Shuru
Apke Nagar Ki App…
17 the सितम्बर २५वर्ष सेवा संकल्प यात्रा को जन्मदिन पर आशीर्वाद का दिया १७सितम्बर प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस पर आशीर्वाद का दिया कार्यक्रम में विधायक सुचिता मौर्य प्रधान संतोष यादव जी भाजपा सदस्य महराज परमेश्वर दास जी व ग्रामीणों ने हिस्सा लिया 🍁
S.pappu tiwari
17 the सितम्बर २५वर्ष सेवा संकल्प यात्रा को जन्मदिन पर आशीर्वाद का दिया १७सितम्बर प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस पर आशीर्वाद का दिया कार्यक्रम में विधायक सुचिता मौर्य प्रधान संतोष यादव जी भाजपा सदस्य महराज परमेश्वर दास जी व ग्रामीणों ने हिस्सा लिया 🍁
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- मिर्जापुर: औचक निरीक्षण या पूर्व नियोजित दौरा? पहाड़ी ब्लॉक में CDO के स्वागत का वीडियो बना चर्चा का विषय पड़री / पहाड़ी, मिर्जापुर। पहाड़ी विकास खंड कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह के निरीक्षण को दैनिक भास्कर ऐप पर "औचक निरीक्षण" के रूप में प्रसारित किया गया मिर्जापुर: औचक निरीक्षण या पूर्व नियोजित दौरा? पहाड़ी ब्लॉक में CDO के स्वागत का वीडियो बना चर्चा का विषय पड़री / पहाड़ी, मिर्जापुर। पहाड़ी विकास खंड कार्यालय में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह के निरीक्षण को दैनिक भास्कर ऐप पर "औचक निरीक्षण" के रूप में प्रसारित किया गया है, लेकिन उसी खबर के साथ जारी वीडियो इस दावे पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है। वीडियो के अध्ययन से स्पष्ट होता है कि पहले 4 सेकंड में ही ब्लॉक परिसर में अधिकारी का गुलदस्ते से स्वागत किया जा रहा है। एक कर्मचारी हाथ में लाल-पीले कागज में लिपटा गुलदस्ता पहले से तैयार खड़ा है, बगल में सफेद सरकारी वाहन लगा है और अधिकारी फूल स्वीकार कर रहे हैं। इसके बाद ही अंदर कार्यालय में अभिलेखों की जांच और हिनौती गांव में 50 लाख की लागत से बने शेड का निरीक्षण दिखाया गया है। क्या होता है औचक निरीक्षण? शासकीय मानकों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार औचक निरीक्षण का मतलब है - "विकास कामों की जस की तस हकीकत जानना। औचक या सरप्राइज इसलिए ताकि दिखावे के लिए कोई काम या कागजी आंकड़ों की हेराफेरी न हो सके" इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में अनुशासन और कामकाजी उपस्थिति को सुनिश्चित करना होता है। यह निरीक्षण अधिकारियों और कर्मचारियों की समयबद्धता और कार्यक्षमता का मूल्यांकन करने के लिए किया जाता है**। मध्यप्रदेश जैसे राज्यों में तो इसके लिए सॉफ्टवेयर विकसित है कि **"एक दिन पहले तक किसी को पता नहीं होता कि किस अधिकारी को कहां निरीक्षण के लिए जाना है" औचक निरीक्षण की मूल भावना ही यही है कि किसी को सूचना न हो, ताकि साफ-सफाई, उपस्थिति और अभिलेखों की वास्तविक स्थिति परखी जा सके। पहाड़ी ब्लॉक के वीडियो में क्या दिखा? 1. पूर्व तैयारी: औचक निरीक्षण में गुलदस्ते, स्वागत दल और जलपान की थालियां पहले से तैयार नहीं मिलतीं। पहाड़ी के वीडियो में टेबल पर पानी की बोतलें और नमकीन-बिस्किट की प्लेटें सजी हुई दिख रही हैं। 2. हड़कंप की जगह आवभगत: खबर में लिखा गया है "सीडीओ के अचानक पहुंचने से ब्लॉक परिसर में हड़कंप मच गया", जबकि वीडियो में हड़कंप की जगह मुस्कुराहट के साथ स्वागत दिख रहा है। 