वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान विश्व पर्यावरण दिवस पर साइकिल रैली एवं विविध जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित जल संरक्षण, पौधारोपण एवं प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण का दिया संदेश सवाई माधोपुर, 5 जून। राज्य सरकार द्वारा संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के तहत वन विभाग एवं राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को साइकिल रैली, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण शपथ सहित विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ कलक्ट्रेट परिसर से साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर किया। उप वन संरक्षक सुनील कुमार एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा ने रैली को रवाना किया। रैली नीलकंठ महादेव मंदिर, रेलवे ब्रिज, हम्मीर चौराहा, मंडी रोड एवं आलनपुर सर्कल होते हुए आलनपुर नर्सरी पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के माध्यम से पर्यावरण संवर्धन, प्रदूषण नियंत्रण एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। पौधारोपण कर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प:- आलनपुर नर्सरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य वन संरक्षक शारदा प्रताप, उप वन संरक्षक मानस सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उपस्थित जनों को प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण, जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर प्रतिभागियों को नर्सरी का भ्रमण करवाकर विभिन्न पौध प्रजातियों एवं उनके संरक्षण संबंधी जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पर्यावरण अनुकूल कैरी बैग्स, कैप, टी-शर्ट एवं “पर्यावरण संरक्षण के 101 उपाय” पुस्तिका वितरित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। हरियालो राजस्थान अभियान में सहभागिता का आह्वान:- मुख्य वन संरक्षक शारदा प्रताप ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में “हरियालो राजस्थान” एवं “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अधिकाधिक पौधारोपण कर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करें। जल संरक्षण एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली पर जोर:- उप वन संरक्षक सुनील कुमार ने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का उद्देश्य केवल जल स्रोतों का संरक्षण ही नहीं, बल्कि आमजन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, पौधारोपण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान विश्व पर्यावरण दिवस पर साइकिल रैली एवं विविध जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित जल संरक्षण, पौधारोपण एवं प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण का दिया संदेश सवाई माधोपुर, 5 जून। राज्य सरकार द्वारा संचालित “वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान-2026” के तहत वन विभाग एवं राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को साइकिल रैली, पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण शपथ सहित विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ कलक्ट्रेट परिसर से साइकिल रैली को हरी झंडी दिखाकर किया। उप वन संरक्षक सुनील कुमार एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा ने रैली को रवाना किया। रैली नीलकंठ महादेव मंदिर, रेलवे ब्रिज, हम्मीर चौराहा, मंडी रोड एवं आलनपुर सर्कल होते हुए आलनपुर नर्सरी पहुंचकर संपन्न हुई। रैली के माध्यम से पर्यावरण संवर्धन, प्रदूषण नियंत्रण एवं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। पौधारोपण कर लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प:- आलनपुर नर्सरी में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्य वन संरक्षक शारदा प्रताप, उप वन संरक्षक मानस सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर संजय शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उपस्थित जनों को प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण, जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन की शपथ भी