शिकायतकर्ता ने SP को दी शिकायत को मिली जानलेवा धमकी 500 ग्रामीणों के खातों से लाखों गायब, SP ऑफिस से भी FIR के बिना लौटे पीड़ित - ऑडियो वायरल मिर्जापुर के संतनगर में मिनी बैंक घोटाला: SP कार्यालय से भी निराश लौटे शिकायतकर्ता मिर्जापुर के संतनगर में मिनी बैंक घोटाला: SP कार्यालय से भी निराश लौटे शिकायतकर्ता 500 ग्रामीणों के खातों से लाखों गायब, SP ऑफिस से भी FIR के बिना लौटे पीड़ित - ऑडियो वायरल एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र पर अनपढ़ खाताधारकों से धोखाधड़ी का आरोप, पीड़ितों ने कहा - आरोपी खुलेआम दे रहे धमकी मिर्जापुर। थाना संतनगर क्षेत्र में भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र (मिनी बैंक) पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का आरोप सामने आया है। पीड़ितों का दावा है कि करीब 500 ग्रामीण खाताधारकों के खातों से लाखों रुपये निकाले गए हैं। शिकायत के बावजूद न तो थाने में और न ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में FIR दर्ज होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। इसी बीच एक कथित ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें धमकी देने की बात कही जा रही है। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ता आरती देवी पत्नी राम जियावन, निवासी ओबरा डीह, थाना संतनगर के शिकायती पत्र के अनुसार, पूर्व में समसदिया, संतनगर में संचालित SBI ग्राहक सेवा केंद्र के संचालकों पर आरोप है कि उन्होंने ग्रामीणों के खाते खुलवाकर, जानकारी के बिना पासबुक में गलत प्रविष्टि और अंगूठा लगवाकर रकम निकाल ली। आरती देवी का आरोप है कि उनके SBI खाते से 35,525 रुपये निकाल लिए गए और बरकछा शाखा में जांच करने पर खाता शून्य मिला। 16 जुलाई और 18 जुलाई को पैसा मांगने गईं तो धमकी देकर भगाने का आरोप लगाया है। अन्य पीड़ितों के आरोप - शिकायत में अन्य पीड़ितों ने भी इसी तरह की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है: • गुरु कोल, कमलापुर - लगभग 40 हजार रुपये • मंजू पत्नी दीपक, मुड़पेली - लगभग 30 हजार रुपये • विष्णु, ओबरा डीह - लगभग 15 हजार रुपये • शिवलाल, ओबरा डीह - 27,460 रुपये • शिवकुमार, ओबरा डीह - 10,486 रुपये • कंचन देवी, ओबरा डीह - 40,778 रुपये • राजकुमारी, ओबरा डीह - 27,460 रुपये पीड़ितों का आरोप है कि कई बार ग्राहक ने एक बार पैसा निकाला, लेकिन खाते से 3-4 बार राशि काटी गई। प्रधान पद के दुरुपयोग और जांच प्रभावित करने का आरोप शिकायती पत्र में मुख्य आरोपी के ग्राम राहकला के प्रधान/प्रशासक होने और प्रधान पद का दुरुपयोग कर अधिकारियों पर प्रभाव डालने व शिकायतकर्ताओं को डरा-धमकाकर मामला दबाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ितों का कहना है कि पूर्व में थाना संतनगर और SBI शाखा बरकछा को लिखित शिकायत दी गई थी, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि अब पुरानी शाखा बंद बताकर करीब 3 किलोमीटर दूर नई जगह पर फिर से मिनी बैंक संचालित किया जा रहा है। नोट: इस खबर में शामिल सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं, इनकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। SP कार्यालय का चक्कर, FIR दर्ज नहीं पीड़ितों का कहना है कि सोमवार को वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे थे। वहां से आश्वासन मिला कि पैसा दिलवा दिया जाएगा, लेकिन न तो SP कार्यालय में और न ही थाना संतनगर में FIR दर्ज की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब आम जनमानस की सुनवाई जिला मुख्यालय पर भी नहीं होगी, तो आम जनता का कल्याण कैसे होगा। ऑडियो वायरल, धमकी का आरोप