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More news from Uttar Pradesh and nearby areas
- आस्था या चमत्कार... ? ,गोरखपुर में स्थित है 200 साल पुरानी हनुमान जी की मूर्ति का रहस्य.....1
- गोरखपुर नगर निगम कर्मचारियों का प्रदर्शन | 10 सूत्री मांगों को लेकर नगर विकास मंत्री को ज्ञापन1
- मुंबई से कमा के घर लौट रहे 40 वर्ष के युवक का नहर में शव मिला ।। जब में पड़े आधार कार्ड से पहचान की गई तो शव को मुन्ना के रूप में चिन्हित किया गया । कुशीनगर हाटा में रविवार के सुबह लोगों को नहर के अंदर में एक युवक का सब मिला जब स्थानीय पुलिस को तो सबको लहर से बाहर निकल गया। शव को जांच करने के बाद उसके जेब में आधार कार्ड मिला आधार कार्ड में मृतक का नाम मुन्ना और मुजहना रहीम गांव के रहने वाले थे ।। और फिर घर वालों को सूचना दी गई घर वालों ने बताया की 1 साल से मुन्ना मुंबई में काम कर रहे थे उसके बाद मुंबई से घर के लिए निकले शनिवार रात 10:00 बजे के करीब में जब उनसे बात हुई तब वह गोरखपुर पहुंच चुके थे वह घर वालों से बोले की 3 घंटे में मैं घर पर आ जाऊंगा 3 घंटे बाद जब घर वाले फोन कर रहे हैं तो नंबर बंद बता रहा था घर वाले ने आसपास की जगह भी ढूंढा पर कोई खबर नहीं मिली। और फिर रविवार सुबह हटा नहर में मुन्ना का शो को देखा गया फिलहाल हटा पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है ।।।1
- तीर्थराज प्रयाग में श्रद्धालु भक्तों का लगा ताता तीर्थराज प्रयाग में माघ महीने के पवित्र माघ माह में लगातार श्रद्धालु भक्तों का जमवाणा दिखाई दे रहा है प्रत्येक दिन लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर संगम क्षेत्र में स्नान कर रहे हैं और अपने जीवन को सफल बना रहे हैं यह हमारी आस्था और सनातन संस्कृति का केंद्र बिंदु है1
- फर्जी IPS का भंडाफोड़: गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क बन बैठा ‘अफसर’, कारोबारी से मांगे दो लाख, पहुंचा जेल गोरखपुर के पीपीगंज थानाक्षेत्र में खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आईपीएस की वर्दी पहनकर कपड़ा व्यापारी को धमकाने वाला आरोपी कोई अफसर नहीं, बल्कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 17 अटल नगर निवासी संदीप सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति आईपीएस की वर्दी पहनकर उनके घर पहुंचा। खुद को स्थानीय आईपीएस अधिकारी बताते हुए उसने दो लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने धमकी दी कि रकम न देने पर फर्जी हत्या के मुकदमे में फंसा देगा या फिर एनकाउंटर करवा देगा। इस दौरान गोरखनाथ क्षेत्र निवासी विनोद सिंह भी मौके पर मौजूद थे। धमकियों से डरे व्यापारी ने जब मामले की पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई। आरोपी का नाम शनि वर्मा (उर्फ शनि शर्मा) है, जो वार्ड नंबर 1 अंबेडकर नगर का रहने वाला है और पुलिस विभाग से उसका कोई लेना-देना नहीं है। शनिवार को पीपीगंज थाने में तहरीर देने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। पुलिस द्वारा व्यापारी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने और किन-किन लोगों से रंगदारी मांगी है। अस्पताल संचालक समेत कई और बने शिकार पीड़ित का आरोप है कि शनि वर्मा ने उनके अलावा इलाके के एक हॉस्पिटल संचालक, संतकबीरनगर के मेहदावल जमहबरा निवासी विकास और कैंपियरगंज के नुरुद्दीननचक निवासी जितेंद्र सिंह से भी रुपये की मांग की थी। पुलिस अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी है। फर्जी वर्दी, अफसराना रौब और एनकाउंटर की धमकी—गोरखपुर में ‘नकली IPS’ का यह खेल आखिरकार पुलिस ने खत्म कर दिया।3
- सोशल मीडिया पर सामने आए CCTV फुटेज में एक दर्दनाक सड़क हादसा कैद हुआ है। घुमावदार सड़क पर तेज रफ्तार के दौरान वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मामला दर्ज कर CCTV फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है।1
- मणिकर्णिका घाट पर मूर्तियाँ तोड़े जाने का विरोध | गोरखपुर कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन1
- गोरखपुर बेलघाट ब्लॉक के कुआं गांव की गौशाला में गोवंश की मौत पर वीडियो वायरल, प्रशासन पर सवाल गोरखपुर में बेलघाट ब्लॉक के कुआं गांव का गौशाला फिर से चर्चा में है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें गौशाला के अंदर मृत पड़ा गोवंश नजर आ रहा हैं और शव समय पर हटाए न जाने के कारण आसपास के कुत्ते उसे नोचते भी दिख रहे हैं। यह दृश्य स्थानीय लोगों में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ा रहा है। पिछले कुछ समय से यहां गोवंशों की सुरक्षा और मूलभूत देखभाल को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन अब जो वीडियो वायरल हुआ है उसने इस मुद्दे को और गंभीर रूप दे दिया है। प्रदेश में गौशालाओं और गोवंश संरक्षण केंद्रों की स्थिति को लेकर पहले भी ऐसे मामले आये हैं, जहां जानवरों की देखरेख व व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इसी कड़ी में अभी हाल ही में गोरखपुर के महेवा क्षेत्र स्थित गौशाला में कई मृत गोवंशों का वायरल वीडियो चर्चा में रहा है, जिससे नगर निगम और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हुए थे। हालांकि मृत गोवंश का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार न होना और शव समय पर हटाए न जाना न सिर्फ नियमों का उल्लंघन है, बल्कि समाज में गौशाला के मूल उद्देश्य पर भी चोट पहुँचता है। वीडियो वायरल होने के बाद अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। हालांकि जिला प्रशासन, पशु चिकित्सा विभाग को मिलकर गंभीर जांच करना चाहिए कि आख़िर इस मृत गोवंश की मौत कैसे हुई, क्या उसकी समय पर देखभाल की गई थी, और ऐसे हादसे भविष्य में रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे।1
- “पुलिस अंकल, मुझे डॉक्टर बनना है…” चार माह की यातना के बाद गोरखपुर में छलकी नाबालिग की पीड़ा, रेलवे स्टेशन के पास छोड़ दी गई मासूम, जबरन काम और मारपीट का दर्द सुनकर पसीजी पुलिस....1