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शालिम खान
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- राजस्थान के लालसोट उपखंड में सैनी समाज आरक्षण समिति के प्रदेश अध्यक्ष किरोड़ी लाल सैनी के नेतृत्व में सैनी समाज ने एकजुट होकर 12% आरक्षण की मांग को लेकर जोरदार हुंकार भरी है। तिबारा स्थित न्यू अनाज मंडी में सैनी समाज के लोग एकत्रित हुए और वहां से एक साथ रवाना होकर अपनी मांगों के समर्थन में लालसोट SDM को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आरक्षण संघर्ष समिति के राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष किरोड़ी लाल सैनी, कमल सैनी पानी वाला, बृजमोहन सैनी, लल्लू सैनी, निर्मल सैनी और महात्मा ज्योतिबा फुले सेवा समिति के अध्यक्ष किशनलाल सैनी सहित हजारों की संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। लालसोट से शुरू हुआ ज्ञापन सौंपने का यह सिलसिला आने वाले 8 महीनों में पूरे पूर्वी राजस्थान में चलाया जाएगा, जिसके तहत हर विधानसभा और जिला स्तर पर ज्ञापन दिए जाएंगे।1
- दौसा के लालसोट में गुरु पूर्णिमा के पावन उपलक्ष्य पर आयोजित होने वाले श्रीमद् भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पोस्टर का विमोचन किया गया है। इस पोस्टर का विमोचन लालसोट विधायक रामविलास मीणा और भाजपा के वरिष्ठ नेता शंभू कुई वाले (डीडवाना वाले) ने मिलकर किया। यह धार्मिक कार्यक्रम चौंडियावास स्थित ठड़ वाले हनुमान जी मंदिर में 22 जुलाई से 28 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसके बाद, आगामी 29 जुलाई को हवन, पूर्णाहुति, गुरु पूर्णिमा महोत्सव और महाप्रसादी का भव्य आयोजन संपन्न होगा।1
- राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार दौसा जिले में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की निरंतरता में 21 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम जनता से प्राप्त प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना और विभिन्न सरकारी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने बताया कि ये फॉलो-अप शिविर मुख्य अभियान की तर्ज पर ही भारत निर्माण सेवा केंद्र, पंचायत भवन और विद्यालयों में आयोजित होंगे। शिविरों में संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे और इसका कैलेंडर संबंधित उपखंड अधिकारियों द्वारा जारी कर दिया गया है। इस अभियान के पहले दिन यानी 21 जुलाई को जिले की 13 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें दौसा पंचायत समिति की खुरी कलां, बांदीकुई की सोडाला, बसवा की गुढ़ा आशिकपुरा, सिकराय की राणोली व पाडली, महवा की पलानहेड़ा, मंडावर की हिंगोटा, लालसोट की श्रीमा व दौलतपुरा, नांगल राजावतान की कालाखाड़, रामगढ़ पचवारा की गोपालपुरा, लवाण की खानवास तथा सैंथल पंचायत समिति की सिंगडोली ग्राम पंचायत मुख्यालय शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के शहरी निकायों में भी 21 जुलाई से 31 अगस्त तक नगर परिषद और नगर पालिका कार्यालयों में फॉलो-अप शिविर लगाए जाएंगे। इन शहरी शिविरों के माध्यम से नगर निकाय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की समस्याओं की सुनवाई की जाएगी और उनका समय पर निस्तारण करते हुए पात्र लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।1
- दौसा जिले के कुण्डल उपखंड क्षेत्र के ग्राम काली पहाड़ी में पहाड़ी पर स्थित माता वैष्णो देवी धाम पर 22वें पाटोउत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया। इस पाटोउत्सव की शुरुआत एक विशाल कलश यात्रा के साथ हुई। इस भव्य कलश यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बड़े ही उत्साह, श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया और पूरा क्षेत्र माता जी के जयकारों से गूंज उठा। इस कलश यात्रा को मुख्य अतिथि दौसा प्रधान प्रहलाद नारायण रोहडा, कुंडल भाजपा मंडल अध्यक्ष रामप्रसाद गुर्जर, सरपंच कंचन देवी, सोहनदास महाराज और देवदास महाराज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा पंचमुखी हनुमान मंदिर पुरोहिताकाबास से रवाना हुई और नगर परिक्रमा करते हुए आत्मानंद महाराज व बालाजी महाराज से होती हुई मां वैष्णो देवी मंदिर पहुंची। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के बीच ध्वज पूजन के साथ शुरू हुई इस कलश व शोभा यात्रा में हजारों महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यात्रा के वैष्णो माता मंदिर पहुंचने पर सोहन दास महाराज के नेतृत्व में सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। इस अवसर पर मोतीलाल शर्मा, राकेश मीणा, गिर्राज मीणा, रामसहाय पटेल, रमला पटेल, रिंकू मीणा, कजोड़ मीणा, कैलाश चंद मीणा, जगदीश प्रसाद गवारिया, दीपक शर्मा, जगदीश प्रसाद शर्मा, लाटुर चंद मीणा, सरवन मीणा, कल्याण सहाय मीना सहित हजारों की संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।2
