कौशाम्बी में सड़क हादसे में घायल युवक को मेडिकल कालेज मे इलाज ना मिलने से मौत के बाद परिजनों का हंगामा मेडिकल कॉलेज में भले ही मरीज की हो जाए मौत प्रिंसिपल के तुगलकी फरमान पर नहीं होगा परिवर्तन एक सरकारी अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर के बाद तीसरे सरकारी अस्पताल में रेफर करने की प्रक्रिया के दौरान खून अधिक बह जाने से मरीजों की होती है मौत कौशाम्बी। संदीपन घाट थाना क्षेत्र के पंसौर गांव के पास सोमवार की देर रात 10 बजे बाइक सवार राम अवतार उम्र 40 वर्ष निवासी कोखराज वा उसके साथी को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी जिससे बाइक सवार घायल हो गए दुर्घटना के बाद घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज में ले जाया गया लेकिन अस्पताल मे डाक्टर मौजूद नहीं थे घायलों को इलाज नहीं मिल सका और वही रटा रटाया जवाब स्वास्थ्य कर्मियों ने दिया है कि घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है आधी रात को परिवार के लोग घायलों को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे लेकिन वहां भी घायलों को सही इलाज नहीं मिला मेडिकल कॉलेज में औपचारिकता निभाने के बाद मरीज को गंभीर बता कर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह डॉक्टर देने लगे आखिर इन डॉक्टरों की योग्यता में क्या कमी थी या फिर मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था में क्या-क्या समस्या थी जिससे मेडिकल कॉलेज में घायल को समुचित इलाज नहीं मिल सका तब तक 2 घंटे का समय बीत चुका था और सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के चलते घायलों का इतना अधिक खून बह गया कि घायलों की हालत गंभीर हो गई घायलों के इलाज के मामले में सामान्य सी बात है कि उनके चोट के स्थान पर टांके लगा दिए जाएं तो खून बहना बंद हो जाएगा और मौत नहीं होगी लेकिन घायलों को टांके नहीं लगाए जाते हैं और उनका खून बहाने दिए जाते हैं जिससे मरीज गंभीर हो जाते हैं यह छोटा सी प्रक्रिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी किया जा सकता है लेकिन सरकारी अस्पतालों में घायल मरीजों के टांके नहीं लगाए जाते हैं और उन्हें गंभीर बता करके रेफर के बाद रेफर कर अपने ड्यूटी से पीछा छुड़ाया जाता है मेडिकल कॉलेज मे समुचित इलाज न मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने घायल राम अवतार को इलाहाबाद ले जाने के लिए रेफर किया लेकिन मौके पर स्वास्थ्य विभाग की कोई भी एंबुलेंस नहीं थी परिवार के लोग घायल को निजी एंबुलेंस से ले जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन मेडिकल कॉलेज के गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड ने निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के गेट के अंदर नहीं जाने दिया इस बात को लेकर परिवार के लोगों की डॉक्टर और सुरक्षा गार्ड से बहस भी हुई लेकिन उसके बाद भी घायल मरीज को ले जाने के लिए निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के गेट के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई और सरकारी एंबुलेंस मौजूद नहीं थी जिससे देखते-देखते एक घंटे का समय बीत गया और एक घंटे के दौरान मेडिकल कॉलेज मे घायल राम अवतार को इलाज न मिलने से दर्दनाक मौत हो गई घायल की मौत के बाद परिवार के लोगों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रकट करना शुरू कर दिया मरीज का इलाज ना करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने अपने बचाव में पुलिस का सहारा ले लिया मौत के दुख पर दुख व्यक्त करने के बजाय परिवार पर हंगामा का आप डॉक्टर लगाने लगे और पुलिस बुला ली पुलिस पहुंची तो मृतक के परिवार पर दबाव बनाया कि वह मेडिकल कॉलेज में हंगामा कर रहे हैं शांत हो जाओ वरना गिरफ्तार करके जेल भेज देंगे जिससे परिवार के लोग भयभीत हो गए और मजबूर हो गए परिजनों को शांत कराने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरे घायल की हालत गंभीर है उसका भी इलाज चल रहा है दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है लेकिन मेडिकल कॉलेज की इस रवैया के बाद एक बार फिर प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज और उनकी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज क्यों नहीं मिल पाता है निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के अंदर क्यों नहीं जाने दिया गया है यदि मरीज को दूसरे अस्पताल लेकर परिवार के लोग पहुंच जाते तो उसकी जान बचाई जा सकती थी लेकिन जान बचाने के बजाय मरीज को मौत देने की व्यवस्था करने में मेडिकल कॉलेज के लोग अधिक लगे थे जो बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है आखिर कब तक बेवजह मरीजों की मौत होती रहेगी और मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य के तुगलकी फरमान में बदलाव नहीं होगा इस बात का जवाब आम जनता सूबे की योगी सरकार से चाहती है मामले को संज्ञान लेकर कब मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई होगी और मेडिकल कॉलेज सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वा ट्रामा सेंटर की चौपट व्यवस्था में सुधार कर मरीजों की बेवजह मौत रोकने का प्रयास होगा अजय कुमार KAUSHAMBI VOICE
