भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बरलूट मंडल के तहत बरलूट शक्ति केंद्र में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' का सामूहिक श्रवण और संगठनात्मक बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यह कार्यक्रम रविवार सुबह 11:00 बजे श्री दत्तादर आश्रम नवारा में मंहत विष्णु गिरी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस बैठक में संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें आगामी कार्यक्रमों को लेकर 'मन की बात' कार्यक्रम को प्राथमिकता दी गई। मंडल प्रभारी हिदाराम माली ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया, वहीं बरलूट मंडल महामंत्री खेताराम लोहार ने अपने संबोधन में संगठन के प्रति समर्पण, ईमानदारी और वफादारी से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से पार्टी के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करने तथा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया, जिससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ। हिदाराम माली ने अपने संबोधन में 'मन की बात' कार्यक्रम के महत्व पर भी प्रकाश डाला, इसे देश के प्रत्येक नागरिक को प्रेरणा देने वाला बताया और कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर मंडल मंत्री हनुमत सिंह, शक्ति केंद्र प्रभारी जबरसिंह सोलंकी, बूथ अध्यक्ष नारायण रावल, नाथू सिंह देवड़ा, कपूराराम मेघवाल, चंदन गोस्वामी, मुकेश भारती, सीता देवी, निरमा देवी सहित अन्य कार्यकर्ता और मातृशक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। सभी ने प्रधानमंत्री के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम के सफल आयोजन से कार्यकर्ताओं में उत्साह का वातावरण देखने को मिला, और सभी ने आगामी कार्यक्रमों को इसी प्रकार सफल बनाने का संकल्प लिया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बरलूट मंडल के तहत बरलूट शक्ति केंद्र में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' का सामूहिक श्रवण और संगठनात्मक बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यह कार्यक्रम रविवार सुबह 11:00 बजे श्री दत्तादर आश्रम नवारा में मंहत विष्णु गिरी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस बैठक में संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें आगामी कार्यक्रमों को
लेकर 'मन की बात' कार्यक्रम को प्राथमिकता दी गई। मंडल प्रभारी हिदाराम माली ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया, वहीं बरलूट मंडल महामंत्री खेताराम लोहार ने अपने संबोधन में संगठन के प्रति समर्पण, ईमानदारी और वफादारी से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से पार्टी के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करने तथा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने में
सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया, जिससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ। हिदाराम माली ने अपने संबोधन में 'मन की बात' कार्यक्रम के महत्व पर भी प्रकाश डाला, इसे देश के प्रत्येक नागरिक को प्रेरणा देने वाला बताया और कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर मंडल मंत्री हनुमत सिंह, शक्ति केंद्र
प्रभारी जबरसिंह सोलंकी, बूथ अध्यक्ष नारायण रावल, नाथू सिंह देवड़ा, कपूराराम मेघवाल, चंदन गोस्वामी, मुकेश भारती, सीता देवी, निरमा देवी सहित अन्य कार्यकर्ता और मातृशक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। सभी ने प्रधानमंत्री के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम के सफल आयोजन से कार्यकर्ताओं में उत्साह का वातावरण देखने को मिला, और सभी ने आगामी कार्यक्रमों को इसी प्रकार सफल बनाने का संकल्प लिया।
- Suresh Chouhan Reporterसिरोही, सिरोही, राजस्थान🤝8 hrs ago
