सायला स्थित बाड़मेर-बागोड़ा हाईवे पर बने राणा वाराह दहिया सर्कल पर सोमवार को मूल पुरुष एवं वीर शासक राणा वाराह दहिया की 831वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई गई। इस जयंती समारोह में दहियावटी क्षेत्र के दहिया राजपूत समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का आरंभ राणा वाराह दहिया की अश्वारूढ़ तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके उपरांत, उपस्थित समाजबंधुओं ने राणा वाराह दहिया के जयघोष लगाए, जिससे पूरा वातावरण गूंज उठा। समारोह के दौरान दहिया सरदारों ने अपनी पारंपरिक शैली में तलवारबाजी का प्रदर्शन किया, वहीं ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ जयंती का यह उत्सव मनाया गया। समाज के वक्ताओं ने राणा वाराह दहिया के जीवन, शौर्य और ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि 12वीं शताब्दी में राणा वाराह दहिया का जालौर रियासत के 84 गांवों पर स्वतंत्र शासन था और उनके वंशजों ने इस शासन को वर्ष 1730 ईस्वी तक संभाला। वक्ताओं ने यह भी बताया कि वर्तमान में भी जालौर का एक विशाल क्षेत्र दहियावटी के नाम से जाना जाता है। राणा वाराह दहिया मूलतः परबतसर (नागौर) के शासक थे, जो द्वारकाधीश के दर्शनार्थ गुजरात जाते समय जालौर पहुंचे। वहां के तत्कालीन शासक कुंतपाल परमार ने अपनी पुत्री का विवाह उनसे किया और उन्हें कुछ गांव जागीर के रूप में प्रदान किए। उनके शौर्य और नेतृत्व से प्रभावित होकर बाद में एक विस्तृत क्षेत्र उनके अधीन आया, जिस पर उनके वंशजों ने लंबे समय तक शासन किया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने राणा वाराह दहिया के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया। जयंती समारोह में मंगलसिंह सायला, राणा पहाड़सिंह देता, भंवरसिंह सुराणा, पहाड़सिंह बावतरा, धनसिंह ओटवाला, मानसिंह चौराऊ, जबरसिंह आंसाणा, परबतसिंह आंसाणा, बलवंतसिंह तूरा, दुर्जनसिंह सुराणा, रवींद्रसिंह राणावत, नरेंद्रसिंह ओटवाला, शंभूसिंह चौराऊ, किरणसिंह भूण्डवा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।
सायला स्थित बाड़मेर-बागोड़ा हाईवे पर बने राणा वाराह दहिया सर्कल पर सोमवार को मूल पुरुष एवं वीर शासक राणा वाराह दहिया की 831वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई गई। इस जयंती समारोह में दहियावटी क्षेत्र के दहिया राजपूत समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का आरंभ राणा वाराह दहिया की अश्वारूढ़ तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके उपरांत, उपस्थित समाजबंधुओं ने राणा वाराह दहिया के जयघोष लगाए, जिससे पूरा वातावरण गूंज उठा। समारोह के दौरान दहिया सरदारों ने अपनी पारंपरिक शैली में तलवारबाजी का प्रदर्शन किया, वहीं ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ जयंती का यह उत्सव मनाया गया। समाज के वक्ताओं ने राणा वाराह दहिया के जीवन, शौर्य और ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि 12वीं शताब्दी में राणा वाराह दहिया का जालौर रियासत के 84 गांवों पर स्वतंत्र शासन था और उनके वंशजों ने इस शासन को वर्ष
1730 ईस्वी तक संभाला। वक्ताओं ने यह भी बताया कि वर्तमान में भी जालौर का एक विशाल क्षेत्र दहियावटी के नाम से जाना जाता है। राणा वाराह दहिया मूलतः परबतसर (नागौर) के शासक थे, जो द्वारकाधीश के दर्शनार्थ गुजरात जाते समय जालौर पहुंचे। वहां के तत्कालीन शासक कुंतपाल परमार ने अपनी पुत्री का विवाह उनसे किया और उन्हें कुछ गांव जागीर के रूप में प्रदान किए। उनके शौर्य और नेतृत्व से प्रभावित होकर बाद में एक विस्तृत क्षेत्र उनके अधीन आया, जिस पर उनके वंशजों ने लंबे समय तक शासन किया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने राणा वाराह दहिया के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया। जयंती समारोह में मंगलसिंह सायला, राणा पहाड़सिंह देता, भंवरसिंह सुराणा, पहाड़सिंह बावतरा, धनसिंह ओटवाला, मानसिंह चौराऊ, जबरसिंह आंसाणा, परबतसिंह आंसाणा, बलवंतसिंह तूरा, दुर्जनसिंह सुराणा, रवींद्रसिंह राणावत, नरेंद्रसिंह ओटवाला, शंभूसिंह चौराऊ, किरणसिंह भूण्डवा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।
