चीन के ओरडोस में आयोजित एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले टीम ने सांसें रोक देने वाले बेहद रोमांचक मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले फाइनल मुकाबले के आखिरी पलों में चीनी धरती पर भारतीय तिरंगा शान से लहराया। मेजबान चीन की टीम शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए थी और भारत के सामने फिलीपींस की भी कड़ी चुनौती थी, लेकिन भारतीय धावकों ने हार न मानने का जज्बा दिखाते हुए जीत छीन ली। इस ऐतिहासिक मुकाबले की शुरुआत में भारत की ओर से पहली लेग में आस्तिक प्रधान ने शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद दूसरी लेग में सैंड्रा मोल साबू ने टीम को मुकाबले में मजबूती से बनाए रखा। हालांकि, तीसरी लेग में सेटू मिश्रा ने अपनी पूरी ताकत झोंकने के बावजूद तेज रफ्तार प्रतिद्वंद्वियों के कारण भारतीय टीम पिछड़ गई। जब आखिरी लैप के लिए बैटन श्रावणी सचिन सांगले के हाथों में आया, तब भारत काफी पीछे चल रहा था और चीन की धाविका ने 10 मीटर से अधिक की मजबूत बढ़त बना ली थी। इस नामुमकिन सी दिखने वाली स्थिति में भी श्रावणी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने पहले 100 मीटर में अपनी लय पकड़ी और फिर रफ्तार बढ़ाते हुए चीन व फिलीपींस के बीच की दूरी को कम करना शुरू किया। अंतिम 150 मीटर में श्रावणी की रफ्तार आंधी की तरह बढ़ी और आखिरी 100 मीटर में वे चीनी एंकर के बिल्कुल करीब पहुंच गईं। बिल्कुल अंतिम 50 मीटर पर आकर श्रावणी ने अपनी बची-खुची पूरी ताकत लगा दी और फिनिश लाइन से ठीक पहले एक शानदार लंज लगाया। दोनों धाविकाओं ने लगभग एक साथ फिनिश लाइन पार की, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड पर परिणाम देखकर पूरा भारतीय दल खुशी से झूम उठा। भारत ने 3:18.64 का समय लेकर चीन (3:18.74) को महज 0.10 सेकंड के मामूली अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
चीन के ओरडोस में आयोजित एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले टीम ने सांसें रोक देने वाले बेहद रोमांचक मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले फाइनल मुकाबले के आखिरी पलों में चीनी धरती पर भारतीय तिरंगा शान से लहराया। मेजबान चीन की टीम शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए थी और भारत के सामने फिलीपींस की भी कड़ी चुनौती थी, लेकिन भारतीय धावकों ने हार न मानने का जज्बा दिखाते हुए जीत छीन ली। इस ऐतिहासिक मुकाबले की शुरुआत में भारत की ओर से पहली लेग में आस्तिक प्रधान ने शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद दूसरी लेग में सैंड्रा मोल साबू ने टीम को मुकाबले में मजबूती से बनाए रखा। हालांकि, तीसरी लेग में सेटू मिश्रा ने अपनी पूरी ताकत झोंकने के बावजूद तेज रफ्तार प्रतिद्वंद्वियों के कारण भारतीय टीम पिछड़ गई। जब आखिरी लैप के लिए बैटन श्रावणी सचिन सांगले के हाथों में आया, तब भारत काफी पीछे चल रहा था और चीन की धाविका ने 10 मीटर से अधिक की मजबूत बढ़त बना ली थी। इस नामुमकिन सी दिखने वाली स्थिति में भी श्रावणी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने पहले 100 मीटर में अपनी लय पकड़ी और फिर रफ्तार बढ़ाते हुए चीन व फिलीपींस के बीच की दूरी को कम करना शुरू किया। अंतिम 150 मीटर में श्रावणी की रफ्तार आंधी की तरह बढ़ी और आखिरी 100 मीटर में वे चीनी एंकर के बिल्कुल करीब पहुंच गईं। बिल्कुल अंतिम 50 मीटर पर आकर श्रावणी ने अपनी बची-खुची पूरी ताकत लगा दी और फिनिश लाइन से ठीक पहले एक शानदार लंज लगाया। दोनों धाविकाओं ने लगभग एक साथ फिनिश लाइन पार की, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड पर परिणाम देखकर पूरा भारतीय दल खुशी से झूम उठा। भारत ने 3:18.64 का समय लेकर चीन (3:18.74) को महज 0.10 सेकंड के मामूली अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।