- दौसा के काली पहाड़ी स्थित माँ वैष्णो देवी धाम में सोमवार को 22वें पाटोत्सव महोत्सव का भव्य और श्रद्धापूर्वक शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव की शुरुआत पंचमुखी हनुमान मंदिर से निकाली गई एक भव्य कलश यात्रा के साथ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। पूरी यात्रा के दौरान मार्ग माँ वैष्णो देवी के जयकारों से गूंज उठा और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस कलश यात्रा को मुख्य अतिथि भाजपा कुण्डल मंडल अध्यक्ष रामप्रसाद गुर्जर और विशिष्ट अतिथि प्रधान प्रहलाद रोहड़ा ने विधिवत पूजा-अर्चना करने के बाद हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन करते हुए माँ की भक्ति में लीन नजर आए, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और आस्था का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। आयोजन समिति के अनुसार, इस पाटोत्सव महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन संध्या और अन्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। समिति ने माँ वैष्णो देवी से सभी श्रद्धालुओं के सुख, समृद्धि व खुशहाली की कामना करते हुए इस आयोजन के सफल, मंगलमय और ऐतिहासिक होने की प्रार्थना की है।4
- सवाई माधोपुर के गंगापुर सिटी में रविवार को इस्कॉन के तत्वावधान में भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा महारानी की भव्य रथयात्रा पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। शाम 5:30 बजे उदेई मोड़ स्थित भगवती पैलेस से शुरू हुई इस यात्रा में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। रिमझिम फुहारों के बीच भक्तों का उत्साह देखते ही बनता था और पूरा मार्ग "जय जगन्नाथ" के जयघोष, शंखध्वनि और हरिनाम संकीर्तन से गूंज उठा। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चों ने भगवान के दर्शन किए और 100 फीट लंबी रस्सियों से रथ को खींचकर पुण्य लाभ कमाया। रथयात्रा भगवती पैलेस से रवाना होकर फव्वारा चौक, पुरानी अनाज मंडी, व्यापार मंडल, कचहरी रोड, हायर सेकेंडरी स्कूल और प्राइवेट बस स्टैंड होते हुए पुनः भगवती पैलेस पहुंचकर संपन्न हुई। पूरे मार्ग में विभिन्न सामाजिक संगठनों, समाजों और व्यापारियों द्वारा पुष्पवर्षा कर और जलपान व ठंडाई पिलाकर यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यात्रा शुरू होने से पहले भगवान की महाआरती की गई और संकीर्तन मंडली ने भजनों के माध्यम से पूरे माहौल को भक्तिमय बनाए रखा। श्रद्धालुओं के लिए आयोजन समिति की ओर से विशेष रूप से खिचड़ी प्रसाद की व्यवस्था की गई थी। कार्यक्रम के अंत में इस्कॉन गंगापुर सिटी के प्रबंधक दयालु गौर प्रभु ने इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं का आभार जताया।3
- गुप्त नवरात्र के पावन अवसर पर आज नागौर के गोठ मांगलोद में स्थित मां दधिमथी का भरपूर आशीर्वाद प्राप्त हुआ। इस शुभ और भक्तिमय मौके पर माता रानी से सभी का कल्याण करने और सबका भला करने की प्रार्थना की गई है। जय माता दी।1
- राजस्थान सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित राहत पहुंचाने और लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव-ढाणी तक पहुंचाने के उद्देश्य से 21 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक प्रदेशभर में फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन 12 जून से 15 जुलाई तक सफलता से संपन्न हुए 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' के क्रम में किया जा रहा है। प्रमुख शासन सचिव (राजस्व) श्री टी. रविकांत द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन फॉलो-अप शिविरों में राजस्व, पंचायती राज, कृषि, ऊर्जा, चिकित्सा, शिक्षा, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी समेत शासन के 22 प्रमुख विभाग शामिल होकर विभिन्न प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। जनहित में नियमों का सरलीकरण करते हुए अब भूमि आवंटन सलाहकार समिति की बैठक जिला या तहसील मुख्यालय के बजाय संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, भूमि आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित करने की उद्घोषणा अवधि को भी 15 दिन से घटाकर केवल 7 दिन कर दिया गया है ताकि मामलों का निपटारा तेजी से हो सके। मुख्य अभियान के दौरान हस्तांतरित की गई शक्तियां इन फॉलो-अप शिविरों में भी जारी रहेंगी। आबादी विस्तार के लिए आरक्षित सरकारी भूमि को स्थानीय निकायों के अधीन करने के लिए राज्य सरकार की शक्तियां जिला कलेक्टर को और आबादी विस्तार हेतु भूमि आरक्षित करने की शक्तियां शिविर प्रभारी को सौंपी गई हैं। इसके अलावा, अन्य खातेदार की जोत से भूमिगत पाइपलाइन बिछाने, नया मार्ग खोलने या चौड़ा करने और सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि आवंटन जैसे कार्यों के लिए उपखंड अधिकारी की शक्तियां शिविर प्रभारी (भारतीय प्रशासनिक सेवा/राजस्थान प्रशासनिक सेवा) को दी गई हैं। वहीं, नामान्तरकरण, सीमा ज्ञान और सरकारी या चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की ग्राम पंचायत की शक्तियां शिविर में नियुक्त तहसीलदार और नायब तहसीलदार को हस्तांतरित की गई हैं। प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर्स और संबंधित अधिकारी इन शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक ग्रामीणों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। शिविरों में सभी लाभार्थियों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। अभियान की सफलता की कहानियों और कार्यों का संकलन कर जिला स्तर पर एक पुस्तक का प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही, शिविरों में रास्ते और अतिक्रमण से जुड़े मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाएगा और आमजन से मिले उपयोगी सुझावों का परीक्षण कर उन्हें लागू करने की कार्यवाही की जाएगी।1