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भूकंप से तबाह हुई एक इमारत के मलबे में दबी एक मासूम जान को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह भावुक क्षण राहत और बचाव अभियान की सबसे बड़ी सफलता बनकर उभरा है। बचावकर्मियों की तेज़ कार्रवाई और अथक प्रयासों के कारण ही यह संभव हो पाया, जिसने एक परिवार की उम्मीदों को फिर से ज़िंदा कर दिया। इस सफल बचाव अभियान के ज़रिए रेस्क्यू टीम ने इंसानियत की एक मिसाल पेश की है, जो मलबे से निकली ज़िंदगी की नई उम्मीद को दर्शाती है।
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भूकंप से तबाह हुई एक इमारत के मलबे में दबी एक मासूम जान को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह भावुक क्षण राहत और बचाव अभियान की सबसे बड़ी सफलता बनकर उभरा है। बचावकर्मियों की तेज़ कार्रवाई और अथक प्रयासों के कारण ही यह संभव हो पाया, जिसने एक परिवार की उम्मीदों को फिर से ज़िंदा कर दिया। इस सफल बचाव अभियान के ज़रिए रेस्क्यू टीम ने इंसानियत की एक मिसाल पेश की है, जो मलबे से निकली ज़िंदगी की नई उम्मीद को दर्शाती है।
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- आज 28 जून 2026 को नानपारा स्थित सिटी मैक्स पॉलीक्लिनिक, नवाबगंज रोड, बेलवा भारी में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ नवजीवन हॉस्पिटल नानपारा के डायरेक्टर डॉ आर.आर. निषाद जी (एमबीबीएस, एमएमए, जनरल फिजिशियन) ने मरीजों को निःशुल्क परामर्श देकर किया। शिविर में डॉ असद सिद्दीकी, डॉ शाजिद खान, डॉ सना फारुखी और रोहित निषाद सहित क्षेत्र के हजारों लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने इस पहल का लाभ उठाया।1
- बहराइच के महाराजा सुहेल देव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय के एमसीएच विंग में राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान जिलाधिकारी बहराइच के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार द्वारा फीता काटकर शुरू किया गया, जिसके बाद स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में जन्मे नवजात शिशुओं को पोलियो की दो बूंद पिलाकर इसकी औपचारिक शुरुआत की गई। महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. संजय खत्री ने इस पहल को बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलाई जानी चाहिए, खासकर इसलिए क्योंकि भले ही भारत पोलियो मुक्त हो चुका है, लेकिन दुनिया के कुछ हिस्सों में अभी भी पोलियो के मामले सामने आते हैं। उन्होंने अभिभावकों से देश की पोलियो पर मिली जीत को बरकरार रखने के लिए अपने बच्चों को हर बार पोलियो की खुराक दिलवाने का आग्रह किया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि अभियान की सफलता सुनिश्चित करने के लिए जिले के सभी ब्लॉकों और शहरी क्षेत्रों में पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। अभियान के पहले दिन बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी, और इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों को भी दवा पिलाएंगी जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाए। अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए सभी ब्लॉकों और शहरी क्षेत्रों में सुपरवाइजर भी तैनात किए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद पिलाकर इस पल्स पोलियो अभियान को सफल बनाने में अपना सहयोग दें। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एस.के. वर्मा, जिला टीकाकरण नोडल अधिकारी डॉ. एस.के. सिंह, अर्बन नोडल अधिकारी डॉ. पी.के. वर्मा, डब्ल्यूएचओ से डॉ. निखिल, सहायक आचार्य (स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग) डॉ. शिवांगी, अर्बन कोऑर्डिनेटर श्री अरुण, चिकित्सालय प्रबंधक, नर्सिंग अधीक्षिका, एआरओ श्री मुशर्रफ अहमद, श्री दीपक, टीकाकरण कर्मचारी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।4
- बहराइच जिले की निवासी यासमीन बानो ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में 33वीं रैंक हासिल कर बिहार प्रशासनिक सेवा में सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के समकक्ष पद पर अपना चयन सुनिश्चित किया है। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बल पर दूसरे प्रयास में मिली इस शानदार सफलता से उन्होंने पूरे बहराइच जिले का नाम रोशन किया है। यासमीन बानो पड़हुईया ग्राम पंचायत के बड़ेहरा गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता नादिर अली अयोध्या स्थित एक मदरसे में सहायक अध्यापक हैं। उनका परिवार वर्ष 1987 से अयोध्या में निवास कर रहा है, जहाँ बच्चों की शिक्षा को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिवार में तीन बेटे और यासमीन (जो सबसे छोटी हैं) समेत चार बच्चे हैं। यासमीन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा अयोध्या से पूरी करने के बाद वारंगल से बीटेक की डिग्री प्राप्त की थी। इससे पहले उन्होंने अपने पहले प्रयास में साक्षात्कार (इंटरव्यू) तक का सफर तय किया था, लेकिन तब अंतिम चयन नहीं हो सका था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और निरंतर तैयारी जारी रखी, जिसका परिणाम उन्हें दूसरे प्रयास में मिली इस सफलता के रूप में मिला। उनके परिवार में, उनके बड़े भाई प्रवक्ता बनने की तैयारी कर रहे हैं, दूसरे भाई ने आईआईटी रुड़की से इंजीनियरिंग की है और वर्तमान में दिल्ली में कार्यरत हैं, जबकि सबसे छोटे भाई एसएससी परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। यासमीन की इस उल्लेखनीय सफलता से उनके परिवार, रिश्तेदारों और पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है। ग्रामीणों, शुभचिंतकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। उनकी इस उपलब्धि को विशेष रूप से छात्राओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा के स्रोत के रूप में देखा जा रहा है। परिजनों ने यासमीन की इस सफलता का श्रेय उनकी असाधारण कड़ी मेहनत, अनुशासन, आत्मविश्वास तथा माता-पिता के सही मार्गदर्शन को दिया है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि उनकी यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को बड़े और ऊँचे लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती रहेगी।2
- उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच में अवैध मिट्टी खनन का कारोबार बेरोकटोक जारी है। थाना नानपारा कोतवाली क्षेत्र की इटहा ग्राम पंचायत और थाना मटेरा क्षेत्र की झाला ग्राम पंचायत में यह अवैध गतिविधि लगातार चल रही है। इस गंभीर मामले पर खनन विभाग, क्षेत्रीय पुलिस और राजस्व विभाग की ओर से चुप्पी साधी गई है, जिसके कारण यह कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है।1
- भूकंप से तबाह हुई एक इमारत के मलबे में दबी एक मासूम जान को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह भावुक क्षण राहत और बचाव अभियान की सबसे बड़ी सफलता बनकर उभरा है। बचावकर्मियों की तेज़ कार्रवाई और अथक प्रयासों के कारण ही यह संभव हो पाया, जिसने एक परिवार की उम्मीदों को फिर से ज़िंदा कर दिया। इस सफल बचाव अभियान के ज़रिए रेस्क्यू टीम ने इंसानियत की एक मिसाल पेश की है, जो मलबे से निकली ज़िंदगी की नई उम्मीद को दर्शाती है।1
- उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) विशेश्वरगंज की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल एक बार फिर खुल गई है। प्रसव पीड़ा से तड़पती एक महिला की फरियाद वहां मौजूद स्टाफ नर्स ने नहीं सुनी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में ड्यूटी के दौरान स्टाफ नर्स को मेहंदी दिखाते हुए स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, वहीं अस्पताल से चिकित्सक भी नदारद बताए गए हैं, जिससे अस्पताल की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना के सामने आने और वीडियो के वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की काफी किरकिरी हो रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए CHC अधीक्षक ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं, और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस बड़ी लापरवाही के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है। यह घटना मरीजों की जान से खिलवाड़ या सिस्टम की घोर लापरवाही का नतीजा है, और विशेश्वरगंज CHC की व्यवस्थाओं को लेकर अब जवाबदेही तय होने का इंतजार किया जा रहा है।1
- Post by राजा बाबू गोस्वामी1
- बहराइच के कोतवाली मुर्तिहा क्षेत्र के गिरधरपुरवा सेमरी घटही गांव में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहाँ खेत की ओर शौच करने गए 28 वर्षीय युवक राम प्रताप पर अचानक एक तेंदुए ने हमला कर दिया। झाड़ियों में छिपे तेंदुए ने युवक के हाथ, पीठ और गर्दन पर अपने पंजे व दांतों से वार किए, जिससे राम प्रताप गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण मौके पर दौड़े और शोर मचाया, जिसके बाद लोगों की भीड़ देखकर तेंदुआ जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने तुरंत एएलएस एंबुलेंस को सूचित किया और राम प्रताप को गंभीर हालत में बहराइच मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, घायल युवक की हालत नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई है। क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है, जिसके मद्देनजर वन विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और अकेले खेतों की ओर न जाने की अपील की है। साथ ही, गांव में वनकर्मियों की गश्त भी बढ़ा दी गई है।4