दिलाई गई। इस अवसर पर प्रतिभागियों को नर्सरी का भ्रमण करवाकर विभिन्न पौध प्रजातियों एवं उनके संरक्षण संबंधी जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को पर्यावरण अनुकूल कैरी बैग्स, कैप, टी-शर्ट एवं “पर्यावरण संरक्षण के 101 उपाय” पुस्तिका वितरित कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। हरियालो राजस्थान अभियान में सहभागिता का आह्वान:- मुख्य वन संरक्षक शारदा प्रताप ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में “हरियालो राजस्थान” एवं “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत अधिकाधिक पौधारोपण कर उनके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधे वृक्ष बनकर आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण प्रदान करें। जल संरक्षण एवं पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली पर जोर:- उप वन संरक्षक सुनील कुमार ने कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान का उद्देश्य केवल जल स्रोतों का संरक्षण ही नहीं, बल्कि आमजन में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, पौधारोपण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया।
- शुक्रवार सुबह सारसोप गांव में 5 बजे से 7 बजे तक एक प्रभात फेरी निकाली गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस धार्मिक शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और बुजुर्ग श्रद्धालु शामिल हुए, जिन्होंने भगवान के भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ गांव के विभिन्न मोहल्लों और प्रमुख मार्गों का भ्रमण किया। प्रभात फेरी के दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर इसका भव्य स्वागत किया, जिससे पूरे गांव में श्रद्धा और भक्ति का माहौल छा गया। आयोजकों ने बताया कि इस प्रभात फेरी का मुख्य उद्देश्य धार्मिक जागरूकता बढ़ाना और समाज में भाईचारे, सद्भाव व सकारात्मक ऊर्जा का संदेश प्रसारित करना है। यह कार्यक्रम सामूहिक प्रार्थना के साथ संपन्न हुआ।1
- सोमनाथ मंदिर को हमारी आस्था, सनातन चेतना और सांस्कृतिक गौरव का एक शाश्वत प्रतीक बताया गया है। इस बात पर जोर दिया गया है कि सदियों के आक्रमण भी इस आस्था को डिगा नहीं सके, जो इसकी अटूट प्रकृति को दर्शाता है। सोमनाथ मंदिर हमें यह प्रेरणा देता है कि भारत हर चुनौती का सामना करते हुए और अधिक सशक्त होकर आगे बढ़ता है।1
- सवाई माधोपुर में साइबर ठगी के एक मामले में पुलिस ने बाप-बेटा को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई साइबर ठगी में उनकी कथित संलिप्तता को लेकर की गई है।1
- गंगापुर सिटी का सरकारी अस्पताल अब इलाज का केंद्र नहीं, बल्कि 'यमराज का वेटिंग रूम' बन गया है, जहाँ डॉक्टरों के लिए इंसान की जिंदगी की कोई कीमत नहीं बची है। आरोप है कि बीती रात कॉलेज रोड, सपेरा बस्ती की रहने वाली महिला गफूरी की जान अस्पताल के 'सफेदपोश कसाइयों' और लापरवाह नर्सिंग स्टाफ की मिलीभगत से चली गई। कहा जा रहा है कि महिला को गलत और जानलेवा इंजेक्शन का ऐसा डोज दिया गया, जिससे तड़प-तड़प कर उसकी सांसें टूट गईं। यह दिल दहला देने वाली घटना तब शुरू हुई जब सुबह करीब 4 बजे तबीयत बिगड़ने पर गफूरी को सरकारी अस्पताल लाया गया और सुबह 6 बजे उसे भर्ती किया गया। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर जितेंद्र मीणा अपनी वातानुकूलित कुर्सी पर गहरी नींद में सो रहे थे, जिससे अस्पताल की कमान 'नौसिखिये और गैर-जिम्मेदार' कंपाउंडरों व नर्सिंग स्टाफ के हाथों में थी। परिजनों ने दावा किया है कि बिना किसी जांच या सीनियर डॉक्टर की देखरेख के, कर्मचारियों ने गफूरी के शरीर में गलत दवाइयों और इंजेक्शन का 'जहर' उतार दिया, जिसके बाद उसकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। गैंग्रीन और गलत दवा के रिएक्शन से गफूरी दर्द से कराहती रही और अंततः बाथरूम में बेहोश होकर गिर पड़ी, जहाँ उसके शरीर ने दम तोड़ दिया। बदहवास परिजनों की मिन्नतों के बावजूद स्टाफ एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालता रहा, और जब डॉक्टर मीणा को जगाया गया तो उन्होंने मानवता को शर्मसार करते हुए कहा कि वे अस्पताल में बात नहीं करेंगे, फीस लेकर उनके घर आने पर ही इलाज बताएँगे। यह अस्पताल में लापरवाही का