बिलासपुर के महाराणा प्रताप मार्ग स्थित नोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद रविवार को जमकर हंगामा हो गया। मृतक अजय ताम्रकार के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है और पुलिस से एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता और अस्पताल परिसर में बढ़ते तनाव को देखते हुए वहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। परिजनों के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद अजय ताम्रकार को उपचार के लिए नोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती के समय इलाज के नाम पर राशि तो जमा करा ली, लेकिन उनका जरूरी ऑपरेशन दो दिनों तक टाले रखा और देरी से ऑपरेशन किए जाने के कारण अजय की मौत हो गई। उनका दावा है कि अजय को केवल गले के नीचे की हड्डी में चोट थी, जिसका समय पर ऑपरेशन होने से उनकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मरीज की वास्तविक स्थिति से कभी अवगत नहीं कराया गया और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर का नाम व हस्ताक्षर भी अस्पताल के दस्तावेजों में दर्ज नहीं हैं, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अस्पताल का कहना है कि अजय ताम्रकार पहले से ही अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचे थे और उन्हें उच्च रक्तचाप तथा मधुमेह जैसी बीमारियां भी थीं। प्रबंधन के मुताबिक, भर्ती के समय ही परिजनों को मरीज की नाजुक हालत और इलाज के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका के बारे में लिखित या मौखिक रूप से अवगत करा दिया गया था। फिलहाल, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया है और दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
बिलासपुर के महाराणा प्रताप मार्ग स्थित नोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद रविवार को जमकर हंगामा हो गया। मृतक अजय ताम्रकार के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है और पुलिस से एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता और अस्पताल परिसर में बढ़ते तनाव को देखते हुए वहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। परिजनों के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद अजय ताम्रकार को उपचार के लिए नोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती के समय इलाज के नाम पर राशि तो जमा करा ली, लेकिन उनका जरूरी ऑपरेशन दो दिनों तक टाले रखा और देरी से ऑपरेशन किए जाने के कारण अजय की मौत हो गई। उनका दावा है कि अजय को केवल गले के नीचे की हड्डी में चोट थी, जिसका समय पर ऑपरेशन होने से उनकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मरीज की वास्तविक स्थिति से कभी अवगत नहीं कराया गया और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर का नाम व हस्ताक्षर भी अस्पताल के दस्तावेजों में दर्ज नहीं हैं, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अस्पताल का कहना है कि अजय ताम्रकार पहले से ही अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचे थे और उन्हें उच्च रक्तचाप तथा मधुमेह जैसी बीमारियां भी थीं। प्रबंधन के मुताबिक, भर्ती के समय ही परिजनों को मरीज की नाजुक हालत और इलाज के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका के बारे में लिखित या मौखिक रूप से अवगत करा दिया गया था। फिलहाल, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया है और दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।
- बलौदाबाजार के पंचशील नगर स्थित मल्लखंभ अखाड़े में एक दिवसीय संभाग स्तरीय मल्लखंभ क्रीड़ा प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया, जिसमें मेजबान बलौदाबाजार की टीम ने विजेता बनने का गौरव हासिल किया। 20 मार्च 2026 को आयोजित इस प्रतियोगिता में रायपुर संभाग के तीन जिलों—बलौदाबाजार, रायपुर और गरियाबंद की टीमों ने हिस्सा लिया और अपनी बेहतरीन खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इन नन्हें खिलाड़ियों को पिछले एक वर्ष से जिला प्रशासन की पहल पर रोजाना सुबह-शाम तराशा जा रहा है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग बलौदाबाजार के मुख्य कोच श्री अकलेश नारंग द्वारा खिलाड़ियों को मल्लखंभ के साथ-साथ जुंबा डांस, एरोबिक्स, योग और डांस आदि विधाओं में भी पारंगत किया जा रहा है। इस पूरी मुहिम की अगुवाई खेल एवं युवा कल्याण विभाग बलौदाबाजार की खेल अधिकारी श्रीमती प्रीति बंछोर बिजौरा कर रही हैं। प्रतियोगिता में मुख्य निर्णायक के रूप में मल्लखंभ कोच श्री प्रभात जांगड़े और सहायक निर्णायक के रूप में सहायक कोच श्री रविंद्र गढ़ेवाल ने बच्चों के खेल कौशल का मूल्यांकन किया। कार्यक्रम का संचालन पी.टी.