- पाली जिले की बाली तहसील के ग्राम लाटाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी ने पटवारी विक्रम धीर को ₹8 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा, जिससे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, एक परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि पटवारी विक्रम धीर सीमांकन कार्य के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत के सत्यापन के बाद एसीबी पाली प्रथम के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र डूंगरिया के नेतृत्व में एक टीम ने पटवारी को पकड़ने की योजना बनाई। शिकायत सही पाए जाने पर एसीबी अधिकारियों ने जाल बिछाया और पटवारी विक्रम धीर को ₹8 हजार की रिश्वत राशि लेते समय दबोच लिया। ट्रैप की कार्रवाई के बाद, एसीबी की टीम आरोपी पटवारी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही, उसके कार्यालय और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक एसीबी की यह कार्रवाई जारी थी। एसीबी की इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। मामले की जांच अभी जारी है और एसीबी द्वारा आगामी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- राजस्थान के पाली जिले की बाली तहसील के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बीसलपुर के वार्ड नंबर 2 और 5 में मुख्य सड़क पर चलने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर बड़े वाहनों के गुजरने के दौरान, राहगीरों के पास से गाड़ी निकलने पर पानी उछलकर उनके कपड़ों पर आ जाता है। इससे पैदल आने-जाने वाले लोगों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है।1
- डुठारिया नगरी में 31 मई 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर जणवा समाज द्वारा आयोजित पुनम उजणवे महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के साथ भव्य रूप से संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में राजस्थान के साथ-साथ गुजरात, मुंबई, पुणे और विभिन्न क्षेत्रों से हजारों समाजबंधुओं ने भाग लिया। महोत्सव की पूर्व संध्या पर, महिला मंडल ने एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया, जिसका शुभारंभ माँ हिंगलाज माताजी की आरती के साथ हुआ। प्रसिद्ध भजन गायक शंकर टांक एंड पार्टी ने अपनी भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध रखा। भजन संध्या में संत महापुरुषों की महिमा के साथ जोधाराम महाराज और गजानन जी महाराज के प्रेरणादायी प्रसंगों का गुणगान किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण MA Films Live द्वारा गणेश भाई जणवा आना के नेतृत्व में सफलतापूर्वक किया गया, जिससे देश-विदेश में रहने वाले समाजबंधुओं ने भी इस कार्यक्रम का लाभ उठाया। ज्येष्ठ पूर्णिमा की सुबह, एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं और कन्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। धार्मिक जयघोषों और मंगल गीतों के साथ निकली यह यात्रा आकर्षण का केंद्र रही। इसके बाद धार्मिक कथा और एक विशाल हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य आकर्षण 150 जोड़ों द्वारा संपन्न विशाल वैदिक हवन-यज्ञ था। इस धार्मिक अनुष्ठान को 41 विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न करवाया, और इसका संचालन पंडित कन्या महाराज अटाटिया के मार्गदर्शन एवं देखरेख में हुआ। श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए आहुतियां अर्पित कीं। इस महोत्सव में लगभग 8 से 9 हजार श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई, जिनमें जणवा समाज के 22 गांवों के पंच-पटेल, वरिष्ठजन, महिलाएं, पुरुष, युवा और प्रवासी समाजबंधु बड़ी संख्या में शामिल थे। गुजरात, मुंबई और पुणे से भी हजारों समाजजन विशेष रूप से कार्यक्रम में उपस्थित हुए। श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद एवं भोजन की व्यवस्था इंदर कैटर्स लुणावा द्वारा की गई, जबकि किराणा सामग्री की व्यवस्था जोधाराम जणवा (चामुंडा किराणा स्टोर, डुठारिया) और टेंट व मंच की व्यवस्था असाराम जी जणवा ने संभाली। विशेष हवन यज्ञ के लिए चुनड़ी, साफ़ा और गमछा मातेश्वरी कलेक्शन राजू