक महत्व नहीं रखता, बल्कि इससे करोड़ों लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। तेज नारायण पांडेय ने उल्लेख किया कि संघ परिवार से जुड़े महिपाल सिंह द्वारा लंबे समय से मंदिर के चढ़ावे से संबंधित धन और आभूषणों में कथित अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब इस प्रकार के आरोप सार्वजनिक रूप से सामने आते हैं और समाज के विभिन्न वर्गों द्वारा निष्पक्ष जांच की मांग की जाती है, तो मामले की पारदर्शी जांच कराना आवश्यक हो जाता है। पूर्व मंत्री ने मांग की कि यदि आरोपों में कोई सच्चाई है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए, और यदि आरोप निराधार हैं, तो जांच के माध्यम से इसे भी स्पष्ट रूप से सामने लाया जाना चाहिए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास पर कोई प्रश्नचिह्न न लगे। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या सत्य, मर्यादा और धर्म की भूमि है, और प्रभु श्रीराम की नगरी में आस्था से जुड़े किसी भी विषय पर उठे सवालों का जवाब पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ दिया जाना चाहिए। तेज नारायण पांडेय ने मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की किसी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जाए, जिससे सत्य देश के सामने आ सके। उनका मानना है कि करोड़ों रामभक्त सिर्फ यह चाहते हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, किसी भी प्रकार का दबाव या प्रभाव न हो, और जो भी तथ्य हों, वे सार्वजनिक किए जाएं, ताकि जनता के मन में किसी प्रकार का भ्रम या अविश्वास न रहे। उन्होंने दोहराया कि प्रभु श्रीराम की नगरी में सत्य की स्थापना और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
- Mohit mahantaफैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेशjach honi chahiye2 days ago
- संत नगर मंडल से लापता हुई एक 14 वर्षीय बालिका को सकुशल और सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुँचाने के लिए बुराड़ी थाना की पुलिस टीम का आभार और सम्मान व्यक्त किया गया। इस अवसर पर थाना के माननीय एसएचओ श्री गिरिश चंद्र रतूड़ी जी और उनकी पूरी टीम को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम में रेखा रावत, निगम प्रत्याशी, संत नगर मंडल, भारतीय जनता पार्टी, के साथ पूर्वी जिला कार्यालय मंत्री आदरणीय श्री अनंत गोपाल बिट्टू जी, पूर्व संत नगर मंडल अध्यक्ष आदरणीय श्री किशन पाल सिंह जी, शक्ति केंद्र प्रमुख एवं अभिभावक तुल्य आदरणीय श्री शिव जी शाह जी, शक्ति केंद्र प्रमुख आदरणीय श्री राज ठाकुर जी, उपाध्यक्ष आदरणीय श्री मनोज शर्मा जी, शक्ति केंद्र प्रमुख आदरणीय श्री राजेश शर्मा जी, आदरणीय श्री राज कुमार गुप्ता जी, आदरणीय श्री वागीश शंकर शुक्ला जी, श्री ऋतेश गुसाईं जी, मंडल मंत्री उषी जी, पूर्व मंडल मंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र प्रताप चौहान जी एवं पूर्व मंडल प्रवक्ता आदरणीय श्री राघव पंडित जी सहित संत नगर मंडल के सभी साथी उपस्थित रहे। सभी उपस्थित सम्मानित साथियों ने बुराड़ी पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता, जनसेवा के प्रति समर्पण और उनकी उत्कृष्ट कार्यशैली की भरपूर प्रशंसा की। उन्होंने पूरी पुलिस टीम को शुभकामनाएँ और धन्यवाद भी प्रेषित किया। इस अवसर पर समाज की सुरक्षा, बेटियों की रक्षा और नागरिकों के विश्वास को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बुराड़ी पुलिस द्वारा किए गए इस सराहनीय कार्य को प्रशंसनीय बताया गया। रेखा रावत ने दिल्ली पुलिस को 'आँख, कान और नाक' बनकर उनकी संपूर्ण मदद करने का आह्वान करते हुए, पुलिस टीम के उज्ज्वल भविष्य और निरंतर जनसेवा के लिए शुभकामनाएँ व्यक्त कीं।1
