राजस्थान के सवाई माधोपुर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से जाम कर दिया है। सैकड़ों की तादाद में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ गए हैं, जिसके कारण इस प्रमुख और व्यस्त रेलवे रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन की मुख्य वजह सिंचाई के लिए पानी की कमी है। वे लगातार यह मांग कर रहे हैं कि इलाके के सबसे बड़े पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों के लिए तुरंत पानी छोड़ा जाए। जानकारी के अनुसार, किसान अपनी इस मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम कर दिया। दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में आता है, और ट्रैक के मध्य क्षेत्र में किसानों के बैठकर प्रदर्शन करने से ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, जहाँ वे किसानों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द रेलवे ट्रैक को खाली कर दें और ट्रेनों का संचालन फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सके।
राजस्थान के सवाई माधोपुर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से जाम कर दिया है। सैकड़ों की तादाद में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ गए हैं, जिसके कारण इस प्रमुख और व्यस्त रेलवे रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन की मुख्य वजह सिंचाई के लिए पानी की कमी है। वे लगातार यह मांग कर रहे हैं कि इलाके के सबसे बड़े पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों के लिए तुरंत पानी छोड़ा जाए। जानकारी के अनुसार, किसान अपनी इस मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम कर दिया। दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में आता है, और ट्रैक के मध्य क्षेत्र में किसानों के बैठकर प्रदर्शन करने से ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, जहाँ वे किसानों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द रेलवे ट्रैक को खाली कर दें और ट्रेनों का संचालन फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सके।
- राजस्थान के सवाई माधोपुर में किसानों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र प्रदर्शन करते हुए दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से जाम कर दिया है। सैकड़ों की तादाद में किसान रेलवे ट्रैक पर ही धरने पर बैठ गए हैं, जिसके कारण इस प्रमुख और व्यस्त रेलवे रूट पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। किसानों के इस बड़े प्रदर्शन की मुख्य वजह सिंचाई के लिए पानी की कमी है। वे लगातार यह मांग कर रहे हैं कि इलाके के सबसे बड़े पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों के लिए तुरंत पानी छोड़ा जाए। जानकारी के अनुसार, किसान अपनी इस मांग को लेकर पिछले 12 दिनों से धरने पर बैठे थे, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुनवाई नहीं होने पर उनका गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने रेलवे ट्रैक पर चक्का जाम कर दिया। दिल्ली-मुंबई रेलवे मार्ग देश के सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में आता है, और ट्रैक के मध्य क्षेत्र में किसानों के बैठकर प्रदर्शन करने से ट्रेनों की आवाजाही पर सीधा असर पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं, जहाँ वे किसानों से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि वे जल्द से जल्द रेलवे ट्रैक को खाली कर दें और ट्रेनों का संचालन फिर से सुचारु रूप से शुरू हो सके।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव स्थित किसान धरना स्थल पर, उपनेता प्रतिपक्ष विधायक राम के जी मीणा ने पांचना बांध की नहरों में पानी छोड़ने के महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी बात रखी है।1
- पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खंडीप में किसानों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। आंदोलन के समर्थन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों किसान, महिलाएं और ग्रामीण रैली के रूप में खंडीप धरना स्थल पर पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की इस मौजूदगी से आंदोलन ने निर्णायक रूप ले लिया और पूरे क्षेत्र में किसानों की एकजुटता साफ देखने को मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महस्वा रैला सहित आसपास के गांवों से किसान और महिलाएं जुलूस निकालते हुए खंडीप धरना स्थल की ओर रवाना हुए। इसी दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारी