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*पुलवामा के वीर शहीदों के बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। 14 फ़रवरी हमारे लिए शोक और संकल्प का दिन है — देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को* *शत-शत नमन। 🇮🇳 *श्रद्धांजलि – पुलवामा के अमर शहीदों को*। नरेश बजाज कटनी
Naresh Bajaj
*पुलवामा के वीर शहीदों के बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। 14 फ़रवरी हमारे लिए शोक और संकल्प का दिन है — देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को* *शत-शत नमन। 🇮🇳 *श्रद्धांजलि – पुलवामा के अमर शहीदों को*। नरेश बजाज कटनी
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- Post by Rahul Lakhera1
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चक्का जाम तेवर सरकार को 21 सूत्रीय अल्टीमेटम उमरिया// जब पेट की आग और सिस्टम की बेरुखी हद पार कर जाए, तो कलम नहीं, कदम बोलते हैं। संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर आज उमरिया जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने केंद्र बंद हड़ताल के जरिए सरकार की चूलें हिला दीं। महिला बाल विकास आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष ममता तिवारी के नेतृत्व में जिले भर से उमड़ी हजारों महिलाओं ने सडक़ों पर उतरकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के नाम 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। काम का बोझ हिमालय सा, वेतन चवन्नी! रैली में गूंजते नारे और तख्तियां साफ कह रही थीं कि अब शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। ज्ञापन में सीधा हमला बोलते हुए कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सरकारी मशीनरी की तरह काम लिया जाता है, लेकिन जब हक देने की बारी आती है, तो सरकार मानदेय के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा डाल देती है। कार्यकर्ताओं ने दो-टूक मांग की है कि कार्यकर्ताओं को 35,000 और सहायिकाओं को 30,000 प्रति माह दिया जाए। समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर हमें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष हो और साल में 40 दिन का सवैतनिक अवकाश मिले। नेटवर्क मिलता नहीं और दो-दो ऐप (पोषण ट्रैकर आदि) पर काम का दबाव डालकर नोटिस थमा दिए जाते हैं। यह मानसिक प्रताडऩा बंद होनी चाहिए। यह तो बस झांकी है, बड़ा आंदोलन अभी बाकी है जिला महासचिव वंदना पाठक और जिला सचिव हेमलता सिंह ने संयुक्त स्वर में कहा कि सरकार सालों से हमारी मांगों को कूड़ेदान में डाल रही है। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। यह हड़ताल प्रशासन के लिए आखिरी चेतावनी है। यदि 21 सूत्रीय मांगों पर तत्काल अमल नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जिले भर की आंगनबाड़ी व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। मैदान में डटी रहीं ये वीरांगनाएं विरोध प्रदर्शन के दौरान सकून बर्मन, सविता द्विवेदी, अंजना द्विवेदी, प्रेम बाई खंडेलवाल और शकुंतला पांडे सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कलेक्ट्रेट परिसर में घंटों चली नारेबाजी ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार आंगनबाड़ी बहनें कोरे आश्वासनों की घुट्टी पीने वाली नहीं हैं। धरातल पर योजनाओं को उतारने वाली इन महिलाओं की अनदेखी कहीं भारी न पड़ जाए। सरकार को अब कागजी आंकड़ों से बाहर निकलकर इनकी जायज मांगों पर विचार करना ही होगा।2
- मैहर नगर पालिका अंतर्गत वार्ड क्र. 3 पर नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ है लेकिन ठेकेदार की मनमानी और नगर पालिका की उदासीनता के कारण नाली निर्माण पर खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है जिम्मेदार अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने कई बार सूचना दी लेकिन इसके बावजूद भी धड़ल्ले से भ्रष्टाचार खुलेआम चल रहा है, स्थानी लोगों की मांग है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचकर मौके पर पहुंच कर गुणवत्ता की जांच करें और ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही करें नहीं तो स्थानीय लोग मैहर नगर पालिका की चौखट पर बैठकर इस भ्रष्ट ठेकेदार के खिलाफ जल्द ही मोर्चा खोलने का कार्य करेंगे।4
- *मैहरUGC एक्ट के समर्थन में संयुक्त मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम SDM को सौंपा ज्ञापन* मैहर, मध्यप्रदेश मैहर जिले में एससी-एसटी-ओबीसी महासभा के संयुक्त मोर्चे ने UGC एक्ट के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है। भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), आजक्स और अपाक्स के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए हुंकार भरी। *गुरुद्वारे में मंचीय सभा और विरोध प्रदर्शन* कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय पंजाबी गुरुद्वारा में एक विशाल मंचीय सभा के साथ हुई। सभा में वक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं का कहना था कि UGC एक्ट संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक समानता को सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है, और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। *शहर में निकाली रैली, गूंजे नारे* सभा के पश्चात प्रदर्शनकारियों ने मैहर शहर के प्रमुख मार्गों से एक विशाल रैली निकाली। