logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

“मेरी फरियाद सुनी गई, मेरा काम हुआ” — सकीना बेगम का बयान, वायरल वीडियो ने तोड़े आरोपों के मायने सकीना बेगम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि “मेरी फरियाद विधायक सलभ मणि त्रिपाठी जी ने सुनी और मेरा काम हुआ।” यह वीडियो उन लोगों के लिए सुकून देने वाला बताया जा रहा है जो जाति और धर्म के नाम पर सदर विधायक को बदनाम करने के आरोपों से आहत थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब सकीना बेगम अपनी समस्या लेकर पहुंचीं, तो उनकी बात को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खास बात यह रही कि उस समय सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी को भी इस बात का अहसास नहीं था कि भीड़ में मौजूद कोई व्यक्ति इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहा है। बिना किसी दिखावे और प्रचार के, आम नागरिक की समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना और समाधान के लिए आदेश देना—यह दृश्य अपने आप में बहुत कुछ कहता है। वायरल वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है और यह संदेश भी दे रहा है कि सेवा और संवेदनशीलता का कोई धर्म या जाति नहीं होती। लोगों का कहना है कि यह वीडियो उन तमाम आरोपों का जवाब है, जो विधायक पर बेबुनियाद रूप से लगाए जाते रहे हैं, और यह दिखाता है कि जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की सेवा करना होता है।

12 hrs ago
user_Reporteramit
Reporteramit
Journalist देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
12 hrs ago

“मेरी फरियाद सुनी गई, मेरा काम हुआ” — सकीना बेगम का बयान, वायरल वीडियो ने तोड़े आरोपों के मायने सकीना बेगम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि “मेरी फरियाद विधायक सलभ मणि त्रिपाठी जी ने सुनी और मेरा काम हुआ।” यह वीडियो उन लोगों के लिए सुकून देने वाला बताया जा रहा है जो जाति और धर्म के नाम पर सदर विधायक को बदनाम करने के आरोपों से आहत थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब सकीना बेगम अपनी समस्या लेकर पहुंचीं, तो उनकी बात को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खास बात यह रही कि उस समय सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी को भी इस बात का अहसास नहीं था कि भीड़ में मौजूद कोई व्यक्ति इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहा है। बिना किसी दिखावे और प्रचार के, आम नागरिक की समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना और समाधान के लिए आदेश देना—यह दृश्य अपने आप में बहुत कुछ कहता है। वायरल वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है और यह संदेश भी दे रहा है कि सेवा और संवेदनशीलता का कोई धर्म या जाति नहीं होती। लोगों का कहना है कि यह वीडियो उन तमाम आरोपों का जवाब है, जो विधायक पर बेबुनियाद रूप से लगाए जाते रहे हैं, और यह दिखाता है कि जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की सेवा करना होता है।

  • user_पांढुर्णा जिले की सौ
    पांढुर्णा जिले की सौ
    Ramnagar, Barabanki
    🙏
    27 min ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • “मेरी फरियाद सुनी गई, मेरा काम हुआ” — सकीना बेगम का बयान, वायरल वीडियो ने तोड़े आरोपों के मायने सकीना बेगम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि “मेरी फरियाद विधायक सलभ मणि त्रिपाठी जी ने सुनी और मेरा काम हुआ।” यह वीडियो उन लोगों के लिए सुकून देने वाला बताया जा रहा है जो जाति और धर्म के नाम पर सदर विधायक को बदनाम करने के आरोपों से आहत थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब सकीना बेगम अपनी समस्या लेकर पहुंचीं, तो उनकी बात को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खास बात यह रही कि उस समय सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी को भी इस बात का अहसास नहीं था कि भीड़ में मौजूद कोई व्यक्ति इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहा है। बिना किसी दिखावे और प्रचार के, आम नागरिक की समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना और समाधान के लिए आदेश देना—यह दृश्य अपने आप में बहुत कुछ कहता है। वायरल वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है और यह संदेश भी दे रहा है कि सेवा और संवेदनशीलता का कोई धर्म या जाति नहीं होती। लोगों का कहना है कि यह वीडियो उन तमाम आरोपों का जवाब है, जो विधायक पर बेबुनियाद रूप से लगाए जाते रहे हैं, और यह दिखाता है कि जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की सेवा करना होता है।
    1