सोलंकी डुठारिया द्वारा प्रदान किए गए। यह विशाल धार्मिक आयोजन परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 करुणाकरणदासजी महाराज केसूली और श्री राघवदासजी महाराज डुठारिया के पावन सानिध्य में संपन्न हुआ। संतों ने धर्म, संस्कार, शिक्षा और सामाजिक एकता का संदेश देते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में ग्रामवासियों, पुलिस प्रशासन और विभिन्न विभागों का सराहनीय सहयोग रहा। सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिससे हजारों लोगों की उपस्थिति के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सका। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में समाराम रावलिया, प्रकाश सोलंकी, धर्मेंद्र भाई जणवा, नगाराम रावलिया, जगदीश जणवा, पुनाराम सोलंकी, फुआराम, नगाराम सोलंकी, ओगडराम भीकाजी, मनाराम हकाजी, भगाराम चौधरी, कानाराम चौधरी, नेमाराम दलाजी, समाराम वागाजी, पुराराम वागाजी सहित अनेक समाजसेवियों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।1
- जालौर में सोमवार को मुस्लिम वेलफेयर चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमान ज़ुल्फीकार अली भुट्टो सा और उनके कमेटी सदस्यों ने भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ओबाराम देवासी का हार्दिक अभिनंदन किया। यह सम्मान ओबाराम देवासी के प्रदेश ओबीसी उपाध्यक्ष बनने के उपलक्ष्य में किया गया, जहाँ उन्हें माला पहनाई गई और साफा बाँधकर बहुमान किया गया।3
- राजस्थान के डुठारिया में जणवा समाज द्वारा 31 मई 2026 को ज्येष्ठ पूर्णिमा के पावन अवसर पर पुनम उजणवे महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। यह महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक एकता के साथ सम्पन्न हुआ, जिसमें राजस्थान, गुजरात, मुंबई, पुणे सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों समाजबंधुओं ने भाग लेकर इसे ऐतिहासिक बना दिया। महोत्सव की पूर्व संध्या पर महिला मंडल ने एक भव्य भजन संध्या का आयोजन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ माँ हिंगलाज माताजी की आरती के साथ हुआ, जिसके बाद प्रसिद्ध भजन गायक शंकर टांक एंड पार्टी ने भक्तिमय प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को देर रात तक मंत्रमुग्ध रखा। भजन संध्या में संत महापुरुषों की महिमा और जोधाराम महाराज एवं गजानन जी महाराज के प्रेरणादायी प्रसंगों का गुणगान किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण MA Films Live द्वारा किया गया, जिसका संचालन गणेश भाई जणवा आना के नेतृत्व में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ और देश-विदेश में रहने वाले समाजबंधुओं ने भी लाइव प्रसारण के माध्यम से इसका लाभ उठाया। ज्येष्ठ पूर्णिमा की सुबह भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों महिलाओं एवं कन्याओं ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लिया। धार्मिक जयघोषों और मंगल गीतों के साथ निकली यह यात्रा आकर्षण का केंद्र रही। इसके उपरांत धार्मिक कथा और एक विशाल हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। महोत्सव का मुख्य आकर्षण 150 जोड़ों द्वारा सम्पन्न विशाल वैदिक हवन-यज्ञ रहा, जिसे 41 विद्वान पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न करवाया। संपूर्ण यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठानों का संचालन पंडित कन्या महाराज अटाटिया के मार्गदर्शन एवं देखरेख में हुआ। श्रद्धालुओं ने परिवार, समाज एवं राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली के लिए आहुतियां अर्पित कीं। इस विशाल आयोजन में लगभग 8 से 9 हजार श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। जणवा समाज के 22 गांवों के पंच-पटेल, वरिष्ठजन, महिलाएं, पुरुष, युवा एवं प्रवासी समाजबंधु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विशेष रूप से गुजरात, मुंबई एवं पुणे से भी हजारों समाजजन कार्यक्रम में शामिल हुए। श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद व भोजन व्यवस्था इंदर कैटर्स लुणावा द्वारा की गई, जबकि किराणा सामग्री की व्यवस्था जोधाराम जणवा (चामुंडा किराणा स्टोर, डुठारिया) ने संभाली। टेंट एवं मंच की व्यवस्था असाराम जी जणवा द्वारा की गई, और विशेष हवन यज्ञ के लिए चुनडी, साफ़ा, गमछा की व्यवस्था मातेश्वरी कलेक्शन राजु सोलंकी डुठारिया ने की। यह विशाल धार्मिक आयोजन परम पूज्य महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 करुणाकरणदासजी महाराज केसूली एवं श्री राघवदासजी महाराज डुठारिया के पावन सानिध्य में सम्पन्न हुआ। संतों ने धर्म, संस्कार, शिक्षा एवं सामाजिक एकता का संदेश देते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। महोत्सव की व्यवस्थाओं में ग्रामवासियों, पुलिस प्रशासन एवं विभिन्न विभागों का सराहनीय सहयोग रहा। सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में सभी का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिससे हजारों लोगों की उपस्थिति के बावजूद कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को सफल बनाने में समाराम रावलिया, प्रकाश सोलंकी, धर्मेंद्र भाई जणवा, नगाराम रावलिया, जगदीश जणवा, पुनाराम सोलंकी, फुआराम, नगाराम सोलंकी, ओगडराम भीकाजी, मनाराम हकाजी, भगाराम चौधरी, कानाराम चौधरी, नेमाराम दलाजी, समाराम वागाजी, पुराराम वागाजी सहित अनेक समाजसेवियों एवं कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।2
- भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच रानीवाड़ा के कुछ प्रबुद्ध नागरिकों ने लगभग डेढ़ महीने से मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। यह सेवा कार्य लोगों को शुद्ध एवं ठंडे पानी की व्यवस्था करके राहत पहुँचाने के उद्देश्य से लगातार जारी है, जिसका लाभ प्रतिदिन बड़ी संख्या में राहगीर, वाहन चालक, मजदूर और आमजन उठा रहे हैं। जहाँ गर्मी के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है, वहीं यह सेवा दल पूरे समर्पण और निस्वार्थ भाव से लोगों की प्यास बुझाने में जुटा हुआ है। सेवा से जुड़े सदस्य रोजाना समय निकालकर पानी की व्यवस्था करते हैं, ताकि हर आने-जाने वाले व्यक्ति को शुद्ध और ठंडा पानी मिल सके। इस पुनीत कार्य में जसम भाई, देवल भाई राठी, पी.के. भाई, राजू भाई, हरीश जी, सुरेंद्र सिंह जी, जगदीश जी, बमर जी, गिरीश जी सहित कई अन्य समाजसेवी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं। विशेष बात यह है कि दो विद्यार्थी भी इस अभियान से जुड़कर सेवा कार्य में सहयोग कर रहे हैं, जो युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश है। सेवा से जुड़े इन लोगों का मानना है कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और गर्मी के इस कठिन समय में पानी उपलब्ध कराना एक पुण्य का कार्य है, जिसे वे भगवान की कृपा मानते हुए पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ निभा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे भीषण गर्मी में आमजन के लिए किसी वरदान से कम नहीं बताया है। इस प्रयास से राहगीरों को शुद्ध एवं ठंडा पानी तो मिल ही रहा है, साथ ही समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत हो रही है। सेवा दल के सदस्यों ने बताया कि उनका यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक बरसात का मौसम नहीं आ जाता। रानीवाड़ा के इन प्रबुद्धजनों की यह पहल न केवल मानवता का संदेश दे रही है, बल्कि समाज में परोपकार और सेवा की भावना को भी प्रोत्साहित कर रही है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करेगी।1
- पाली जिले के बीसलपुर ग्राम में वार्ड नंबर 02 और वार्ड नंबर 05 को जोड़ने वाली सड़कों पर पिछले तीन महीनों से गहरे गड्ढे बने हुए हैं। इन गड्ढों के कारण ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर, सड़कों पर जमा पानी से राहगीरों के ऊपर लगातार छींटे उड़ते रहते हैं, जिससे उनकी दिक्कतें और भी बढ़ गई हैं और लोग बेहद परेशान हैं।1
