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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चक्का जाम तेवर सरकार को 21 सूत्रीय अल्टीमेटम उमरिया// जब पेट की आग और सिस्टम की बेरुखी हद पार कर जाए, तो कलम नहीं, कदम बोलते हैं। संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर आज उमरिया जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने केंद्र बंद हड़ताल के जरिए सरकार की चूलें हिला दीं। महिला बाल विकास आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष ममता तिवारी के नेतृत्व में जिले भर से उमड़ी हजारों महिलाओं ने सडक़ों पर उतरकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के नाम 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। काम का बोझ हिमालय सा, वेतन चवन्नी! रैली में गूंजते नारे और तख्तियां साफ कह रही थीं कि अब शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। ज्ञापन में सीधा हमला बोलते हुए कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सरकारी मशीनरी की तरह काम लिया जाता है, लेकिन जब हक देने की बारी आती है, तो सरकार मानदेय के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा डाल देती है। कार्यकर्ताओं ने दो-टूक मांग की है कि कार्यकर्ताओं को 35,000 और सहायिकाओं को 30,000 प्रति माह दिया जाए। समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर हमें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष हो और साल में 40 दिन का सवैतनिक अवकाश मिले। नेटवर्क मिलता नहीं और दो-दो ऐप (पोषण ट्रैकर आदि) पर काम का दबाव डालकर नोटिस थमा दिए जाते हैं। यह मानसिक प्रताडऩा बंद होनी चाहिए। यह तो बस झांकी है, बड़ा आंदोलन अभी बाकी है जिला महासचिव वंदना पाठक और जिला सचिव हेमलता सिंह ने संयुक्त स्वर में कहा कि सरकार सालों से हमारी मांगों को कूड़ेदान में डाल रही है। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। यह हड़ताल प्रशासन के लिए आखिरी चेतावनी है। यदि 21 सूत्रीय मांगों पर तत्काल अमल नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जिले भर की आंगनबाड़ी व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। मैदान में डटी रहीं ये वीरांगनाएं विरोध प्रदर्शन के दौरान सकून बर्मन, सविता द्विवेदी, अंजना द्विवेदी, प्रेम बाई खंडेलवाल और शकुंतला पांडे सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कलेक्ट्रेट परिसर में घंटों चली नारेबाजी ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार आंगनबाड़ी बहनें कोरे आश्वासनों की घुट्टी पीने वाली नहीं हैं। धरातल पर योजनाओं को उतारने वाली इन महिलाओं की अनदेखी कहीं भारी न पड़ जाए। सरकार को अब कागजी आंकड़ों से बाहर निकलकर इनकी जायज मांगों पर विचार करना ही होगा।

2 hrs ago
user_Neeraj Singh Raghuvanshi
Neeraj Singh Raghuvanshi
बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चक्का जाम तेवर सरकार को 21 सूत्रीय अल्टीमेटम उमरिया// जब पेट की आग और सिस्टम की बेरुखी हद पार कर जाए, तो कलम नहीं, कदम बोलते हैं। संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर आज उमरिया जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने केंद्र बंद हड़ताल के जरिए सरकार की चूलें हिला दीं। महिला बाल विकास आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष ममता तिवारी के नेतृत्व में जिले भर से उमड़ी हजारों महिलाओं ने सडक़ों पर उतरकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के नाम 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। काम का बोझ हिमालय सा, वेतन चवन्नी! रैली में गूंजते नारे और तख्तियां साफ कह रही थीं कि अब शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। ज्ञापन में सीधा हमला बोलते हुए कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सरकारी मशीनरी की तरह काम लिया जाता है, लेकिन जब हक देने की बारी आती है, तो सरकार मानदेय के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा डाल देती है। कार्यकर्ताओं ने दो-टूक मांग की है कि कार्यकर्ताओं को 35,000 और सहायिकाओं को 30,000 प्रति माह दिया जाए। समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर हमें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष

हो और साल में 40 दिन का सवैतनिक अवकाश मिले। नेटवर्क मिलता नहीं और दो-दो ऐप (पोषण ट्रैकर आदि) पर काम का दबाव डालकर नोटिस थमा दिए जाते हैं। यह मानसिक प्रताडऩा बंद होनी चाहिए। यह तो बस झांकी है, बड़ा आंदोलन अभी बाकी है जिला महासचिव वंदना पाठक और जिला सचिव हेमलता सिंह ने संयुक्त स्वर में कहा कि सरकार सालों से हमारी मांगों को कूड़ेदान में डाल रही है। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। यह हड़ताल प्रशासन के लिए आखिरी चेतावनी है। यदि 21 सूत्रीय मांगों पर तत्काल अमल नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जिले भर की आंगनबाड़ी व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। मैदान में डटी रहीं ये वीरांगनाएं विरोध प्रदर्शन के दौरान सकून बर्मन, सविता द्विवेदी, अंजना द्विवेदी, प्रेम बाई खंडेलवाल और शकुंतला पांडे सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कलेक्ट्रेट परिसर में घंटों चली नारेबाजी ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार आंगनबाड़ी बहनें कोरे आश्वासनों की घुट्टी पीने वाली नहीं हैं। धरातल पर योजनाओं को उतारने वाली इन महिलाओं की अनदेखी कहीं भारी न पड़ जाए। सरकार को अब कागजी आंकड़ों से बाहर निकलकर इनकी जायज मांगों पर विचार करना ही होगा।

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  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चक्का जाम तेवर सरकार को 21 सूत्रीय अल्टीमेटम उमरिया// जब पेट की आग और सिस्टम की बेरुखी हद पार कर जाए, तो कलम नहीं, कदम बोलते हैं। संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर आज उमरिया जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने केंद्र बंद हड़ताल के जरिए सरकार की चूलें हिला दीं। महिला बाल विकास आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष ममता तिवारी के नेतृत्व में जिले भर से उमड़ी हजारों महिलाओं ने सडक़ों पर उतरकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के नाम 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। काम का बोझ हिमालय सा, वेतन चवन्नी! रैली में गूंजते नारे और तख्तियां साफ कह रही थीं कि अब शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। ज्ञापन में सीधा हमला बोलते हुए कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सरकारी मशीनरी की तरह काम लिया जाता है, लेकिन जब हक देने की बारी आती है, तो सरकार मानदेय के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा डाल देती है। कार्यकर्ताओं ने दो-टूक मांग की है कि कार्यकर्ताओं को 35,000 और सहायिकाओं को 30,000 प्रति माह दिया जाए। समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर हमें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष हो और साल में 40 दिन का सवैतनिक अवकाश मिले। नेटवर्क मिलता नहीं और दो-दो ऐप (पोषण ट्रैकर आदि) पर काम का दबाव डालकर नोटिस थमा दिए जाते हैं। यह मानसिक प्रताडऩा बंद होनी चाहिए। यह तो बस झांकी है, बड़ा आंदोलन अभी बाकी है जिला महासचिव वंदना पाठक और जिला सचिव हेमलता सिंह ने संयुक्त स्वर में कहा कि सरकार सालों से हमारी मांगों को कूड़ेदान में डाल रही है। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। यह हड़ताल प्रशासन के लिए आखिरी चेतावनी है। यदि 21 सूत्रीय मांगों पर तत्काल अमल नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जिले भर की आंगनबाड़ी व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। मैदान में डटी रहीं ये वीरांगनाएं विरोध प्रदर्शन के दौरान सकून बर्मन, सविता द्विवेदी, अंजना द्विवेदी, प्रेम बाई खंडेलवाल और शकुंतला पांडे सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कलेक्ट्रेट परिसर में घंटों चली नारेबाजी ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार आंगनबाड़ी बहनें कोरे आश्वासनों की घुट्टी पीने वाली नहीं हैं। धरातल पर योजनाओं को उतारने वाली इन महिलाओं की अनदेखी कहीं भारी न पड़ जाए। सरकार को अब कागजी आंकड़ों से बाहर निकलकर इनकी जायज मांगों पर विचार करना ही होगा।
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    आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का चक्का जाम तेवर
सरकार को 21 सूत्रीय अल्टीमेटम
उमरिया// जब पेट की आग और सिस्टम की बेरुखी हद पार कर जाए, तो कलम नहीं, कदम बोलते हैं। संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रीय आह्वान पर आज उमरिया जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने केंद्र बंद हड़ताल के जरिए सरकार की चूलें हिला दीं। महिला बाल विकास आंगनवाड़ी कार्यकर्ता संघ की जिलाध्यक्ष ममता तिवारी के नेतृत्व में जिले भर से उमड़ी हजारों महिलाओं ने सडक़ों पर उतरकर अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया और कलेक्ट्रेट का घेराव कर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री के नाम 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा।
काम का बोझ हिमालय सा, वेतन चवन्नी!