आई. सेजेस चक्रपाणि बलौदाबाजार के श्री शिव कुमार बाँधे ने किया। प्रतियोगिता के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री संतोष कुमार शर्मा और विशिष्ट अतिथियों में श्रीमती सीमा साहू, श्रीमती ममता दधीचि, श्री विनय कुमार, श्री राकेश साहू, सुश्री प्रीति जठारे, श्रीमती मंजू प्रजापति, श्रीमती धनेश्वरी वर्मा, श्री यामिन अफ्जर व श्रीमती रजनी धृत लहरे उपस्थित रहे। अतिथियों ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए पारंपरिक भारतीय खेल विधा मल्लखंभ के संरक्षण और संवर्धन पर जोर दिया। प्रतियोगिता में बलौदाबाजार की ओर से अभिजीत, शिवम, भीष्म, चंद्र प्रकाश, दुष्यंत, गरिमा, गुंजन, जानवी, ममता और नूतन सहित कई होनहार खिलाड़ियों ने भागीदारी की, जहां उनके अभिभावक भी मौजूद रहे।1
- छत्तीसगढ़ में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बाकी मोगरा के द्वारा नीट परीक्षा और राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में प्रदर्शन किया गया है। कांग्रेस ने इन दोनों मुद्दों को लेकर अपना कड़ा विरोध प्रकट किया है। इस प्रदर्शन के माध्यम से ब्लॉक कांग्रेस कमेटी बाकी मोगरा ने नीट परीक्षा और राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले पर अपना आक्रोश व्यक्त किया है।4
- बलौदाबाजार में आयोजित एक भजन संध्या में क्षेत्र के बहुचर्चित नेता के.के. वर्मा ने सहभागिता की और भगवान श्रीराम की महिमा से जुड़े भजनों की भावपूर्ण व मधुर प्रस्तुति दी। उनके भक्तिरस से ओतप्रोत गायन ने पूरे आयोजन को आध्यात्मिक वातावरण से सराबोर कर दिया। के.के. वर्मा द्वारा राम कथा पर आधारित भजनों के सुमधुर गायन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिससे पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा और लोग भक्ति रस में लीन नजर आए। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता और नगरवासी उपस्थित रहे, जिन्होंने के.के. वर्मा की गायन प्रतिभा और उनकी गहरी धार्मिक आस्था की जमकर सराहना की। उपस्थित लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। इस भव्य भजन संध्या का समापन भगवान श्रीराम की आरती और प्रसाद वितरण के साथ अत्यंत श्रद्धा व उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ।1
- बलौदाबाजार में एक व्यापारी के साथ धोखा हुआ है, जिसके बाद वह न्याय पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। पीड़ित व्यापारी ने अब प्रशासन से पुनः न्याय की गुहार लगाई है।1
- छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के हरदीबाजार में 6 करोड़ रुपये की लागत से न्यायालय भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस निर्माणाधीन न्यायालय भवन की निर्माण गुणवत्ता को लेकर अब बेहद गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।1
- बिलासपुर के महाराणा प्रताप मार्ग स्थित नोबल हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद रविवार को जमकर हंगामा हो गया। मृतक अजय ताम्रकार के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है और पुलिस से एफआईआर (FIR) दर्ज करने की मांग की है। मामले की संवेदनशीलता और अस्पताल परिसर में बढ़ते तनाव को देखते हुए वहां पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। परिजनों के अनुसार, सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद अजय ताम्रकार को उपचार के लिए नोबल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने भर्ती के समय इलाज के नाम पर राशि तो जमा करा ली, लेकिन उनका जरूरी ऑपरेशन दो दिनों तक टाले रखा और देरी से ऑपरेशन किए जाने के कारण अजय की मौत हो गई। उनका दावा है कि अजय को केवल गले के नीचे की हड्डी में चोट थी, जिसका समय पर ऑपरेशन होने से उनकी जान बचाई जा सकती थी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मरीज की वास्तविक स्थिति से कभी अवगत नहीं कराया गया और ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर का नाम व हस्ताक्षर भी अस्पताल के दस्तावेजों में दर्ज नहीं हैं, जिससे पूरे मामले पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। अस्पताल का कहना है कि अजय ताम्रकार पहले से ही अत्यंत गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंचे थे और उन्हें उच्च रक्तचाप तथा मधुमेह जैसी बीमारियां भी थीं। प्रबंधन के मुताबिक, भर्ती के समय ही परिजनों को मरीज की नाजुक हालत और इलाज के दौरान होने वाली किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका के बारे में लिखित या मौखिक रूप से अवगत करा दिया गया था। फिलहाल, पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया है और दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच मामले की विस्तृत जांच की जा रही है, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा।1