खंडीप रेलवे फाटक के समीप एकत्रित हो गए और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। किसानों का कहना था कि खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में नहरों में पानी नहीं पहुंचने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। रेलवे फाटक पर अचानक भीड़ बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आंदोलनकारियों के रेलवे ट्रैक के समीप पहुंचने से रेल यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी, जिससे प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीण खंडीप फाटक से महापंचायत स्थल से गुजरने लगे, जिससे फाटक खुला रहा। इस दौरान लगभग दो घंटे तक फाटक खुला रहने से रेल यातायात बाधित हुआ। काफी संख्या में ग्रामीण ट्रैक पर भी आकर धरना-प्रदर्शन करने लगे, जिन्हें काफी समझाइश के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा हटाया गया। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सोमवार को भी ग्रामीण रैली के रूप में फाटक से गुजरे थे और इस दौरान ट्रैक पर जमा होकर बांध से नहरों में पानी छोड़ने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। धरना स्थल पर दिनभर किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। किसानों का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है। वहीं, धरना स्थल पर किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों की लगातार बढ़ती भागीदारी से आंदोलन को और मजबूती मिल रही है।3
- जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) द्वारा चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के तहत गंगापुर सिटी स्थित एक होटल में बिजली चोरी का बड़ा मामला सामने आया है। निगम की टीम ने अलीगंज रोड पर स्थित होटल हवेली का निरीक्षण करते हुए पाया कि उपभोक्ता ने स्वीकृत विद्युत कनेक्शन के अतिरिक्त एल.टी. पोल से एक समानांतर केबल जोड़कर चेंजओवर और स्विच के माध्यम से अवैध रूप से विद्युत का उपयोग कर रखा था। अधीक्षण अभियंता आर.के. मीना ने बताया कि इस व्यवस्था के जरिए निगम के मीटर को बायपास कर अवैध रूप से विद्युत ऊर्जा का उपयोग किया जा रहा था। बिजली चोरी की पुष्टि होने पर, जेवीवीएनएल की टीम ने नियमानुसार तत्काल वीसीआर (विद्युत चोरी निरोधक प्रावधानों के तहत) दर्ज की और उपभोक्ता पर 4.50 लाख रुपये से अधिक की पेनल्टी लगाई। इसके साथ ही, विद्युत अधिनियम के प्रावधानों के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। अधीक्षण अभियंता ने स्पष्ट किया कि विद्युत चोरी से न केवल निगम को राजस्व हानि होती है, बल्कि विद्युत आपूर्ति व्यवस्था की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्युत चोरी में शामिल व्यक्तियों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा, और दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जेवीवीएनएल ने आमजन से अपील की है कि वे केवल वैध विद्युत कनेक्शन का उपयोग करें और किसी भी प्रकार की बिजली चोरी की सूचना निकटतम विद्युत कार्यालय में दें।1
- मलारना डूंगर उपखंड के मलारना स्टेशन कस्बे में उस समय हड़कंप मच गया, जब खाद्य सुरक्षा टीम अचानक वहां पहुंची। टीम को देखते ही दुकानदारों में खलबली मच गई और वे अपनी-अपनी दुकानें बंद कर भागते नजर आए। इस दौरान खाद्य सुरक्षा इंस्पेक्टर नितेश गौतम ने गोविंद किराना स्टोर नामक एक दुकान को सील कर दिया। इंस्पेक्टर गौतम जब मिठाइयों की दुकानों पर पहुंचे, तो वहां के दुकानदार भी अपनी दुकानें बंद करके भाग खड़े हुए। टीम ने कई दुकानों से मिली रंगीन मिठाइयों को नष्ट कराया, वहीं समोसा और कचौरी बनाने में इस्तेमाल हो रहे पुराने तेल को भी नष्ट किया। इंस्पेक्टर गौतम ने वहां जमा लोगों की भीड़ को भी समझाया, उन्हें सलाह दी कि वे खाने-पीने की चीजें पूरी जांच-परख कर ही खरीदें और ऐसी दुकानों से सामान न लें जो खाद्य सामग्री में पुरानी वस्तुओं और बासी सामान का उपयोग कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ज्यादा दिन रखी हुई मिठाई कभी नहीं खरीदनी चाहिए। इंस्पेक्टर गौतम ने लोगों से आग्रह किया कि अगर कोई दुकानदार मनमानी कर रहा है, तो उसकी सूचना उनकी खाद्य सुरक्षा टीम को दें, ताकि उस दुकानदार पर उचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने लोगों के लिए अपना मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किया, जिससे वे अपनी समस्याएं सीधे खाद्य सुरक्षा टीम को बता सकें।1
- राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड स्थानीय संघ लालसोट के तत्वावधान में बालिका विद्यालय लालसोट में एक समर कैंप का आयोजन किया गया। इस कैंप का अवलोकन प्रसिद्ध फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. रवि शर्मा और पूर्व उप प्रधानाचार्य गिर्राज गुप्ता ने क्रमशः मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में किया। अवलोकन के दौरान, विद्यार्थियों ने कैंप में सिले गए ब्लाउज, फ्रॉक, गाउन और सूट जैसे परिधानों का प्रदर्शन किया और अतिथियों से संवाद भी किया। बालिकाओं ने हाथों में लाइव मेहंदी मांडना बनाकर अपनी मेहंदी फाइलों को दिखाया, जिसकी सभी ने बहुत प्रशंसा की। इसके अतिरिक्त, नन्हे विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिसमें उनके डांस स्टेप्स और थिरकन ने सभी का मन मोह लिया। छात्रा प्रिया सैनी ने आइब्रो बनाने का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी दिया। इस वर्ष बालिकाओं ने डिजाइनर ड्रेस में पारंपरिक और पश्चिमी शैली का अद्भुत संगम करके रैंप वॉक किया, जिसमें उनमें गजब का आत्मविश्वास दिखाई दिया। मुख्य अतिथि डॉ. रवि शर्मा ने इस दौरान सभी प्रतिभागियों को फिटनेस का मंत्र दिया और कहा कि भारत स्काउट गाइड स्थानीय संघ लालसोट शुरू से ही महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम करता आया है। उन्होंने भारत स्काउट गाइड के 'स्टॉप वायलेंस' कार्यक्रम की भी चर्चा की और उनके कार्यों की सराहना की। सियाराम शरण शर्मा और रतिराम मीणा ने समर कैंप की विभिन्न गतिविधियों पर प्रकाश डाला, जबकि विशिष्ट अतिथि गिर्राज गुप्ता ने विद्यार्थियों को नोटबुक और पेन भेंट किए। शिविर प्रभारी महेंद्र व्याख्याता डोब ने बताया कि यह समर कैंप अनुराग सेवा संस्थान के सौजन्य से निशुल्क आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में दीपा साहू ने दुपट्टा पहनाकर सभी अतिथियों का स्वागत किया। साथ ही, सिलाई प्रशिक्षक सुनीता कुमारी, निर्मला पारिक, पायल सैनी, सोनाली साहू, राधा खांडल और उमेश पहाड़िया का भी अतिथियों द्वारा सम्मान किया गया। कुल मिलाकर, इस समर कैंप में बालिकाओं ने रैंप वॉक के माध्यम से आत्मविश्वास की मिसाल पेश करते हुए महिला सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण संदेश दिया।4
- राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड स्थानीय संघ लालसोट द्वारा आयोजित समर कैंप में बालिकाओं ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण का एक शानदार संदेश रैंप वॉक के माध्यम से दिया। इस कार्यक्रम का अवलोकन प्रसिद्ध फिजियोथैरेपिस्ट डॉ. रवि शर्मा ने मुख्य अतिथि के तौर पर किया, वहीं पूर्व उपप्रधानाचार्य गिर्राज गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। शिविर के दौरान बालिकाओं ने स्वयं द्वारा सिले गए आकर्षक ब्लाउज, फ्रॉक, गाउन और सूट का प्रदर्शन रैंप वॉक पर किया। छात्राओं ने मेहंदी कला का जीवंत प्रदर्शन करते हुए अपनी मेहंदी फाइलों को भी दिखाया, जिसकी अतिथियों ने सराहना की। वहीं, छोटे बच्चों ने देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों का मन मोह लिया। छात्रा प्रिया सैनी ने आइब्रो बनाने का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी दिया। इस दौरान डिजाइनर परिधानों में पारंपरिक और पश्चिमी संस्कृति का एक अनूठा संगम देखने को मिला, जिसमें बालिकाओं का आत्मविश्वास और प्रस्तुति सभी के आकर्षण का केंद्र बनी रही। मुख्य अतिथि डॉ. रवि शर्मा ने प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का मंत्र देते हुए फिटनेस का संदेश दिया। उन्होंने भारत स्काउट एवं गाइड के महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जागरूकता के सराहनीय कार्यों की प्रशंसा की, साथ ही संगठन के "स्टॉप वायलेंस" अभियान को भी सराहा। इस अवसर पर सियाराम शरण शर्मा और रतिराम मीणा ने शिविर की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी। विशिष्ट अतिथि गिर्राज गुप्ता ने विद्यार्थियों को नोटबुक एवं पेन वितरित किए, जबकि शिविर प्रभारी महेन्द्र डोब ने बताया कि इस वर्ष समर कैंप अनुराग सेवा संस्थान के सहयोग से निशुल्क आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में दीपा साहू ने अतिथियों का दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया, और सिलाई प्रशिक्षक सुनीता कुमारी, निर्मला पारीक, पायल सैनी, सोनाली साहू, राधा खांडल के साथ उमेश पहाड़िया का भी सम्मान किया गया।1
- सवाई माधोपुर स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचने वाले श्रद्धालुओं को इन दिनों भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1