रैली में गूंजते नारे और तख्तियां साफ कह रही थीं कि अब शोषण बर्दाश्त नहीं होगा। ज्ञापन में सीधा हमला बोलते हुए कहा गया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से सरकारी मशीनरी की तरह काम लिया जाता है, लेकिन जब हक देने की बारी आती है, तो सरकार मानदेय  के नाम पर ऊंट के मुंह में जीरा डाल देती है। कार्यकर्ताओं ने दो-टूक मांग की है कि  कार्यकर्ताओं को 35,000 और सहायिकाओं को 30,000 प्रति माह दिया जाए। समान कार्य-समान वेतन के सिद्धांत पर हमें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष हो और साल में 40 दिन का सवैतनिक अवकाश मिले। नेटवर्क मिलता नहीं और दो-दो ऐप (पोषण ट्रैकर आदि) पर काम का दबाव डालकर नोटिस थमा दिए जाते हैं। यह मानसिक प्रताडऩा बंद होनी चाहिए।
यह तो बस झांकी है, बड़ा आंदोलन अभी बाकी है
जिला महासचिव वंदना पाठक और जिला सचिव हेमलता सिंह ने संयुक्त स्वर में कहा कि सरकार सालों से हमारी मांगों को कूड़ेदान में डाल रही है। बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद कोई ठोस पहल नहीं हुई। यह हड़ताल प्रशासन के लिए आखिरी चेतावनी है। यदि 21 सूत्रीय मांगों पर तत्काल अमल नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में जिले भर की आंगनबाड़ी व्यवस्था को पूरी तरह ठप कर जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
मैदान में डटी रहीं ये वीरांगनाएं
विरोध प्रदर्शन के दौरान सकून बर्मन, सविता द्विवेदी, अंजना द्विवेदी, प्रेम बाई खंडेलवाल और शकुंतला पांडे सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहीं। कलेक्ट्रेट परिसर में घंटों चली नारेबाजी ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस बार आंगनबाड़ी बहनें कोरे आश्वासनों की घुट्टी पीने वाली नहीं हैं। धरातल पर योजनाओं को उतारने वाली इन महिलाओं की अनदेखी कहीं भारी न पड़ जाए। सरकार को अब कागजी आंकड़ों से बाहर निकलकर इनकी जायज मांगों पर विचार करना ही होगा।
    user_Neeraj Singh Raghuvanshi
    Neeraj Singh Raghuvanshi
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • ग्राम रोहनिया थाना बड़वारा में चौधरी समाज की 2 महिलाओं के साथ दबंगों ने की मारपीट सर में गंभीर चोट बड़वारा थाना जिला कटनी मप्र #trendingnow #trending #trendingreels #trendingreel #jaybhim
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    ग्राम रोहनिया थाना बड़वारा में चौधरी समाज की 2 महिलाओं के साथ  दबंगों ने की मारपीट सर में गंभीर चोट 
बड़वारा थाना 
जिला कटनी मप्र #trendingnow #trending #trendingreels #trendingreel #jaybhim
    user_News7india
    News7india
    बड़वारा, कटनी, मध्य प्रदेश•
    16 hrs ago
  • कटनी। माधवनगर में अतिक्रमण कार्यवाही का विरोध, विरोध में पुतला जलाने की तैयारी
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    कटनी। माधवनगर में अतिक्रमण कार्यवाही का विरोध, विरोध में पुतला जलाने की तैयारी
    user_विकास श्रीवास्तव
    विकास श्रीवास्तव
    पत्रकार कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • पूरा मामला इस प्रकार है कि कटनी जिले का क्षेत्रीय बस स्टैंड नदी पर कटनी में स्थित है वही आपको बता दे की बस स्टैंड कटनी में लगी दुकान फुटपाथ तथा राहगीरों का रास्ता रोककर फुटपाथ में जुकाम लगाई जा रही है वही आपको यह भी बता दे की नगर निगम के अतिक्रमण दृष्टि के द्वारा शहर में अनाउंसमेंट तो किया जाता है किंतु बस स्टैंड में छुटपुट कार्यवाही जाकर कर अपनी जेब म गर्म करने का काम नगर पालिका निगम कटनी के अधिग्रहण रास्ते के द्वारा किया जा रहा है वहीं लोगों का निकलना दुश्वार हो व्यापार योजना जगह अतिक्रमण करके अवैध रूप से सामान दुकान के बाहर लगा रखा है वही आपको बता दें की जगह-जगह वाटर सहायक किलो की पार्किंग का भी स्थल बना हुआ है