कौशाम्बी में सड़क हादसे में घायल युवक को मेडिकल कालेज मे इलाज ना मिलने से मौत के बाद परिजनों का हंगामा मेडिकल कॉलेज में भले ही मरीज की हो जाए मौत प्रिंसिपल के तुगलकी फरमान पर नहीं होगा परिवर्तन एक सरकारी अस्पताल से दूसरे अस्पताल रेफर के बाद तीसरे सरकारी अस्पताल में रेफर करने की प्रक्रिया के दौरान खून अधिक बह जाने से मरीजों की होती है मौत कौशाम्बी। संदीपन घाट थाना क्षेत्र के पंसौर गांव के पास सोमवार की देर रात 10 बजे बाइक सवार राम अवतार उम्र 40 वर्ष निवासी कोखराज वा उसके साथी को तेज रफ्तार वाहन ने टक्कर मार दी जिससे बाइक सवार घायल हो गए दुर्घटना के बाद घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मूरतगंज में ले जाया गया लेकिन अस्पताल मे डाक्टर मौजूद नहीं थे घायलों को इलाज नहीं मिल सका और वही रटा रटाया जवाब स्वास्थ्य कर्मियों ने दिया है कि घायलों को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया जाता है आधी रात को परिवार के लोग घायलों को लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे लेकिन वहां भी घायलों को सही इलाज नहीं मिला मेडिकल कॉलेज में औपचारिकता निभाने के बाद मरीज को गंभीर बता कर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह डॉक्टर देने लगे आखिर इन डॉक्टरों की योग्यता में क्या कमी थी या फिर मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था में क्या-क्या समस्या थी जिससे मेडिकल कॉलेज में घायल को समुचित इलाज नहीं मिल सका तब तक 2 घंटे का समय बीत चुका था और सरकारी अस्पताल के डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मियों के चलते घायलों का इतना अधिक खून बह गया कि घायलों की हालत गंभीर हो गई घायलों के इलाज के मामले में सामान्य सी बात है कि उनके चोट के स्थान पर टांके लगा दिए जाएं तो खून बहना बंद हो जाएगा और मौत नहीं होगी लेकिन घायलों को टांके नहीं लगाए जाते हैं और उनका खून बहाने दिए जाते हैं जिससे मरीज गंभीर हो जाते हैं यह छोटा सी प्रक्रिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी किया जा सकता है लेकिन सरकारी अस्पतालों में घायल मरीजों के टांके नहीं लगाए जाते हैं और उन्हें गंभीर बता करके रेफर के बाद रेफर कर अपने ड्यूटी से पीछा छुड़ाया जाता है मेडिकल कॉलेज मे समुचित इलाज न मिलने के बाद मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने घायल राम अवतार को इलाहाबाद ले जाने के लिए रेफर किया लेकिन मौके पर स्वास्थ्य विभाग की कोई भी एंबुलेंस नहीं थी परिवार के लोग घायल को निजी एंबुलेंस से ले जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन मेडिकल कॉलेज के गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड ने निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के गेट के अंदर नहीं जाने दिया इस बात को लेकर परिवार के लोगों की डॉक्टर और सुरक्षा गार्ड से बहस भी हुई लेकिन उसके बाद भी घायल मरीज को ले जाने के लिए निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के गेट के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई और सरकारी एंबुलेंस मौजूद नहीं थी जिससे देखते-देखते एक घंटे का समय बीत गया और एक घंटे के दौरान मेडिकल कॉलेज मे घायल राम अवतार को इलाज न मिलने से दर्दनाक मौत हो गई घायल की मौत के बाद परिवार के लोगों ने मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध प्रकट करना शुरू कर दिया मरीज का इलाज ना करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों और मौके पर मौजूद डॉक्टरों ने अपने बचाव में पुलिस का सहारा ले लिया मौत के दुख पर दुख व्यक्त करने के बजाय परिवार पर हंगामा का आप डॉक्टर लगाने लगे और पुलिस बुला ली पुलिस पहुंची तो मृतक के परिवार पर दबाव बनाया कि वह मेडिकल कॉलेज में हंगामा कर रहे हैं शांत हो जाओ वरना गिरफ्तार करके जेल भेज देंगे जिससे परिवार के लोग भयभीत हो गए और मजबूर हो गए परिजनों को शांत कराने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरे घायल की हालत गंभीर है उसका भी इलाज चल रहा