रीवा रेलवे स्टेशन पर पिक एंड ड्रॉप व वर्किंग में मनमानी वसूली पूर्व विधायक ने दिया धरना *रीवा रेलवे स्टेशन पर पिक एंड ड्रॉप व पार्किंग में मनमानी वसूली, पूर्व विधायक ने धरना दिया* रीवा। रीवा रेलवे स्टेशन पर पार्किंग और पिक एंड ड्रॉप के नाम पर मनमानी वसूली का मामला सामने आया। मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना भी इस अव्यवस्था का शिकार हुए। उनके वाहन चालक से वसूली का प्रयास किया गया, जिसके विरोध में विधायक ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। *मंडल रेल प्रबंधन ने किया संज्ञान-:* स्थानीय रेल प्रशासन ने तत्काल मंडल रेल प्रबंधन जबलपुर को मामले की जानकारी दी। अधिकारियों ने पूर्व विधायक से बात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि वसूली पर पांच दिनों के लिए रोक लगाई जाएगी और मामले की जांच की जाएगी। *शुल्क में विसंगति पर नाराजगी-:* बताया गया कि भोपाल में पिक एंड ड्रॉप 20 मिनट के लिए 20 रुपये लगता है, जबकि रीवा में पांच मिनट से अधिक के लिए 50 रुपये वसूले जा रहे हैं। रीवा, भोपाल, जबलपुर और कटनी स्टेशन सभी पश्चिम मध्य रेलवे में आते हैं, फिर भी शुल्क में भारी अंतर है। *इनका क्या कहना है-:* भोपाल में 20 मिनट का 20 रुपये लगता है, जबकि रीवा में पांच मिनट से अधिक होते ही 50 रुपये वसूले जा रहे हैं। रीवा, भोपाल, जबलपुर, कटनी आदि स्टेशन पश्चिम मध्य रेलवे में ही आते हैं, इसके बावजूद शुल्क में विसंगति है। इसी को लेकर विरोध जताया गया। मंडल मुख्यालय से कार्रवाई और भविष्य में नियमानुसार वसूली का भरोसा दिलाया गया है। *सुखेंद्र सिंह बन्ना, पूर्व विधायक मऊगंज।*
रीवा रेलवे स्टेशन पर पिक एंड ड्रॉप व वर्किंग में मनमानी वसूली पूर्व विधायक ने दिया धरना *रीवा रेलवे स्टेशन पर पिक एंड ड्रॉप व पार्किंग में मनमानी वसूली, पूर्व विधायक ने धरना दिया* रीवा। रीवा रेलवे स्टेशन पर पार्किंग और पिक एंड ड्रॉप के नाम पर मनमानी वसूली का मामला सामने आया। मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना भी इस अव्यवस्था का शिकार हुए। उनके वाहन चालक से वसूली का प्रयास किया गया, जिसके विरोध में विधायक ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। *मंडल रेल प्रबंधन
ने किया संज्ञान-:* स्थानीय रेल प्रशासन ने तत्काल मंडल रेल प्रबंधन जबलपुर को मामले की जानकारी दी। अधिकारियों ने पूर्व विधायक से बात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि वसूली पर पांच दिनों के लिए रोक लगाई जाएगी और मामले की जांच की जाएगी। *शुल्क में विसंगति पर नाराजगी-:* बताया गया कि भोपाल में पिक एंड ड्रॉप 20 मिनट के लिए 20 रुपये लगता है, जबकि रीवा में पांच मिनट से अधिक के लिए 50 रुपये वसूले जा रहे हैं। रीवा, भोपाल, जबलपुर और कटनी स्टेशन सभी पश्चिम
मध्य रेलवे में आते हैं, फिर भी शुल्क में भारी अंतर है। *इनका क्या कहना है-:* भोपाल में 20 मिनट का 20 रुपये लगता है, जबकि रीवा में पांच मिनट से अधिक होते ही 50 रुपये वसूले जा रहे हैं। रीवा, भोपाल, जबलपुर, कटनी आदि स्टेशन पश्चिम मध्य रेलवे में ही आते हैं, इसके बावजूद शुल्क में विसंगति है। इसी को लेकर विरोध जताया गया। मंडल मुख्यालय से कार्रवाई और भविष्य में नियमानुसार वसूली का भरोसा दिलाया गया है। *सुखेंद्र सिंह बन्ना, पूर्व विधायक मऊगंज।*
