गुमला के सिसई अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष 'अंचल दिवस' कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण से हुई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आमजनों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने 'अंचल दिवस' के उद्देश्य और राजस्व प्रशासन की जनोन्मुखी पहल की जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएँ रखीं, जिनमें अधिकतर मामले भूमि और राजस्व से संबंधित थे। उपायुक्त ने भूमि मापी, दाखिल-खारिज, लगान रसीद निर्गमन, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों में सुधार जैसे विभिन्न मामलों की सुनवाई की। मौके पर ही कई मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया गया, वहीं जटिल और प्रक्रियाधीन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। उपायुक्त ने अंचल कार्यालय के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों और प्रमाण पत्रों से संबंधित आवेदनों को बिना उचित कारण के लंबित न रखा जाए, तथा राजस्व मामलों का निष्पादन पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से हो। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि 'अंचल दिवस' का उद्देश्य प्रशासन की पहुँच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है, और स्थानीय स्तर पर अधिकाधिक समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आम का एक विशेष स्टॉल भी लगाया गया। 'विशेष अंचल दिवस' कार्यक्रम के बाद उपायुक्त ने सिसई स्थित रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें चिकित्सा प्रभारी द्वारा बताया गया कि अस्पताल का वर्तमान भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है और छत के हिस्से टूटकर गिर रहे हैं, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को खतरा है। चिकित्सा सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए अस्पताल को समीपवर्ती भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को वर्तमान भवन को तत्काल कंडम घोषित करने और स्वास्थ्य विभाग को उक्त स्थल पर नए एवं आधुनिक अस्पताल भवन निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने हेतु प्रस्ताव अग्रसारित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सिसई सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
गुमला के सिसई अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष 'अंचल दिवस' कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण से हुई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आमजनों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने 'अंचल दिवस' के उद्देश्य और राजस्व प्रशासन की जनोन्मुखी पहल की जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएँ रखीं, जिनमें अधिकतर मामले भूमि और राजस्व से संबंधित थे। उपायुक्त ने भूमि मापी, दाखिल-खारिज, लगान रसीद निर्गमन, सीमांकन और
राजस्व अभिलेखों में सुधार जैसे विभिन्न मामलों की सुनवाई की। मौके पर ही कई मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया गया, वहीं जटिल और प्रक्रियाधीन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। उपायुक्त ने अंचल कार्यालय के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों और प्रमाण पत्रों से संबंधित आवेदनों को बिना उचित कारण के लंबित न रखा जाए, तथा राजस्व मामलों का निष्पादन पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से हो। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े मामलों में
किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि 'अंचल दिवस' का उद्देश्य प्रशासन की पहुँच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है, और स्थानीय स्तर पर अधिकाधिक समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आम का एक विशेष स्टॉल भी लगाया गया। 'विशेष अंचल दिवस' कार्यक्रम के बाद उपायुक्त ने सिसई स्थित रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें चिकित्सा प्रभारी द्वारा बताया गया कि अस्पताल का वर्तमान भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है और छत के हिस्से टूटकर गिर रहे
हैं, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को खतरा है। चिकित्सा सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए अस्पताल को समीपवर्ती भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को वर्तमान भवन को तत्काल कंडम घोषित करने और स्वास्थ्य विभाग को उक्त स्थल पर नए एवं आधुनिक अस्पताल भवन निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने हेतु प्रस्ताव अग्रसारित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सिसई सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।
- गुमला के सिसई अंचल कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष 'अंचल दिवस' कार्यक्रम में उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी द्वारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर और भगवान बिरसा मुण्डा की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण से हुई। उपस्थित जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आमजनों को संबोधित करते हुए अधिकारियों ने 'अंचल दिवस' के उद्देश्य और राजस्व प्रशासन की जनोन्मुखी पहल की जानकारी दी। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएँ रखीं, जिनमें अधिकतर मामले भूमि और राजस्व से संबंधित थे। उपायुक्त ने भूमि मापी, दाखिल-खारिज, लगान रसीद निर्गमन, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों में सुधार जैसे विभिन्न मामलों की सुनवाई की। मौके पर ही कई मामलों का निपटारा सुनिश्चित किया गया, वहीं जटिल और प्रक्रियाधीन मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पात्र लाभुकों के बीच विभिन्न प्रमाण पत्रों का वितरण भी किया गया। उपायुक्त ने अंचल कार्यालय के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों और प्रमाण पत्रों से संबंधित आवेदनों को बिना उचित कारण के लंबित न रखा जाए, तथा राजस्व मामलों का निष्पादन पारदर्शी, संवेदनशील और समयबद्ध तरीके से हो। उन्होंने चेतावनी दी कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने बताया कि 'अंचल दिवस' का उद्देश्य प्रशासन की पहुँच अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित करना है, और स्थानीय स्तर पर अधिकाधिक समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए आम का एक विशेष स्टॉल भी लगाया गया। 