- सायला स्थित बाड़मेर-बागोड़ा हाईवे पर बने राणा वाराह दहिया सर्कल पर सोमवार को मूल पुरुष एवं वीर शासक राणा वाराह दहिया की 831वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई गई। इस जयंती समारोह में दहियावटी क्षेत्र के दहिया राजपूत समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का आरंभ राणा वाराह दहिया की अश्वारूढ़ तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके उपरांत, उपस्थित समाजबंधुओं ने राणा वाराह दहिया के जयघोष लगाए, जिससे पूरा वातावरण गूंज उठा। समारोह के दौरान दहिया सरदारों ने अपनी पारंपरिक शैली में तलवारबाजी का प्रदर्शन किया, वहीं ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ जयंती का यह उत्सव मनाया गया। समाज के वक्ताओं ने राणा वाराह दहिया के जीवन, शौर्य और ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि 12वीं शताब्दी में राणा वाराह दहिया का जालौर रियासत के 84 गांवों पर स्वतंत्र शासन था और उनके वंशजों ने इस शासन को वर्ष 1730 ईस्वी तक संभाला। वक्ताओं ने यह भी बताया कि वर्तमान में भी जालौर का एक विशाल क्षेत्र दहियावटी के नाम से जाना जाता है। राणा वाराह दहिया मूलतः परबतसर (नागौर) के शासक थे, जो द्वारकाधीश के दर्शनार्थ गुजरात जाते समय जालौर पहुंचे। वहां के तत्कालीन शासक कुंतपाल परमार ने अपनी पुत्री का विवाह उनसे किया और उन्हें कुछ गांव जागीर के रूप में प्रदान किए। उनके शौर्य और नेतृत्व से प्रभावित होकर बाद में एक विस्तृत क्षेत्र उनके अधीन आया, जिस पर उनके वंशजों ने लंबे समय तक शासन किया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने राणा वाराह दहिया के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया। जयंती समारोह में मंगलसिंह सायला, राणा पहाड़सिंह देता, भंवरसिंह सुराणा, पहाड़सिंह बावतरा, धनसिंह ओटवाला, मानसिंह चौराऊ, जबरसिंह आंसाणा, परबतसिंह आंसाणा, बलवंतसिंह तूरा, दुर्जनसिंह सुराणा, रवींद्रसिंह राणावत, नरेंद्रसिंह ओटवाला, शंभूसिंह चौराऊ, किरणसिंह भूण्डवा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।2
- जालोर जिले के भीनमाल में देवासी समाज के एक युवक पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सोमवार से उपखंड कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है। धरनार्थी इस घटना में शामिल मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रशासन को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। पूर्व विधायक पूराराम चौधरी ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि 22 मई को शहर के मुख्य मार्ग पर एक युवक पर वाहन चढ़ाकर जानलेवा हमला किया गया था। उन्होंने इस कृत्य को कानून को हाथ में लेने जैसा बेहद निंदनीय बताया और कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है, लेकिन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी आवश्यक है। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सांवलाराम देवासी ने भी दोहराया कि समाज मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, जिसके लिए सोमवार से उपखंड कार्यालय के बाहर यह अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया। समाजसेवी शेखर व्यास ने चेतावनी दी कि यद्यपि धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से दिया जा रहा है, पर इसका यह अर्थ नहीं है कि समाज खामोश है; यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जयरूपाराम माली ने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं के आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है, अन्यथा आमजन में भय और असुरक्षा का माहौल बनेगा। इस अवसर पर स्वामी दिव्य स्वरूपदास महाराज, हरिसिंह सोलंकी, सीएल गहलोत, मुस्ताक खान, नरेश सुखाड़िया, नरेश अग्रवाल, पारस मोदी, कृष्णा दर्जी, भारता राम देवासी सहित अनेक वक्ताओं ने धरने को संबोधित किया। टिकमाराम देवासी, संदीप देसाई, किशोर देवासी, वरजागाराम देवासी, नारायण जांगिड़, सुनील जैन, देवाराम चौहान, भव सिंह राव सहित सैकड़ों लोग भी इस धरने में मौजूद रहे।3