तिंदनी में आग का तांडव, प्रशासन बेखबर : खस्ताहाल दमकल ने बढ़ाई मुश्किलें जिला पंचायत अध्यक्ष की सक्रियता से टला बड़ा हादसा, कलेक्टर की चुप्पी और नगर पालिका पर उठे तीखे सवाल। रिपोर्ट / सचिन सिंह राजपूत दमोह/पटेरा। तहसील पटेरा के ग्राम तिंदनी में भीषण आग ने ऐसा तांडव मचाया कि सैकड़ों एकड़ क्षेत्र इसके चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। आग की तेज लपटों ने ग्रामीणों के भूसे और लकड़ियों के ढेरों को जलाकर खाक कर दिया और धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ने लगीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के दौरान प्रशासन पूरी तरह नदारद नजर आया। ग्रामीणों और स्थानीय मीडिया द्वारा कलेक्टर को लगातार फोन लगाए गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा की घड़ी में भी प्रशासन की संवेदनशीलता पूरी तरह गायब रही। स्थिति तब काबू में आई जब स्थानीय मीडिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल को सूचना दी। सूचना मिलते ही उनके प्रतिनिधि गौरव पटेल ने बिना देरी किए दमोह से फायर ब्रिगेड रवाना कराई। वहीं हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेन्द्र उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे और सक्रियता दिखाते हुए हिंडोरिया से दमकल वाहन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संयुक्त प्रयासों से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, जिससे बड़ा हादसा टल गया। राहत कार्य के दौरान एक और चौंकाने वाली हकीकत सामने आई—पटेरा से पहुंची फायर ब्रिगेड की क्लच प्लेट खराब निकली। इस तकनीकी खामी के चलते शुरुआती प्रयासों में बाधा आई और हालात और बिगड़ सकते थे। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मौके पर पटेरा सीएमओ प्रेम सिंह चौहान भी पहुंचे, लेकिन इसे महज औपचारिकता के तौर पर देखा जा रहा है। आपातकालीन सेवाओं के संसाधनों की ऐसी बदहाल स्थिति ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। ग्रामीणों ने जहां जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि की तत्परता की सराहना की, वहीं प्रशासन की निष्क्रियता और संसाधनों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर तीखी नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद नहीं पहुंचती, तो पूरा गांव आग की चपेट में आ सकता था। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि आपात सेवाओं की तैयारियों और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
तिंदनी में आग का तांडव, प्रशासन बेखबर : खस्ताहाल दमकल ने बढ़ाई मुश्किलें जिला पंचायत अध्यक्ष की सक्रियता से टला बड़ा हादसा, कलेक्टर की चुप्पी और नगर पालिका पर उठे तीखे सवाल। रिपोर्ट / सचिन सिंह राजपूत दमोह/पटेरा। तहसील पटेरा के ग्राम तिंदनी में भीषण आग ने ऐसा तांडव मचाया कि सैकड़ों एकड़ क्षेत्र इसके चपेट में आने की आशंका जताई जा रही है। आग की तेज लपटों ने ग्रामीणों के भूसे और लकड़ियों के ढेरों को जलाकर खाक कर दिया और धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ने लगीं, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी घटना के दौरान प्रशासन पूरी तरह नदारद नजर आया। ग्रामीणों और स्थानीय मीडिया द्वारा कलेक्टर को लगातार फोन लगाए गए, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इससे लोगों में गहरा आक्रोश देखने को मिला। ग्रामीणों का कहना है कि आपदा की घड़ी में भी प्रशासन की संवेदनशीलता पूरी तरह गायब रही। स्थिति तब काबू में आई जब स्थानीय मीडिया ने जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता पटेल को सूचना दी। सूचना मिलते ही उनके प्रतिनिधि गौरव पटेल ने बिना देरी किए दमोह से फायर ब्रिगेड रवाना कराई। वहीं हिंडोरिया थाना प्रभारी धर्मेन्द्र उपाध्याय भी मौके पर पहुंचे और सक्रियता दिखाते हुए हिंडोरिया से दमकल वाहन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संयुक्त प्रयासों से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, जिससे बड़ा हादसा टल गया। राहत कार्य के दौरान एक और चौंकाने वाली हकीकत सामने आई—पटेरा से पहुंची फायर ब्रिगेड की क्लच प्लेट खराब निकली। इस तकनीकी खामी के चलते शुरुआती प्रयासों में बाधा आई और हालात और बिगड़ सकते थे। यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। मौके पर पटेरा सीएमओ प्रेम सिंह चौहान भी पहुंचे, लेकिन इसे महज औपचारिकता के तौर पर देखा जा रहा है। आपातकालीन सेवाओं के संसाधनों की ऐसी बदहाल स्थिति ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। ग्रामीणों ने जहां जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि की तत्परता की सराहना की, वहीं प्रशासन की निष्क्रियता और संसाधनों की खस्ताहाल स्थिति को लेकर तीखी नाराजगी जताई। लोगों का कहना है कि यदि समय पर मदद नहीं पहुंचती, तो पूरा गांव आग की चपेट में आ सकता था। यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करती है, बल्कि आपात सेवाओं की तैयारियों और जवाबदेही तय करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।
- Post by भगवत सिंह लोधी पत्रकार1
- Post by Vikas Soni1
- दमोह जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध के बावजूद किसान बाज नहीं आ रहे हैं। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के आदेशों की अनदेखी कर खेतों में आग लगाई जा रही है। किसानों को नरवाई से भूसा बनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया था, लेकिन नियमों का पालन नहीं हो रहा। इसी बीच दमोह-पथरिया मार्ग स्थित खोजखेड़ी के पास नरवाई जलाने का वीडियो बुधवार रात सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- *यूपी : जिला गाजीपुर में सपा के डेलिगेशन पर पथराव, पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा का सिर फूटा। 15 अप्रैल को एक लड़की की हत्या हुई थी। उसी परिवार से मिलने पुलिस की मौजूदगी में सपा का डेलिगेशन जा रहा था। वार्ता के दौरान कुछ अराजक तत्व भड़क गए। पुलिस ने 10 से ज्यादा लोग पकड़े।*1
- Post by नीलेश विश्वकर्मा1
- Post by Shailesh Shrivastava1
- पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में भाजपाई प्रधान प्रतिनिधि आशु सिंह द्वारा सपा प्रतिनिधिमंडल पर किया गया हमला लोकतंत्र की हत्या है। यह हमला सिर्फ एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे विश्वकर्मा समाज के सम्मान पर चोट है। योगी जी, आपका बुलडोजर सिर्फ पिछड़ों और दलितों के घर का रास्ता क्यों जानता है? सत्ता के संरक्षण में पल रहे इन गुंडों पर कार्रवाई कब होगी? याद रखिएगा, जिस समाज को आप आज दबा रहे हैं, वही 2027 में आपको सत्ता से बेदखल कर करारा जवाब देगा। अहंकार का अंत निश्चित है! #VishwakarmaSamaj #SocialJustice #YogiSarkar #UPPolitics #2027MeinJawabMilega1
- Post by Vikas Soni1