फतेहपुर में पुलिस कार्रवाई के विरोध में किन्नरों ने थाने के सामने जमकर हंगामा किया और सड़क जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के कारण मौके पर काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आक्रोशित किन्नर समुदाय के लोगों ने सड़क पर बैठकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस आक्रोश का मुख्य कारण पुलिस की हालिया कार्रवाई है। मारपीट के एक मामले में थरियांव पुलिस ने पहले ही एक किन्नर को जेल भेज दिया है, वहीं राधानगर थाने में भी एक किन्नर के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। राधानगर पुलिस द्वारा भी जेल भेजे जाने की आशंका को लेकर किन्नरों में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने राधानगर थाने के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। फिलहाल, इस पूरे विवाद को लेकर पुलिस प्रशासन और किन्नर समुदाय के बीच बातचीत का दौर जारी है।
फतेहपुर में पुलिस कार्रवाई के विरोध में किन्नरों ने थाने के सामने जमकर हंगामा किया और सड़क जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के कारण मौके पर काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आक्रोशित किन्नर समुदाय के लोगों ने सड़क पर बैठकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस आक्रोश का मुख्य कारण पुलिस की हालिया कार्रवाई है। मारपीट के एक मामले में थरियांव पुलिस ने पहले ही एक किन्नर को जेल भेज दिया है, वहीं राधानगर थाने में भी एक किन्नर के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। राधानगर पुलिस द्वारा भी जेल भेजे जाने की आशंका को लेकर किन्नरों में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने राधानगर थाने के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। फिलहाल, इस पूरे विवाद को लेकर पुलिस प्रशासन और किन्नर समुदाय के बीच बातचीत का दौर जारी है।
- रायबरेली के डिग्री कॉलेज स्थित शहीद चौक पर पूर्व सैनिक संयुक्त संगठन ने कारगिल विजय दिवस (26 जुलाई) और स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) की तैयारियों को लेकर एक स्टैंडिंग मीटिंग की। मीटिंग से पहले संगठन के प्रदेश महासचिव और रायबरेली के जिलाध्यक्ष कैप्टन जितेंद्र बहादुर सिंह के नेतृत्व में पूर्व सैनिकों ने सामूहिक श्रमदान कर शहीद चौक परिसर की साफ-सफाई की। परिसर से घास-फूस और खरपतवार हटाकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इस श्रमदान के जरिए यह संदेश दिया गया कि राष्ट्रसेवा केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय धरोहरों का संरक्षण भी इसका हिस्सा है। स्टैंडिंग मीटिंग के दौरान 26 जुलाई के कारगिल विजय दिवस और 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस आयोजनों की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। संगठन ने निर्णय लिया कि नई पीढ़ी को कारगिल के अमर वीरों के शौर्य, त्याग और बलिदान से परिचित कराने तथा उनमें राष्ट्रभक्ति और अनुशासन जगाने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही संगठन ने अपने मूल मंत्र "सेवा, सम्मान और समर्पण" को दोहराते हुए समाजहित के कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के समापन पर सभी पूर्व सैनिकों ने सामूहिक रूप से दही-जलेबी का नाश्ता कर आपसी भाईचारे और संगठनात्मक एकता का परिचय दिया। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश महासचिव नरेंद्र सिंह फौजी, जिलाध्यक्ष जितेंद्र बहादुर सिंह फौजी, महामंत्री एवं जिला प्रवक्ता हरिवंश सिंह फौजी, जिला मीडिया प्रभारी संजय सिंह फौजी, जिला सचिव एवं सह कोषाध्यक्ष पीयूष कुमार मिश्र फौजी, अवधेश कुमार सिंह फौजी, दिलीप कुमार सिंह चौहान फौजी, दिलीप सिंह भदौरिया फौजी, सर्वेश कुमार सिंह फौजी, राम आशीष वर्मा फौजी, संजीव कुमार त्रिवेदी फौजी, गार्गी प्रसाद मिश्रा फौजी, दीपेश कुमार अवस्थी तथा सौरभ कुमार श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।1
- कौशाम्बी के कोखराज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले खलीलाबाद भरवारी इलाके में नाबालिग लड़कों द्वारा बिना लाइसेंस और सुरक्षा के बेखौफ होकर ट्रैक्टर दौड़ाए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इससे न सिर्फ मोटर वाहन अधिनियम का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है, बल्कि सड़क पर चलने वाले आम लोगों की जान भी खतरे में पड़ गई है। तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण क्षेत्र में कभी भी कोई बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत ट्रैक्टर चलाने के लिए न्यूनतम 18 वर्ष की आयु और वैध ड्राइविंग लाइसेंस का होना अनिवार्य है। कानून के मुताबिक, यदि कोई नाबालिग वाहन चलाता है तो एमवी एक्ट 199A के तहत उसके अभिभावक या वाहन मालिक पर 25,000 रुपये तक का जुर्माना, 3 साल तक की सजा और वाहन का रजिस्ट्रेशन 1 साल के लिए रद्द होने का प्रावधान है। इसके बावजूद इलाके में इन नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और अभिभावक खुद अपने नाबालिग बच्चों के हाथों में ट्रैक्टर सौंप रहे हैं। इस लापरवाही पर चिंता व्यक्त करते हुए ग्रामीणों ने आरटीओ (RTO) और कौशाम्बी के एसपी से इस दिशा में तुरंत कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों से अपील की है कि कोखराज थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर नाबालिग ट्रैक्टर चालकों और उनके अभिभावकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोका जा सके।3