- *रीवा रेलवे स्टेशन पर पिक एंड ड्रॉप व पार्किंग में मनमानी वसूली, पूर्व विधायक ने धरना दिया* रीवा। रीवा रेलवे स्टेशन पर पार्किंग और पिक एंड ड्रॉप के नाम पर मनमानी वसूली का मामला सामने आया। मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना भी इस अव्यवस्था का शिकार हुए। उनके वाहन चालक से वसूली का प्रयास किया गया, जिसके विरोध में विधायक ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। *मंडल रेल प्रबंधन ने किया संज्ञान-:* स्थानीय रेल प्रशासन ने तत्काल मंडल रेल प्रबंधन जबलपुर को मामले की जानकारी दी। अधिकारियों ने पूर्व विधायक से बात कर उन्हें भरोसा दिलाया कि वसूली पर पांच दिनों के लिए रोक लगाई जाएगी और मामले की जांच की जाएगी। *शुल्क में विसंगति पर नाराजगी-:* बताया गया कि भोपाल में पिक एंड ड्रॉप 20 मिनट के लिए 20 रुपये लगता है, जबकि रीवा में पांच मिनट से अधिक के लिए 50 रुपये वसूले जा रहे हैं। रीवा, भोपाल, जबलपुर और कटनी स्टेशन सभी पश्चिम मध्य रेलवे में आते हैं, फिर भी शुल्क में भारी अंतर है। *इनका क्या कहना है-:* भोपाल में 20 मिनट का 20 रुपये लगता है, जबकि रीवा में पांच मिनट से अधिक होते ही 50 रुपये वसूले जा रहे हैं। रीवा, भोपाल, जबलपुर, कटनी आदि स्टेशन पश्चिम मध्य रेलवे में ही आते हैं, इसके बावजूद शुल्क में विसंगति है। इसी को लेकर विरोध जताया गया। मंडल मुख्यालय से कार्रवाई और भविष्य में नियमानुसार वसूली का भरोसा दिलाया गया है। *सुखेंद्र सिंह बन्ना, पूर्व विधायक मऊगंज।*3
- चंद्रशेखर आजाद की पुण्यतिथि पर शत शत नमन 🙏🙏1
- सीपीआई की त्रैमासिक बैठक संपन्न हुई चित्रकूट:- गुरुवार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की त्रैमासिक बैठक का. रामप्रसाद सिंह की अध्यक्षता में पार्टी कैंप कार्यालय में संपन्न हुई।1
- Post by Abhishek Pandey1
- UP के हमीरपुर में सुहागरात पर उस समय बखेड़ा हो गया जब दुल्हन मिथलेश ने दूल्हे धर्म सिंह के कमरे में जाने से इंकार कर दिया। उसने कह दिया की वह किसी और की अमानत है। जिससे मुहब्बत करती है सुहागरात भी उसी के साथ मनाएगी। बस क्या था सास को गुस्सा आया और कई चांटे रसीद किए। सास बोली :- अगर ब्याह किसी और से करना था, तो मेरे बेटे की जिंदगी क्यों खराब की.. रात भर यही कशमकश.. दुल्हन को समझने का दौर चलता रहा। सवेरे केस थाने पहुंच गया.. जहाँ दुल्हन ने साफ इंकार कर दिया ... अपने पहले वाले साथी के घर जाने की इच्छा जताई। थाने में ही तलाक पर मोहर लग गई। #viralvideo |1
- महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय समग्र शिक्षा, लखनऊ के पत्रांक/जी0ई0-115/एक्सपोजर विजिट/8076/2025-26 दिनांक-19.01.2026 के द्वारा प्रदत्त निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी, महोदय, चित्रकूट द्वारा जनपद चित्रकूट के समस्त कस्तूरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालयों (के०जी०बी०वी०) में अध्ययनरत् कक्षा 6 से 9 तक की बालिकाओं को जनपद झाँसी स्थित "झाँसी का किला एवं संग्रहालय" का