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दौसा जिले के लालसोट उपखंड क्षेत्र में मंगलवार को काफी दिनों के लंबे इंतजार के बाद अच्छी बारिश हुई है। इस बारिश से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश होने के बाद से क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया है और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, पिछले महीने खरीफ फसलों की बुवाई करने के बाद से ही किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों ने इसे खेती के लिए बेहद लाभदायक बताया है, जिससे उनके चेहरे खिल उठे हैं।
Girdhari lal Sahu
दौसा जिले के लालसोट उपखंड क्षेत्र में मंगलवार को काफी दिनों के लंबे इंतजार के बाद अच्छी बारिश हुई है। इस बारिश से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश होने के बाद से क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया है और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, पिछले महीने खरीफ फसलों की बुवाई करने के बाद से ही किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों ने इसे खेती के लिए बेहद लाभदायक बताया है, जिससे उनके चेहरे खिल उठे हैं।
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- दौसा जिले के लालसोट उपखंड क्षेत्र में मंगलवार को काफी दिनों के लंबे इंतजार के बाद अच्छी बारिश हुई है। इस बारिश से लोगों को उमस और भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है। बारिश होने के बाद से क्षेत्र का मौसम सुहावना हो गया है और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं, पिछले महीने खरीफ फसलों की बुवाई करने के बाद से ही किसान बारिश का इंतजार कर रहे थे। समय पर हुई इस वर्षा से फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों ने इसे खेती के लिए बेहद लाभदायक बताया है, जिससे उनके चेहरे खिल उठे हैं।2
- राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की बौली तहसील के अंतर्गत आने वाले हेनोली गांव से लेकर बागडोली जाने वाला रास्ता पूरी तरह से खराब हो चुका है। इस बदहाल मार्ग को लेकर सरकार की तरफ से किसी भी प्रकार का कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा इस समस्या के संबंध में बार-बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद भी सरकार की ओर से रास्ता सुधारने के लिए कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है और ग्रामीणों की शिकायतों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है।1
- दौसा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की निरंतरता में फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान करना और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि ये शिविर 22, 23 और 24 जुलाई को विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर आयोजित किए जाएंगे। बुधवार, 22 जुलाई को आयोजित होने वाले शिविरों के तहत दौसा पंचायत समिति की नांगल बैरसी, बांदीकुई की बिवाई, बसवा की चौबड़ीवाला, सिकराय की भंडारी व मोहचिंगपुरा, महवा की औण्डमीना, मंडावर की बावड़ीखेड़ा, लालसोट की देवली व निर्झरना, रामगढ़ पचवारा की डूंगरपुर, लवाण की डुंगरावता तथा सैंथल की रामपुरा उर्फ महाराजपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 23 जुलाई को बांदीकुई की मूंडघिस्या, बसवा की चान्देरा, सिकराय की सरूण्डला व मानपुर, महवा की खानपुर, मंडावर की उकरून्द, लालसोट की झांपदा व श्रीरामपुरा, नांगल राजावतान की हापावास, रामगढ़ पचवारा की निजामपुरा, लवाण की खानपुरा तथा सैंथल की बोरोदा ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविरों का आयोजन होगा। इसी क्रम में 24 जुलाई को दौसा की सराय, बांदीकुई की खूंटला, सिकराय की ठीकरिया व गुमानपुरा, महवा की पावटा, मंडावर की बालाहेड़ा, लालसोट की खटवा और महाराजपुरा, रामगढ़ पचवारा की बीछा, लवाण की पीपल्या व चैनपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।1
