लखीमपुर खीरी जिले की पलिया कलां तहसील की ग्राम पंचायत बबौरा के मजरा विष्नुपुर गांव के निकट पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग द्वारा मानसून सत्र से ठीक पहले एक पुलिया का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, जो अब क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पुलिया के पास आवागमन के लिए बनाया गया वैकल्पिक (डायवर्जन) रास्ता पूरी तरह से कटकर बह गया है। इस संपर्क मार्ग के पूरी तरह ध्वस्त होने से इलाके के दर्जनों गांवों और मुख्य कृषि फार्मों का संपर्क टूट गया है और ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। बरसात के इस चरम मौसम में रास्ता कट जाने से गांव में आपातकालीन सेवाएं भी ठप हो गई हैं, जिससे अब किसी भी आपात स्थिति में न तो एम्बुलेंस पहुंच सकती है और न ही पुलिस की गाड़ी। इसके अलावा, स्कूल जाने वाले बच्चों का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है, जिससे उनकी पढ़ाई पर भी गहरा संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को यह निर्माण कार्य मानसून आने से पहले पूरा कर लेना चाहिए था, लेकिन अब वे पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग की इस कार्यप्रणाली से नाराज स्थानीय ग्रामीणों—गुरमुख सिंह, बलकार सिंह, सुंदर सिंह, बलवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, बिल्लू सिंह और जग्गा सिंह सहित दर्जनों लोगों ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि बहुत जल्द इस रास्ते का वैकल्पिक समाधान कर निर्माण कार्य तेज नहीं किया गया, तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
लखीमपुर खीरी जिले की पलिया कलां तहसील की ग्राम पंचायत बबौरा के मजरा विष्नुपुर गांव के निकट पीडब्ल्यूडी (PWD) विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। विभाग द्वारा मानसून सत्र से ठीक पहले एक पुलिया का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, जो अब क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन चुका है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण पुलिया के पास आवागमन के लिए बनाया गया वैकल्पिक (डायवर्जन) रास्ता पूरी तरह से कटकर बह गया है। इस संपर्क मार्ग के पूरी तरह ध्वस्त होने से इलाके के दर्जनों
गांवों और मुख्य कृषि फार्मों का संपर्क टूट गया है और ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। बरसात के इस चरम मौसम में रास्ता कट जाने से गांव में आपातकालीन सेवाएं भी ठप हो गई हैं, जिससे अब किसी भी आपात स्थिति में न तो एम्बुलेंस पहुंच सकती है और न ही पुलिस की गाड़ी। इसके अलावा, स्कूल जाने वाले बच्चों का रास्ता पूरी तरह बंद हो चुका है, जिससे उनकी पढ़ाई पर भी गहरा संकट खड़ा हो गया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि विभाग
को यह निर्माण कार्य मानसून आने से पहले पूरा कर लेना चाहिए था, लेकिन अब वे पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं। पीडब्ल्यूडी विभाग की इस कार्यप्रणाली से नाराज स्थानीय ग्रामीणों—गुरमुख सिंह, बलकार सिंह, सुंदर सिंह, बलवीर सिंह, देवेंद्र सिंह, बिल्लू सिंह और जग्गा सिंह सहित दर्जनों लोगों ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि बहुत जल्द इस रास्ते का वैकल्पिक समाधान कर निर्माण कार्य तेज नहीं किया गया, तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
- लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहाँ नेता लोग सिर्फ वोट लेने के लिए ही जाते हैं और उसके बाद इन बस्तियों के लोगों की सुध नहीं लेते। वोट पाने के बाद नेताओं द्वारा यहाँ रहने वाले लोगों को पूरी तरह से अनदेखा कर दिया जाता है।1
- बिहार के हाजीपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उस समय हड़कंप मच गया जब उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का हेलीकॉप्टर निर्धारित स्थान पर तुरंत उतरने के बजाय करीब 7 मिनट तक हवा में चक्कर लगाता रहा। हेलीकॉप्टर के इस तरह लगातार हवा में मंडराने से कार्यक्रम स्थल पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा कर्मियों में भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हेलीकॉप्टर के देर तक हवा में रहने के दौरान अधिकारी सुरक्षा व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने और आवश्यक समन्वय स्थापित करने के लिए इधर-उधर दौड़ते नजर आए। हालांकि, स्थिति सामान्य होने के बाद हेलीकॉप्टर की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और कार्यक्रम आगे बढ़ सका। फिलहाल हेलीकॉप्टर के हवा में रहने के कारणों की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर इसे सुरक्षा व्यवस्था, लैंडिंग स्थल की तैयारी या तकनीकी एवं परिचालन संबंधी कारणों से जोड़कर देखा जा रहा है और इस संबंध में प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।1
