Shuru
Apke Nagar Ki App…
यह एक तीखी टिप्पणी है जिसमें कहा गया है कि हर तरफ इश्क की बीमारी में डूबे लोग दिखाई देते हैं। बताया गया है कि इस 'बीमारी' के कारण हजारों लोग पहले ही बर्बाद हो चुके हैं, और लाखों अभी भी इस राह पर चलने के लिए तैयार बैठे हैं। यह बर्बादी लड़कियों के पीछे भागने के कारण होती है, और विडंबना यह है कि ऐसे ही लोग फिर बेरोजगारी का दावा करते हुए नजर आते हैं।
रमेश कुमार सुदामा
यह एक तीखी टिप्पणी है जिसमें कहा गया है कि हर तरफ इश्क की बीमारी में डूबे लोग दिखाई देते हैं। बताया गया है कि इस 'बीमारी' के कारण हजारों लोग पहले ही बर्बाद हो चुके हैं, और लाखों अभी भी इस राह पर चलने के लिए तैयार बैठे हैं। यह बर्बादी लड़कियों के पीछे भागने के कारण होती है, और विडंबना यह है कि ऐसे ही लोग फिर बेरोजगारी का दावा करते हुए नजर आते हैं।
More news from बिहार and nearby areas
- आज कारीसाथ में आयोजित इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने सोन नदी पर बराज के निर्माण, नहरों के पक्कीकरण और कोइलवर से बक्सर तक पक्का बांध बनाने की मांग प्रमुखता से उठाई। इसके अतिरिक्त, उन्होंने दक्षिणी क्षेत्र में बढ़ते पेयजल संकट के तत्काल समाधान की भी पुरजोर अपील की। सांसद सुदामा प्रसाद ने यह भी कहा कि गरीबों के घरों को तब तक नहीं उजाड़ा जाना चाहिए जब तक उनके लिए कोई वैकल्पिक पुनर्वास व्यवस्था न की जाए। अंत में, उन्होंने जिले से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर एक विस्तृत ज्ञापन मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी को सौंपा।1
- सारण के जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव और वरीय पुलिस अधीक्षक श्री विनीत कुमार ने मंगलवार को जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में आयोजित प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों तथा सहयोग शिविरों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविरों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया, आम लोगों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और शिकायतों की जानकारी ली, साथ ही संबंधित अधिकारियों को इन मामलों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए। सर्वप्रथम, अधिकारियों ने नगरा प्रखंड कार्यालय परिसर में लगे प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर का निरीक्षण किया। यहाँ उपस्थित लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का आदेश दिया। निरीक्षण के क्रम में प्रखंड स्थित आधार सेवा केंद्र का भी अवलोकन किया गया, जहाँ जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि आधार सेवा केंद्र में उपलब्ध सेवाओं और निर्धारित शुल्क का स्पष्ट एवं प्रमुखता से प्रदर्शन किया जाए, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके बाद, ग्राम कचहरी भवन, खैरा में आयोजित सहयोग शिविर का जायजा लिया गया। यहाँ आवेदनों की संख्या कम होने पर जिलाधिकारी ने प्रखंड विकास पदाधिकारी और मुखिया को शिविर के व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश दिया। उन्होंने प्राप्त शिकायतों की प्रकृति को भी समझा और शिविर प्रभारी को आवेदनों के निष्पादन की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी रखने के लिए कहा। इस दौरान उन्होंने कई आवेदकों से सीधे बात की और हेल्प डेस्क की व्यवस्था का भी अवलोकन किया। मढ़ौरा प्रखंड अंतर्गत पंचायत सरकार भवन, गौरा में हुए सहयोग शिविर के निरीक्षण के समय जिलाधिकारी ने आवेदन पंजी की गहन जांच की। उन्हें सूचित किया गया कि पूर्व में मिले 31 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है, जबकि वर्तमान शिविर में लगभग 20 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिलाधिकारी ने व्यक्तिगत रूप से कई आवेदकों से बातचीत की और कुछ के आवेदन पत्र भी स्वयं स्वीकार किए, साथ ही शिविर प्रभारी एवं अनुमंडल पदाधिकारी, मढ़ौरा को प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन की सतत निगरानी का आदेश दिया। मनरेगा भवन, हथिसार (मढ़ौरा) में आयोजित सहयोग शिविर में बताया गया कि पूर्व के 25 आवेदनों में से 21 का निष्पादन हो चुका है और शेष 4 पर कार्यवाही जारी है। जिलाधिकारी ने इस दौरान भी आवेदन पंजी का अवलोकन किया और कई आवेदकों से संवाद कर उनकी समस्याओं को जाना, जिसके बाद अनुमंडल पदाधिकारी, मढ़ौरा को प्रत्येक आवेदन के निष्पादन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया। इसके