मुंबई से कमा के घर लौट रहे 40 वर्ष के युवक का नहर में शव मिला ।। जब में पड़े आधार कार्ड से पहचान की गई तो शव को मुन्ना के रूप में चिन्हित किया गया । कुशीनगर हाटा में रविवार के सुबह लोगों को नहर के अंदर में एक युवक का सब मिला जब स्थानीय पुलिस को तो सबको लहर से बाहर निकल गया। शव को जांच करने के बाद उसके जेब में आधार कार्ड मिला आधार कार्ड में मृतक का नाम मुन्ना और मुजहना रहीम गांव के रहने वाले थे ।। और फिर घर वालों को सूचना दी गई घर वालों ने बताया की 1 साल से मुन्ना मुंबई में काम कर रहे थे उसके बाद मुंबई से घर के लिए निकले शनिवार रात 10:00 बजे के करीब में जब उनसे बात हुई तब वह गोरखपुर पहुंच चुके थे वह घर वालों से बोले की 3 घंटे में मैं घर पर आ जाऊंगा 3 घंटे बाद जब घर वाले फोन कर रहे हैं तो नंबर बंद बता रहा था घर वाले ने आसपास की जगह भी ढूंढा पर कोई खबर नहीं मिली। और फिर रविवार सुबह हटा नहर में मुन्ना का शो को देखा गया फिलहाल हटा पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है ।।।
मुंबई से कमा के घर लौट रहे 40 वर्ष के युवक का नहर में शव मिला ।। जब में पड़े आधार कार्ड से पहचान की गई तो शव को मुन्ना के रूप में चिन्हित किया गया । कुशीनगर हाटा में रविवार के सुबह लोगों को नहर के अंदर में एक युवक का सब मिला जब स्थानीय पुलिस को तो सबको लहर से बाहर निकल गया। शव को जांच करने के बाद उसके जेब में आधार कार्ड मिला आधार कार्ड में मृतक का नाम मुन्ना और मुजहना रहीम गांव के रहने वाले थे ।। और फिर घर वालों को सूचना दी गई घर वालों ने बताया की 1 साल से मुन्ना मुंबई में काम कर रहे थे उसके बाद मुंबई से घर के लिए निकले शनिवार रात 10:00 बजे के करीब में जब उनसे बात हुई तब वह गोरखपुर पहुंच चुके थे वह घर वालों से बोले की 3 घंटे में मैं घर पर आ जाऊंगा 3 घंटे बाद जब घर वाले फोन कर रहे हैं तो नंबर बंद बता रहा था घर वाले ने आसपास की जगह भी ढूंढा पर कोई खबर नहीं मिली। और फिर रविवार सुबह हटा नहर में मुन्ना का शो को देखा गया फिलहाल हटा पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है ।।।
- मुंबई से कमा के घर लौट रहे 40 वर्ष के युवक का नहर में शव मिला ।। जब में पड़े आधार कार्ड से पहचान की गई तो शव को मुन्ना के रूप में चिन्हित किया गया । कुशीनगर हाटा में रविवार के सुबह लोगों को नहर के अंदर में एक युवक का सब मिला जब स्थानीय पुलिस को तो सबको लहर से बाहर निकल गया। शव को जांच करने के बाद उसके जेब में आधार कार्ड मिला आधार कार्ड में मृतक का नाम मुन्ना और मुजहना रहीम गांव के रहने वाले थे ।। और फिर घर वालों को सूचना दी गई घर वालों ने बताया की 1 साल से मुन्ना मुंबई में काम कर रहे थे उसके बाद मुंबई से घर के लिए निकले शनिवार रात 10:00 बजे के करीब में जब उनसे बात हुई तब वह गोरखपुर पहुंच चुके थे वह घर वालों से बोले की 3 घंटे में मैं घर पर आ जाऊंगा 3 घंटे बाद जब घर वाले फोन कर रहे हैं तो नंबर बंद बता रहा था घर वाले ने आसपास की जगह भी ढूंढा पर कोई खबर नहीं मिली। और फिर रविवार सुबह हटा नहर में मुन्ना का शो को देखा गया फिलहाल हटा पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है ।।।1
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- “मेरी फरियाद सुनी गई, मेरा काम हुआ” — सकीना बेगम का बयान, वायरल वीडियो ने तोड़े आरोपों के मायने सकीना बेगम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि “मेरी फरियाद विधायक सलभ मणि त्रिपाठी जी ने सुनी और मेरा काम हुआ।” यह वीडियो उन लोगों के लिए सुकून देने वाला बताया जा रहा है जो जाति और धर्म के नाम पर सदर विधायक को बदनाम करने के आरोपों से आहत थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब सकीना बेगम अपनी समस्या लेकर पहुंचीं, तो उनकी बात को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खास बात यह रही कि उस समय सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी को भी इस बात का अहसास नहीं था कि भीड़ में मौजूद कोई व्यक्ति इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहा है। बिना किसी दिखावे और प्रचार के, आम नागरिक की समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना और समाधान के लिए आदेश देना—यह दृश्य अपने आप में बहुत कुछ कहता है। वायरल वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है और यह संदेश भी दे रहा है कि सेवा और संवेदनशीलता का कोई धर्म या जाति नहीं होती। लोगों का कहना है कि यह वीडियो उन तमाम आरोपों का जवाब है, जो विधायक पर बेबुनियाद रूप से लगाए जाते रहे हैं, और यह दिखाता है कि जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की सेवा करना होता है।1
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