इसी बीच एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि अब आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं और उन्हें डर है कि उनके साथ कुछ भी हो सकता है। वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच पुलिस को करनी है। पीड़ितों की 5 मांगें 1. आरोपियों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज की जाए 2. सभी प्रभावित 500 खातों के स्टेटमेंट का गहन मिलान कराया जाए 3. आरोपी संचालकों के निजी खातों से निकाली गई राशि का मिलान कराया जाए 4. गायब राशि ब्याज व हर्जाने सहित वापस दिलाई जाए 5. नई जगह संचालित हो रहे मिनी बैंक पर तत्काल रोक लगाई जाए इस शिकायती पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, जिला महिला विकास अधिकारी और क्षेत्रीय प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक मिर्जापुर को भी भेजी गई है।
शिकायतकर्ता ने SP को दी शिकायत को मिली जानलेवा धमकी 500 ग्रामीणों के खातों से लाखों गायब, SP ऑफिस से भी FIR के बिना लौटे पीड़ित - ऑडियो वायरल मिर्जापुर के संतनगर में मिनी बैंक घोटाला: SP कार्यालय से भी निराश लौटे शिकायतकर्ता मिर्जापुर के संतनगर में मिनी बैंक घोटाला: SP कार्यालय से भी निराश लौटे शिकायतकर्ता 500 ग्रामीणों के खातों से लाखों गायब, SP ऑफिस से भी FIR के बिना लौटे पीड़ित - ऑडियो वायरल एसबीआई ग्राहक सेवा केंद्र पर अनपढ़ खाताधारकों से धोखाधड़ी का आरोप, पीड़ितों ने कहा - आरोपी खुलेआम दे रहे धमकी मिर्जापुर। थाना संतनगर क्षेत्र में भारतीय स्टेट बैंक के ग्राहक सेवा केंद्र (मिनी बैंक) पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का आरोप सामने आया है। पीड़ितों का दावा है कि करीब 500 ग्रामीण खाताधारकों के खातों से लाखों रुपये निकाले गए हैं। शिकायत के बावजूद न तो थाने में और न ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय में FIR दर्ज होने से ग्रामीणों में आक्रोश है। इसी बीच एक कथित ऑडियो वायरल हो रहा है जिसमें धमकी देने की बात कही जा रही है। क्या है पूरा मामला? शिकायतकर्ता आरती देवी पत्नी राम जियावन, निवासी ओबरा डीह, थाना संतनगर के शिकायती पत्र के अनुसार, पूर्व में समसदिया, संतनगर में संचालित SBI ग्राहक सेवा केंद्र के संचालकों पर आरोप है कि उन्होंने ग्रामीणों के खाते खुलवाकर, जानकारी के बिना पासबुक में गलत प्रविष्टि और अंगूठा लगवाकर रकम निकाल ली। आरती देवी का आरोप है कि उनके SBI खाते से 35,525 रुपये निकाल लिए गए और बरकछा शाखा में जांच करने पर खाता शून्य मिला। 16 जुलाई और 18 जुलाई को पैसा मांगने गईं तो धमकी देकर भगाने का आरोप लगाया है। अन्य पीड़ितों के आरोप - शिकायत में अन्य पीड़ितों ने भी इसी तरह की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है: • गुरु कोल, कमलापुर - लगभग 40 हजार रुपये • मंजू पत्नी दीपक, मुड़पेली - लगभग 30 हजार रुपये • विष्णु, ओबरा डीह - लगभग 15 हजार रुपये • शिवलाल, ओबरा डीह - 27,460 रुपये • शिवकुमार, ओबरा डीह - 10,486 रुपये • कंचन देवी, ओबरा डीह - 40,778 रुपये • राजकुमारी, ओबरा डीह - 27,460 रुपये पीड़ितों का आरोप है कि कई बार ग्राहक ने एक बार पैसा निकाला, लेकिन खाते से 3-4 बार राशि काटी गई। प्रधान पद के दुरुपयोग और जांच प्रभावित करने का आरोप शिकायती पत्र में मुख्य आरोपी के ग्राम राहकला के प्रधान/प्रशासक होने और प्रधान पद का दुरुपयोग कर अधिकारियों पर प्रभाव डालने व शिकायतकर्ताओं को डरा-धमकाकर मामला दबाने का आरोप लगाया गया है। पीड़ितों का कहना है कि पूर्व में थाना संतनगर और SBI शाखा बरकछा को लिखित शिकायत दी गई थी, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि अब पुरानी शाखा