बाद, मढ़ौरा प्रखंड कार्यालय में आयोजित प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर का भी निरीक्षण कर लोगों की समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली गई तथा अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। तरैया प्रखंड अंतर्गत पंचायत भवन, डेवढ़ी में लगे सहयोग शिविर के निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को जानकारी दी गई कि पहले से प्राप्त 15 आवेदनों का निष्पादन हो चुका है, और आज के शिविर में 14 नए आवेदन मिले हैं। जिलाधिकारी ने यहाँ भी आवेदकों से बातचीत की और नल-जल योजना के अनुरक्षकों के बकाया भुगतान से संबंधित मामलों में प्रखंड विकास पदाधिकारी को आवश्यक प्रक्रियात्मक कार्रवाई करने का आदेश दिया। तरैया प्रखंड कार्यालय में आयोजित प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविर में माननीय विधायक, तरैया भी उपस्थित थे। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने घोषणा की कि 16, 17 एवं 18 जून को जिले के सभी प्रखंडों में प्रखंड सहयोग-सह-जनकल्याण शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभुकों तक पहुँचाना है। उन्होंने इच्छुक व्यक्तियों को अपनी आवश्यकताओं और पात्रता के अनुसार शिविर में आवेदन करने का आवाहन किया और प्रखंड स्तरीय शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। इन सभी निरीक्षणों के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी, मढ़ौरा, संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।4
- एक संदेश में बिहार के एक बेटे की खुलकर सराहना की गई है, जिसके बारे में दावा किया गया है कि वह पिछले चार वर्षों से लगातार जनता की हर मुश्किल में मजबूती के साथ खड़ा रहा है। इस संदेश में बीजेपी सरकार और गोदी मीडिया पर सीधा निशाना साधा गया है, साथ ही शिक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह विफल बताया गया है। यह उल्लेख जन सुराज और बांकीपुर, पटना उपचुनाव 2026 के राजनीतिक संदर्भ में किया गया है।1
- पटना ग्रामीण युवा मोर्चा द्वारा बिक्रम में स्थित शहीद चौक स्मारक पर एक विशेष सफाई अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान के तहत स्मारक परिसर में स्वच्छता सुनिश्चित करने का कार्य किया गया।1
- जन विकास क्रांति के संस्थान में सीएनसी एडवांस्ड वुड राउटर मशीन का उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर कई अधिकारी उपस्थित रहे।1
- सोमवार को चरपोखरी प्रखंड सह अंचल कार्यालय में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी ‘सात निश्चय-3’ योजना के अंतर्गत ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (ईज ऑफ लिविंग) नीति को लागू करने के उद्देश्य से एक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और उनके त्वरित समाधान हेतु संबंधित कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए। सोमवार दोपहर लगभग 3 बजे तक, कुल 13 मामलों की सुनवाई की गई, जिनमें दाखिल-खारिज, परिमार्जन, भूमि विवाद और मापी जैसे राजस्व से जुड़े विभिन्न मुद्दे शामिल थे। सुनवाई के क्रम में दो मामलों का ऑन द स्पॉट निष्पादन कर दिया गया, जिससे फरियादियों में संतुष्टि का भाव देखा गया। बाकी बचे मामलों के त्वरित निपटारे के लिए संबंधित विभागों को दिशा-निर्देश जारी किए गए। इस मौके पर अंचला अधिकारी चंदन चौधरी सहित कई कर्मी मौजूद थे, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद में जनता दरबार पहुंचे थे। प्रशासन की यह पहल लोगों के लिए राहत भरी साबित हो रही है और इसे ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।1
- पटना के बकीपुर क्षेत्र में व्याप्त बदहाली और असहनीय परिस्थितियों के कारण पत्रकारों को अपना मुँह ढकने पर मजबूर होना पड़ा। वहाँ की स्थिति को देखने के बाद पत्रकारों ने अपनी गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी जगह पर एक मिनट भी सहन करना बेहद मुश्किल है। इस अनुभव के बाद, उन्होंने यह मार्मिक सवाल उठाया कि जब उन्हें एक मिनट भी रहना असहनीय लगा, तो पटना बकीपुर के लोग इन बदहाल परिस्थितियों में अपना जीवन कैसे व्यतीत करते हैं।1
- नगर पंचायत के सभागार में मोहर्रम और सहयोग शिविर के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक के दौरान कई लोग मौजूद रहे।1
- जेल से रिहा होने के बाद रौशन आनंद सर मीडिया के सामने आए। इस दौरान वे अपने भाई के लिए फूट-फूटकर रोने लगे, जिससे वहाँ मौजूद सभी लोग भावुक हो गए।1