- अयोध्या के कैंट थाने के गद्दोपुर क्षेत्र में एक 16 वर्षीय नाबालिग युवक का कथित तौर पर नग्न वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप सामने आया है। अपने आप को डॉक्टर बताने वाले दो युवक, शिवम राय और आकाश शर्मा, पर यह ब्लैकमेलिंग का आरोप लगा है। पीड़ित युवक दिव्यांश राय को आवाज ठीक करने के बहाने नशीली दवा खिलाकर उसका अश्लील वीडियो बनाया गया। ब्लैकमेल करने वाले इन युवकों ने पीड़ित से उसके अपने ही घर से जेवरातों की चोरी करवाई। बताया गया है कि इन जेवरातों को मऊशिवाला स्थित एक आभूषण विक्रेता के यहां आरोपियों ने अपने नाम पर गिरवी रख दिया। घर से जेवरात गायब होने के बाद जब परिजनों ने पूछताछ की, तब युवक ने ब्लैकमेलिंग की पूरी कहानी परिजनों को बताई। इस मामले में पीड़ित युवक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को शिकायत दी है और आभूषण विक्रेता ने पुलिस के सामने यह कुबूला भी है कि उसने आभूषण गिरवी रखे हैं। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने ना तो आभूषण विक्रेता पर कोई कार्रवाई की है और ना ही ब्लैकमेलर युवकों पर। पीड़ित युवक के पिता राकेश कुमार राय लगातार पुलिस अधिकारियों से फरियाद कर रहे हैं। इस बीच, कथित डॉक्टर अब पीड़ित पक्ष को मामले को दबाने के लिए धमकी भी दे रहा है। आरोपी और पीड़ित परिवार आपस में पड़ोस में ही रहते हैं। अब देखना यह है कि पुलिस इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करती है।2
- अयोध्या जनपद के थाना कोतवाली बीकापुर क्षेत्र में रातभर बड़े पैमाने पर अवैध खनन का मामला सामने आया है। यह घटना कोछा बाजार के पास स्थित टायर फैक्ट्री के निकट हुई, जहाँ देर रात से सुबह तक जेसीबी मशीनों से मिट्टी की खुदाई का काम चलता रहा। स्थानीय सूत्रों ने इस पूरी प्रक्रिया में प्रशासन की कथित लापरवाही और मिलीभगत का आरोप लगाया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, रातभर अवैध खनन जारी रहने की जानकारी जिले के पत्रकारों द्वारा संबंधित विभागों को दी गई थी। सूचना मिलने पर खनन इंस्पेक्टर शिवम जैन ने तत्काल कोतवाली बीकापुर पुलिस को सूचित करने की बात कही। सूत्रों का दावा है कि सूचना के बाद कुछ देर के लिए जेसीबी मशीनों को हटा लिया गया था, लेकिन थोड़ी ही देर बाद अवैध खनन फिर से शुरू हो गया और यह सिलसिला सुबह करीब 8 बजे तक बेरोकटोक चलता रहा। पत्रकारों ने उच्च प्रशासनिक अधिकारियों से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उप जिलाधिकारी का फोन रिसीव नहीं हुआ। बीकापुर उप जिलाधिकारी पर यह भी आरोप है कि कई अन्य मामलों में भी उनसे संपर्क करने के बावजूद उनका फोन रिसीव नहीं होता और शिकायतों पर अपेक्षित प्रतिक्रिया नहीं मिलती है। इस घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते सक्रिय होता, तो बड़े पैमाने पर हुई इस खुदाई को रोका जा सकता था। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक प्रशासन या खनन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। यह मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली और अवैध खनन पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है, और क्षेत्रीय जनता अब उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप तथा प्रभावी कार्रवाई का इंतजार कर रही है।2
- अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील अंतर्गत बनकटवा इच्छौरी गांव निवासी मस्तराम वर्मा ने 17 जून 2026 को सुबह लगभग 10 बजे से तहसील परिसर स्थित शहीद स्मारक पर दोबारा आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने बीकापुर तहसील प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए अपनी नौ सूत्रीय मांगों को लेकर यह कदम उठाया है, जो भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच किया जा रहा है। वर्मा ने बताया कि इससे पहले भी वे चार दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे थे, जिसे तहसील और पुलिस प्रशासन द्वारा यह आश्वासन देकर तुड़वाया गया था कि उनके मकान निर्माण को रोका नहीं जाएगा। हालांकि, जब उन्होंने मकान निर्माण शुरू किया, तो स्थानीय पुलिस ने उन्हें बीएनएसएस की धारा 