अतिक्रमण हटाने पहुंची वन-पुलिस की संयुक्त टीम बैरंग लौटी ग्रामीणों के विरोध से रुकी कार्रवाई। उत्तर वन मंडल के अजयगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत मझपटिया बीट के कक्ष क्रमांक 213 के हरसेनी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को ग्रामीणों के विरोध के चलते बिना कार्रवाई वापस लौटना पड़ा। वन विभाग ने यहां वृक्षारोपण प्रस्तावित किया है और विभाग के अनुसार वन भूमि के कुछ हिस्से में खेती की जा रही है। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने दावा किया कि वे वर्ष 1952 से इस भूमि पर काबिज हैं और लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने काबिज भूमि से हटाए जाने का विरोध किया। मौके पर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक बहस और समझाइश का दौर चला। बाद में महिला वन अमला भी पहुंचा, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए टीम को बैरंग लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अतिक्रमण हटाने के लिए दो बार बड़ी संख्या में मजदूर और मशीनरी पहुंची, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में इस पूरी कवायद पर होने वाले खर्च की जिम्मेदारी कौन लेगा, यह भी सवालों के घेरे में है।
अतिक्रमण हटाने पहुंची वन-पुलिस की संयुक्त टीम बैरंग लौटी ग्रामीणों के विरोध से रुकी कार्रवाई। उत्तर वन मंडल के अजयगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत मझपटिया बीट के कक्ष क्रमांक 213 के हरसेनी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को ग्रामीणों के विरोध के चलते बिना कार्रवाई वापस लौटना पड़ा। वन विभाग ने यहां वृक्षारोपण प्रस्तावित किया है और विभाग के अनुसार वन भूमि के कुछ हिस्से में खेती की जा रही है। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने दावा किया कि वे वर्ष 1952 से इस भूमि पर काबिज हैं और लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने काबिज भूमि से हटाए जाने का विरोध किया। मौके पर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक बहस और समझाइश का दौर चला। बाद में महिला वन अमला भी पहुंचा, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए टीम को बैरंग लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अतिक्रमण हटाने के लिए दो बार बड़ी संख्या में मजदूर और मशीनरी पहुंची, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में इस पूरी कवायद पर होने वाले खर्च की जिम्मेदारी कौन लेगा, यह भी सवालों के घेरे में है।
- ग्लास ब्रिज में टिकट को लेकर बवाल कर्मचारी से चार युवकों ने की मारपीट। मुफ्त प्रवेश से इनकार पर विवाद का आरोप जान से मारने की धमकी BNS की धाराओं में मामला दर्ज। पन्ना जिले के बृहस्पति कुंड स्थित ग्लास ब्रिज में टिकट को लेकर विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। टिकट काउंटर पर तैनात कर्मचारी ने एक युवक और उसके तीन साथियों पर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। शिकायत के अनुसार, 21 वर्षीय टिंकू पाठक ग्लास ब्रिज के टिकट काउंटर पर मैनेजर के रूप में कार्यरत है। आरोप है कि ग्राम गहरा निवासी भविष्य यादव अपने करीब सात-आठ परिचितों को बिना टिकट प्रवेश कराने की बात लेकर काउंटर पर पहुंचा। कर्मचारी द्वारा टिकट लेकर प्रवेश करने की बात कहने पर विवाद शुरू हो गया। बताया गया कि शाम को काउंटर बंद करने के बाद भविष्य यादव अपने तीन साथियों के साथ पहुंचा और कर्मचारी से मारपीट कर दी। शोर सुनकर अन्य कर्मचारियों ने बीच-बचाव किया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने जाते समय जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने BNS की धारा 296(बी), 115(2), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- अवैध शराब पर जिलाध्यक्ष मीना राजे का 7 दिन का अल्टीमेटम पन्ना जिले में अवैध शराब के कारोबार को लेकर अब सियासत गरमाने