- कौशाम्बी जनपद के संदीपन घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर बदले गांव के निवासी सुरेश यादव को खेत में मेढ़ बांधने को लेकर बरक्कत पुर के मुस्लिम समुदाय के कुछ दबंगों ने सामूहिक रूप से दिनदहाड़े लाठी-डंडों से जमकर पीटा है। इस हमले में गंभीर रूप से घायल सुरेश यादव को इलाज के लिए एम्बुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी हालत अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है। इस वारदात को लेकर पीड़ित सुरेश यादव जी के पुत्र ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित पुत्र का कहना है कि इस मामले में संबंधित थाना संदीपन घाट में लिखित तहरीर दी गई है, लेकिन पुलिस द्वारा अभी तक अपराधियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पुलिस की इस ढिलाई की वजह से इलाके में अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।1
- कौशाम्बी जनपद के संदीपन घाट थाना क्षेत्र अंतर्गत रसूलपुर बदले गांव में खेत की मेढ़ बांधने को लेकर एक गंभीर हिंसक वारदात सामने आई है। यहां के निवासी सुरेश यादव को बरक्कत पुर के मुस्लिम समुदाय के कुछ दबंगों ने सामूहिक रूप से घेर लिया और दिनदहाड़े लाठी-डंडों से उनकी जमकर पिटाई कर दी। इस जानलेवा हमले में सुरेश यादव गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। इस मामले में पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर भी परिवार में गहरा आक्रोश है। पीड़ित सुरेश यादव के पुत्र का आरोप है कि घटना के संबंध में संबंधित थाना संदीपन घाट में लिखित तहरीर दी जा चुकी है, लेकिन पुलिस ने अभी तक आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। पुलिस की इस ढिलाई के कारण इलाके में अपराधियों के हौसले और अधिक बुलंद हो रहे हैं।1
- बाराबंकी पुलिस ने जिले में फर्जी रजिस्ट्री करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस 45 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने विशेष टीमों का गठन किया था, जिसके बाद पुलिस को यह सफलता मिली। मामले की जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने थाना टिकैतनगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम डेरेराजा में एक खरीदार महिला के बेटे को 13 बीघा जमीन दिखाई थी। इसके बाद, आरोपियों ने गिरफ्तार अभियुक्त बंशी को फर्जी तरीके से जमीन का असली मालिक बंशीलाल बनाकर पेश किया और जमीन का सौदा 45 लाख रुपये में तय कर लिया। इसके बाद तहसील सिरौली गौसपुर में कृष्णावती के नाम पर जमीन का बैनामा करा दिया गया। धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब बैनामा होने के बाद पीड़ित महिला और उसका बेटा जमीन पर कब्जा लेने पहुंचे। जमीन पर कब्जे के दौरान उन्हें इस बड़ी ठगी का पता चला। इस मामले में पुलिस और एसपी बाराबंकी की तुरंत कार्रवाई के कारण पीड़ित को न्याय मिल सका है।1
- कौशाम्बी के सराय अकील में वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत रविवार सुबह 8 बजे नेवादा ब्लॉक परिसर और सेवढां में 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि संदीप मिश्रा ने किया। उन्होंने ब्लॉक के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर पौधा रोपित किया और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हरित भविष्य का संदेश दिया। इस अवसर पर संदीप मिश्रा ने पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि वृक्ष पृथ्वी का सबसे बड़ा प्राकृतिक धन हैं। उन्होंने आह्वान किया कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण और बेहतर भविष्य मिल सकेगा। उन्होंने सभी लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उन्हें वृक्ष बनने तक संरक्षित करने की अपील की। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जनभागीदारी से चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है और पौधरोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी है। कार्यक्रम में मौजूद ब्लॉक के समस्त अधिकारियों और कर्मचारियों ने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया। इस अभियान के दौरान ग्राम प्रधान चंद्र पाल, एडवोकेट वसीम सिद्दीकी, सुनील प्रजापति, राम पाल, शादाब खान, जग्गू भारतीय, ADO पंचायत और उनकी पूरी टीम उपस्थित रही।1
- कौशाम्बी में काशी क्षेत्र के नवनियुक्त अध्यक्ष अशोक कुमार चौरसिया ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया।1
- फतेहपुर में पुलिस कार्रवाई के विरोध में किन्नरों ने थाने के सामने जमकर हंगामा किया और सड़क जाम कर घंटों प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के कारण मौके पर काफी समय तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। आक्रोशित किन्नर समुदाय के लोगों ने सड़क पर बैठकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस आक्रोश का मुख्य कारण पुलिस की हालिया कार्रवाई है। मारपीट के एक मामले में थरियांव पुलिस ने पहले ही एक किन्नर को जेल भेज दिया है, वहीं राधानगर थाने में भी एक किन्नर के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। राधानगर पुलिस द्वारा भी जेल भेजे जाने की आशंका को लेकर किन्नरों में गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने राधानगर थाने के सामने प्रदर्शन शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की। फिलहाल, इस पूरे विवाद को लेकर पुलिस प्रशासन और किन्नर समुदाय के बीच बातचीत का दौर जारी है।1