बंद बताकर करीब 3 किलोमीटर दूर नई जगह पर फिर से मिनी बैंक संचालित किया जा रहा है। नोट: इस खबर में शामिल सभी आरोप शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए हैं, इनकी पुष्टि स्वतंत्र रूप से नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का पक्ष भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए। SP कार्यालय का चक्कर, FIR दर्ज नहीं पीड़ितों का कहना है कि सोमवार को वे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे थे। वहां से आश्वासन मिला कि पैसा दिलवा दिया जाएगा, लेकिन न तो SP कार्यालय में और न ही थाना संतनगर में FIR दर्ज की गई। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब आम जनमानस की सुनवाई जिला मुख्यालय पर भी नहीं होगी, तो आम जनता का कल्याण कैसे होगा। ऑडियो वायरल, धमकी का आरोप इसी बीच एक ऑडियो भी वायरल हो रहा है। पीड़ितों का आरोप है कि अब आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे हैं और उन्हें डर है कि उनके साथ कुछ भी हो सकता है। वायरल ऑडियो की सत्यता की जांच पुलिस को करनी है। पीड़ितों की 5 मांगें 1. आरोपियों के विरुद्ध तत्काल FIR दर्ज की जाए 2. सभी प्रभावित 500 खातों के स्टेटमेंट का गहन मिलान कराया जाए 3. आरोपी संचालकों के निजी खातों से निकाली गई राशि का मिलान कराया जाए 4. गायब राशि ब्याज व हर्जाने सहित वापस दिलाई जाए 5. नई जगह संचालित हो रहे मिनी बैंक पर तत्काल रोक लगाई जाए इस शिकायती पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, जिला महिला विकास अधिकारी और क्षेत्रीय प्रबंधक, भारतीय स्टेट बैंक मिर्जापुर को भी भेजी गई है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान में महिला महाविद्यालय में नुक्कड़ नाटक द्वारा जागरूकता1
- मिर्जापुर: औचक निरीक्षण या पूर्व नियोजित दौरा? पहाड़ी ब्लॉक में CDO के स्वागत का वीडियो बना चर्चा का विषय पड़री / पहाड़ी, मिर्जापुर। पहाड़ी विकास खंड कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह के निरीक्षण को दैनिक भास्कर ऐप पर "औचक निरीक्षण" के रूप में प्रसारित किया गया मिर्जापुर: औचक निरीक्षण या पूर्व नियोजित दौरा? पहाड़ी ब्लॉक में CDO के स्वागत का वीडियो बना चर्चा का विषय पड़री / पहाड़ी, मिर्जापुर। पहाड़ी विकास खंड कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह के निरीक्षण को दैनिक भास्कर ऐप पर "औचक निरीक्षण" के रूप में प्रसारित किया गया है, लेकिन उसी खबर के साथ जारी वीडियो इस दावे पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। वीडियो के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि पहले 4 सेकंड में ही ब्लॉक परिसर में अधिकारी का गुलदस्ते से स्वागत किया जा रहा है। एक कर्मचारी हाथ में लाल-पीले कागज में लिपटा गुलदस्ता पहले से तैयार खड़ा है, बगल में सफेद सरकारी वाहन लगा है और अधिकारी फूल स्वीकार कर रहे हैं। इसके बाद ही अंदर कार्यालय में अभिलेखों की जांच और हिनौती गांव में 50 लाख की लागत से बने शेड का निरीक्षण दिखाया गया है। क्या होता है औचक निरीक्षण? शासकीय मानकों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार औचक निरीक्षण का मतलब है - "विकास कामों की जस की तस हकीकत जानना। औचक या सरप्राइज इसलिए ताकि दिखावे के लिए कोई काम या कागजी आंकड़ों की हेराफेरी न हो सके" इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और कामकाजी उपस्थिति को सुनिश्चित करना होता है। यह निरीक्षण अधिकारियों और कर्मचारियों की समयबद्धता और कार्यक्षमता का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है**। मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में तो इसके लिए सॉफ्टवेयर विकसित है कि **"एक दिन पहले तक किसी को पता नहीं होता कि किस अधिकारी को कहां निरीक्षण के लिए जाना है" औचक निरीक्षण की मूल भावना ही यही है कि किसी को सूचना न हो, ताकि साफ-सफाई, उपस्थिति और अभिलेखों की वास्तविक स्थिति परखी जा सके। पहाड़ी ब्लॉक के वीडियो में क्या दिखा? 