'विशेष अंचल दिवस' कार्यक्रम के बाद उपायुक्त ने सिसई स्थित रेफरल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें चिकित्सा प्रभारी द्वारा बताया गया कि अस्पताल का वर्तमान भवन अत्यंत जर्जर स्थिति में है और छत के हिस्से टूटकर गिर रहे हैं, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को खतरा है। चिकित्सा सेवाओं के निर्बाध संचालन के लिए अस्पताल को समीपवर्ती भवन में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को वर्तमान भवन को तत्काल कंडम घोषित करने और स्वास्थ्य विभाग को उक्त स्थल पर नए एवं आधुनिक अस्पताल भवन निर्माण की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने हेतु प्रस्ताव अग्रसारित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी सिसई सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।4
- गुमला सदर थाना क्षेत्र के खोरा गांव निवासी मनोज लोहरा अपनी लापता पत्नी और एक बच्ची की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने बताया कि अपनी पत्नी और बच्ची की गुमशुदगी का मामला थाने में दर्ज कराए करीब डेढ़ माह हो चुके हैं, लेकिन पुलिस द्वारा शिद्दत से खोजबीन न किए जाने के कारण वह बेहद निराश हैं। मनोज लोहरा ने जानकारी दी है कि उनकी 25 वर्षीय पत्नी नेहा कुमारी, जो काले रंग का सूट और लाल रंग का पजामा पहने हुई थीं, अपनी एक छोटी बेटी को गोद में लेकर 26 मई 2026 को घर से निकली थीं। घर से निकलते समय उन्होंने कहा था कि वे बाजार जा रही हैं। आखिरी बार उन्हें भभरी रोड पर एक बाराती बस में बैठते हुए देखा गया था, जिसके बाद से वह घर नहीं लौटी हैं। पत्नी नेहा कुमारी अपने 6 साल के एक बच्चे को घर पर छोड़ गई हैं। खोरा पतरा टोली निवासी मनोज अपनी लापता पत्नी और बच्ची का पता लगाने के लिए हाथ में उनकी तस्वीरें लेकर लोगों से मदद की गुहार लगा रहे हैं।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के किसको प्रखंड में एक पुल लगभग दो साल से भी अधिक समय से टूटा हुआ है। यह क्षतिग्रस्त पुल लगातार बड़ी दुर्घटनाओं को न्योता दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों या किसी भी अन्य पक्ष का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर नहीं गया है।1
- गर्मी की छुट्टी के बाद विद्यालयों के पुनः संचालन के अवसर पर शुक्रवार को खुंटी जिले के कर्रा प्रखंड में एक गुरु गोष्ठी का आयोजन किया गया। प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी (बीपीओ) मनमोहन साहू ने इस गोष्ठी की अध्यक्षता की, जिसमें प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक उपस्थित रहे। बीपीओ साहू ने नए शैक्षणिक सत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने, नियमित छात्र एवं शिक्षकों की उपस्थिति ई-विद्यावाहिनी में दर्ज करने और समय पर पाठ्यक्रम पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने शिक्षकों को यह भी निर्देश दिया कि बच्चों को सभी पुस्तकें वितरित कर दी जाएँ और विद्यालय में कोई भी पुस्तक डम्पी न रहे। साथ ही, सीखने के स्तर में सुधार के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने तथा विद्यालयों में स्वच्छता एवं अनुशासन पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया गया। गोष्ठी में अपार आईईडी नामांकन अभियान, मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति, पुस्तक वितरण, आधार सीडिंग और यू-डाइस डेटा अद्यतन सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। विशेष रूप से बारिश के मौसम में प्रतिदिन किचन सह स्टोर रूम की साफ-सफाई करने और भोजन सामग्री को सुरक्षित रखने व बचाने के तरीके भी बताए गए। शिक्षकों से विद्यालयों में शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। बैठक के अंत में शिक्षकों की समस्याओं को भी सुना गया और उनके समाधान का आश्वासन दिया गया। इस बैठक में लेखापाल, सभी प्रखंड साधन सेवी, संकुल साधन सेवी जमा डी एम ऑपरेटर और एम आई एस सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। बीपीओ मनमोहन साहू ने सभी शिक्षकों को नियमित रूप से अपनी और छात्रों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करने का निर्देश दोहराया।1
- सिसई प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आयोजित आम उत्सव सह बागवानी मेला का उपायुक्त ने निरीक्षण किया, जहाँ उन्होंने सीधे किसानों से संवाद किया। इस दौरान उपायुक्त ने विभिन्न प्रजातियों के आमों को हाथों में लेकर किसानों से विस्तार से जानकारी ली। किसानों ने उपायुक्त को बताया कि उन्होंने मनरेगा के अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़कर आम बागवानी के लिए पौधे लगाए थे। इन पौधों से अब उन्हें लाखों रुपये की कमाई हो रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार आया है। मेले में विभिन्न किसानों ने अपने-अपने स्टॉल लगाए थे। इनमें सेमरा ओलमुंडा पंचायत के तुल राम खड़िया ने तोता पूरी आम, बॉन्डों के बंधनू उरांव ने लंगड़ा आम, लठदाग की रूपण देवी और ओलमुंडा की सरस्वती देवी ने मल्लिका आम, मादा की गीता उरांव ने चीनी दो फला, चेगरी के संतोष कुमार साहु ने दशहरी, तथा डाड़हा की चिन्तामनी देवी ने लंगड़ा और मालदा आम प्रदर्शित किए। यह उत्सव इस बात का प्रमाण था कि बिरसा हरित ग्राम योजना से जुड़कर महिला किसान लाखों रुपये की कमाई कर रही हैं।1
- सिसई प्रखंड की शिवनाथपुर ग्राम पंचायत के सियांग नवाटोली गांव में एक दर्दनाक घटना हुई है, जहाँ जमीन पर गिरे 11 हजार वोल्ट के बिजली के तार की चपेट में आने से किसान नारायण साहु की चार दुधारू गायों की मौके पर ही मौत हो गई। पीड़ित किसान ने बताया कि उनकी गायें खेत में चरने गई थीं, जब वे अचानक गिरे हुए धारा प्रवाहित तार के संपर्क में आ गईं और इस दर्दनाक हादसे का शिकार हो गईं।1