राजस्थान सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित राहत पहुंचाने और लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव-ढाणी तक पहुंचाने के उद्देश्य से 21 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक प्रदेशभर में फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन 12 जून से 15 जुलाई तक सफलता से संपन्न हुए 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' के क्रम में किया जा रहा है। प्रमुख शासन सचिव (राजस्व) श्री टी. रविकांत द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन फॉलो-अप शिविरों में राजस्व, पंचायती राज, कृषि, ऊर्जा, चिकित्सा, शिक्षा, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी समेत शासन के 22 प्रमुख विभाग शामिल होकर विभिन्न प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। जनहित में नियमों का सरलीकरण करते हुए अब भूमि आवंटन सलाहकार समिति की बैठक जिला या तहसील मुख्यालय के बजाय संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, भूमि आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित करने की उद्घोषणा अवधि को भी 15 दिन से घटाकर केवल 7 दिन कर दिया गया है ताकि मामलों का निपटारा तेजी से हो सके। मुख्य अभियान के दौरान हस्तांतरित की गई शक्तियां इन फॉलो-अप शिविरों में भी जारी रहेंगी। आबादी विस्तार के लिए आरक्षित सरकारी भूमि को स्थानीय निकायों के अधीन करने के लिए राज्य सरकार की शक्तियां जिला कलेक्टर को और आबादी विस्तार हेतु भूमि आरक्षित करने की शक्तियां शिविर प्रभारी को सौंपी गई हैं। इसके अलावा, अन्य खातेदार की जोत से भूमिगत पाइपलाइन बिछाने, नया मार्ग खोलने या चौड़ा करने और सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि आवंटन जैसे कार्यों के लिए उपखंड अधिकारी की शक्तियां शिविर प्रभारी (भारतीय प्रशासनिक सेवा/राजस्थान प्रशासनिक सेवा) को दी गई हैं। वहीं, नामान्तरकरण, सीमा ज्ञान और सरकारी या चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की ग्राम पंचायत की शक्तियां शिविर में नियुक्त तहसीलदार और नायब तहसीलदार को हस्तांतरित की गई हैं। प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर्स और संबंधित अधिकारी इन शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक ग्रामीणों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। शिविरों में सभी लाभार्थियों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। अभियान की सफलता की कहानियों और कार्यों का संकलन कर जिला स्तर पर एक पुस्तक का प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही, शिविरों में रास्ते और अतिक्रमण से जुड़े मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाएगा और आमजन से मिले उपयोगी सुझावों का परीक्षण कर उन्हें लागू करने की कार्यवाही की जाएगी।
राजस्थान सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में त्वरित राहत पहुंचाने और लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव-ढाणी तक पहुंचाने के उद्देश्य से 21 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक प्रदेशभर में फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह आयोजन 12 जून से 15 जुलाई तक सफलता से संपन्न हुए 'ग्रामीण सेवा शिविर-2026' के क्रम में किया जा रहा है। प्रमुख शासन सचिव (राजस्व) श्री टी. रविकांत द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इन फॉलो-अप शिविरों में राजस्व, पंचायती राज, कृषि, ऊर्जा, चिकित्सा, शिक्षा, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी समेत शासन के 22 प्रमुख विभाग शामिल होकर विभिन्न प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करेंगे। जनहित में नियमों का सरलीकरण करते हुए अब भूमि आवंटन सलाहकार समिति की बैठक जिला या तहसील मुख्यालय के बजाय संबंधित ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ही आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, भूमि आवंटन के लिए