राजस्थान में इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्दति रच रही इतिहास - सस्ती और हानि रहित औषधियों से कई मरीज़ों को हुआ लाभ ✍ ..*आज़ाद शेरवानी* इलेक्ट्रोपैथी नाम सुनते ही मन में इलेक्ट्रिसिटी की कोई शाखा या इससे उपचार मन में आता है ऐसा बिल्कुल नहीं इलेक्ट्रोपैथी एक हर्बल चिकित्सा पद्धति है जिसमें औषधीयों का निर्माण पेड़ पौधों के अर्थ द्वारा किया जाता है इस चिकित्सा पद्धति का अन्य किसी चिकित्सा पद्धति से कोई संबंध नहीं है यह एक पूर्ण शुद्ध तथा हानि रहित चिकित्सा पद्धति है राजस्थान में वर्ष 2018 में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया के कार्यकाल में इस चिकित्सा पद्धति को राजस्थान में मान्यता प्राप्त होने का गौरव हासिल हुआ पिछले वर्ष राजस्थान में इस चिकित्सा पद्धति का बोर्ड स्थापित कर दिया गया राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के सहयोग से यह हर्बल चिकित्सा पद्धति राजस्थान में विकास के नए आयाम छूने को तत्पर है इलेक्ट्रोपैथी आज राजस्थान में मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धतियों में से एक चिकित्सा पद्धति हे इलेक्ट्रोपैथी के वरिष्ठ चिकित्सक शादाब अहमद बताते हैं कि वह 23 साल से इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति से सैकड़ो मरीजों को लाभ पहुंच चुके हैं मरीजों का पहला और बात का पूरा डाटा संरक्षित रखा जाता है इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति में बिना ऑपरेशन के पथरी की चिकित्सा की जाती है इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा परिषद जयपुर के द्वारा समय-समय पर संपूर्ण राजस्थान में निशुल्क कैंपों का आयोजन होता है, इससे राजस्थान के जन-जन को इस चिकित्सा पद्धति का लाभ हो रहा है यह एक सस्ती सुलभ, हानि रहित पूर्ण रूप से हर्बल चिकित्सा पद्धति हे केथुन निवासी 18 वर्षीय दिलदार कादरी ने बताया कि इलेक्ट्रोपैथी से मेरा गॉलब्लैडर स्टोन सही हुआ मुझे चिकित्सक ने पिट में दस एम एम की पथरी बताई तथा सर्जरी करवाने को कहा पर मैं इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सक शादाब अहमद से मिला चिकित्सक ने मुझे नियमित दवा लेने को कहा सात माह के इलाज से मेरी पथरी बिल्कुल ठीक हुई मैं सर्जरी से बच गया चन्द्रेसल रोड़ निवासी सरकारी स्कूल के अध्यापक मोहम्मद जावेद ने बताया कि मेरे गुर्दे की पथरी कब निकल गई पता भी नहीं चला सोनोग्राफी में गुर्दे में सात एम एम की पथरी आई, किसी ने इलेक्ट्रोपैथी के बारे में बताया एक महीने की दवा में पथरी निकल गई
राजस्थान में इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्दति रच रही इतिहास - सस्ती और हानि रहित औषधियों से कई मरीज़ों को हुआ लाभ ✍ ..*आज़ाद शेरवानी* इलेक्ट्रोपैथी नाम सुनते ही मन में इलेक्ट्रिसिटी की कोई शाखा या इससे उपचार मन में आता है ऐसा बिल्कुल नहीं इलेक्ट्रोपैथी एक हर्बल चिकित्सा पद्धति है जिसमें औषधीयों का निर्माण पेड़ पौधों के अर्थ द्वारा किया जाता है इस चिकित्सा पद्धति का अन्य किसी चिकित्सा पद्धति से कोई संबंध नहीं है यह एक पूर्ण शुद्ध तथा हानि रहित चिकित्सा पद्धति है राजस्थान में वर्ष 2018 में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे सिंधिया के कार्यकाल में इस चिकित्सा पद्धति को राजस्थान