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    पूरा मामला इस प्रकार है कि कटनी जिले का क्षेत्रीय बस स्टैंड नदी पर कटनी में स्थित है वही आपको बता दे की बस स्टैंड कटनी में लगी दुकान फुटपाथ तथा राहगीरों का रास्ता रोककर फुटपाथ में जुकाम लगाई जा रही है वही आपको यह भी बता दे की नगर निगम के अतिक्रमण दृष्टि के द्वारा शहर में अनाउंसमेंट तो किया जाता है किंतु बस स्टैंड में छुटपुट कार्यवाही जाकर कर अपनी जेब म गर्म करने का काम नगर पालिका निगम कटनी के अधिग्रहण रास्ते के द्वारा किया जा रहा है वहीं लोगों का निकलना दुश्वार हो व्यापार योजना जगह अतिक्रमण करके अवैध रूप से सामान दुकान के बाहर लगा रखा है वही आपको बता दें की जगह-जगह वाटर सहायक किलो की पार्किंग का भी स्थल बना हुआ है
    user_प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    Accountant कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *पुलवामा के वीर शहीदों के बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। 14 फ़रवरी हमारे लिए शोक और संकल्प का दिन है — देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को* *शत-शत नमन। 🇮🇳 *श्रद्धांजलि – पुलवामा के अमर शहीदों को*। नरेश बजाज कटनी
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    *पुलवामा के वीर शहीदों के बलिदान को देश कभी नहीं भूलेगा। 14 फ़रवरी हमारे लिए शोक और संकल्प का दिन है — देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को* *शत-शत नमन। 🇮🇳 *श्रद्धांजलि – पुलवामा के अमर शहीदों को*।
नरेश बजाज कटनी
    user_Naresh Bajaj
    Naresh Bajaj
    पत्रकार कटनी (मुरवारा), कटनी, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मैहर नगर पालिका अंतर्गत वार्ड क्र. 3 पर नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ है लेकिन ठेकेदार की मनमानी और नगर पालिका की उदासीनता के कारण नाली निर्माण पर खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है जिम्मेदार अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने कई बार सूचना दी लेकिन इसके बावजूद भी धड़ल्ले से भ्रष्टाचार खुलेआम चल रहा है, स्थानी लोगों की मांग है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचकर मौके पर पहुंच कर गुणवत्ता की जांच करें और ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही करें नहीं तो स्थानीय लोग मैहर नगर पालिका की चौखट पर बैठकर इस भ्रष्ट ठेकेदार के खिलाफ जल्द ही मोर्चा खोलने का कार्य करेंगे।
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    मैहर नगर पालिका अंतर्गत वार्ड क्र. 3 पर नाली निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ है लेकिन ठेकेदार की मनमानी और नगर पालिका की उदासीनता के कारण नाली निर्माण पर खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है जिम्मेदार अधिकारियों को स्थानीय लोगों ने कई बार सूचना दी लेकिन इसके बावजूद भी धड़ल्ले से भ्रष्टाचार खुलेआम चल रहा है, स्थानी लोगों की मांग है कि नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचकर मौके पर पहुंच कर गुणवत्ता की जांच करें और ठेकेदार के विरुद्ध कार्यवाही करें नहीं तो स्थानीय लोग मैहर नगर पालिका की चौखट पर बैठकर इस भ्रष्ट ठेकेदार के खिलाफ जल्द ही मोर्चा खोलने का कार्य करेंगे।