170 के तहत शांति भंग के आरोप में चालान कर जेल भेज दिया। यह कार्रवाई प्रशासन की ओर से की गई वादाखिलाफी का स्पष्ट उदाहरण है। मस्तराम वर्मा ने आगामी अनशन की जानकारी पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दे दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 18 जून तक उन्हें मकान निर्माण की अनुमति नहीं दी गई, तो वे किसी टावर पर चढ़कर आत्महत्या करने को विवश हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके द्वारा कराए जा रहे मकान निर्माण के संबंध में किसी भी सक्षम न्यायालय से कोई स्थगन आदेश नहीं है, फिर भी आवास न होने के बावजूद उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। इस घटना को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि प्रशासन द्वारा पहले चार दिनों से अनशन पर बैठे मस्तराम वर्मा को पानी पिलाकर अनशन तुड़वाकर मकान बनाने का आश्वासन देना और फिर मकान निर्माण के दौरान उन्हें जेल भेज देना, यह प्रशासन की असफलता है या कुछ और। लोग अब यह जानने का इंतजार कर रहे हैं कि मस्तराम वर्मा के इस मामले में तहसील और पुलिस प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।1
- अयोध्या जिले के बीकापुर तहसील अंतर्गत बनकटवा इच्छौरी गांव निवासी मस्तराम वर्मा ने तहसील प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए, अपनी नौ सूत्रीय मांगों के समर्थन में भीषण गर्मी और तपती धूप के बीच 17 जून 2026 को लगभग 10 बजे से तहसील परिसर स्थित शहीद स्मारक पर दोबारा आमरण अनशन शुरू करने की घोषणा की है। वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि इससे पहले भी वे चार दिनों तक आमरण अनशन पर बैठे थे, जिसे तहसील और पुलिस प्रशासन ने यह आश्वासन देकर तुड़वाया था कि उनके मकान निर्माण को रोका नहीं जाएगा। हालाँकि, जब उन्होंने मकान निर्माण शुरू किया, तो स्थानीय पुलिस ने उन्हें शांति भंग के आरोप में बीएनएसएस की धारा 170 के तहत चालान करके जेल भेज दिया। पीड़ित मस्तराम वर्मा ने 17 जून से शुरू किए जा रहे इस आमरण अनशन की जानकारी पत्र के माध्यम से संबंधित अधिकारियों को दे दी है। उन्होंने गंभीर चेतावनी दी है कि यदि दोबारा आमरण अनशन पर बैठने के बाद 18 जून तक उन्हें मकान निर्माण की अनुमति नहीं मिली, तो वे किसी टावर पर चढ़कर आत्महत्या करने को विवश हो जाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वर्मा का दावा है कि उनके द्वारा कराए जा रहे मकान निर्माण के संबंध में किसी भी सक्षम न्यायालय से रोकने का कोई स्थगन आदेश नहीं है, फिर भी आवास न होने के बावजूद उन्हें परेशान किया जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि मस्तराम वर्मा के इस मामले में तहसील और पुलिस प्रशासन क्या कार्यवाही करता है।2
- राम मंदिर से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई है, जिसमें एक शहीद की बेटी ने अपनी आवाज बुलंद की है।1
- उत्तर प्रदेश के 137 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की शुरुआत हो चुकी है, जिससे काफी समय से चला आ रहा उनका इंतजार अब खत्म हो रहा है। यह एक चिकित्सा कैशलेस सुविधा है, जिसके अंतर्गत सभी पात्र शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। सरकार द्वारा एक ऑनलाइन फॉर्म उपलब्ध कराया गया है, जिसमें इस सुविधा से संबंधित सभी आवश्यक नियम और निर्देश दिए गए हैं। जो भी शिक्षामित्र या अनुदेशक इस सुविधा का लाभ लेना चाहते हैं, उन्हें इस फॉर्म को ध्यानपूर्वक पढ़कर भरना होगा और जल्द से जल्द अपना स्वस्थ कैशलेस कार्ड बनवाकर इसका लाभ उठाना चाहिए।1
- उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने मंदिर से जुड़े चंदे की चोरी को लेकर तीखा बयान दिया है। शुक्ला ने स्कंद पुराण का हवाला देते हुए कहा है कि जो व्यक्ति मंदिर का चंदा चोरी करता है, वह हजारों वर्षों तक नरक में कीड़े का जीवन जीता है। उन्होंने इस कृत्य को करोड़ों राम भक्तों की आस्था पर सीधा कुठाराघात बताया है।1