- भारत की 22 साल की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने लॉर्ड्स के मैदान पर इतिहास रच दिया है। इंग्लैंड के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र महिला टेस्ट मैच की पहली पारी में उन्होंने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 17 ओवर में 37 रन देकर 5 विकेट झटके। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही वह लॉर्ड्स के प्रतिष्ठित ऑनर्स बोर्ड पर अपना नाम दर्ज कराने वाली पहली महिला गेंदबाज बन गई हैं। मैच की बात करें तो भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए थे, जिसके जवाब में इंग्लैंड की पूरी टीम 170 रन पर सिमट गई। इससे भारत को पहली पारी में 115 रन की बढ़त मिली। इसके बाद दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाजों का दबदबा बना रहा और दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक टीम ने 1 विकेट पर 154 रन बना लिए हैं। इस तरह भारत की कुल बढ़त 269 रन हो गई है और टीम जीत की मजबूत स्थिति में पहुंच गई है।1
- उत्तर प्रदेश के गोला गोकर्णनाथ में राज्य सरकार की 'एक पेड़ मां के नाम' थीम के तहत नगर पालिका परिषद द्वारा भव्य वृक्षारोपण महायज्ञ का आयोजन किया गया। इस महाअभियान के तहत नगर के विभिन्न स्थानों पर व्यापक स्तर पर फलदार और छायादार पौधों का रोपण किया गया। इस वृक्षारोपण अभियान का शुभारंभ ढोल-नगाड़ों के साथ सीजीएन पीजी कॉलेज परिसर में किया गया, जहां अर्जुन, पकरिया, गुलमोहर, जामुन और अमरूद जैसे कई महत्वपूर्ण पौधों को रोपा गया। इस अभियान के शुभारंभ के अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला 'रिंकू', अधिशाषी अधिकारी मुकेश कुमार मिश्र, भाजपा नगर अध्यक्ष विनोद स्वर्णकार सहित विभिन्न सभासदों और सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी मौजूद रहे। कॉलेज परिसर के बाद लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज, मुक्तिधाम, त्रिलोक गिरि मंदिर, अस्थायी गौशाला मूड़ा सरकटा, स्थायी गौशाला ग्रांट लंदनपुर, एमआरएफ सेंटर कोटवारा और नई बाईपास रोड सहित नगर के कई प्रमुख स्थानों पर भी वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष विजय शुक्ला 'रिंकू' ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, जल सुरक्षा और जलवायु संतुलन के लिए वृक्ष अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और आज लगाया गया हर पौधा आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण देने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने हर नागरिक से पौधे लगाने के साथ-साथ उनके संरक्षण का संकल्प लेने की बात कही। अधिशाषी अधिकारी मुकेश कुमार मिश्र ने भी नगरवासियों से पौधों की नियमित देखभाल की अपील की। इस मौके पर समाजसेवी सत्य प्रकाश अग्रवाल, पूर्व चेयरमैन एलडीवी बैंक सुर्जन लाल वर्मा, भाजपा कार्यकर्ता, शिक्षक नेता, व्यापारी नेता और भारी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।1
- 📢 अब जनता पूछ रही है — "साहब, शिकायतें फाइलों में दबेंगी या सड़क से पानी भी निकलेगा?" 🚨 शर्मनाक! ग्राम पंचायत चन्द्रासा कलां की सड़कें बनीं तालाब, आखिर जिम्मेदार कौन? 🚨 🌧️ विकास के दावों की हकीकत देखिए! 📍 ग्राम पंचायत चन्द्रासा कलां, विकास खंड ईसानगर, जनपद लखीमपुर-खीरी में बरसात होते ही सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। ⚠️ ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। स्कूली बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं और मरीज रोज़ इस जलभराव की मार झेल रहे हैं। ❓क्या अधिकारियों को किसी बड़े हादसे का इंतज़ार है? ❓क्या सिर्फ कागज़ों में ही विकास हो रहा है? ❓आखिर कब टूटेगी प्रशासन की नींद? 👉 जनता टैक्स देती है, लेकिन बदले में मिलती है बदहाल सड़कें और गंदे पानी से भरे रास्ते। यदि यही हाल रहा तो ग्रामीणों का आक्रोश कभी भी सड़क पर उतर सकता है। 📢 अब जनता पूछ रही है — "साहब, शिकायतें फाइलों में दबेंगी या सड़क से पानी भी निकलेगा?" 📰 यूपी ग्राम क्रांति न्यूज "सच दिखाना हमारा धर्म है" प्रधान सम्पादक: धर्मेन्द्र पटेल 📞 9454047540 | 9236977612 #चन्द्रासा_कलां #ईसानगर #लखीमपुरखीरी #जलभराव #विकास_की_हकीकत #UPGramKrantiNews #जनता_पूछ_रही_है1