शैक्षिक भ्रमण कराए जाने के निर्देश किए गये हैं। उक्त निर्देशों के अनुपालन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, श्री बी० के० शर्मा द्वारा अवगत गया कि आज दिनांक 26.02.2026 को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जनपद वित्रकूट से 05 बसों में 180 छात्राओं, वार्डेन, सहयोगी स्टाफ व प्रत्येक बस में 01 महिला होमगार्ड 01 पुलिस कर्मी सहित कुल 230 लोगो को 'झाँसी किला एवं संग्रहालय" के भ्रमण हेतु हरी झण्डी दिखाते हुए रवाना किया गया। उक्त टूर के निगरानी हेतु कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, चित्रकूट में समिति गठित की गयी है, जो एजुकेशनल दूर की पल-पल लाइव लोकेशन व दूरभाष के माध्यम से निगरानी करेगी।1
- सिटी:- रीवा स्लग:- नशे में धुत सिपाही दिनांक- 26.02.2026 एंकर:- मध्य प्रदेश के रीवा जिले से पुलिसिया कार्यप्रणाली को शर्मसार करने वाला एक वीडियो सामने आया है, जिसने महकमे की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ न केवल एक सिपाही सरेराह नशे में धुत पाया गया, बल्कि जब एक सजग पत्रकार ने इसकी शिकायत दर्ज करानी चाही, तो थाने में तैनात ASI बृजेश सिंह ने पत्रकारिता के चौथे स्तंभ को ही 'मर्यादा' और 'नियम' का पाठ पढ़ाना शुरू कर दिया। *क्या है पूरा मामला?* मिली जानकारी के अनुसार, समान थाने में पदस्थ एक सिपाही शराब के नशे में चूर होकर एक होटल में खाना लेने पहुँचा था। इसी दौरान वहाँ से गुजर रहे एक पत्रकार की नजर उस पर पड़ी। पुलिस की वर्दी में लड़खड़ाते कदमों को देख पत्रकार ने जब उसका नाम और पदस्थापना पूछी, तो सिपाही ने नशे की हालत में खुद को समान थाने का स्टाफ बताया। हैरानी की बात यह रही कि जब पत्रकार उक्त सिपाही की शिकायत करने और सच दिखाने के लिए समान थाने पहुँचा, तो वहाँ न्याय के बजाय 'वर्दी का अहंकार' देखने को मिला। 'तुम्हें कैसे पता उसने दारू पी है?' जैसे ही पत्रकार वीडियो बनाते हुए थाने के प्रांगण में पहुँचा, वहाँ मौजूद एएसआई साहब भड़क गए। पत्रकार द्वारा अपना परिचय ID कार्ड देने के बावजूद एएसआई ने कड़े लहजे में कहा, "तुम कोई भी हो, थाने के आस पास प्रांगण में वीडियो नहीं बना सकते।" हद तो तब हो गई जब एएसआई ने नशे में धुत सिपाही का बचाव करते हुए पत्रकार से ही उल्टा सवाल दाग दिया— *"तुम्हें कैसे पता कि उसने दारू पी है?"* सवाल जो जवाब मांगते हैं: यह घटना सीधे तौर पर लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारिता के कार्यों में बाधा डालने का प्रमाण है। 1 क्या वर्दी पहनकर नशे में घूमना पुलिस नियमावली के तहत सही है? 2 क्या एक सजग नागरिक या पत्रकार को पुलिस की बदहाली उजागर करने का हक नहीं है? 3 क्या ASI साहब को प्रेस की स्वतंत्रता और कानून के दायरे का ज्ञान नहीं है, या वे जानबूझकर अपने दागी स्टाफ को बचा रहे थे? थाने के अन्य कर्मियों ने भी मामले को दबाने का प्रयास किया, लेकिन कैमरे में कैद हुई ये तस्वीरें चीख-चीख कर रीवा पुलिस की अनुशासनहीनता की कहानी बयां कर रही हैं। अब देखना यह है कि रीवा के उच्च अधिकारी इस 'नशेबाज' सिपाही और 'दबंग' एएसआई पर क्या कार्यवाही करते हैं।1
- Post by उमेश पाठक सेमरिया रीवा1