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शाहपुरा के नायन गांव में भांग के पौधों को लेकर पुलिस की एकतरफा कार्रवाई पर ग्रामीणों ने भारी रोष जताया है। उनका आरोप है कि ये पौधे खरपतवार हैं और बिना निष्पक्ष जांच के महिलाओं व बुजुर्गों को गिरफ्तार किया गया। ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मामले की पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
Moolchand saini
शाहपुरा के नायन गांव में भांग के पौधों को लेकर पुलिस की एकतरफा कार्रवाई पर ग्रामीणों ने भारी रोष जताया है। उनका आरोप है कि ये पौधे खरपतवार हैं और बिना निष्पक्ष जांच के महिलाओं व बुजुर्गों को गिरफ्तार किया गया। ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मामले की पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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- राजस्थान हाईकोर्ट ने शाहपुरा के अमरसर गांव में सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने पब्लिक लैंड प्रोटेक्शन सेल को शिकायत पर एक महीने के भीतर फैसला लेने का निर्देश दिया है। अब प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।1
- जयपुर के शाहपुरा क्षेत्र में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त किया है। उनका आरोप है कि खरपतवार के रूप में उगने वाले भांग के पौधों के नाम पर निर्दोष महिलाओं और एक बुजुर्ग व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। ग्रामीण इस मामले की निष्पक्ष जांच और बेगुनाहों की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं।1
- गाँव-गाँव तक विकास, ग्राम रथ अभियान के तहत निकटवर्ती ग्राम सुजातनगर में विगत सोमवार रात्रि को ग्रामीणों को सरकार की योजनाओं की जानकारी देने एवं उनकी समस्याओं का समाधान करने को लेकर रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस मौके पर विधायक हंसराज पटेल ने रात्रि चौपाल में पहुँचकर ग्रामीणों से संवाद किया। इस दौरान पटेल ने राज्य सरकार की किसान हितैषी एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कृषि, सिंचाई, उन्नत बीज, खाद, फसल बीमा एवं आर्थिक सहायता योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने हेतु प्रेरित किया। पटेल ने कहा कि यह अभियान गाँव-गाँव तक विकास, विष्वास और समृद्धि का संदेश पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन रहा है। इस दौरान ग्रामीणों व किसानों में योजनाओं के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला। रात्रि चौपाल कार्यक्रम में एसडीएम, बीडीओ, सरपंच, भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण व किसान मौजूद रहें।1
- राजस्थान ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस हाईवे परियोजना पर किसानों का विरोध तेज़ हो गया है। जनसुनवाई में किसानों ने बिना सहमति ज़मीन अधिग्रहण, कम मुआवज़े और विस्थापन पर नाराज़गी जताई। उन्होंने उचित मुआवज़े और अपने हितों की सुरक्षा की मांग करते हुए राज्यव्यापी चेतावनी दी है।1
- सीकर जिले में आजकल यह सवाल चर्चा में है कि एक ग्राम सोना खरीदना ज़्यादा फ़ायदेमंद है या दो महीने के तेल का इंतज़ाम करना। लोग इस बात पर विचार कर रहे हैं कि मौजूदा बाज़ार में क्या ज़्यादा अहमियत रखता है और किसमें निवेश बेहतर होगा।1
- आम तौर पर चुनाव जीतने पर मिठाई बांटी जाती है, लेकिन बंगाल में जीत के बाद लोगों ने झालमुड़ी खिलाकर अनोखा जश्न मनाया। इस अनूठी परंपरा ने सभी का ध्यान खींचा और स्थानीय पहचान को बढ़ावा दिया।1
- कोटपुतली के कर्मचारियों ने राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) को इंश्योरेंस मोड पर ले जाने और निजी अस्पतालों में इलाज बंद होने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने चिकित्सा मंत्री का पुतला फूंका और आरोप लगाया कि 8 लाख कर्मचारी व पेंशनर इलाज के लिए भटक रहे हैं। कर्मचारियों ने RGHS को केंद्र की CGHS योजना की तर्ज पर मूल स्वरूप में बहाल रखने की मांग की।1
- शाहपुरा के नायन गांव में भांग के पौधों को लेकर पुलिस की एकतरफा कार्रवाई पर ग्रामीणों ने भारी रोष जताया है। उनका आरोप है कि ये पौधे खरपतवार हैं और बिना निष्पक्ष जांच के महिलाओं व बुजुर्गों को गिरफ्तार किया गया। ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से मामले की पारदर्शी जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई सामने आ सके।1