1. पूर्व तैयारी: औचक निरीक्षण में गुलदस्ते, स्वागत दल और जलपान की थालियां पहले से तैयार नहीं मिलतीं। पहाड़ी के वीडियो में टेबल पर पानी की बोतलें और नमकीन-बिस्किट की प्लेटें सजी हुई दिख रही हैं। 2. हड़कंप की जगह आवभगत: खबर में लिखा गया है "सीडीओ के अचानक पहुंचने से ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया", जबकि वीडियो में हड़कंप की जगह मुस्कुराहट के साथ स्वागत दिख रहा है। 3. दैनिक भास्कर की खबर का तरीका: दैनिक भास्कर ऐप पर यह वीडियो विज्ञापन के साथ चल रहा है। किसी भी बड़े अखबार में औचक निरीक्षण की खबर में स्वागत-सत्कार नहीं, बल्कि खामियां, अनुपस्थित कर्मचारी और फटकार की खबरें प्रमुख होती हैं। सवाल जो उठते हैं यदि यह वास्तव में औचक निरीक्षण था, तो ब्लॉक कर्मचारियों को सीडीओ के आने की सूचना कैसे मिली? गुलदस्ता पहले से किसने मंगवाया? क्या यह दौरा पूर्व प्रायोजित था जिसे "औचक" बताकर प्रचारित किया गया? आकांक्षी ब्लॉक फंड के तहत हिनौती में 50 लाख से बना महिला प्रशिक्षण शेड निश्चित रूप से सराहनीय पहल है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता की जांच का तरीका यदि पहले से तय था तो उसे "औचक" कहना पत्रकारिता के मानकों और प्रशासनिक शब्दावली दोनों के विपरीत है। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अभिलेखों की जांच और योजनाओं की समीक्षा स्वागत योग्य है, पर प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भविष्य में औचक निरीक्षणों की गरिमा बनी रहे, अन्यथा जनता में यह संदेश जाएगा कि निरीक्षण महज औपचारिकता और फोटो सेशन बनकर रह गए हैं।4
- आईएएस से इस्तीफा देने वाली चुनाव लड़ेंगी दिव्या मित्तल दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का किया ऐलान दिव्या मित्तल बोलीं- मुझे आवाज बनना है, आवाज से वंचित लोगों की आवाज कहा- राजनीति बदलनी होगी, इरादे की राजनीति करनी होगी दिव्या मित्तल का ऐलान- किसी दल के साथ नहीं, केवल लोगों के साथ राजनीति करूंगी ‘जिन झंडों के नीचे 80 साल में हिसाब नहीं बदला, उनके नीचे खड़े होकर हिसाब नहीं मांगा जा सकता’ दिव्या मित्तल बोलीं- मुझे स्कूल, सड़क, पुल और सरकारी जमीनों का हिसाब चाहिए ‘जब फिक्र नहीं होती तो मौत हादसा नहीं, फैसला होती है’ दिव्या मित्तल का राजनीतिक सिस्टम पर हमला- सत्ता है, शोर है, पर सोच नहीं है ‘मुझे उस ना सोचने का हिसाब चाहिए’ राजनीति में पैसा और बाहुबल को लेकर भी दिव्या मित्तल का बड़ा बयान ‘चुनाव में बहाया जाने वाला पैसा हमारी सड़क, पुल और स्कूल से आता है’ जाति-धर्म के समीकरण पर बोलीं- मैंने कभी किसी का नाम पूछकर न्याय नहीं किया ‘80 साल तक इन्होंने समीकरण बिठाए और देश भी बैठा रह गया’ दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश से राजनीतिक शुरुआत का किया ऐलान ‘उत्तर प्रदेश की मिट्टी ही मेरी कर्मभूमि, शुरुआत यहीं से होगी’ दिव्या मित्तल की अपील- मुझ पर भरोसा मत करिए, अपने आप पर करिए शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील और छात्रों से जुड़ने की अपील दिव्या मित्तल बोलीं- नई राजनीति एक आदमी नहीं बना सकता, इसमें सबका साथ लगेगा ‘अस्सी साल से हम नेता या मसीहा का इंतजार कर रहे हैं, जिसका इंतजार था वो हम खुद हैं’ दिव्या मित्तल का नया नारा- ‘चलिए हिसाब मांगते हैं’1
