Shuru
Apke Nagar Ki App…
करौली जिले के टोडाभीम क्षेत्र में बलघाट की सड़क पिछले एक साल से अधूरी पड़ी हुई है, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस सड़क का निर्माण कार्य जनवरी के महीने में शुरू किया गया था, जिसके बाद बाकी पूरी सड़क तो बनकर तैयार हो गई, लेकिन एक छोटा सा टुकड़ा अधूरा ही छोड़ दिया गया। यह अधूरा हिस्सा पिछले एक साल से इसी हाल में पड़ा हुआ है और बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
Aamir Khan
करौली जिले के टोडाभीम क्षेत्र में बलघाट की सड़क पिछले एक साल से अधूरी पड़ी हुई है, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस सड़क का निर्माण कार्य जनवरी के महीने में शुरू किया गया था, जिसके बाद बाकी पूरी सड़क तो बनकर तैयार हो गई, लेकिन एक छोटा सा टुकड़ा अधूरा ही छोड़ दिया गया। यह अधूरा हिस्सा पिछले एक साल से इसी हाल में पड़ा हुआ है और बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।
More news from राजस्थान and nearby areas
- करौली जिले के टोडाभीम क्षेत्र में बलघाट की सड़क पिछले एक साल से अधूरी पड़ी हुई है, लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस सड़क का निर्माण कार्य जनवरी के महीने में शुरू किया गया था, जिसके बाद बाकी पूरी सड़क तो बनकर तैयार हो गई, लेकिन एक छोटा सा टुकड़ा अधूरा ही छोड़ दिया गया। यह अधूरा हिस्सा पिछले एक साल से इसी हाल में पड़ा हुआ है और बार-बार ध्यान आकर्षित करने के बावजूद इस मामले में कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।1
- हिंडौन के मंडावरा फाटक से लेकर गोपाल टॉकीज तक सड़क के हालात बेहद बदतर और नरक से कम नहीं हैं। सड़क पर पानी इस कदर लबालब भरा हुआ है कि पैदल चलना तो दूर, वाहनों का निकलना भी पूरी तरह दूभर हो गया है। इस जलभराव के कारण हालात इतने खतरनाक हो चुके हैं कि यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा या जनहानि हो सकती है। इस विकट स्थिति के बावजूद नगर परिषद के आयुक्त और स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी गहरी नींद में कुंभकरण की तरह सोए हुए हैं। जल निकासी के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार और खोखले दावों का पर्दाफाश अब सड़क पर बहते पानी के रूप में सबके सामने है। जनता लगातार टैक्स दे रही है, लेकिन इसके बदले उसे ऐसी नरकीय जिंदगी जीने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन के इस निकम्मेपन और भ्रष्टाचार के काले कारनामों का 'लाइव टेलीकास्ट' अब पूरी तरह जनता के सामने आ चुका है। यदि जल्द से जल्द इस रास्ते से पानी की निकासी करवाकर सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया, तो नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी खुद प्रशासन की होगी। जनता के सब्र का बांध अब टूटने लगा है और प्रशासन को जागने की चेतावनी दी गई है।2
- भारतीय रेल ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए देश की सबसे शक्तिशाली पहली हाइड्रोजन (H₂) ट्रेन तैयार कर ली है। इस ऐतिहासिक ट्रेन की शुरुआत जींद–सोनीपत से होने जा रही है। भारतीय रेलवे की इस बड़ी कामयाबी ने भविष्य की तस्वीर को पूरी तरह से बदल दिया है।1
- दौसा जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्रामीण सेवा शिविर-2026 की निरंतरता में फॉलो-अप शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान करना और पात्र व्यक्तियों को विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है। अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि ये शिविर 22, 23 और 24 जुलाई को विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर आयोजित किए जाएंगे। बुधवार, 22 जुलाई को आयोजित होने वाले शिविरों के तहत दौसा पंचायत समिति की नांगल बैरसी, बांदीकुई की बिवाई, बसवा की चौबड़ीवाला, सिकराय की भंडारी व मोहचिंगपुरा, महवा की औण्डमीना, मंडावर की बावड़ीखेड़ा, लालसोट की देवली व निर्झरना, रामगढ़ पचवारा की डूंगरपुर, लवाण की डुंगरावता तथा सैंथल की रामपुरा उर्फ महाराजपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद 