Shuru
Apke Nagar Ki App…
सतीश जी पूनिया को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने पर बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं। राजस्थान की माटी के लाल सतीश जी पूनिया अब राज्यसभा के मंच के जरिए किसानों और जनसरोकार की बात करेंगे।
RIVENDRA KUMAR SHARMA
सतीश जी पूनिया को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करने पर बहुत-बहुत बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं दी गई हैं। राजस्थान की माटी के लाल सतीश जी पूनिया अब राज्यसभा के मंच के जरिए किसानों और जनसरोकार की बात करेंगे।
More news from Rajasthan and nearby areas
- दौसा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की निरंतरता में फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान करना और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि ये शिविर 22, 23 और 24 जुलाई को विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर आयोजित किए जाएंगे। बुधवार, 22 जुलाई को आयोजित होने वाले शिविरों के तहत दौसा पंचायत समिति की नांगल बैरसी, बांदीकुई की बिवाई, बसवा की चौबड़ीवाला, सिकराय की भंडारी व मोहचिंगपुरा, महवा की औण्डमीना, मंडावर की बावड़ीखेड़ा, लालसोट की देवली व निर्झरना, रामगढ़ पचवारा की डूंगरपुर, लवाण की डुंगरावता तथा सैंथल की रामपुरा उर्फ महाराजपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 23 जुलाई को बांदीकुई की मूंडघिस्या, बसवा की चान्देरा, सिकराय की सरूण्डला व मानपुर, महवा की खानपुर, मंडावर की उकरून्द, लालसोट की झांपदा व श्रीरामपुरा, नांगल राजावतान की हापावास, रामगढ़ पचवारा की निजामपुरा, लवाण की खानपुरा तथा सैंथल की बोरोदा ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविरों का आयोजन होगा। इसी क्रम में 24 जुलाई को दौसा की सराय, बांदीकुई की खूंटला, सिकराय की ठीकरिया व गुमानपुरा, महवा की पावटा, मंडावर की बालाहेड़ा, लालसोट की खटवा और महाराजपुरा, रामगढ़ पचवारा की बीछा, लवाण की पीपल्या व चैनपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।1
- दौसा जिले के लालसोट उपखंड क्षेत्र में मंगलवार को काफी दिनों के लंबे इंतजार के बाद अच्छी बारिश हुई है। इस बारिश से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश होने के बाद से क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया है और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, पिछले महीने खरीफ फसलों की बुवाई करने के बाद से ही किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों ने इसे खेती के लिए बेहद लाभदायक बताया है, जिससे उनके चेहरे खिल उठे हैं।2
- करौली जिले के टोडाभीम क्षेत्र में बलघाट की सड़क पिछले एक साल से अधूरी पड़ी हुई है, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस सड़क का निर्माण कार्य जनवरी के महीने में शुरू किया गया था, जिसके बाद बाकी पूरी सड़क तो बनकर तैयार हो गई, लेकिन एक छोटा सा टुकड़ा अधूरा ही छोड़ दिया गया। यह अधूरा हिस्सा पिछले एक साल से इसी हाल में पड़ा हुआ है और बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।1
- राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की निरंतरता में दौसा जिले में 21 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक फॉलो-अप शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्राप्त प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना और आमजन को विभिन्न सरकारी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने बताया कि ये शिविर मुख्य अभियान की तर्ज पर भारत निर्माण सेवा केंद्र, पंचायत भवन एवं विद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का कैलेंडर संबंधित उपखंड अधिकारियों द्वारा जारी कर दिया गया है, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर समस्याओं का समाधान करेंगे। अभियान के पहले दिन यानी 21 जुलाई को जिले की 13 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर इन शिविरों का आयोजन होगा। इनमें दौसा पंचायत समिति की खुरी कलां, बांदीकुई की सोडाला, बसवा की गुढ़ा आशिकपुरा, सिकराय की राणोली व पाडली, महवा की पलानहेड़ा, मंडावर की हिंगोटा, लालसोट की श्रीमा व दौलतपुरा, नांगल राजावतान की कालाखाड़, रामगढ़ पचवारा की गोपालपुरा, लवाण की खानवास तथा सैंथल पंचायत समिति की सिंगडोली ग्राम पंचायत शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के शहरी निकायों में भी 21 जुलाई से 31 अगस्त तक नगर परिषद एवं नगर पालिका कार्यालयों में फॉलो-अप शिविर लगाए जाएंगे। इन शहरी शिविरों में नगर क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं की गंभीरता से सुनवाई कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।1
- राजस्थान में स्कूल संचालकों से एक विशेष अपील की गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें। स्कूल संचालकों से पुरजोर अनुरोध किया गया है कि वे स्कूल बसों में बच्चों को छोड़ने वाले हर कर्मचारी और बस चालक को उचित तरीके से निर्देशित करें। बच्चे अक्सर छुट्टी के बाद घर जाने की जल्दी में रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए यह बेहद जरूरी है कि बस चालक या किसी भी अन्य कर्मचारी को ड्यूटी पर भेजने से पहले उन्हें अच्छी तरह से समझाकर और बोलकर ही भेजा जाए।1