में मान्यता प्राप्त होने का गौरव हासिल हुआ पिछले वर्ष राजस्थान में इस चिकित्सा पद्धति का बोर्ड स्थापित कर दिया गया राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के सहयोग से यह हर्बल चिकित्सा पद्धति राजस्थान में विकास के नए आयाम छूने को तत्पर है इलेक्ट्रोपैथी आज राजस्थान में मान्यता प्राप्त चिकित्सा पद्धतियों में से एक चिकित्सा पद्धति हे इलेक्ट्रोपैथी के वरिष्ठ चिकित्सक शादाब अहमद बताते हैं कि वह 23 साल से इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति से सैकड़ो मरीजों को लाभ पहुंच चुके हैं मरीजों का पहला और बात का पूरा डाटा संरक्षित रखा जाता है इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सा पद्धति में बिना ऑपरेशन के पथरी की चिकित्सा की जाती है इलेक्ट्रो होम्योपैथी चिकित्सा परिषद जयपुर के द्वारा समय-समय पर संपूर्ण राजस्थान में निशुल्क कैंपों का आयोजन होता है, इससे राजस्थान के जन-जन को इस चिकित्सा पद्धति का लाभ हो रहा है यह एक सस्ती सुलभ, हानि रहित पूर्ण रूप से हर्बल चिकित्सा पद्धति हे केथुन निवासी 18 वर्षीय दिलदार कादरी ने बताया कि इलेक्ट्रोपैथी से मेरा गॉलब्लैडर स्टोन सही हुआ मुझे चिकित्सक ने पिट में दस एम एम की पथरी बताई तथा सर्जरी करवाने को कहा पर मैं इलेक्ट्रोपैथी चिकित्सक शादाब अहमद से मिला चिकित्सक ने मुझे नियमित दवा लेने को कहा सात माह के इलाज से मेरी पथरी बिल्कुल ठीक हुई मैं सर्जरी से बच गया चन्द्रेसल रोड़ निवासी सरकारी स्कूल के अध्यापक मोहम्मद जावेद ने बताया कि मेरे गुर्दे की पथरी कब निकल गई पता भी नहीं चला सोनोग्राफी में गुर्दे में सात एम एम की पथरी आई, किसी ने इलेक्ट्रोपैथी के बारे में बताया एक महीने की दवा में पथरी निकल गई
- जम्मू कश्मीर के उधमपुर जिले में खागोट गांव के पास गहरी खाई में गिरी यात्री बस, 21 की मौत...1
- ALLEN जेईई मेन : ऑल इंडिया रैंक 1 पिता : मोहित छिल्लर (आईआईटीयन) माता : प्रियंका छिल्लर (प्राइवेट टीचर) जन्मतिथिः 30 जुलाई 2008 एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट कोटा के क्लासरूम स्टूडेंट कबीर छिल्लर ने जेईई मेन सेशन-1 में परफेक्ट स्कोर 300 में से 300 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त की है। सेशन-2 की परीक्षा में शामिल नहीं हुए। परिवार मूलतः दिल्ली-एनसीआर गुरूग्राम से है। पिछले दो वर्षों से एलन कॅरियर इंस्टीट्यूट के रेगुलर क्लासरुम स्टूडेंट कबीर की यह उपलब्धि लगातार मेहनत, सटीक रणनीति और सेल्फ एनालिसिस का परिणाम है। कबीर के पिता मोहित छिल्लर आईआईटीयन हैं और वर्तमान में दिल्ली एनसीआर में एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, जबकि मां प्रियंका छिल्लर प्राइवेट स्कूल में टीचर हैं। कबीर इससे पहले 10वीं कक्षा 98 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण कर चुके हैं। कबीर ने बताया कि मेरी सक्सेस का मुख्य कारण फैकल्टीज का गाइडेंस मानता हूं, साथ ही मैंंने अपने पढ़ाई करने के तरीके को भी अलग बनाया है। क्योंकि मैं सेल्फ स्टडीज में अटेंशन स्पान और क्वालिटी देखता हूं। हर टेस्ट के बाद खुद का एनालिसिस किया और जहां कमी थी, उसी पर सबसे ज्यादा फोकस किया। मैं एग्जाम से पहले स्टडी स्ट्रेटेजी को फाइन ट्यून करता हूं। नियमित मॉक टेस्ट देने के साथ-साथ हर पेपर का डीपली