- भारत की 22 साल की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स के मैदान पर इतिहास रच दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट मैच की पहली पारी में उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 17 ओवर में 37 रन देकर 5 विकेट झटके। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही वह लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला गेंदबाज बन गई हैं। मैच की बात करें तो भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 170 रन पर सिमट गई। इससे भारत को पहली पारी में 115 रन की बढ़त मिली। इसके बाद दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा बना रहा और दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक टीम ने 1 विकेट पर 154 रन बना लिए हैं। इस तरह भारत की कुल बढ़त 269 रन हो गई है और टीम जीत की मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।1
- चीन के ओरडोस में आयोजित एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले टीम ने सांसें रोक देने वाले बेहद रोमांचक मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले फाइनल मुकाबले के आखिरी पलों में चीनी धरती पर भारतीय तिरंगा शान से लहराया। मेजबान चीन की टीम शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए थी और भारत के सामने फिलीपींस की भी कड़ी चुनौती थी, लेकिन भारतीय धावकों ने हार न मानने का जज्बा दिखाते हुए जीत छीन ली। इस ऐतिहासिक मुकाबले की शुरुआत में भारत की ओर से पहली लेग में आस्तिक प्रधान ने शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद दूसरी लेग में सैंड्रा मोल साबू ने टीम को मुकाबले में मजबूती से बनाए रखा। हालांकि, तीसरी लेग में सेटू मिश्रा ने अपनी पूरी ताकत झोंकने के बावजूद तेज रफ्तार प्रतिद्वंद्वियों के कारण भारतीय टीम पिछड़ गई। जब आखिरी लैप के लिए बैटन श्रावणी सचिन सांगले के हाथों में आया, तब भारत काफी पीछे चल रहा था और चीन की धाविका ने 10 मीटर से अधिक की मजबूत बढ़त बना ली थी। इस नामुमकिन सी दिखने वाली स्थिति में भी श्रावणी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने पहले 100 मीटर में अपनी लय पकड़ी और फिर रफ्तार बढ़ाते हुए चीन व फिलीपींस के बीच की दूरी को कम करना शुरू किया। अंतिम 150 मीटर में श्रावणी की रफ्तार आंधी की तरह बढ़ी और आखिरी 100 मीटर में वे चीनी एंकर के बिल्कुल करीब पहुंच गईं। बिल्कुल अंतिम 50 मीटर पर आकर श्रावणी ने अपनी बची-खुची पूरी ताकत लगा दी और फिनिश लाइन से ठीक पहले एक शानदार लंज लगाया। दोनों धाविकाओं ने लगभग एक साथ फिनिश लाइन पार की, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड पर परिणाम देखकर पूरा भारतीय दल खुशी से झूम उठा। भारत ने 3:18.64 का समय लेकर चीन (3:18.74) को महज 0.10 सेकंड के मामूली अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक कांवड़िए द्वारा पुलिस इंस्पेक्टर को सीधे तौर पर धमकी देने का मामला सामने आया है। डीजे पर चढ़ने से रोकने पर भड़के कांवड़िए ने ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर को खुली चुनौती देते हुए कहा, "ज्यादा वर्दी का गुरूर हो तो बता दो अभी, 5 मिनट में उतरवा दूंगा।" यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ जब कुछ कांवड़िये डीजे के ऊपर चढ़े हुए थे। मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर ने जब उन्हें नीचे उतरने के लिए कहा, तो वे उलझ गए। इस घटना के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर बिल्कुल बेसहारा खड़े नजर आए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जल्द ही कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है और ठीक उससे पहले इस तरह का मामला सामने आया है।1