3. दैनिक भास्कर की खबर का तरीका: दैनिक भास्कर ऐप पर यह वीडियो विज्ञापन के साथ चल रहा है। किसी भी बड़े अखबार में औचक निरीक्षण की खबर में स्वागत-सत्कार नहीं, बल्कि खामियां, अनुपस्थित कर्मचारी और फटकार की खबरें प्रमुख होती हैं। सवाल जो उठते हैं यदि यह वास्तव में औचक निरीक्षण था, तो ब्लॉक कर्मचारियों को सीडीओ के आने की सूचना कैसे मिली? गुलदस्ता पहले से किसने मंगवाया? क्या यह दौरा पूर्व प्रायोजित था जिसे "औचक" बताकर प्रचारित किया गया? आकांक्षी ब्लॉक फंड के तहत हिनौती में 50 लाख से बना महिला प्रशिक्षण शेड निश्चित रूप से सराहनीय पहल है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता की जांच का तरीका यदि पहले से तय था तो उसे "औचक" कहना पत्रकारिता के मानकों और प्रशासनिक शब्दावली दोनों के विपरीत है। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अभिलेखों की जांच और योजनाओं की समीक्षा स्वागत योग्य है, पर प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि भविष्य में औचक निरीक्षणों की गरिमा बनी रहे, अन्यथा जनता में यह संदेश जाएगा कि निरीक्षण महज औपचारिकता और फोटो सेशन बनकर रह गए हैं।4
- छात्रसभा की संगोष्ठी में सपा से युवाओं को जोड़ने पर जोर भाजपा सरकार में युवाओं और छात्रो की दुर्दशा पर वक्ताओ ने चिंता व्यक्त की मिर्जापुर। समाजवादी छात्रसभा द्वारा छात्र जागरूकता अभियान के क्रम में मंगलवार को पड़री स्थित शिवलोक श्रीनेत्र महाविद्यालय में ’वर्तमान राजनीति में युवाओं की भूमिका’ पर संगोष्ठी का आयोजन किया गयौ। जिसकी अध्यक्षता छात्रसभा जिलाध्यक्ष श्याम अचल यादव ने किया। इस मौके पर वक्ताओं ने युवाओं और छात्रों पर चिंता व्यक्त की। इस अवसर पर छात्रसभा के प्रदेश उपाध्यक्ष अजीत यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में युवाओं और छात्रों की दुर्दशा किसी से छुपी नहीं है। भाजपा की विनाशकारी नीतियों के चलते ही युवाओं को बेरोजगारी की मार झेलनी पड़ रही है। छात्रों व युवाओं की सबसे बड़ी हितैषी सपा है। सपा में ही युवाओं को सबसे बड़ी राजनीतिक भागीदारी व सम्मान दिया जाता है। उन्होने कहा कि सपा मुखिया अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए प्रत्येक बूथ पर युवाओं की मजबूत टीम बनाई है। सपा कार्यवाहक जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने कहा कि भाजपा सरकार में प्रदेश बदहाल हो गया है प्रदेश को फिर से खुशहाली की तरफ ले जाने के लिए सपा सरकार जरूरी है। कहा कि सपा में युवाओं को सम्मान देने के साथ पिछड़े वर्ग को भी सम्मान व अधिकार देने का काम समाजवादी पार्टी में ही है। छात्रसभा के जिलाध्यक्ष श्याम अचल यादव ने कहा कि छात्र राजनीति छात्रसंघ चुनाव से होती है लेकिन भाजपा सरकार ने छात्रसंघ चुनाव पर पाबंदी लगा दी है। युवाओ को राजनीति में आने से रोका गया है। सपा की सरकार बनने पर छात्रसंघ चुनाव की बहाली की जायेगी। संगोष्ठी में डा0 संतोष कुमार सिंह, सुरेन्द्र सिंह पटेल, आशीष यादव, मुन्नी यादव, राजेश भारती, अभय यादव, कन्हैया यादव, प्रियांशु मोदनवाल, हर्षित श्रीवास्तव, विनय बिन्द, भूपेन्द्र सिंह, योगेन्द्र कोल, आकाश बिन्द, दिनेश पाल, अर्जुन मौर्या, अंकित यादव आदि बड़ी संख्या में छात्र और नौजवान मौजूद रहें।1