एनालिसिस किया, जिससे मेरी एक्यूरेसी और टाइम मैनेजमेंट दोनों बेहतर होते चले गए। कॉन्सेप्ट क्लियर होना सबसे जरूरी है। रटने की बजाय हर टॉपिक को समझना और उसे एप्लाई करना ही मेरी सबसे बड़ी ताकत रही। पढ़ाई को छोटे-छोटे टारगेट्स में बांटा, शॉर्ट नोट्स बनाए और नियमित रिवीजन को अपनी आदत बनाया। गलतियों को दोहराने से बचने के लिए मैं हर टेस्ट के बाद कमजोरियों पर फोकस करता था। मैं दोस्तों के साथ समय बिताता हूं, जिससे मानसिक रूप से रिफ्रेश रहने में मदद मिलती है। भविष्य को लेकर मेरा लक्ष्य स्पष्ट है। आईआईटी मुम्बई से कम्प्यूटर साइंस ब्रांच में बीटेक करने के बाद वर्ल्ड की नंबर-1 मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता हूं।1
- कोटा शहर। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कमला उद्यान (लैंडमार्क सिटी) में “मीडिया द्वारा आध्यात्मिक जागरण से विश्व परिवर्तन” विषय पर एक भव्य सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न स्थानों से आए मीडिया प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और आध्यात्मिकता व सकारात्मक सोच के महत्व पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता माउंट आबू से पधारे बीके कोमल (मीडिया प्रभारी, मधुबन न्यूज़) ने अपने संबोधन में कहा कि मीडिया प्रजातंत्र का चौथा स्तंभ है और इसकी भूमिका समाज को दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। शुरू एप के लिए सूचना इंडिया से जेबा पटेल की स्पेशल सेटेलाइट रिपोर्ट बॉय मीडिया हाउस राजस्थान न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Kishan Lal jangid1
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- रावतभाटा क्षेत्र में एक बार फिर वन क्षेत्र में आग लगने की घटना सामने आई । ग्रामवासी दिनेश कुमार नायक द्वारा दी गई सूचना के अनुसार, कोटड़ा के बालाजी से पहले बस्सी मोड़ स्थित जावदा वन क्षेत्र में रात्रि लगभग 7:20 बजे आग लग गई है । सूचना मिलते ही रावतभाटा नगर पालिका का अग्निशमन दल तुरंत मौके पर पहुंचा। घटनास्थल पर मुख्य मार्ग के किनारे एवं वन क्षेत्र में सूखी पत्तियों, झाड़ियों और घास में आग तेजी से फैल रही थी। अग्निशमन दल ने होज रील, होज पाइप एवं बीटिंग मेथड का उपयोग करते हुए आग पर काबू पाने का अभियान शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद आग को पूरी तरह बुझा दिया गया। इस दौरान अग्निशमन विभाग के अमित भाटी, चुन्नी सिंह, साहिल खान, हर्ष सहित वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर मौजूद रहे। सभी के संयुक्त प्रयास से स्थिति पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। आग से बचाव हेतु सुझाव -वन क्षेत्रों में जलती हुई बीड़ी, सिगरेट या माचिस की तीली न फेंकें। सूखी घास या कचरे को जलाने से बचें, विशेषकर गर्मी के मौसम में। खेतों में फसल अवशेष जलाने पर नियंत्रण रखें। किसी भी स्थान पर आग लगने की सूचना तुरंत अग्निशमन या वन विभाग को दें। अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता अभियान भी लगातार चलाए जा रहे हैं। सावधानी और जागरूकता से ऐसी घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता1
- AIR 1 कबीर छिल्लर अभी मुंबई में ओलंपियाड के कैंप के लिए गया हुआ है। ये वीडियो अभी वही से शूट किया गया है।1