- सायला स्थित बाड़मेर-बागोड़ा हाईवे पर बने राणा वाराह दहिया सर्कल पर सोमवार को मूल पुरुष एवं वीर शासक राणा वाराह दहिया की 831वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और गौरव के साथ मनाई गई। इस जयंती समारोह में दहियावटी क्षेत्र के दहिया राजपूत समाज के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। कार्यक्रम का आरंभ राणा वाराह दहिया की अश्वारूढ़ तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ। इसके उपरांत, उपस्थित समाजबंधुओं ने राणा वाराह दहिया के जयघोष लगाए, जिससे पूरा वातावरण गूंज उठा। समारोह के दौरान दहिया सरदारों ने अपनी पारंपरिक शैली में तलवारबाजी का प्रदर्शन किया, वहीं ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा के साथ जयंती का यह उत्सव मनाया गया। समाज के वक्ताओं ने राणा वाराह दहिया के जीवन, शौर्य और ऐतिहासिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि 12वीं शताब्दी में राणा वाराह दहिया का जालौर रियासत के 84 गांवों पर स्वतंत्र शासन था और उनके वंशजों ने इस शासन को वर्ष 1730 ईस्वी तक संभाला। वक्ताओं ने यह भी बताया कि वर्तमान में भी जालौर का एक विशाल क्षेत्र दहियावटी के नाम से जाना जाता है। राणा वाराह दहिया मूलतः परबतसर (नागौर) के शासक थे, जो द्वारकाधीश के दर्शनार्थ गुजरात जाते समय जालौर पहुंचे। वहां के तत्कालीन शासक कुंतपाल परमार ने अपनी पुत्री का विवाह उनसे किया और उन्हें कुछ गांव जागीर के रूप में प्रदान किए। उनके शौर्य और नेतृत्व से प्रभावित होकर बाद में एक विस्तृत क्षेत्र उनके अधीन आया, जिस पर उनके वंशजों ने लंबे समय तक शासन किया। इस अवसर पर समाज के लोगों ने राणा वाराह दहिया के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया। जयंती समारोह में मंगलसिंह सायला, राणा पहाड़सिंह देता, भंवरसिंह सुराणा, पहाड़सिंह बावतरा, धनसिंह ओटवाला, मानसिंह चौराऊ, जबरसिंह आंसाणा, परबतसिंह आंसाणा, बलवंतसिंह तूरा, दुर्जनसिंह सुराणा, रवींद्रसिंह राणावत, नरेंद्रसिंह ओटवाला, शंभूसिंह चौराऊ, किरणसिंह भूण्डवा सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु मौजूद रहे।2
- जालौर में सोमवार को मुस्लिम वेलफेयर चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमान ज़ुल्फीकार अली भुट्टो सा और उनके कमेटी सदस्यों ने भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष ओबाराम देवासी का हार्दिक अभिनंदन किया। यह सम्मान ओबाराम देवासी के प्रदेश ओबीसी उपाध्यक्ष बनने के उपलक्ष्य में किया गया, जहाँ उन्हें माला पहनाई गई और साफा बाँधकर बहुमान किया गया।3
- जालोर जिले के भीनमाल में देवासी समाज के एक युवक पर हुए जानलेवा हमले के विरोध में सोमवार से उपखंड कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू हो गया है। धरनार्थी इस घटना में शामिल मुख्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। प्रशासन को इस संबंध में एक ज्ञापन भी सौंपा गया है। पूर्व विधायक पूराराम चौधरी ने धरने को संबोधित करते हुए बताया कि 22 मई को शहर के मुख्य मार्ग पर एक युवक पर वाहन चढ़ाकर जानलेवा हमला किया गया था। उन्होंने इस कृत्य को कानून को हाथ में लेने जैसा बेहद निंदनीय बताया और कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है, लेकिन आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी आवश्यक है। पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सांवलाराम देवासी ने भी दोहराया कि समाज मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहा है, जिसके लिए सोमवार से उपखंड कार्यालय के बाहर यह अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया गया है। उन्होंने प्रशासन से मामले में त्वरित कार्रवाई करने का आग्रह किया। समाजसेवी शेखर व्यास ने चेतावनी दी कि यद्यपि धरना पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से दिया जा रहा है, पर इसका यह अर्थ नहीं है कि समाज खामोश है; यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जयरूपाराम माली ने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाओं के आरोपियों की गिरफ्तारी जरूरी है, अन्यथा आमजन में भय और असुरक्षा का माहौल बनेगा। इस अवसर पर स्वामी दिव्य स्वरूपदास महाराज, हरिसिंह सोलंकी, सीएल गहलोत, मुस्ताक खान, नरेश सुखाड़िया, नरेश अग्रवाल, पारस मोदी, कृष्णा दर्जी, भारता राम देवासी सहित अनेक वक्ताओं ने धरने को संबोधित किया। टिकमाराम देवासी, संदीप देसाई, किशोर देवासी, वरजागाराम देवासी, नारायण जांगिड़, सुनील जैन, देवाराम चौहान, भव सिंह राव सहित सैकड़ों लोग भी इस धरने में मौजूद रहे।3
- भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान के बीच रानीवाड़ा के कुछ प्रबुद्ध नागरिकों ने लगभग डेढ़ महीने से मानव सेवा की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है। यह सेवा कार्य लोगों को शुद्ध एवं ठंडे पानी की व्यवस्था करके राहत पहुँचाने के उद्देश्य से लगातार जारी है, जिसका लाभ प्रतिदिन बड़ी संख्या में राहगीर, वाहन चालक, मजदूर और आमजन उठा रहे हैं। जहाँ गर्मी के कारण लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है, वहीं यह सेवा दल पूरे समर्पण और निस्वार्थ भाव से लोगों की प्यास बुझाने में जुटा हुआ है। सेवा से जुड़े सदस्य रोजाना समय निकालकर पानी की व्यवस्था करते हैं, ताकि हर आने-जाने वाले व्यक्ति को शुद्ध और ठंडा पानी मिल सके। इस पुनीत कार्य में जसम भाई, देवल भाई राठी, पी.के. भाई, राजू भाई, हरीश जी, सुरेंद्र सिंह जी, जगदीश जी, बमर जी, गिरीश जी सहित कई अन्य समाजसेवी सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभा रहे हैं। विशेष बात यह है कि दो विद्यार्थी भी इस अभियान से जुड़कर सेवा कार्य में सहयोग कर रहे हैं, जो युवाओं के लिए एक सकारात्मक संदेश है। सेवा से जुड़े इन लोगों का मानना है कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और गर्मी के इस कठिन समय में पानी उपलब्ध कराना एक पुण्य का कार्य है, जिसे वे भगवान की कृपा मानते हुए पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ निभा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे भीषण गर्मी में आमजन के लिए किसी वरदान से कम नहीं बताया है। इस प्रयास से राहगीरों को शुद्ध एवं ठंडा पानी तो मिल ही रहा है, साथ ही समाज में सेवा और सहयोग की भावना भी मजबूत हो रही है। सेवा दल के सदस्यों ने बताया कि उनका यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक बरसात का मौसम नहीं आ जाता। रानीवाड़ा के इन प्रबुद्धजनों की यह पहल न केवल मानवता का संदेश दे रही है, बल्कि समाज में परोपकार और सेवा की भावना को भी प्रोत्साहित कर रही है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करेगी।1
- एक टीम को गोयली गांव से सूचना मिली कि एक गौ माता का बछड़ा सुबह से बीमार हालत में पड़ा है और सही से खड़ा नहीं हो पा रहा है। यह जानकारी मिलते ही टीम तुरंत गोयली गांव के लिए रवाना हुई और वहां पहुंची। गांव में गाड़ी का इंतजाम न हो पाने के कारण, टीम ने इस बीमार बछड़े को टू-व्हीलर पर सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया।1
- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) बरलूट मंडल के तहत बरलूट शक्ति केंद्र में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम 'मन की बात' का सामूहिक श्रवण और संगठनात्मक बैठक सफलतापूर्वक आयोजित की गई। यह कार्यक्रम रविवार सुबह 11:00 बजे श्री दत्तादर आश्रम नवारा में मंहत विष्णु गिरी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस बैठक में संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिसमें आगामी कार्यक्रमों को लेकर 'मन की बात' कार्यक्रम को प्राथमिकता दी गई। मंडल प्रभारी हिदाराम माली ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया, वहीं बरलूट मंडल महामंत्री खेताराम लोहार ने अपने संबोधन में संगठन के प्रति समर्पण, ईमानदारी और वफादारी से कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से पार्टी के निर्देशों का पूर्ण रूप से पालन करने तथा केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुँचाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया, जिससे कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ। हिदाराम माली ने अपने संबोधन में 'मन की बात' कार्यक्रम के महत्व पर भी प्रकाश डाला, इसे देश के प्रत्येक नागरिक को प्रेरणा देने वाला बताया और कार्यकर्ताओं से प्रधानमंत्री के संदेशों को जन-जन तक पहुँचाकर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर मंडल मंत्री हनुमत सिंह, शक्ति केंद्र प्रभारी जबरसिंह सोलंकी, बूथ अध्यक्ष नारायण रावल, नाथू सिंह देवड़ा, कपूराराम मेघवाल, चंदन गोस्वामी, मुकेश भारती, सीता देवी, निरमा देवी सहित अन्य कार्यकर्ता और मातृशक्ति बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। सभी ने प्रधानमंत्री के विचारों को ध्यानपूर्वक सुना। कार्यक्रम के सफल आयोजन से कार्यकर्ताओं में उत्साह का वातावरण देखने को मिला, और सभी ने आगामी कार्यक्रमों को इसी प्रकार सफल बनाने का संकल्प लिया।4