    user_Deepak Tiwari (Sonu)
    Deepak Tiwari (Sonu)
    पत्रकार मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *मैहरUGC एक्ट के समर्थन में संयुक्त मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम SDM को सौंपा ज्ञापन* मैहर, मध्यप्रदेश मैहर जिले में एससी-एसटी-ओबीसी महासभा के संयुक्त मोर्चे ने UGC एक्ट के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है। भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), आजक्स और अपाक्स के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए हुंकार भरी। *गुरुद्वारे में मंचीय सभा और विरोध प्रदर्शन* कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय पंजाबी गुरुद्वारा में एक विशाल मंचीय सभा के साथ हुई। सभा में वक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं का कहना था कि UGC एक्ट संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक समानता को सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है, और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है। *शहर में निकाली रैली, गूंजे नारे* सभा के पश्चात प्रदर्शनकारियों ने मैहर शहर के प्रमुख मार्गों से एक विशाल रैली निकाली। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने संवैधानिक अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी की। रैली का समापन एसडीएम कार्यालय में हुआ, जहाँ भारी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। *मुख्य वक्ताओं के विचार* जिला पंचायत सदस्य देवदत्त सोनी और एडवोकेट कमल सिंह मरकाम भीम आर्मी सिद्धार्थ नालंदा विक्रम सूर्यवंशी अनिल सूर्यवंशी बीरेंद्र सिंह कुसेडी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि: "UGC एक्ट केवल एक कानून नहीं, बल्कि पिछड़ों और वंचितों के सामाजिक न्याय का कवच है। हम महामहिम राष्ट्रपति से मांग करते हैं कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और एक्ट को प्रभावी रूप से लागू करवाएं *उपस्थिति* इस अवसर पर प्रमुख रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे: नेतृत्व: सिद्धार्थ नालंदा (प्रदेश सचिव), एडवोकेट विक्रम सूर्यवंशी (जिला संयोजक), राघवेंद्र अहिरवार (जिला अध्यक्ष)। प्रमुख कार्यकर्ता: संजीत डिजाइनर, रोहन चौधरी, विजय चौधरी, दीपक प्रजापति, रामप्रकाश कोल, सूरज सूर्यवंशी, अनिल सूर्यवंशी, प्रदीप सूर्यवंशी, शेखर साकेत, प्रिंस रावत, निलेश वर्मा, रविकांत रावत, अमित कुमार साकेत, रोशनी दीपांकर, हर्ष कुमार साकेत, शिवम कुमार साकेत, क्रांति साकेत एवं सुखेंद्र रवि। संयुक्त मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि सामाजिक न्याय के इन अधिकारों के साथ कोई समझौता किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा
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    *मैहरUGC एक्ट के समर्थन में संयुक्त मोर्चा का शक्ति प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम SDM को सौंपा ज्ञापन*
मैहर, मध्यप्रदेश मैहर जिले में एससी-एसटी-ओबीसी महासभा के संयुक्त मोर्चे ने UGC एक्ट के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है। भीम आर्मी, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम), आजक्स और अपाक्स के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए हुंकार भरी।
*गुरुद्वारे में मंचीय सभा और विरोध प्रदर्शन*
कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय पंजाबी गुरुद्वारा में एक विशाल मंचीय सभा के साथ हुई। सभा में वक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाए गए स्टे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं का कहना था कि UGC एक्ट संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक समानता को सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य है, और इसमें किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप स्वीकार्य नहीं है।
*शहर में निकाली रैली, गूंजे नारे*
सभा के पश्चात प्रदर्शनकारियों ने मैहर शहर के प्रमुख मार्गों से एक विशाल रैली निकाली। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं ने संवैधानिक अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी की। रैली का समापन एसडीएम कार्यालय में हुआ, जहाँ भारी संख्या में उपस्थित जनसमूह ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
*मुख्य वक्ताओं के विचार*
जिला पंचायत सदस्य देवदत्त सोनी और एडवोकेट कमल सिंह मरकाम भीम आर्मी सिद्धार्थ नालंदा विक्रम सूर्यवंशी अनिल सूर्यवंशी बीरेंद्र सिंह कुसेडी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि:
"UGC एक्ट केवल एक कानून नहीं, बल्कि पिछड़ों और वंचितों के सामाजिक न्याय का कवच है। हम महामहिम राष्ट्रपति से मांग करते हैं कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करें और एक्ट को प्रभावी रूप से लागू करवाएं
*उपस्थिति*
इस अवसर पर प्रमुख रूप से निम्नलिखित पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे:
नेतृत्व: सिद्धार्थ नालंदा (प्रदेश सचिव), एडवोकेट विक्रम सूर्यवंशी (जिला संयोजक), राघवेंद्र अहिरवार (जिला अध्यक्ष)।
प्रमुख कार्यकर्ता: संजीत डिजाइनर, रोहन चौधरी, विजय चौधरी, दीपक प्रजापति, रामप्रकाश कोल, सूरज सूर्यवंशी, अनिल सूर्यवंशी, प्रदीप सूर्यवंशी, शेखर साकेत, प्रिंस रावत, निलेश वर्मा, रविकांत रावत, अमित कुमार साकेत, रोशनी दीपांकर, हर्ष कुमार साकेत, शिवम कुमार साकेत, क्रांति साकेत एवं सुखेंद्र रवि।
संयुक्त मोर्चे ने चेतावनी दी है कि यदि सामाजिक न्याय के इन अधिकारों के साथ कोई समझौता किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा
    user_मीडिया
    मीडिया
    मैहर, सतना, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • कटनी जिले के जनपद पंचायत कटनी अंतर्गत ग्राम केलवाड़ा खुर्द की सचिव श्रीमती सुलेखा गुप्ता द्वारा आदिवासी फाउंडेशन के सदस्यों से सिमरी माता मंदिर के समीप आदिवासी फाउंडेशन के नाम भूमि आवंटन के प्रस्ताव के लिए₹50000 की राशि का डिमांड किया गया जिस पर आदिवासी फाउंडेशन तथा कांग्रेस के नेता मंगलवार जनसुनवाई को कलेक्टर महोदय के समक्ष शिकायत किया
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    कटनी जिले के जनपद पंचायत कटनी अंतर्गत ग्राम केलवाड़ा खुर्द की सचिव श्रीमती सुलेखा गुप्ता द्वारा आदिवासी फाउंडेशन के सदस्यों से सिमरी माता  मंदिर के समीप आदिवासी फाउंडेशन के नाम भूमि आवंटन के प्रस्ताव के लिए₹50000 की राशि का डिमांड किया गया जिस पर आदिवासी फाउंडेशन तथा कांग्रेस के नेता मंगलवार जनसुनवाई को कलेक्टर महोदय के समक्ष शिकायत किया
    user_प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    प्रधान संपादक Rudradatt Pande
    Accountant कटनी नगर, कटनी, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
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