- आईएएस से इस्तीफा देने वाली चुनाव लड़ेंगी दिव्या मित्तल दिव्या मित्तल ने राजनीति में आने का किया ऐलान दिव्या मित्तल बोलीं- मुझे आवाज बनना है, आवाज से वंचित लोगों की आवाज कहा- राजनीति बदलनी होगी, इरादे की राजनीति करनी होगी दिव्या मित्तल का ऐलान- किसी दल के साथ नहीं, केवल लोगों के साथ राजनीति करूंगी ‘जिन झंडों के नीचे 80 साल में हिसाब नहीं बदला, उनके नीचे खड़े होकर हिसाब नहीं मांगा जा सकता’ दिव्या मित्तल बोलीं- मुझे स्कूल, सड़क, पुल और सरकारी जमीनों का हिसाब चाहिए ‘जब फिक्र नहीं होती तो मौत हादसा नहीं, फैसला होती है’ दिव्या मित्तल का राजनीतिक सिस्टम पर हमला- सत्ता है, शोर है, पर सोच नहीं है ‘मुझे उस ना सोचने का हिसाब चाहिए’ राजनीति में पैसा और बाहुबल को लेकर भी दिव्या मित्तल का बड़ा बयान ‘चुनाव में बहाया जाने वाला पैसा हमारी सड़क, पुल और स्कूल से आता है’ जाति-धर्म के समीकरण पर बोलीं- मैंने कभी किसी का नाम पूछकर न्याय नहीं किया ‘80 साल तक इन्होंने समीकरण बिठाए और देश भी बैठा रह गया’ दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश से राजनीतिक शुरुआत का किया ऐलान ‘उत्तर प्रदेश की मिट्टी ही मेरी कर्मभूमि, शुरुआत यहीं से होगी’ दिव्या मित्तल की अपील- मुझ पर भरोसा मत करिए, अपने आप पर करिए शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील और छात्रों से जुड़ने की अपील दिव्या मित्तल बोलीं- नई राजनीति एक आदमी नहीं बना सकता, इसमें सबका साथ लगेगा ‘अस्सी साल से हम नेता या मसीहा का इंतजार कर रहे हैं, जिसका इंतजार था वो हम खुद हैं’ दिव्या मित्तल का नया नारा- ‘चलिए हिसाब मांगते हैं’1
- आईएएस पद से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल को लेकर बड़ी खबर - “चलिए, हिसाब मांगते हैं"- दिब्या मित्तल। नित्यवार्ता डेस्क : लखनऊ। आईएएस पद से इस्तीफा देने वाली दिव्या मित्तल को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। वह अब राजनीति में एंट्री लेंगी, उन्होंने सोशल मीडिया पर खुद विडियो साझा करके इस बात की जानकारी दी है। उन्होंने अपने इस फैसले के पीछे की वजह भी बताई है। दिव्या मित्तल ने उत्तर प्रदेश से राजनीतिक शुरुआत का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की मिट्टी ही मेरी कर्मभूमि, शुरुआत यहीं से होगी। दिव्या मित्तल ने ये भी अपील किया है कि मुझ पर भरोसा मत करिए, अपने आप पर करिए। उन्होंने शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील और छात्रों से जुड़ने की अपील किया। उन्होंने कहा- “चलिए, हिसाब मांगते हैं" प्रशासनिक सेवा के बाद अब राजनीति में पूर्व आईएएस दिव्या मित्तल हाल ही में वी आर एस लेने के बाद जनता की आवाज बनने का ऐलान किया है। मीरजापुर और देवरिया समेत कई जिलों में डीएम रहीं दिव्या मित्तल ने कहा “हिसाब चाहिए, न्याय चाहिए, डरना नहीं है। अपने राजनीतिक सफर का संकेत देते हुए दिब्या मित्तल ने कहा कि वह राजनीति किसी दल के साथ नहीं, जनता के साथ करेंगी। अफसर के तौर पर जिलों की कमान संभालने के बाद अब जनता के मुद्दों पर सवाल उठाने की तैयारी है। उनका आह्वान है- “चलिए, हिसाब मांगते हैं।”1
- 17 the सितम्बर २५वर्ष सेवा संकल्प यात्रा को जन्मदिन पर आशीर्वाद का दिया १७सितम्बर प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस पर आशीर्वाद का दिया कार्यक्रम में विधायक सुचिता मौर्य प्रधान संतोष यादव जी भाजपा सदस्य महराज परमेश्वर दास जी व ग्रामीणों ने हिस्सा लिया 🍁1
- मिर्ज़ापुर: गंगा किनारे मंदिर के पास मिला 15 फीट का अजगर, वन विभाग ने किया रेस्क्यू।1
- कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग ‘वोट चोर कहां मिलेंगे...’ के नारों से गूंजा परिसर, पिंजरे में CEC की तस्वीर रख जताया विरोध कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की मांग ‘वोट चोर कहां मिलेंगे...’ के नारों से गूंजा परिसर, पिंजरे में CEC की तस्वीर रख जताया विरोध1
- चर्चित IAS अधिकारी ने वीडियो जारी कर रखी अपनी बात, जनता से समर्थन और राय मांगी।1