23 जुलाई को बांदीकुई की मूंडघिस्या, बसवा की चान्देरा, सिकराय की सरूण्डला व मानपुर, महवा की खानपुर, मंडावर की उकरून्द, लालसोट की झांपदा व श्रीरामपुरा, नांगल राजावतान की हापावास, रामगढ़ पचवारा की निजामपुरा, लवाण की खानपुरा तथा सैंथल की बोरोदा ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविरों का आयोजन होगा। इसी क्रम में 24 जुलाई को दौसा की सराय, बांदीकुई की खूंटला, सिकराय की ठीकरिया व गुमानपुरा, महवा की पावटा, मंडावर की बालाहेड़ा, लालसोट की खटवा और महाराजपुरा, रामगढ़ पचवारा की बीछा, लवाण की पीपल्या व चैनपुरा ग्राम पंचायत मुख्यालय पर ग्रामीण सेवा शिविर आयोजित किए जाएंगे।1
- भारतीय रेल ने सतत, स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल रेल परिवहन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेन का जींद–सोनीपत रेलखंड पर शुभारंभ कर दिया है। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के अंतर्गत पूर्णतः स्वदेशी तकनीक पर डिज़ाइन और विकसित की गई यह ट्रेन "आत्मनिर्भर भारत" एवं "मेक इन इंडिया" अभियान का एक सशक्त प्रतीक है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ जैन ने बताया कि यह उपलब्धि पूरे रेल परिवार के लिए गौरव का विषय है। यह 10 कोच वाली ब्रॉड गेज हाइड्रोजन ट्रेनसेट है, जिसमें दो ड्राइविंग पावर कार और आठ यात्री कोच शामिल हैं। 2400 किलोवाट की कुल स्थापित क्षमता वाली यह ट्रेन लोकसभा में रेल मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार ब्रॉड गेज प्लेटफॉर्म पर विश्व की सबसे लंबी और सबसे शक्तिशाली हाइड्रोजन फ्यूल सेल ट्रेनसेट है। इस ट्रेन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके संचालन के दौरान कार्बन-डाइऑक्साइड का कोई उत्सर्जन नहीं होता और मुख्य उप-उत्पाद के रूप में केवल जलवाष्प निकलती है। ट्रेन में ऑनबोर्ड संग्रहीत हाइड्रोजन का उन्नत फ्यूल सेल प्रणाली में उपयोग किया जाता है, जहाँ यह हवा से मिलने वाली ऑक्सीजन के साथ विद्युत-रासायनिक अभिक्रिया करके बिजली बनाती है। यह बिजली पावर कन्वर्टर के माध्यम से ट्रैक्शन मोटरों तक पहुँचती है, जबकि ट्रेन की ऑनबोर्ड बैटरियाँ त्वरण और अतिरिक्त ऊर्जा आवश्यकताओं के समय सहयोग प्रदान करती हैं। इस परियोजना के सफल संचालन के लिए जींद में एक एकीकृत हाइड्रोजन इकोसिस्टम स्थापित किया गया है, जहाँ हरित हाइड्रोजन का उत्पादन, संपीड़न, भंडारण और वितरण किया जाएगा। इस सुविधा की भंडारण क्षमता करीब 3,000 किलोग्राम है और वितरण प्रणाली 500 बार तक के दबाव पर काम करती है। ट्रेन के शुभारंभ से पहले प्रदर्शन परीक्षण, लोड-बॉक्स परीक्षण, दोलन परीक्षण, रेडियो-फ्रीक्वेंसी परीक्षण और आपातकालीन ब्रेक-दूरी मूल्यांकन सहित सभी आवश्यक सुरक्षा जाँचें सफलतापूर्वक पूरी की गईं। अब यह ट्रेन जींद सिटी, पांडू पिंडारा, ललित खेड़ा, भांभेवा, इशापुर खेड़ी, बुटाना, खंदराई, गोहाना, राभड़ा, लाठ, मोहाना हरियाणा और बरवासनी स्टेशनों के माध्यम से यात्रियों को स्वच्छ, आधुनिक और ऊर्जा-कुशल रेल सेवा प्रदान करेगी।1
- राजस्थान के भरतपुर रेलवे स्टेशन पर की गई किलाबंदी टिकट चेकिंग के दौरान 92 यात्री पकड़े गए हैं। इस टिकट चेकिंग कार्रवाई के दौरान इन पकड़े गए यात्रियों से कुल 54,020 रुपये का जुर्माना वसूला गया है।1
- राजस्थान के भरतपुर जंक्शन पर एक विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया है। इस अभियान के तहत बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।1
- राजस्थान में स्कूल संचालकों से एक विशेष अपील की गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतें। स्कूल संचालकों से पुरजोर अनुरोध किया गया है कि वे स्कूल बसों में बच्चों को छोड़ने वाले हर कर्मचारी और बस चालक को उचित तरीके से निर्देशित करें। बच्चे अक्सर छुट्टी के बाद घर जाने की जल्दी में रहते हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। भविष्य में इस तरह के हादसों से बचने के लिए यह बेहद जरूरी है कि बस चालक या किसी भी अन्य कर्मचारी को ड्यूटी पर भेजने से पहले उन्हें अच्छी तरह से समझाकर और बोलकर ही भेजा जाए।1