क्रांतिकारी शालू सैनी ने एक ही दिन में किए 3 अंतिम संस्कार -देश की बेटी क्रांतिकारी शालू सैनी ने रचा इतिहास हर लावारिस बेसहारा -जरूरतमंद मृतकों की वारिस बनकर अपने हाथों से देती है मुखाग्नि मुजफ्फरनगर, संवाददाता। मानवता जब सिसकती है, तब कोई-कोई इंसान फरिश्ता बनकर सामने आता है। ऐसा ही एक संवेदनशील और साहसी चेहरा फिर सामने आया, जब क्रांतिकारी शालू सैनी ने दो लावारिस शवों सहित तीन लोगों का अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की। जनपद के सिखेड़ा थाना और खतौली थाना क्षेत्र से मिले दो लावारिस शवों को समाज की भीड़ ने भले ही अनदेखा कर दिया हो, लेकिन क्रांतिकारी शालू सैनी ने उन्हें अपना मानकर कंधा दिया। उन्होंने न केवल विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया बल्कि बहन बनकर उन अनजानों को सम्मानपूर्वक मोक्ष के द्वार तक पहुंचाया। तीसरा मामला एक बेहद गरीब परिवार से जुड़ा था, जिनके पास अपने परिजन के अंतिम संस्कार तक के लिए धन नहीं था। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय थी कि वे अंतिम क्रिया के खर्च तक जुटाने में असमर्थ थे। ऐसे कठिन समय में क्रांतिकारी शालू सैनी उस परिवार के लिए सहारा बनकर खड़ी हुईं। उन्होंने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि परिवार का हिस्सा बनकर पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न किया परिवार की अस्मिता और संवेदनाओं का सम्मान करते हुए मृतक का नाम और पता गोपनीय रखा गया। श्मशान घाट पर जब चिता जली, तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। एक ओर शोक का सन्नाटा था, तो दूसरी ओर क्रांतिकारी शालू सैनी का अटूट साहस और करुणा की भावना थी। उन्होंने साबित कर दिया कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि संवेदनाओं से बनते हैं। आज जब समाज में लोग अपनों से भी मुंह मोड़ लेते हैं, ऐसे समय में क्रांतिकारी शालू सैनी जैसे लोग इंसानियत की लौ जलाए हुए हैं। लावारिस शवों को कंधा देना और गरीब परिवार की बेटी-बहन बनकर अंतिम विदाई देना केवल सेवा नहीं, बल्कि सच्ची मानवता है। वास्तव में, क्रांतिकारी शालू सैनी उन लावारिसों की वारिस बन चुकी हैं, जिनका इस दुनिया में कोई नहीं था।क्रांतिकारी शालू सैनी अब तक 6000 हजार से अधिक अंतिम संस्कार अपने हाथों से कर चुकी है पिछले कई वर्षों से लावारिस व बेसहारा मृतकों के अंतिम संस्कार की सेवा हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्मों के धर्मानुसार अपने हाथों से कर रही है व अस्थियों को गंगा जी में वर्जित कर सभी पुण्य आत्माओं की शांति हेतु शांति पाठ भी कराती है ।
क्रांतिकारी शालू सैनी ने एक ही दिन में किए 3 अंतिम संस्कार -देश की बेटी क्रांतिकारी शालू सैनी ने रचा इतिहास हर लावारिस बेसहारा -जरूरतमंद मृतकों की वारिस बनकर अपने हाथों से देती है मुखाग्नि मुजफ्फरनगर, संवाददाता। मानवता जब सिसकती है, तब कोई-कोई इंसान फरिश्ता बनकर सामने आता है। ऐसा ही एक संवेदनशील और साहसी चेहरा फिर सामने आया, जब क्रांतिकारी शालू सैनी ने दो लावारिस शवों सहित तीन लोगों का अंतिम संस्कार कर मानवता की मिसाल पेश की। जनपद के सिखेड़ा थाना और खतौली थाना क्षेत्र से मिले दो लावारिस शवों को समाज की भीड़ ने भले ही अनदेखा कर दिया हो, लेकिन क्रांतिकारी शालू सैनी ने उन्हें अपना मानकर कंधा दिया। उन्होंने न केवल विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया बल्कि बहन बनकर उन अनजानों को सम्मानपूर्वक मोक्ष के द्वार तक पहुंचाया। तीसरा मामला एक बेहद
गरीब परिवार से जुड़ा था, जिनके पास अपने परिजन के अंतिम संस्कार तक के लिए धन नहीं था। परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय थी कि वे अंतिम क्रिया के खर्च तक जुटाने में असमर्थ थे। ऐसे कठिन समय में क्रांतिकारी शालू सैनी उस परिवार के लिए सहारा बनकर खड़ी हुईं। उन्होंने न केवल आर्थिक सहयोग दिया, बल्कि परिवार का हिस्सा बनकर पूरे रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न किया परिवार की अस्मिता और संवेदनाओं का सम्मान करते हुए मृतक का नाम और पता गोपनीय रखा गया। श्मशान घाट पर जब चिता जली, तो वहां मौजूद लोगों की आंखें नम थीं। एक ओर शोक का सन्नाटा था, तो दूसरी ओर क्रांतिकारी शालू सैनी का अटूट साहस और करुणा की भावना थी। उन्होंने साबित कर दिया कि रिश्ते केवल खून से नहीं, बल्कि संवेदनाओं