लगी है। जिले में कथित तौर पर चल रहे अवैध शराब के कारोबार पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मीना राजे ने आबकारी विभाग को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष ने जिला आबकारी अधिकारी को दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि जिले में अवैध शराब की बिक्री और कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। यदि सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। जिले के ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में अवैध शराब की बिक्री को लेकर लगातार शिकायतें सामने आने का दावा किया जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष मीना राजे ने आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कार्रवाई की मांग उठाई है1
- *सोशल मीडिया पर मदद की पुकार पढ़कर फरिश्ता बने अमानगंज थाना प्रभारी हेमंत नायक* *सोशल मीडिया पर मदद की पुकार पढ़कर फरिश्ता बने अमानगंज थाना प्रभारी हेमंत नायक* *पेशी करने से पहले सीधे ब्लड बैंक पहुंचे, किया रक्तदान* **गंभीर हालत मे महिला रोशनी कोरी की बचाई जान* *ब्लड मिलने के उपरांत आपरेशन द्वारा निकाला गया मृत बच्चा* *थाना प्रभारी की इंसानियत को लोगों ने सराहा*1
- *पन्ना - अवैध शराब बिक्री पर जिला पंचायत अध्यक्ष का सख्त रुख* *जिला आबकारी अधिकारी को फोन कर सात दिन का अल्टीमेटम, कार्रवाई नहीं हुई तो उठाए जाएंगे कड़े कदम* *देखते रहिए मध्य प्रदेश का सबसे प्रतिष्ठित सेटेलाइट न्यूज़ चैनल*👇 🌹*सी न्यूज़ भारत🌹* *CONTACT US - 9926868786* *C New BARAT से* *जिला ब्यूरो - रफी सिद्दीकी*1
- 10 din pahle ka video Barsha se nahar ke pani ka bahao Namaskar saathiyon1
- अतिवृष्टि से तबाही पर कांग्रेस ने उठाई आवाज मृतक परिवारों को 50-50 लाख मुआवजे की मांग अतिवृष्टि से तबाही पर कांग्रेस ने उठाई आवाज, मृतक परिवारों को 50-50 लाख मुआवजे की मांग पन्ना:- जिले में हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अतिवृष्टि के चलते कई ग्रामीण / शहर क्षेत्रों में मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, किसानों की फसलें बर्बाद हुई हैं और जनहानि की घटनाओं से कई परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना के अध्यक्ष अनीस खान ने राज्यपाल महोदय के नाम ज्ञापन भेजकर आपदा प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत एवं उचित मुआवजा दिए जाने की मांग की है। ज्ञापन में ग्राम गड़ीपड़रिया निवासी दिव्यांशु शुक्ला तथा ग्राम बसौरा निवासी 8 वर्षीय अमन चौधरी की नाले के तेज बहाव में हुई मौत, मूसलाधार बारिश के चलते दीवाल गिरने से हुई वृद्ध की मौत, मृतक अर्जुन गौड़ पिता समाजी गोंड ग्राम पंचायत तिलगवा का उल्लेख करते हुए दोनों मृतक परिवारों को ₹50-50 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अनीस खान ने कहा कि अतिवृष्टि के कारण गरीब एवं मध्यमवर्गीय परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं तथा कई परिवारों के सामने रहने तक का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों, घरेलू सामान और अनाज के नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने किसानों की बर्बाद फसलों का निष्पक्ष सर्वे कराकर फसल क्षति मुआवजा एवं फसल बीमा की राशि दिलाने, प्रभावित गांवों में सड़क, पुल-पुलिया, बिजली और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने की भी मांग की। अनीस खान ने कहा कि गढ़ी पड़डिया में पठार वाले नाले पर पूर्व में बने स्टॉप डैम टूट जाने के कारण पानी का बहाव विकराल हुआ है। इसकी जांच कराकर स्टॉप डैमों का पुनर्निर्माण एवं भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर प्रभावित परिवारों को उचित राहत और मुआवजा नहीं दिया गया, तो जिला कांग्रेस कमेटी पन्ना द्वारा जिला कलेक्ट्रेट पन्ना का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन के दौरान मुख्य रूप से जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अनीश खान, संगठन महासचिव राजबहादुर पटेल, मार्तण्ड देव बुंदेला, जिला उपाध्यक्ष शशिकांत दिक्षित,जिला उपाध्यक्ष भभूत सिंह राजपूत,जिला उपाध्यक्ष संजय पटेल,ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती रमा बुंदेला,नगर अध्यक्ष पन्ना स्वतंत्रत प्रभाकर अवस्थी, नगर अध्यक्ष ककरहटी शैलेन्द्र यादव, अल्पसंख्यक कांग्रेस के अध्यक्ष कदीर खान, आदिवासी कांग्रेस की अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर, अनुसूचित जनजाति कांग्रेस के अध्यक्ष जितेंद्र जाटव, जिला सचिव हिम्मत बागरी, मीडिया प्रभारी जावेद खान, श्रीमती विमला सिंगरौल,संदीप शुक्ला, रियासत खान, केशरी अहिरवार,रावेंद्र मिश्रा ब्रजेंद्र मिश्रा,वेदांत मिश्रा, रामदाश जाटव,अर्जुन गौंड,विवेक पाठक उपस्थित रहे।4
- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बनने वाली बाउंड्री वॉल पर रोक लगाने पहुंचे क्षेत्र के जनपद सदस्य अवध नरेश यादव राजनगर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चंद्रनगर में बनने वाली बाउंड्री वालों को लेकर क्षेत्र के जनपद सदस्य अवध नरेश यादव के द्वारा आरोप लगाते हुए जनसुनवाई राजनगर में आवेदन दिया है की स्कूल में बनने वाली बाउंड्री वाल बिना सरकारी सीमांकन के स्कूल प्रबंधन द्वारा खसरा नंबर 295 एवं खसरा 297 के अंश भाग पर वाऊंड्री वॉल निर्माण कार्य करने के पूर्व सीमांकन करवाया जा रहा है जिसको जनपद पंचायत अवधनरेश सिंह यादव जनपद सदस्य वार्ड क्रमांक 23 धमना सदस्य ने एसडीएम से मुलाकात करके जनसुनवाई में बताया कि मुझे ज्ञात हुआ एंव क्षेत्र की जनता के द्वारा मुझे अवगत कराया गया कि शा०उ०मा० विधालय चन्द्रनगर के द्वारा खसरा नंबर 295 एवं 297 के अंश भाग के बिना सरकारी सीमांकन के इस वाऊंड्री वॉल निर्माण कार्य किया जा रहा है। यह कि उक्त निर्माण शुरू करने के पहले स्कूल प्रबंधन द्वारा राजस्व विभाग (सरकार जमीन पटवारी से) भूमि का कोई कानूनी सीमांकन नही है। नाप-तौल नही कराया गया है। यह कि बिना सीमांकन के निर्माण कार्य करने से अन्य शासकीय भूमियों पर अवैध लोगो के द्वारा अवैध कब्जा किया गया जिसमें अवैध कब्जे या अतिक्रमण की पूरी आशंका है मैने स्कूल प्रबंधन से मौखिक रूप से अनुरोध किया परन्तु प्रबंधन बिना सिमांकन के वाउण्डरी वॉल का निर्माण करने विचार कर रहा है एवम उक्त स्थल पर चल रहे निर्माण कार्य को तुरन्त रूकवाने का आदेश जारी करने की मांग की गई ताकि भविष्य में होन वाले किसी भी भूमि विवाद को टाला जा सके क्योंकि वक्त भूमि पर कई अवैध रूप से कई लोगों के द्वारा अतिक्रमण पर घर बनाए गए हैं और अतिक्रमण किए हुए हैं कार्रवाई होना बेहद जरूरी है1
- अतिक्रमण हटाने पहुंची वन-पुलिस की संयुक्त टीम बैरंग लौटी ग्रामीणों के विरोध से रुकी कार्रवाई। उत्तर वन मंडल के अजयगढ़ वन परिक्षेत्र अंतर्गत मझपटिया बीट के कक्ष क्रमांक 213 के हरसेनी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम को ग्रामीणों के विरोध के चलते बिना कार्रवाई वापस लौटना पड़ा। वन विभाग ने यहां वृक्षारोपण प्रस्तावित किया है और विभाग के अनुसार वन भूमि के कुछ हिस्से में खेती की जा रही है। कार्रवाई की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने दावा किया कि वे वर्ष 1952 से इस भूमि पर काबिज हैं और लंबे समय से खेती करते आ रहे हैं। उन्होंने काबिज भूमि से हटाए जाने का विरोध किया। मौके पर अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक बहस और समझाइश का दौर चला। बाद में महिला वन अमला भी पहुंचा, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए टीम को बैरंग लौटना पड़ा। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि अतिक्रमण हटाने के लिए दो बार बड़ी संख्या में मजदूर और मशीनरी पहुंची, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में इस पूरी कवायद पर होने वाले खर्च की जिम्मेदारी कौन लेगा, यह भी सवालों के घेरे में है।1