टीईटी परीक्षा के विरोध में "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" का जोरदार प्रदर्शन, सैकड़ों शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन टीईटी परीक्षा के विरोध में "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" का जोरदार प्रदर्शन, सैकड़ों शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन टीईटी (Teacher Eligibility Test) परीक्षा को लेकर प्रदेशभर में चल रहे विरोध के बीच आज जिले में भी "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश" के प्रांतीय आह्वान पर "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन देखने को मिला। जिले के समस्त शिक्षक एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघ के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी परीक्षा को अनिवार्य बनाए जाने से वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन के बाद अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त किया अथवा आरटीआई एक्ट क्रियान्वयन से पूर्व कार्यरत शिक्षकों को इससे छूट प्रदान किए जाने हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर राहत प्रदान की जावे एवं वर्ष 1998 से कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता का निर्धारण प्रथम नियुक्ति दिनाँक से प्रदान की जाए। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में उनके साथ इस प्रकार की शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है। यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान जिले के लगभग सभी स्कूलों के शिक्षक उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस मुद्दे पर शिक्षकों में भारी असंतोष है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन शिक्षकों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों की अनदेखी होने पर वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
टीईटी परीक्षा के विरोध में "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" का जोरदार प्रदर्शन, सैकड़ों शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन टीईटी परीक्षा के विरोध में "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" का जोरदार प्रदर्शन, सैकड़ों शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन टीईटी (Teacher Eligibility Test) परीक्षा को लेकर प्रदेशभर में चल रहे विरोध के बीच आज जिले में भी "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश" के प्रांतीय आह्वान पर "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन देखने को मिला। जिले के समस्त शिक्षक एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघ के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी परीक्षा को अनिवार्य बनाए जाने से वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन के बाद अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त किया अथवा आरटीआई एक्ट क्रियान्वयन से पूर्व कार्यरत शिक्षकों को इससे छूट प्रदान किए जाने हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर राहत प्रदान की जावे एवं वर्ष 1998 से कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता का निर्धारण प्रथम नियुक्ति दिनाँक से प्रदान की जाए। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में उनके साथ इस प्रकार की शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है। यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान जिले के लगभग सभी स्कूलों के शिक्षक उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस मुद्दे पर शिक्षकों में भारी असंतोष है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन शिक्षकों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों की अनदेखी होने पर वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1
- फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर निकाली दो आरोपियों ने सैकड़ो मोबाइल सिम,, पुलिस ने किया गिरफ्तार नरसिंगपुर। मध्य प्रदेश पुलिस के द्वारा साइबर क्राइम को रोकने के लिए चलाए जाने वाले ऑपरेशन फेस के तहत नरसिंहपुर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए तीन लोगों को पकड़ा है,,जिनके द्वारा लगभग 2000 मोबाइल सिम फर्जी डॉक्यूमेंट लगाकर लोगों को दी है पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया की साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए लगातार नरसिंहपुर पुलिस के द्वारा कार्यवाही की जा रही हैं और उसी के चलते यह बड़ी कार्यवाही की है,, पकड़े गए आरोपी रंजीत ,विनय और संदीप कटारे किसी दूसरे की आइडेंटिटी कार्ड लगाकर और अपना फेस लगाकर मोबाइल सिम लेते थे और उनका दुरुपयोग करते थे पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए पूरे मामले की विवेचना में जुट गई है और यह पतासाजी करने में लगी हुई है कि इन फर्जी मोबाइल सिम के नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल है इतना ही नहीं इस दौरान नरसिंहपुर पुलिस ने आम लोगों से अपील करते हुए कहा है की कोई भी किसी के झांसे में ना आए और अगर मोबाइल सिम लेना है तो अपने ही ओरिजिनल डाक्यूमेंट्स लगाकर मोबाइल सिम ले नहीं तो आप भी अपराध की श्रेणी में आ सकते हैं,,,,1
- प्रदेश में टीईटी शिक्षक पात्रता परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर शिक्षकों ने मोर्चा खोल दिया है।और बड़ी संख्या में एकत्रित होकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पहुँचकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा। शिक्षकों का आरोप है कि परीक्षा के आयोजन और नियमों में कई विसंगतियां हैं। प्रदर्शनकारि शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। शिक्षकों का कहना है कि वर्तमान आदेश को जल्द निरस्त किया जाए।1
- टीईटी परीक्षा के विरोध में "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" का जोरदार प्रदर्शन, सैकड़ों शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन टीईटी (Teacher Eligibility Test) परीक्षा को लेकर प्रदेशभर में चल रहे विरोध के बीच आज जिले में भी "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा मध्यप्रदेश" के प्रांतीय आह्वान पर "अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा नरसिंहपुर" के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन देखने को मिला। जिले के समस्त शिक्षक एकजुट होकर सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघ के बैनर तले आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया। शिक्षकों का कहना है कि टीईटी परीक्षा को अनिवार्य बनाए जाने से वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शन के बाद अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि टीईटी परीक्षा की अनिवार्यता को समाप्त किया अथवा आरटीआई एक्ट क्रियान्वयन से पूर्व कार्यरत शिक्षकों को इससे छूट प्रदान किए जाने हेतु मध्यप्रदेश शासन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में रिव्यू पिटीशन दायर कर राहत प्रदान की जावे एवं वर्ष 1998 से कार्यरत शिक्षकों की वरिष्ठता का निर्धारण प्रथम नियुक्ति दिनाँक से प्रदान की जाए। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि शिक्षक लंबे समय से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, ऐसे में उनके साथ इस प्रकार की शर्तें लागू करना न्यायसंगत नहीं है। यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले समय में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। इस दौरान जिले के लगभग सभी स्कूलों के शिक्षक उपस्थित रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि इस मुद्दे पर शिक्षकों में भारी असंतोष है। प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, लेकिन शिक्षकों ने चेतावनी दी कि उनकी मांगों की अनदेखी होने पर वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे।1
- Post by News Chandra Shekher Sonu3
- गाडरवारा: भाजपा नेता पर हमले से बढ़ा जनाक्रोश, 7 दिन में गिरफ्तारी नहीं तो आंदोलन1
- Post by कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली1
- Post by पंकज गुप्ता "पत्रकार"1