से बनते हैं। आज जब समाज में लोग अपनों से भी मुंह मोड़ लेते हैं, ऐसे समय में क्रांतिकारी शालू सैनी जैसे लोग इंसानियत की लौ जलाए हुए हैं। लावारिस शवों को कंधा देना और गरीब परिवार की बेटी-बहन बनकर अंतिम विदाई देना केवल सेवा नहीं, बल्कि सच्ची मानवता है। वास्तव में, क्रांतिकारी शालू सैनी उन लावारिसों की वारिस बन चुकी हैं, जिनका इस दुनिया में कोई नहीं था।क्रांतिकारी शालू सैनी अब तक 6000 हजार से अधिक अंतिम संस्कार अपने हाथों से कर चुकी है पिछले कई वर्षों से लावारिस व बेसहारा मृतकों के अंतिम संस्कार की सेवा हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई सभी धर्मों के धर्मानुसार अपने हाथों से कर रही है व अस्थियों को गंगा जी में वर्जित कर सभी पुण्य आत्माओं की शांति हेतु शांति पाठ भी कराती है ।
- भारतीय किसान यूनियन अराजनीतिक के लोगों द्वारा रोके गए तथाकथित RDF को खोलकर देखते हुए यूनियन के लोग1
- वायरल वीडियो: BSA पर आरोप लगाकर युवक ने की आत्महत्या, परिजनों ने जारी किया आखिरी वीडियो देवरिया जिले के BSA और उनके कार्यालय के एक स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए गोरखपुर निवासी कृष्णमोहन सिंह ने कथित रूप से आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि आत्महत्या से पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया और सुसाइड नोट भी लिखा, जिसे परिजनों ने पुलिस को सौंप दिया है। घटना के बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और वीडियो व सुसाइड नोट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।1
- aayan king sanjhak1
- Shah Times 21 February 2026 Top News Roundup 🌍🚆 आज की बड़ी खबरें एक साथ। ट्रम्प टैरिफ़ से लेकर NASA बयान और दिल्ली सुरक्षा अलर्ट तक पूरी जानकारी पढ़ें। *Watch 🎥 Video* *पूरा अपडेट यहां देखें और शेयर करें।* #TopNews #TrumpTariffs #IndiaUS #NASAUpdate #ShahTimes #BreakingNews1
- मुजफ्फरनगर से जानसठ को जाने वाले पानीपत खटीमा मार्ग पर ट्रक से एक मोटरसाइकिल में साइड लगने हुआ भयंकर सड़क हादसा । मोटरसाइकिल पर सवार दोनों युवक गंभीर रूप से घायल । पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को अस्पताल उपचार के लिए भेजो। दोनों युवक निराना गांव के बताए जा रहे हैं ।1
- मुजफ्फरनगर नवीन मंडी समिति इंस्पेक्टर व जीआरपी में तैनात पुलिस कर्मी के आवास पर चोरों ने मुख्य दरवाजे को तोड़कर घर में घुसकर चोरी को दिया अंजाम मुजफ्फरनगर कुकड़ा मंडी चौकी के निकट आवाज में चोरी कर मंडी पुलिस को दी बड़ी चेतावनी1
- जिला अपराध अभिलेख ब्यूरो श्वेता चौधरी अब तक की सबसे अच्छी वीडियो इतनी अच्छी तरीके से जानकारी देते हुए शायद अभी तक किसी ने ऐसी जानकारी दी होगी वीडियो जरूर देखें1
- चित्रकूट में बच्चों का यौन शोषण करने वाले पति-पत्नी को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है। ये दोनों बच्चों के वीडियो-फोटो डार्क वेब के जरिए विदेशों में बेचते थे। दोषी पति सिंचाई विभाग का जेई था। उसकी पोस्टिंग चित्रकूट में थी। पॉक्सो कोर्ट के जज प्रदीप कुमार मिश्रा ने कहा- दोनों पति-पत्नी को मरते दम तक फंदे पर लटकाए रखा जाए।1
- मुजफ्फरनगर | चरथावल स्थित मौलाना मदनी हाई स्कूल से जुड़े प्रकरण में कमेटी पर लगाए जा रहे आरोपों पर अब प्रबंधन की ओर से विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आई है। स्कूल कमेटी के कोषाध्यक्ष डॉ. नौशाद त्यागी ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए इसे “राजनीतिक स्टंट” करार दिया है। डॉ. त्यागी ने कहा कि कुछ लोग व्यक्तिगत और राजनीतिक लाभ के लिए संस्थान की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाने वालों से पहले सही जानकारी प्राप्त करने की अपील की और बिना तथ्यों के सार्वजनिक बयानबाजी को अनुचित बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूल में इस समय कई मरम्मत कार्य चल रहे हैं, जिनकी जानकारी लिए बिना ही आरोप लगाए जा रहे हैं। कमेटी की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी है तथा सभी निर्णय नियमानुसार लिए जाते हैं। कोषाध्यक्ष ने कहा कि यदि किसी को किसी प्रकार की शिकायत है तो वह संबंधित मंच पर प्रमाण के साथ प्रस्तुत करे। बिना साक्ष्य आरोप लगाने से छात्रों और अभिभावकों में भ्रम की स्थिति पैदा होती है। उन्होंने दोहराया कि संस्थान शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। कमेटी किसी भी जांच या समीक्षा के लिए तैयार है, लेकिन बेबुनियाद आरोपों से स्कूल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1