- बालोतरा में बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में एक पूर्व विधायक सहित अनेक लोग शामिल हुए, जिन्होंने बढ़ती कीमतों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई और एक ज्ञापन भी सौंपा।1
- राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर सोमवार को सुमेरपुर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा की अध्यक्षता में कांग्रेसजनों ने महंगाई, नीट-2026 पेपर लीक प्रकरण, पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस की बढ़ती कीमतों तथा स्थानीय जनसमस्याओं के विरोध में 'हल्ला बोल महारैली' और धरना-प्रदर्शन किया। आर्य समाज से शुरू हुई यह रैली एसडीएम कार्यालय पहुंची, जहां विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसजन बैलगाड़ी में सिलेंडर और ऊंटगाड़ी में बाइक रखकर भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ 'नीट का पेपर कहां मिलेगा, बीजेपी के बाड़े में', 'महंगाई कहां मिलेगी, बीजेपी के बाड़ेे में' जैसे नारे लगाते हुए मुख्य बाजार, मेहता प्याऊ, गांधी मूर्ति और राजगुरु सर्किल से उपखंड कार्यालय सर्कल तक पहुंचे। एसडीएम कालूराम कुम्हार को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पद से हटाने और बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने की मांग की गई। वहीं, स्थानीय मुद्दों को लेकर जिला कलक्टर पाली के नाम ज्ञापन देकर क्षेत्र में बिजली, पेयजल, सड़क और शिक्षा से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की गई। धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व विधानसभा प्रत्याशी हरिशंकर मेवाड़ा ने नीट-2026 पेपर लीक प्रकरण को देश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाने वाला बताया और लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मेवाड़ा ने केंद्र और राज्य सरकार पर महंगाई को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की लगातार बढ़ती कीमतों ने आमजन, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है तथा सरकार महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने सुमेरपुर क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिजली की स्थिति इतनी खराब है कि 'ऊपर बादल गरजते हैं और नीचे बिजली चली जाती है', जिससे भीषण गर्मी में लोग घंटों बिजली कटौती झेलने को मजबूर हैं। पेयजल व्यवस्था भी चरमराई हुई है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौन बैठे हैं। कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत पर निशाना साधते हुए मेवाड़ा ने मानसरोवर होटल के पास सड़क पर पिछले 20 दिनों से खुले गड्ढे का उदाहरण दिया, जिसे ठीक नहीं कराया गया, और इसे सरकार व स्थानीय प्रशासन की लापरवाही बताया। उन्होंने बाड़मेर में सैकड़ों गौमाताओं की मौत पर सरकार की संवेदनहीनता पर भी सवाल उठाए और चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ सड़कों पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी। युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष जगदीश राजपुरोहित ने कहा कि एक छोटे से तूफान ने कैबिनेट मंत्री और बिजली विभाग की पोल खोल कर रख दी, जिससे आधा शहर 30 घंटों तक अंधेरे में रहा, जबकि मंत्री जी एसी ऑफिस में मोदी जी के मन की बात सुनने में व्यस्त थे। उन्होंने हनुमान बेनीवाल द्वारा मुख्यमंत्री को 'मूर्खाधिराज' की उपाधि देने को सही बताया, जिससे पूरी बीजेपी तिलमिलाई हुई है। धरने को सुमेरपुर विधानसभा प्रभारी मकसूद अहमद, तेजसिंह रामनगर, जिला कांग्रेस प्रतिनिधि आनंद सोलंकी, करण सिंह चाणोद, प्रकाश चौधरी, प्रेमाराम नेतरा, शंकर देवासी, सुमेरसिंह मनवार सहित कई अन्य लोगों ने भी संबोधित किया। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले को युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और बढ़ती महंगाई तथा पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस के दामों में वृद्धि को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। वक्ताओं ने सुमेरपुर क्षेत्र में बिजली कटौती, पेयजल संकट और अधूरे विकास कार्यों को लेकर भी नाराजगी व्यक्त की। मंच संचालन कांग्रेस ब्लाॅक अध्यक्ष नेपालसिंह पावा ने किया। इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, महिलाएं और आमजन मौजूद रहे।2