आवेदन आमंत्रित करने की उद्घोषणा अवधि को भी 15 दिन से घटाकर केवल 7 दिन कर दिया गया है ताकि मामलों का निपटारा तेजी से हो सके। मुख्य अभियान के दौरान हस्तांतरित की गई शक्तियां इन फॉलो-अप शिविरों में भी जारी रहेंगी। आबादी विस्तार के लिए आरक्षित सरकारी भूमि को स्थानीय निकायों के अधीन करने के लिए राज्य सरकार की शक्तियां जिला कलेक्टर को और आबादी विस्तार हेतु भूमि आरक्षित करने की शक्तियां शिविर प्रभारी को सौंपी गई हैं। इसके अलावा, अन्य खातेदार की जोत से भूमिगत पाइपलाइन बिछाने, नया मार्ग खोलने या चौड़ा करने और सार्वजनिक प्रयोजन के लिए भूमि आवंटन जैसे कार्यों के लिए उपखंड अधिकारी की शक्तियां शिविर प्रभारी (भारतीय प्रशासनिक सेवा/राजस्थान प्रशासनिक सेवा) को दी गई हैं। वहीं, नामान्तरकरण, सीमा ज्ञान और सरकारी या चारागाह भूमि से अतिक्रमण हटाने की ग्राम पंचायत की शक्तियां शिविर में नियुक्त तहसीलदार और नायब तहसीलदार को हस्तांतरित की गई हैं। प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिए हैं कि सभी संभागीय आयुक्त, जिला कलेक्टर्स और संबंधित अधिकारी इन शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक ग्रामीणों को लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। शिविरों में सभी लाभार्थियों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। अभियान की सफलता की कहानियों और कार्यों का संकलन कर जिला स्तर पर एक पुस्तक का प्रकाशन किया जाएगा। इसके साथ ही, शिविरों में रास्ते और अतिक्रमण से जुड़े मामलों का प्राथमिकता से निस्तारण किया जाएगा और आमजन से मिले उपयोगी सुझावों का परीक्षण कर उन्हें लागू करने की कार्यवाही की जाएगी।
- RAMESH CHANDRA ARYAभीलवाड़ा, भीलवाड़ा, राजस्थान🤝2 hrs ago
- राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार दौसा जिले में ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की निरंतरता में 21 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आम जनता से प्राप्त प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना और विभिन्न सरकारी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाना है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने बताया कि ये फॉलो-अप शिविर मुख्य अभियान की तर्ज पर ही भारत निर्माण सेवा केंद्र, पंचायत भवन और विद्यालयों में आयोजित होंगे। शिविरों में संबंधित विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहकर लोगों की समस्याओं का समाधान करेंगे और इसका कैलेंडर संबंधित उपखंड अधिकारियों द्वारा जारी कर दिया गया है। इस अभियान के पहले दिन यानी 21 जुलाई को जिले की 13 ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे। इनमें दौसा पंचायत समिति की खुरी कलां, बांदीकुई की सोडाला, बसवा की गुढ़ा आशिकपुरा, सिकराय की राणोली व पाडली, महवा की पलानहेड़ा, मंडावर की हिंगोटा, लालसोट की श्रीमा व दौलतपुरा, नांगल राजावतान की कालाखाड़, रामगढ़ पचवारा की गोपालपुरा, लवाण की खानवास तथा सैंथल पंचायत समिति की सिंगडोली ग्राम पंचायत मुख्यालय शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के शहरी निकायों में भी 21 जुलाई से 31 अगस्त तक नगर परिषद और नगर पालिका कार्यालयों में फॉलो-अप शिविर लगाए जाएंगे। इन शहरी शिविरों के माध्यम से नगर निकाय क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की समस्याओं की सुनवाई की जाएगी और उनका समय पर निस्तारण करते हुए पात्र लोगों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाएगा।1