है दुर्घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया है जिसकी तलाश पुलिस कर रही है लेकिन मेडिकल कॉलेज की इस रवैया के बाद एक बार फिर प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज और उनकी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर मेडिकल कॉलेज में मरीजों को इलाज क्यों नहीं मिल पाता है निजी एंबुलेंस को मेडिकल कॉलेज के अंदर क्यों नहीं जाने दिया गया है यदि मरीज को दूसरे अस्पताल लेकर परिवार के लोग पहुंच जाते तो उसकी जान बचाई जा सकती थी लेकिन जान बचाने के बजाय मरीज को मौत देने की व्यवस्था करने में मेडिकल कॉलेज के लोग अधिक लगे थे जो बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है आखिर कब तक बेवजह मरीजों की मौत होती रहेगी और मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य के तुगलकी फरमान में बदलाव नहीं होगा इस बात का जवाब आम जनता सूबे की योगी सरकार से चाहती है मामले को संज्ञान लेकर कब मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदारों पर कठोर कार्रवाई होगी और मेडिकल कॉलेज सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र वा ट्रामा सेंटर की चौपट व्यवस्था में सुधार कर मरीजों की बेवजह मौत रोकने का प्रयास होगा अजय कुमार KAUSHAMBI VOICE
- #कौशाम्बी: करारी थाना क्षेत्र के जमदुआ के पास बाइक सवार अफसर अली को रोककर दबंगों ने मारपीट की। #कौशाम्बी: करारी थाना क्षेत्र के जमदुआ के पास बाइक सवार अफसर अली को रोककर दबंगों ने मारपीट की। आरोप है कि रुपये और शराब नहीं देने पर युवक को थप्पड़ों से पीटा और बाइक से घसीटकर सड़क पर पटक दिया। पीड़ित ने रुपये छीनने का भी आरोप लगाया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। पीड़ित ने पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए एसपी से शिकायत की है #Kaushambi #KaushambiNews #कौशाम्बी #Karari #करारी #Jamdaua #मारपीट #ViralVideo #ViralNews #CrimeNews #UPPolice #PoliceAction #BreakingNews #HindiNews #UttarPradesh #KaushambiPolice1
- कौशाम्बी में बाइक सवार युवक को रोककर दबंगों ने पीटा, एसपी से शिकायत। बाइक सवार युवक को रोककर दबंगों ने पीटा, एसपी से शिकायत कौशाम्बी में बाइक से ससुराल से लौट रहे युवक को रास्ते में रोककर मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दबंगों ने युवक को रोककर थप्पड़ बरसाए और शराब नहीं पिलाने की बात को लेकर उसके साथ मारपीट की। पीड़ित युवक अफसर अली का आरोप है कि वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान करारी थाना क्षेत्र के जमदुआ के पास कुछ लोगों ने उसे रोक लिया और शराब नहीं पिलाने की बात कहते हुए उसके साथ मारपीट की। घटना के बाद पीड़ित ने मामले की शिकायत कौशाम्बी के पुलिस अधीक्षक से की है। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। अजय कुमार KAUSHAMBI VOICE1
- एक युवक को पीटने का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल आखिर किसलिए हुई मारपीट1
- कौशाम्बी: बहादुरपुर गांव में फिर चोरी, घर से जेवरात, नगदी और कीमती सामान पार दो महीने में पांचवीं चोरी से ग्रामीणों में दहशत, पुलिस की गश्त पर उठे सवाल कौशाम्बी। मंझनपुर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में चोरों ने एक बार फिर चोरी की वारदात को अंजाम देकर ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीती रात चोरों ने रानी देवी के घर को निशाना बनाया। पीड़िता के मुताबिक, चोर घर से लाखों रुपये के जेवरात, भारी नगदी, कीमती बर्तन और कपड़े समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए। सुबह जब परिवार के लोग सोकर उठे तो घर का सामान बिखरा पड़ा था। घर की स्थिति देखकर परिवार के होश उड़ गए। चोरी की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना के बाद से पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल है। बिछिया, पायल और नगदी समेत लाखों के सामान पर हाथ साफ पीड़िता रानी देवी का आरोप है कि चोरों ने घर में रखे जेवरात में बिछिया, पायल और अन्य आभूषणों के साथ-साथ कीमती बर्तन, कपड़े तथा भारी नगदी भी पार कर दी। चोरी हुए सामान की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन पुलिस जांच और पीड़ित परिवार द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगा। परिवार को आशंका है कि चोर रात के अंधेरे का फायदा उठाकर घर में दाखिल हुए और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना के बाद ग्रामीणों ने गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। दो महीने में पांचवीं चोरी, ग्रामीणों में बढ़ा खौफ बहादुरपुर गांव के ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले करीब दो महीनों के भीतर चोरी की यह पांचवीं घटना है। लगातार हो रही चोरी की वारदातों से गांव के लोगों में भय का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि एक के बाद एक घरों को निशाना बनाए जाने के बावजूद चोरी की घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। ग्रामीणों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर चोरों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं? क्या गांव में रात के समय पुलिस की नियमित गश्त हो रही है? लोगों का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होने के कारण चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। मंझनपुर पुलिस की गश्त पर उठे सवाल बहादुरपुर गांव में लगातार चोरी की घटनाओं के बीच मंझनपुर पुलिस की गश्त व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए और गांव में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। लोगों ने पुलिस प्रशासन से ताजा चोरी की घटना का जल्द खुलासा करने, चोरी गए सामान की बरामदगी कराने और पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं में शामिल आरोपियों को पकड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक चोरों पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक गांव के लोग अपने घरों की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहेंगे। पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर फिलहाल, चोरी की घटना को लेकर पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और नुकसान के संबंध में पुलिस की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। पुलिस जांच के बाद ही चोरी की पूरी स्थिति, घटना में शामिल लोगों और नुकसान का वास्तविक आकलन स्पष्ट हो सकेगा। अब देखना यह होगा कि मंझनपुर पुलिस इस ताजा चोरी की वारदात का खुलासा कब तक करती है और बहादुरपुर गांव में लगातार हो रही चोरियों पर अंकुश लगाने के लिए क्या कदम उठाती है। विश्व वार्ता न्यूज़ | कौशाम्बी1
- 24 घंटे बाद भी बुजुर्ग इंद्रपाल को नहीं मिला न्याय, पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल1
- कौशाम्बी मंझनपुर थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में चोरों ने एक घर को निशाना बनाया चोरों ने घर में घुसकर जेवरात और कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया सुबह चोरी की जानकारी होने पर परिवार में हड़कंप मच गया Sp Kaushambi1
- कौशाम्बी: करारी में शराब के पैसे न देने पर युवक से मारपीट, एसपी से न्याय की गुहार कौशाम्बी। करारी थाना क्षेत्र में दबंगों का कहर।शराब और पैसे न देने पर बाइक सवार युवक अफ़सर अली को सड़क पर बेरहमी से पीटा, रुपये भी छीने। वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मचा हड़कंप। पीड़ित ने स्थानीय पुलिस पर लगाया सुनवाई न करने का आरोप, एसपी से लगाई न्याय की गुहार। मामले में पुलिस की कार्रवाई का इंतजार..!!1
- कौशांबी। मंझनपुर थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में कार की डिग्गी से मिले युवक रवि यादव के शव के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में संदीप यादव और शानू यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ममेरी बहन से शादी की बात को लेकर शराब पीने के दौरान रवि और आरोपियों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर ईंट से हमला कर रवि यादव की हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को कार की डिग्गी में रखकर मौके से भागने का प्रयास किया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कथित आलाकत्ल ईंट और मृतक का सामान बरामद किया है। मामले में पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। कौशांबी। मंझनपुर थाना क्षेत्र के मोहम्मदपुर गांव में कार की डिग्गी से मिले युवक रवि यादव के शव के मामले का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने हत्या के आरोप में संदीप यादव और शानू यादव को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ममेरी बहन से शादी की बात को लेकर शराब पीने के दौरान रवि और आरोपियों के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर ईंट से हमला कर रवि यादव की हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को कार की डिग्गी में रखकर मौके से भागने का प्रयास किया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर कथित आलाकत्ल ईंट और मृतक का सामान बरामद किया है। मामले में पुलिस आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।1