- आईएएस पद से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल को लेकर बड़ी खबर - “चलिए, हिसाब मांगते हैं"- दिब्या मित्तल। नित्यवार्ता डेस्क : लखनऊ। आईएएस पद से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वह अब राजनीति में एंट्री लेंगी, उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद विडियो साझा करके इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे की वजह भी बताई है। दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश से राजनीतिक शुरुआत का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी ही मेरी कर्मभूमि, शुरुआत यहीं से होगी। दिव्या मित्तल ने ये भी अपील किया है कि मुझ पर भरोसा मत करिए, अपने आप पर करिए। उन्होंने शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील और छात्रों से जुड़ने की अपील किया। उन्होंने कहा- “चलिए, हिसाब मांगते हैं" प्रशासनिक सेवा के बाद अब राजनीति में पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल हाल ही में वी आर एस लेने के बाद जनता की आवाज बनने का ऐलान किया है। मीरजापुर और देवरिया समेत कई जिलों में डीएम रहीं दिव्या मित्तल ने कहा “हिसाब चाहिए, न्याय चाहिए, डरना नहीं है। अपने राजनीतिक सफर का संकेत देते हुए दिब्या मित्तल ने कहा कि वह राजनीति किसी दल के साथ नहीं, जनता के साथ करेंगी। अफसर के तौर पर जिलों की कमान संभालने के बाद अब जनता के मुद्दों पर सवाल उठाने की तैयारी है। उनका आह्वान है- “चलिए, हिसाब मांगते हैं।”1
- 17 the सितम्बर २५वर्ष सेवा संकल्प यात्रा को जन्मदिन पर आशीर्वाद का दिया १७सितम्बर प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस पर आशीर्वाद का दिया कार्यक्रम में विधायक सुचिता मौर्य प्रधान संतोष यादव जी भाजपा सदस्य महराज परमेश्वर दास जी व ग्रामीणों ने हिस्सा लिया 🍁1
- मिर्ज़ापुर: गंगा किनारे मंदिर के पास मिला 15 फीट का अजगर, वन विभाग ने किया रेस्क्यू।1
- कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग ‘वोट चोर कहां मिलेंगे...’ के नारों से गूंजा परिसर, पिंजरे में CEC की तस्वीर रख जताया विरोध कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग ‘वोट चोर कहां मिलेंगे...’ के नारों से गूंजा परिसर, पिंजरे में CEC की तस्वीर रख जताया विरोध1
- मिर्जापुर डीजल कटिंग का वीडियो हुआ था वायरल, पुलिस मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को भेजा था जेल वायरल वीडियो में दिख रहा शख्स अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर ड्रमंडगंज क्षेत्र में डीजल कटिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन आई थी हरकत में वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर दो आरोपियों को किया था गिरफ्तार भेजा था जेल वायरल वीडियो में डीजल कटिंग करते दिखाई दे रहा एक अन्य शख्स अब तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर? जब वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को भेजा गया जेल तो वीडियो में साफ दिखाई दे रहे इस शख्स पर कार्रवाई के बजाय क्यों है पुलिस मेहरबान दो आरोपियों को जेल भेजे जाने के बाद अब वायरल वीडियो में नजर आ रहे व्यक्ति की गिरफ्तारी को लेकर उठ रहे सवाल। डीजल कटिंग का वीडियो हुआ वायरल मामले में मुकदमा दर्ज दो आरोपी भेजे गए थे जेल आखिर वीडियो में दिख रहा शख्स पुलिस की पकड़ से बाहर क्यों? क्षेत्र में पुलिस कार्यवाही पर उठ रहे सवाल आखिर वीडियो में दिख रहे शख्स पर क्यों है ड्रमंडगंज पुलिस मेहरबान लोगो में है चर्चा। मेन अभुक्त की गिरफ्तारी पर लोगों की टिकी निगाहें। ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के लहुरियादह पहाड का मामला।1