“मेरी फरियाद सुनी गई, मेरा काम हुआ” — सकीना बेगम का बयान, वायरल वीडियो ने तोड़े आरोपों के मायने सकीना बेगम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि “मेरी फरियाद विधायक सलभ मणि त्रिपाठी जी ने सुनी और मेरा काम हुआ।” यह वीडियो उन लोगों के लिए सुकून देने वाला बताया जा रहा है जो जाति और धर्म के नाम पर सदर विधायक को बदनाम करने के आरोपों से आहत थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब सकीना बेगम अपनी समस्या लेकर पहुंचीं, तो उनकी बात को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खास बात यह रही कि उस समय सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी को भी इस बात का अहसास नहीं था कि भीड़ में मौजूद कोई व्यक्ति इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहा है। बिना किसी दिखावे और प्रचार के, आम नागरिक की समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना और समाधान के लिए आदेश देना—यह दृश्य अपने आप में बहुत कुछ कहता है। वायरल वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है और यह संदेश भी दे रहा है कि सेवा और संवेदनशीलता का कोई धर्म या जाति नहीं होती। लोगों का कहना है कि यह वीडियो उन तमाम आरोपों का जवाब है, जो विधायक पर बेबुनियाद रूप से लगाए जाते रहे हैं, और यह दिखाता है कि जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की सेवा करना होता है।
“मेरी फरियाद सुनी गई, मेरा काम हुआ” — सकीना बेगम का बयान, वायरल वीडियो ने तोड़े आरोपों के मायने सकीना बेगम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि “मेरी फरियाद विधायक सलभ मणि त्रिपाठी जी ने सुनी और मेरा काम हुआ।” यह वीडियो उन लोगों के लिए सुकून देने वाला बताया जा रहा है जो जाति और धर्म के नाम पर सदर विधायक को बदनाम करने के आरोपों से आहत थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब सकीना बेगम अपनी समस्या लेकर पहुंचीं, तो उनकी बात को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खास बात यह रही कि उस समय सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी को भी इस बात का अहसास नहीं था कि भीड़ में मौजूद कोई व्यक्ति इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहा है। बिना किसी दिखावे और प्रचार के, आम नागरिक की समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना और समाधान के लिए आदेश देना—यह दृश्य अपने आप में बहुत कुछ कहता है। वायरल वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है और यह संदेश भी दे रहा है कि सेवा और संवेदनशीलता का कोई धर्म या जाति नहीं होती। लोगों का कहना है कि यह वीडियो उन तमाम आरोपों का जवाब है, जो विधायक पर बेबुनियाद रूप से लगाए जाते रहे हैं, और यह दिखाता है कि जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की सेवा करना होता है।
- पांढुर्णा जिले की सौRamnagar, Barabanki🙏27 min ago
- “मेरी फरियाद सुनी गई, मेरा काम हुआ” — सकीना बेगम का बयान, वायरल वीडियो ने तोड़े आरोपों के मायने सकीना बेगम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि “मेरी फरियाद विधायक सलभ मणि त्रिपाठी जी ने सुनी और मेरा काम हुआ।” यह वीडियो उन लोगों के लिए सुकून देने वाला बताया जा रहा है जो जाति और धर्म के नाम पर सदर विधायक को बदनाम करने के आरोपों से आहत थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब सकीना बेगम अपनी समस्या लेकर पहुंचीं, तो उनकी बात को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खास बात यह रही कि उस समय सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी को भी इस बात का अहसास नहीं था कि भीड़ में मौजूद कोई व्यक्ति इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहा है। बिना किसी दिखावे और प्रचार के, आम नागरिक की समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना और समाधान के लिए आदेश देना—यह दृश्य अपने आप में बहुत कुछ कहता है। वायरल वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है और यह संदेश भी दे रहा है कि सेवा और संवेदनशीलता का कोई धर्म या जाति नहीं होती। लोगों का कहना है कि यह वीडियो उन तमाम आरोपों का जवाब है, जो विधायक पर बेबुनियाद रूप से लगाए जाते रहे हैं, और यह दिखाता है कि जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की सेवा करना होता है।1
- मुंबई से कमा के घर लौट रहे 40 वर्ष के युवक का नहर में शव मिला ।। जब में पड़े आधार कार्ड से पहचान की गई तो शव को मुन्ना के रूप में चिन्हित किया गया । कुशीनगर हाटा में रविवार के सुबह लोगों को नहर के अंदर में एक युवक का सब मिला जब स्थानीय पुलिस को तो सबको लहर से बाहर निकल गया। शव को जांच करने के बाद उसके जेब में आधार कार्ड मिला आधार कार्ड में मृतक का नाम मुन्ना और मुजहना रहीम गांव के रहने वाले थे ।। और फिर घर वालों को सूचना दी गई घर वालों ने बताया की 1 साल से मुन्ना मुंबई में काम कर रहे थे उसके बाद मुंबई से घर के लिए निकले शनिवार रात 10:00 बजे के करीब में जब उनसे बात हुई तब वह गोरखपुर पहुंच चुके थे वह घर वालों से बोले की 3 घंटे में मैं घर पर आ जाऊंगा 3 घंटे बाद जब घर वाले फोन कर रहे हैं तो नंबर बंद बता रहा था घर वाले ने आसपास की जगह भी ढूंढा पर कोई खबर नहीं मिली। और फिर रविवार सुबह हटा नहर में मुन्ना का शो को देखा गया फिलहाल हटा पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है ।।।1
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- Post by SONI DEVI1
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- फर्जी IPS का भंडाफोड़: गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क बन बैठा ‘अफसर’, कारोबारी से मांगे दो लाख, पहुंचा जेल गोरखपुर के पीपीगंज थानाक्षेत्र में खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आईपीएस की वर्दी पहनकर कपड़ा व्यापारी को धमकाने वाला आरोपी कोई अफसर नहीं, बल्कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 17 अटल नगर निवासी संदीप सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति आईपीएस की वर्दी पहनकर उनके घर पहुंचा। खुद को स्थानीय आईपीएस अधिकारी बताते हुए उसने दो लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने धमकी दी कि रकम न देने पर फर्जी हत्या के मुकदमे में फंसा देगा या फिर एनकाउंटर करवा देगा। इस दौरान गोरखनाथ क्षेत्र निवासी विनोद सिंह भी मौके पर मौजूद थे। धमकियों से डरे व्यापारी ने जब मामले की पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई। आरोपी का नाम शनि वर्मा (उर्फ शनि शर्मा) है, जो वार्ड नंबर 1 अंबेडकर नगर का रहने वाला है और पुलिस विभाग से उसका कोई लेना-देना नहीं है। शनिवार को पीपीगंज थाने में तहरीर देने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। पुलिस द्वारा व्यापारी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने और किन-किन लोगों से रंगदारी मांगी है। अस्पताल संचालक समेत कई और बने शिकार पीड़ित का आरोप है कि शनि वर्मा ने उनके अलावा इलाके के एक हॉस्पिटल संचालक, संतकबीरनगर के मेहदावल जमहबरा निवासी विकास और कैंपियरगंज के नुरुद्दीननचक निवासी जितेंद्र सिंह से भी रुपये की मांग की थी। पुलिस अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी है। फर्जी वर्दी, अफसराना रौब और एनकाउंटर की धमकी—गोरखपुर में ‘नकली IPS’ का यह खेल आखिरकार पुलिस ने खत्म कर दिया।3
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