    “मेरी फरियाद सुनी गई, मेरा काम हुआ” — सकीना बेगम का बयान, वायरल वीडियो ने तोड़े आरोपों के मायने
सकीना बेगम का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह यह कहते हुए नजर आ रही हैं कि “मेरी फरियाद विधायक सलभ मणि त्रिपाठी जी ने सुनी और मेरा काम हुआ।” यह वीडियो उन लोगों के लिए सुकून देने वाला बताया जा रहा है जो जाति और धर्म के नाम पर सदर विधायक को बदनाम करने के आरोपों से आहत थे।
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब सकीना बेगम अपनी समस्या लेकर पहुंचीं, तो उनकी बात को गंभीरता से सुना गया और मौके पर ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। खास बात यह रही कि उस समय सदर विधायक सलभ मणि त्रिपाठी को भी इस बात का अहसास नहीं था कि भीड़ में मौजूद कोई व्यक्ति इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना रहा है।
बिना किसी दिखावे और प्रचार के, आम नागरिक की समस्या पर तुरंत संज्ञान लेना और समाधान के लिए आदेश देना—यह दृश्य अपने आप में बहुत कुछ कहता है। वायरल वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है और यह संदेश भी दे रहा है कि सेवा और संवेदनशीलता का कोई धर्म या जाति नहीं होती।
लोगों का कहना है कि यह वीडियो उन तमाम आरोपों का जवाब है, जो विधायक पर बेबुनियाद रूप से लगाए जाते रहे हैं, और यह दिखाता है कि जनप्रतिनिधि का असली धर्म जनता की सेवा करना होता है।
    user_Reporteramit
    Reporteramit
    Journalist देवरिया, देवरिया, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • मुंबई से कमा के घर लौट रहे 40 वर्ष के युवक का नहर में शव मिला ।। जब में पड़े आधार कार्ड से पहचान की गई तो शव को मुन्ना के रूप में चिन्हित किया गया । कुशीनगर हाटा में रविवार के सुबह लोगों को नहर के अंदर में एक युवक का सब मिला जब स्थानीय पुलिस को तो सबको लहर से बाहर निकल गया। शव को जांच करने के बाद उसके जेब में आधार कार्ड मिला आधार कार्ड में मृतक का नाम मुन्ना और मुजहना रहीम गांव के रहने वाले थे ।। और फिर घर वालों को सूचना दी गई घर वालों ने बताया की 1 साल से मुन्ना मुंबई में काम कर रहे थे उसके बाद मुंबई से घर के लिए निकले शनिवार रात 10:00 बजे के करीब में जब उनसे बात हुई तब वह गोरखपुर पहुंच चुके थे वह घर वालों से बोले की 3 घंटे में मैं घर पर आ जाऊंगा 3 घंटे बाद जब घर वाले फोन कर रहे हैं तो नंबर बंद बता रहा था घर वाले ने आसपास की जगह भी ढूंढा पर कोई खबर नहीं मिली। और फिर रविवार सुबह हटा नहर में मुन्ना का शो को देखा गया फिलहाल हटा पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है ।।।
    1
    मुंबई से कमा के घर लौट रहे 40 वर्ष के युवक का नहर में शव मिला ।। जब में पड़े आधार कार्ड से पहचान की गई तो शव को मुन्ना के रूप में चिन्हित किया गया ।
कुशीनगर हाटा में रविवार के सुबह लोगों को नहर के अंदर में एक युवक का सब मिला जब स्थानीय पुलिस को तो सबको लहर से बाहर निकल गया।
शव को जांच करने के बाद उसके जेब में आधार कार्ड मिला आधार कार्ड में मृतक का नाम मुन्ना और मुजहना रहीम गांव के रहने वाले थे ।।
और फिर घर वालों को सूचना दी गई घर वालों ने बताया की 1 साल से मुन्ना मुंबई में काम कर रहे थे उसके बाद मुंबई से घर के लिए निकले शनिवार रात 10:00 बजे के करीब में जब उनसे बात हुई तब वह गोरखपुर पहुंच चुके थे वह घर वालों से बोले की 3 घंटे में मैं घर पर आ जाऊंगा 3 घंटे बाद जब घर वाले फोन कर रहे हैं तो नंबर बंद बता रहा था घर वाले ने आसपास की जगह भी ढूंढा पर कोई खबर नहीं मिली। 
और फिर रविवार सुबह हटा नहर में मुन्ना का शो को देखा गया फिलहाल हटा पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए और आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है ।।।
    user_Snews33
    Snews33
    Journalist हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • कुशीनगर जिले सुकरौली विकासखंड के पिडरा सभा में बना एएनएम सेंटर 2 साल हो गया अभी तक पूरा नहीं हुआ उसका रंगत हुई ना दरवाजा लगा यह सवाल खड़ा करता है स्वास्थ्य विभाग पर
    1
    कुशीनगर जिले सुकरौली विकासखंड के पिडरा सभा में बना एएनएम सेंटर 2 साल हो गया अभी तक पूरा नहीं हुआ उसका रंगत हुई ना दरवाजा लगा यह सवाल खड़ा करता है स्वास्थ्य विभाग पर
    user_विवेकानन्द
    विवेकानन्द
    Newspaper publisher हाटा, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • Post by SONI DEVI
    1
    Post by SONI DEVI
    user_SONI DEVI
    SONI DEVI
    Voice of people घोसी, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    48 min ago
  • आस्था या चमत्कार... ? ,गोरखपुर में स्थित है 200 साल पुरानी हनुमान जी की मूर्ति का रहस्य.....