- लखीमपुर खीरी के पलिया क्षेत्र में कोतवाली चंदनचौकी पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे 25 हजार रुपये के इनामी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी शिक्षक पर स्कूल की छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें करने का गंभीर आरोप है, जिसके बाद से वह पुलिस की पकड़ से दूर चल रहा था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी शिक्षक का नाम सुनील कुमार सिंह है, जो धर्मपाल सिंह का पुत्र है। वह मूल रूप से बुलंदशहर जनपद के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के ग्राम अमरगढ़ का निवासी है और वर्तमान में गाजियाबाद कमिश्नरेट के थाना मसूरी अंतर्गत आकाश नगर के राधा-कृष्ण एन्क्लेव में रह रहा था। आरोपी शिक्षक चंदनचौकी क्षेत्र के ग्राम बलेरा स्थित कम्पोजिट विद्यालय में तैनात था, जहां उसने छात्राओं के साथ अश्लील हरकतें की थीं। छात्राओं द्वारा दिए गए बयानों के आधार पर 24 फरवरी 2026 को आरोपी सुनील कुमार सिंह के विरुद्ध कोतवाली चंदनचौकी में बीएनएस की धारा 74, 75(1), 115(2) एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 9(सी)/10 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही आरोपी शिक्षक लगातार फरार चल रहा था, जिसके चलते उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस ने आखिरकार उसे गिरफ्तार कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करते हुए जेल भेज दिया है। इस सफलता को हासिल करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, कांस्टेबल चकित कुमार और कांस्टेबल अंकित कुमार सिंह शामिल रहे।2
- चीन के ओरडोस में आयोजित एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की मिक्स्ड 4×400 मीटर रिले टीम ने सांसें रोक देने वाले बेहद रोमांचक मुकाबले में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले फाइनल मुकाबले के आखिरी पलों में चीनी धरती पर भारतीय तिरंगा शान से लहराया। मेजबान चीन की टीम शुरुआत से ही बढ़त बनाए हुए थी और भारत के सामने फिलीपींस की भी कड़ी चुनौती थी, लेकिन भारतीय धावकों ने हार न मानने का जज्बा दिखाते हुए जीत छीन ली। इस ऐतिहासिक मुकाबले की शुरुआत में भारत की ओर से पहली लेग में आस्तिक प्रधान ने शानदार शुरुआत दिलाई। इसके बाद दूसरी लेग में सैंड्रा मोल साबू ने टीम को मुकाबले में मजबूती से बनाए रखा। हालांकि, तीसरी लेग में सेटू मिश्रा ने अपनी पूरी ताकत झोंकने के बावजूद तेज रफ्तार प्रतिद्वंद्वियों के कारण भारतीय टीम पिछड़ गई। जब आखिरी लैप के लिए बैटन श्रावणी सचिन सांगले के हाथों में आया, तब भारत काफी पीछे चल रहा था और चीन की धाविका ने 10 मीटर से अधिक की मजबूत बढ़त बना ली थी। इस नामुमकिन सी दिखने वाली स्थिति में भी श्रावणी ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने पहले 100 मीटर में अपनी लय पकड़ी और फिर रफ्तार बढ़ाते हुए चीन व फिलीपींस के बीच की दूरी को कम करना शुरू किया। अंतिम 150 मीटर में श्रावणी की रफ्तार आंधी की तरह बढ़ी और आखिरी 100 मीटर में वे चीनी एंकर के बिल्कुल करीब पहुंच गईं। बिल्कुल अंतिम 50 मीटर पर आकर श्रावणी ने अपनी बची-खुची पूरी ताकत लगा दी और फिनिश लाइन से ठीक पहले एक शानदार लंज लगाया। दोनों धाविकाओं ने लगभग एक साथ फिनिश लाइन पार की, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक स्कोरबोर्ड पर परिणाम देखकर पूरा भारतीय दल खुशी से झूम उठा। भारत ने 3:18.64 का समय लेकर चीन (3:18.74) को महज 0.10 सेकंड के मामूली अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया।1
- उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में एक कांवड़िए द्वारा पुलिस इंस्पेक्टर को सीधे तौर पर धमकी देने का मामला सामने आया है। डीजे पर चढ़ने से रोकने पर भड़के कांवड़िए ने ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर को खुली चुनौती देते हुए कहा, "ज्यादा वर्दी का गुरूर हो तो बता दो अभी, 5 मिनट में उतरवा दूंगा।" यह पूरा विवाद तब खड़ा हुआ जब कुछ कांवड़िये डीजे के ऊपर चढ़े हुए थे। मौके पर मौजूद इंस्पेक्टर ने जब उन्हें नीचे उतरने के लिए कहा, तो वे उलझ गए। इस घटना के दौरान पुलिस इंस्पेक्टर बिल्कुल बेसहारा खड़े नजर आए। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जल्द ही कांवड़ यात्रा शुरू होने वाली है और ठीक उससे पहले इस तरह का मामला सामने आया है।1