- दौसा जिले के कुण्डल उपखंड क्षेत्र के ग्राम काली पहाड़ी में पहाड़ी पर स्थित माता वैष्णो देवी धाम पर 22वें पाटोउत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया। इस पाटोउत्सव की शुरुआत एक विशाल कलश यात्रा के साथ हुई। इस भव्य कलश यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बड़े ही उत्साह, श्रद्धा और भक्ति के साथ भाग लिया और पूरा क्षेत्र माता जी के जयकारों से गूंज उठा। इस कलश यात्रा को मुख्य अतिथि दौसा प्रधान प्रहलाद नारायण रोहडा, कुंडल भाजपा मंडल अध्यक्ष रामप्रसाद गुर्जर, सरपंच कंचन देवी, सोहनदास महाराज और देवदास महाराज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा पंचमुखी हनुमान मंदिर पुरोहिताकाबास से रवाना हुई और नगर परिक्रमा करते हुए आत्मानंद महाराज व बालाजी महाराज से होती हुई मां वैष्णो देवी मंदिर पहुंची। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं की गहरी आस्था के बीच ध्वज पूजन के साथ शुरू हुई इस कलश व शोभा यात्रा में हजारों महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। यात्रा के वैष्णो माता मंदिर पहुंचने पर सोहन दास महाराज के नेतृत्व में सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। इस अवसर पर मोतीलाल शर्मा, राकेश मीणा, गिर्राज मीणा, रामसहाय पटेल, रमला पटेल, रिंकू मीणा, कजोड़ मीणा, कैलाश चंद मीणा, जगदीश प्रसाद गवारिया, दीपक शर्मा, जगदीश प्रसाद शर्मा, लाटुर चंद मीणा, सरवन मीणा, कल्याण सहाय मीना सहित हजारों की संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु उपस्थित रहे।2
- दौसा के सैंथल उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत काली पहाड़ी में पहाड़ी पर स्थित माता वैष्णो देवी धाम पर 22वें पाटो उत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया। इस धार्मिक उत्सव का प्रारंभ पंचमुखी हनुमान मंदिर पुरोहिताकाबास से एक भव्य कलश व शोभा यात्रा के साथ हुआ। इस कलश यात्रा को मुख्य अतिथि दौसा प्रधान प्रहलाद नारायण रोहडा, कुंडल भाजपा मंडल अध्यक्ष रामप्रसाद गुर्जर, सरपंच कंचन देवी, सोहनदास महाराज और देवदास महाराज ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के माहौल में निकली इस भव्य कलश यात्रा में माता जी के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। नगर परिक्रमा करती हुई यह यात्रा आत्मानंद महाराज व बालाजी महाराज से होती हुई मां वैष्णो देवी मंदिर पहुंची। ध्वज पूजन के साथ शुरू हुई इस यात्रा में हजारों महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों सहित भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर पहुंचने के बाद सोहन दास महाराज के नेतृत्व में सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। इस पाटो उत्सव और कलश यात्रा के दौरान मोतीलाल शर्मा, राकेश मीणा, गिर्राज मीणा, रामसहाय पटेल, रमला पटेल, रिंकू मीणा, कजोड़ मीणा, कैलाश चंद मीणा, जगदीश प्रसाद गवारिया, दीपक शर्मा, जगदीश प्रसाद शर्मा, लाटुर चंद मीणा, सरवन मीणा, कल्याण सहाय मीना सहित हजारों ग्रामीण श्रद्धालु उपस्थित रहे।3
- दौसा जिले के लालसोट उपखंड क्षेत्र में मंगलवार को काफी दिनों के लंबे इंतजार के बाद अच्छी बारिश हुई है। इस बारिश से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश होने के बाद से क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया है और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, पिछले महीने खरीफ फसलों की बुवाई करने के बाद से ही किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों ने इसे खेती के लिए बेहद लाभदायक बताया है, जिससे उनके चेहरे खिल उठे हैं।2
- सतीश जी पूनिया को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने पर बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं। राजस्थान की माटी के लाल सतीश जी पूनिया अब राज्यसभा के मंच के जरिए किसानों और जनसरोकार की बात करेंगे।1
- राजस्थान में स्कूल संचालकों से एक विशेष अपील की गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें। स्कूल संचालकों से पुरजोर अनुरोध किया गया है कि वे स्कूल बसों में बच्चों को छोड़ने वाले हर कर्मचारी और बस चालक को उचित तरीके से निर्देशित करें। बच्चे अक्सर छुट्टी के बाद घर जाने की जल्दी में रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए यह बेहद जरूरी है कि बस चालक या किसी भी अन्य कर्मचारी को ड्यूटी पर भेजने से पहले उन्हें अच्छी तरह से समझाकर और बोलकर ही भेजा जाए।1