    1
    आस्था या चमत्कार... ? ,गोरखपुर में स्थित है 200 साल पुरानी हनुमान जी की मूर्ति का रहस्य.....
    user_Abc Hindustan
    Abc Hindustan
    News Anchor Gorakhpur, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • गोरखपुर नगर निगम कर्मचारियों का प्रदर्शन | 10 सूत्री मांगों को लेकर नगर विकास मंत्री को ज्ञापन
    1
    गोरखपुर नगर निगम कर्मचारियों का प्रदर्शन | 10 सूत्री मांगों को लेकर नगर विकास मंत्री को ज्ञापन
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • फर्जी IPS का भंडाफोड़: गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क बन बैठा ‘अफसर’, कारोबारी से मांगे दो लाख, पहुंचा जेल गोरखपुर के पीपीगंज थानाक्षेत्र में खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आईपीएस की वर्दी पहनकर कपड़ा व्यापारी को धमकाने वाला आरोपी कोई अफसर नहीं, बल्कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 17 अटल नगर निवासी संदीप सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति आईपीएस की वर्दी पहनकर उनके घर पहुंचा। खुद को स्थानीय आईपीएस अधिकारी बताते हुए उसने दो लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने धमकी दी कि रकम न देने पर फर्जी हत्या के मुकदमे में फंसा देगा या फिर एनकाउंटर करवा देगा। इस दौरान गोरखनाथ क्षेत्र निवासी विनोद सिंह भी मौके पर मौजूद थे। धमकियों से डरे व्यापारी ने जब मामले की पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई। आरोपी का नाम शनि वर्मा (उर्फ शनि शर्मा) है, जो वार्ड नंबर 1 अंबेडकर नगर का रहने वाला है और पुलिस विभाग से उसका कोई लेना-देना नहीं है। शनिवार को पीपीगंज थाने में तहरीर देने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया। पुलिस द्वारा व्यापारी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने और किन-किन लोगों से रंगदारी मांगी है। अस्पताल संचालक समेत कई और बने शिकार पीड़ित का आरोप है कि शनि वर्मा ने उनके अलावा इलाके के एक हॉस्पिटल संचालक, संतकबीरनगर के मेहदावल जमहबरा निवासी विकास और कैंपियरगंज के नुरुद्दीननचक निवासी जितेंद्र सिंह से भी रुपये की मांग की थी। पुलिस अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी है। फर्जी वर्दी, अफसराना रौब और एनकाउंटर की धमकी—गोरखपुर में ‘नकली IPS’ का यह खेल आखिरकार पुलिस ने खत्म कर दिया।
    3
    फर्जी IPS का भंडाफोड़: 
गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क बन बैठा ‘अफसर’, 
कारोबारी से मांगे दो लाख, पहुंचा जेल
गोरखपुर के पीपीगंज थानाक्षेत्र में खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर रंगदारी मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आईपीएस की वर्दी पहनकर कपड़ा व्यापारी को धमकाने वाला आरोपी कोई अफसर नहीं, बल्कि गोरखपुर यूनिवर्सिटी का निलंबित क्लर्क निकला। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
नगर पंचायत पीपीगंज के वार्ड नंबर 17 अटल नगर निवासी संदीप सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कुछ दिन पहले एक व्यक्ति आईपीएस की वर्दी पहनकर उनके घर पहुंचा। खुद को स्थानीय आईपीएस अधिकारी बताते हुए उसने दो लाख रुपये की मांग की। आरोपी ने धमकी दी कि रकम न देने पर फर्जी हत्या के मुकदमे में फंसा देगा या फिर एनकाउंटर करवा देगा। इस दौरान गोरखनाथ क्षेत्र निवासी विनोद सिंह भी मौके पर मौजूद थे।
धमकियों से डरे व्यापारी ने जब मामले की पड़ताल की तो सच्चाई सामने आई। आरोपी का नाम शनि वर्मा (उर्फ शनि शर्मा) है, जो वार्ड नंबर 1 अंबेडकर नगर का रहने वाला है और पुलिस विभाग से उसका कोई लेना-देना नहीं है। शनिवार को पीपीगंज थाने में तहरीर देने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया।
पुलिस द्वारा व्यापारी की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी ने और किन-किन लोगों से रंगदारी मांगी है।
अस्पताल संचालक समेत कई और बने शिकार
पीड़ित का आरोप है कि शनि वर्मा ने उनके अलावा इलाके के एक हॉस्पिटल संचालक, संतकबीरनगर के मेहदावल जमहबरा निवासी विकास और कैंपियरगंज के नुरुद्दीननचक निवासी जितेंद्र सिंह से भी रुपये की मांग की थी। पुलिस अन्य पीड़ितों की तलाश में जुटी है।
फर्जी वर्दी, अफसराना रौब और एनकाउंटर की धमकी—गोरखपुर में ‘नकली IPS’ का यह खेल आखिरकार पुलिस ने खत्म कर दिया।
    user_Jai bahadur
    Jai bahadur
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • मणिकर्णिका घाट पर मूर्तियाँ तोड़े जाने का विरोध | गोरखपुर कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
    1
    मणिकर्णिका घाट पर मूर्तियाँ तोड़े जाने का विरोध | गोरखपुर कांग्रेस ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
    user_EN Daily National
    EN Daily National
    Journalist वाराणसी, गोरखपुर, उत्तर प्रदेश•
    13 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.