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने संवैधानिक अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी की। रैली का समापन एसडीएम कार्यालय में हुआ, जहाँ भारी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। *मुख्य वक्ताओं के विचार* जिला पंचायत सदस्य देवदत्त सोनी और एडवोकेट कमल सिंह मरकाम भीम आर्मी सिद्धार्थ नालंदा विक्रम सूर्यवंशी अनिल सूर्यवंशी बीरेंद्र सिंह कुसेडी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि: "UGC एक्ट केवल एक कानून नहीं, बल्कि पिछड़ों और वंचितों के सामाजिक न्याय का कवच है। हम महामहिम राष्ट्रपति से मांग करते हैं कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और एक्ट को प्रभावी रूप से लागू करवाएं *उपस्थिति* इस अवसर पर प्रमुख रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे: नेतृत्व: सिद्धार्थ नालंदा (प्रदेश सचिव), एडवोकेट विक्रम सूर्यवंशी (जिला संयोजक), राघवेंद्र अहिरवार (जिला अध्यक्ष)। प्रमुख कार्यकर्ता: संजीत डिजाइनर, रोहन चौधरी, विजय चौधरी, दीपक प्रजापति, रामप्रकाश कोल, सूरज सूर्यवंशी, अनिल सूर्यवंशी, प्रदीप सूर्यवंशी, शेखर साकेत, प्रिंस रावत, निलेश वर्मा, रविकांत रावत, अमित कुमार साकेत, रोशनी दीपांकर, हर्ष कुमार साकेत, शिवम कुमार साकेत, क्रांति साकेत एवं सुखेंद्र रवि। संयुक्त मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि सामाजिक न्याय के इन अधिकारों के साथ कोई समझौता किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा1
- श्री श्याम समिति सतना श्री श्याम बाबा का कीर्तन करने के लिए संपर्क कर सकते हैं 97706010901
- Post by Jagtapal Yadav g1
- मैहर में महाकाल लोक की तर्ज पर विकास की मांग, मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस ने उठाई आवाज मैहर। कटनी रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने मेहर स्थित माँ शारदा मंदिर के विकास को लेकर राज्य सरकार पर उदासीनता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उज्जैन में महाकाल लोक का निर्माण कर सकती है, तो मैहर जैसे प्रमुख आस्था केंद्र पर भी उसी तर्ज पर विकास कार्य क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के कई प्रमुख तीर्थ स्थलों पर लोक निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, लेकिन मेहर में श्रद्धालुओं को आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव झेलना पड़ रहा है। देशभर से माँ शारदा के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को यहाँ पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिलती, जबकि यह ऐतिहासिक और प्रसिद्ध मंदिर है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि शहर में वायु प्रदूषण की स्थिति भी चिंताजनक होती जा रही है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग में चल रही अनियमितताओं और शहर के समग्र विकास की धीमी गति पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि सरकार को शहरों के समग्र विकास के लिए स्पष्ट योजना बनानी चाहिए, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ें और युवाओं को बाहर न जाना पड़े। मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस ने मांग की है कि मेहर के लिए एक आदर्श मास्टर प्लान तैयार किया जाए, जिससे तीर्थ स्थल का विकास हो, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिलें और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हों। इस अवसर पर मैहर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष धर्मेश घई, ब्लॉक अध्यक्ष रमेश प्रजापति मुन्ना, रमापति गौतम रशमि सिंह चूड़ामणि बाड़ोलिया सिंह, पंकज कुशवाहा सहित काफी संख्या में कांग्रेसीजन मौजूद1
- मैहर। मैहर के शासकीय प्राथमिक शाला न्यू मौदहा में बुनियादी सुविधाओं की गंभीर कमी सामने आई है। स्कूल हाई स्कूल स्तर तक संचालित होने के बावजूद यहां एकमात्र हैंडपंप भी बंद पड़ा है और पानी की जगह हवा उगल रहा है। जनवरी माह से हैंडपंप खराब होने के बाद भी अब तक मरम्मत नहीं हो सकी है। शिक्षकों के अनुसार कक्षा 1 से 10 तक लगभग 264 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं, लेकिन स्कूल परिसर में न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था है और न ही शौचालय उपयोग की स्थिति में हैं। जर्जर और क्षतिग्रस्त शौचालयों के कारण छात्र-छात्राओं को मजबूरन खुले में जाना पड़ रहा है। कुछ बच्चों ने दबी जुबान में बताया कि उन्हें लोटा लेकर जंगल की ओर जाना पड़ता है। 🍲 मध्यान भोजन पर भी संकट स्कूल में बनने वाले मध्यान भोजन के लिए भी पानी बाहर से लाना पड़ रहा है। रसोइया डिब्बों में पानी भरकर आसपास के निजी घरों से लाती हैं, वहीं कई बच्चे अपने घर से पानी लेकर आते हैं। यह स्थिति न केवल स्वच्छता मानकों पर सवाल खड़े करती है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा है। 🚰 पंचायत क्षेत्र में भी जल संकट न्यू मौदहा ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत क्षेत्र के कई हैंडपंप भी बंद पड़े हैं। निजी घरों के बोरवेल ही चल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि क्षेत्र में बाड़सागर जैसे जल स्रोत मौजूद हैं, इसके बावजूद शासकीय बोर हवा उगल रहे हैं और ग्रामीण पानी के लिए भटक रहे हैं। 🏗️ अधूरी पड़ी पानी टंकी करोड़ों की लागत से बनी पानी टंकी भी अधूरी पड़ी है और अब तक चालू नहीं हो सकी। इससे गांव में जल आपूर्ति की समस्या जस की तस बनी हुई है। 🗣️ जिम्मेदारी पर सवाल ग्राम पंचायत सरपंच का कहना है कि यह मामला पीएचई विभाग का है और पंचायत का इससे कोई लेना-देना नहीं है। पीएचई विभाग को सूचना दिए जाने की बात कही गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या का समाधान अब तक नहीं हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब 264 बच्चों का भविष्य इस स्कूल से जुड़ा है, तो आखिर कब तक वे बुनियादी सुविधाओं से वंचित रहेंगे? प्रशासन और संबंधित विभागों की चुप्पी बच्चों की सेहत और शिक्षा दोनों पर भारी पड़ रही है।3
- राहुल गांधी का सोरेस फाउंडेशन के साथ रिलेशन है, या वो सोरेस का ए जेंट है, पूरी लंका लगा दी है... इसे कहते है बिना साबुन के धुलाई...😩 निशिकांत दुबे फायर हैं...🔥1