- भारतीय रेल ने सतत, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल रेल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन का जींद–सोनीपत रेलखंड पर शुभारंभ कर दिया है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत पूर्णतः स्वदेशी तकनीक पर डिज़ाइन और विकसित की गई यह ट्रेन "आत्मनिर्भर भारत" एवं "मेक इन इंडिया" अभियान का एक सशक्त प्रतीक है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि यह उपलब्धि पूरे रेल परिवार के लिए गौरव का विषय है। यह 10 कोच वाली ब्रॉड गेज हाइड्रोजन ट्रेनसेट है, जिसमें दो ड्राइविंग पावर कार और आठ यात्री कोच शामिल हैं। 2400 किलोवाट की कुल स्थापित क्षमता वाली यह ट्रेन लोकसभा में रेल मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ब्रॉड गेज प्लेटफॉर्म पर विश्व की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेनसेट है। इस ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके संचालन के दौरान कार्बन-डाइऑक्साइड का कोई उत्सर्जन नहीं होता और मुख्य उप-उत्पाद के रूप में केवल जलवाष्प निकलती है। ट्रेन में ऑनबोर्ड संग्रहीत हाइड्रोजन का उन्नत फ्यूल सेल प्रणाली में उपयोग किया जाता है, जहाँ यह हवा से मिलने वाली ऑक्सीजन के साथ विद्युत-रासायनिक अभिक्रिया करके बिजली बनाती है। यह बिजली पावर कन्वर्टर के माध्यम से ट्रैक्शन मोटरों तक पहुँचती है, जबकि ट्रेन की ऑनबोर्ड बैटरियाँ त्वरण और अतिरिक्त ऊर्जा आवश्यकताओं के समय सहयोग प्रदान करती हैं। इस परियोजना के सफल संचालन के लिए जींद में एक एकीकृत हाइड्रोजन इकोसिस्टम स्थापित किया गया है, जहाँ हरित हाइड्रोजन का उत्पादन, संपीड़न, भंडारण और वितरण किया जाएगा। इस सुविधा की भंडारण क्षमता करीब 3,000 किलोग्राम है और वितरण प्रणाली 500 बार तक के दबाव पर काम करती है। ट्रेन के शुभारंभ से पहले प्रदर्शन परीक्षण, लोड-बॉक्स परीक्षण, दोलन परीक्षण, रेडियो-फ्रीक्वेंसी परीक्षण और आपातकालीन ब्रेक-दूरी मूल्यांकन सहित सभी आवश्यक सुरक्षा जाँचें सफलतापूर्वक पूरी की गईं। अब यह ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांभेवा, इशापुर खेड़ी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, राभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा और बरवासनी स्टेशनों के माध्यम से यात्रियों को स्वच्छ, आधुनिक और ऊर्जा-कुशल रेल सेवा प्रदान करेगी।1
- राजस्थान के भरतपुर रेलवे स्टेशन पर की गई किलाबंदी टिकट चेकिंग के दौरान 92 यात्री पकड़े गए हैं। इस टिकट चेकिंग कार्रवाई के दौरान इन पकड़े गए यात्रियों से कुल 54,020 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।1
- राजस्थान सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की निरंतरता में दौसा जिले में 21 जुलाई से 31 अगस्त, 2026 तक फॉलो-अप शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य प्राप्त प्रकरणों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना और आमजन को विभिन्न सरकारी विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बिरदी चंद गंगवाल ने बताया कि ये शिविर मुख्य अभियान की तर्ज पर भारत निर्माण सेवा केंद्र, पंचायत भवन एवं विद्यालयों में आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का कैलेंडर संबंधित उपखंड अधिकारियों द्वारा जारी कर दिया गया है, जिसमें सभी संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहकर समस्याओं का समाधान करेंगे। अभियान के पहले दिन यानी 21 जुलाई को जिले की 13 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर इन शिविरों का आयोजन होगा। इनमें दौसा पंचायत समिति की खुरी कलां, बांदीकुई की सोडाला, बसवा की गुढ़ा आशिकपुरा, सिकराय की राणोली व पाडली, महवा की पलानहेड़ा, मंडावर की हिंगोटा, लालसोट की श्रीमा व दौलतपुरा, नांगल राजावतान की कालाखाड़, रामगढ़ पचवारा की गोपालपुरा, लवाण की खानवास तथा सैंथल पंचायत समिति की सिंगडोली ग्राम पंचायत शामिल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ जिले के शहरी निकायों में भी 21 जुलाई से 31 अगस्त तक नगर परिषद एवं नगर पालिका कार्यालयों में फॉलो-अप शिविर लगाए जाएंगे। इन शहरी शिविरों में नगर क्षेत्र के नागरिकों की समस्याओं की गंभीरता से सुनवाई कर उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा।1
- राजस्थान में स्कूल संचालकों से एक विशेष अपील की गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें। स्कूल संचालकों से पुरजोर अनुरोध किया गया है कि वे स्कूल बसों में बच्चों को छोड़ने वाले हर कर्मचारी और बस चालक को उचित तरीके से निर्देशित करें। बच्चे अक्सर छुट्टी के बाद घर जाने की जल्दी में रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए यह बेहद जरूरी है कि बस चालक या किसी भी अन्य कर्मचारी को ड्यूटी पर भेजने से पहले उन्हें अच्छी तरह से समझाकर और बोलकर ही भेजा जाए।1