पहला मामला नहीं है; हाल ही में एक कंपाउंडर का नशे में मरीजों से बदतमीजी करने का वीडियो वायरल हुआ था। गंगापुर सिटी की जनता में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और वे पूछ रहे हैं कि इन 'काले कोट और सफेद एप्रन' वाले 'हत्यारों' को प्रशासन कब तक बचाएगा। लोगों का यह भी सवाल है कि क्या सरकार की मुफ्त दवा और इलाज योजना सिर्फ कागजों पर लोगों को मारने के लिए चल रही है। जब खोजी पत्रकारों ने डॉक्टर जितेंद्र मीणा से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने अपने फोन बंद कर लिए और अस्पताल प्रशासन के पास भी इस 'मर्डर' का कोई जवाब नहीं था। जनता अब मांग कर रही है कि दोषियों को सिर्फ निलंबित नहीं, बल्कि सीधे जेल भेजा जाए।1
- पोकरण में पानी और बिजली के गंभीर संकट के कारण स्थानीय जनता सड़कों पर उतर आई है। इस स्थिति ने प्रशासन को पूरी तरह से घेर लिया है, जिससे इलाके में तनाव का माहौल है।1
- श्योपुर जिले के विजयपुर में कार सवार बदमाशों द्वारा रंगदारी मांगे जाने और कट्टे की नोक पर लोगों को धमकी देने की घटना सामने आई है। इस वारदात से स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। बदमाशों की इस हरकत से नाराज होकर लोगों ने सड़क जाम कर दिया। इसी दौरान, भीड़ ने एक बदमाश को पकड़ लिया, जिसकी कमर में एक देशी कट्टा लगा हुआ था। यह घटना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति और बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहरी चिंता पैदा करती है, जैसा कि पोस्ट में 'श्योपुर को आखिर हुआ क्या है' कहकर सवाल उठाया गया है।1
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी को समंदर की सैर करते हुए देखा गया है। इस यात्रा का वीडियो कांग्रेस के 'भारत जोड़ो' इंस्टाग्राम अकाउंट से साझा किया गया है। 'भारत जोड़ो' अकाउंट के अनुसार, राहुल गांधी के आधिकारिक 'YouTube' चैनल पर अब इस पूरे एपिसोड का वीडियो उपलब्ध है।1
- राजस्थान के राजाखेड़ा में एक घटना सामने आई है, जहाँ एक व्यक्ति को कट्टा लहराकर धमकी दी गई है। यह धमकी उसे एक मामला वापस लेने का दबाव बनाने के उद्देश्य से दी गई है।1
- सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय के निकट हाउसिंग बोर्ड स्थित श्याम वाटिका कॉलोनी (वार्ड-21) में वर्षों से क्षतिग्रस्त पड़ी सड़क स्थानीय लोगों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बन गई है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, कीचड़ और जलभराव के चलते आए दिन राहगीर, स्कूली बच्चे और बुजुर्ग दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद, जिम्मेदार विभाग और जनप्रतिनिधि समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, जिससे कॉलोनीवासियों में भारी रोष व्याप्त है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर कई बार जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन आज तक केवल आश्वासन ही मिले हैं। हालत यह है कि सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों में बारिश का पानी भर जाता है, जिससे लोगों का आवागमन तक दूभर हो जाता है। स्थानीय निवासी हेमा शर्मा ने बताया कि खराब सड़क के कारण वाहन अक्सर गड्ढों में फंस जाते हैं और स्कूली बच्चे गिरकर चोटिल हो जाते हैं; बरसात के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे बच्चों का स्कूल जाना तक मुश्किल हो जाता है। वहीं इंद्रा देवी ने इस बात पर जोर दिया कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहे हैं, लेकिन प्रशासन समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा। स्थानीय निवासी राकेश मीणा ने भी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई न होने पर चिंता जताई। कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि मानसून सिर पर है और यदि समय रहते सड़क निर्माण नहीं कराया गया तो उन्हें जलभराव और कीचड़ के कारण भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय विधायक से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि विकास के दावों के बीच श्याम वाटिका की यह बदहाल सड़क प्रशासनिक उदासीनता की कहानी बयां कर रही है, और अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी इस जायज मांग पर कब तक ध्यान देते हैं।1